iKamai-Kamai Tips In Hindi

Shoe Polish Making Business

Shoe Polish को Hindi में जूते की पोलिश, तो दूसरे शब्दों में  सामान्य बोलचाल की भाषा में Boot Polish भी कहा जाता है | वैसे यदि देखा जाय तो इसका उपयोग फुटवियर को आकर्षक एवं उसकी जीवनी बढाने हेतु किया जाता है | सामान्यतया Shoe Polish अधिकांशतः दो रंगों काली एवं लाल भूरी रंग की बनाई जाती हैं | लेकिन चूँकि वर्तमान में तरह तरह रंग के जूतों का प्रचलन है इसलिए तरह तरह रंग की Shoe Polish भी बनाई जा सकती है | प्राचीन काल से ही विभिन्न प्रकार के पदार्थ जैसे मोम एवं तेल Shoe Polish के रूप में उपयोग में लाये जाते रहे हैं | लेकिन वर्तमान में जो पोलिश जूतों पर लगाई जाती है इसकी शुरुआत 20वीं सदी में हुई थी इसको विभिन्न प्राक्रतिक एवं कृत्रिम पदार्थो को उपयोग में लाकर बनाया जाता है | इसलिए यदि Shoe polish का दुरूपयोग किया जायेगा तो यह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है क्योंकि इसमें कुछ विषैले तत्व भी विद्यमान रहते हैं | Shoe Polish Making Business Kya Hai: Shoe Polish एक पेस्ट या फिर एक क्रीम के रूप में होती है यह जूतों पर चमक एवं जूतों की लाइफ बढ़ाने के उद्देश्य से उपयोग में लाया

BIS Information And Certification

BIS यानिकी Bureau of Indian Standards को हिन्दी में भारतीय मानक ब्यूरो कहा जाता है | इसका मुख्य काम उत्पादों के उत्पादन हेतु मानक निर्धारित करना है ताकि ग्राहकों को गुणवत्तायुक्त उत्पाद बाज़ार में मिल सकें | किसी भी उत्पाद की Manufacturing करने से पहले उद्यमी को इस बात का निरीक्षण जरुर करना चाहिए की क्या भारतीय मानक ब्यूरो ने उस उत्पाद विशेष के लिए कोई मानक निर्धारित किये हैं यदि हाँ तो उद्यमी को चाहिए की वह BIS द्वारा उस उत्पाद हेतु जारी किये जाने वाले प्रमाण पत्र अर्थात Certification के लिए आवेदन करे | जिसके तत्पश्चात उद्यमी के उत्पाद को   BIS द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में मानकों के आधार पर निरक्षित कर लिया जाता है, और सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद उद्यमी को BIS License जारी किया जाता है | ताकि उद्यमी अपने उत्पाद पर ISI Mark या BIS द्वारा निर्धारित अन्य Marks का मुद्रण कर सके | Bureau of Indian Standards (BIS) की उत्पति: ये कहानी उन दिनों की है जब भारतवर्ष में ब्रिटिश साम्राज्य के समापन के कुछ ही वर्ष बाकी थे अर्थात उस समय देश के सामने जो सबसे बड़ी चुनौती खड़ी थी वह थी देश में औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की

Lipstick Manufacturing Business

सामन्यतया Lipstick का उपयोग महिलाओं द्वारा अपने होंठो को सुन्दर बनाने, आकर्षक बनाने एवं सजाने के लिए किया जाता है | सौन्दर्य प्रसाधनो में Lipstick का अहम् योगदान है क्योंकि एक महिला द्वारा अनेकों रंग की लिपस्टिक उपयोग करने के लिए खरीदी जाती है | यही कारण है की बाज़ार में इनकी बिक्री हमेशा होती रहती है | Lipstick केवल होंठो को सुन्दर, आकर्षक एवं सजाने का कार्य ही नहीं करती है अपितु एक गुणवत्तायुक्त लिपस्टिक होंठो को फटने से रोककर उन्हें मुलायम बनाने का भी कार्य करती है | इस उत्पाद को बहुत कम मात्रा अर्थात 3-5 ग्राम में पैक किया जाता है इसलिए इसकी कीमत भी कम होती है और समाज के हर वर्ग की महिलाओं द्वारा इसे आसानी से ख़रीदा जा सकता है | कहने का आशय यह है की लिपस्टिक एक ऐसा उत्पाद है जो आर्थिक रूप से समाज के हर वर्ग की पहुँच में आने वाला उत्पाद है | Lipstick manufacturing Business Kya hai: Lipstick सौन्दर्य प्रसाधन के रूप में महिलाओं द्वारा उपयोग में लायी जाने वाली एक प्रमुख वस्तु है | इसको बनाने में मोमों, तेलों एवं रंगों इत्यादि का उपयोग किया जाता है | वर्तमान में विभिन्न रंगों की Lipstick Market में

CIBIL Score Kaise Check Kare.

CIBIL का Full Form Credit Information Bureau (India) limited है जिसका साधारण शब्दों में अर्थ होता है की CIBIL भारतवर्ष की पहली ऋण सम्बन्धी जानकारी रखने वाली कंपनी है जिसकी स्थापना सन 2000 में अगस्त महीने में हुई थी | कमाई का जरिया स्थापित करने के लिए या व्यक्तिगत वित्त सम्बन्धी समस्याओं से उबरने के लिए कभी कभी उद्यमी या व्यक्ति को ऋण की आवश्यकता होती है | और बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जो ऋण तो ले लेते हैं लेकिन उसका भुगतान करने में लेट लतीफी करते हैं | इसलिए CIBIL का कार्य बैंको द्वारा दिए जाने वाले Loans एवं Credit Cards की Payment पर निगरानी रखकर रिपोर्ट तैयार करना है | और जो ऋणी या Credit Card Holders समय पर ऋण का या बिल का भुगतान करते हैं उनका CIBIL Score बेहतर होता जाता है एक अच्छा CIBIL Score किसी भी व्यक्ति को बैंकों से ऋण दिलाने में मदद करता है | इसके विपरीत ऐसे ऋणी या Credit Card Holders जो  ऋण का भुगतान समय पर नहीं करते या बिलकुल भी नहीं करते उनका CIBIL Score अच्छा नहीं रहता यही कारण है की ऐसे लोगों को बैंक न तो क्रेडिट कार्ड देते हैं और न ही

Nursery School Kaise Start Kare.

Nursery School को Preschool भी कहा जाता है इनका काम किसी बच्चे में शिक्षा की आधारशीला रखना होता है | शिक्षा का किसी भी इन्सान को बनाने और बिगाड़ने में अहम् योगदान होता है यद्यपि शिक्षा के कई प्रकार होते हैं लेकिन यहाँ पर हम बात कर रहे हैं उस शिक्षा की जो किसी नर्सरी स्कूल द्वारा छोटे छोटे बच्चों को दी जाती है | Nursery School द्वारा बच्चों में वर्तमान शिक्षा पद्यति के हिसाब से शिक्षा की आधारशीला रखने का हर संभव प्रयास किया जाता है | यदि हम यह कहें तो गलत नहीं होगा की नर्सरी स्कूल के वातावरण का उस बात से ज्यादा प्रभाव पड़ता है जो बच्चों को मुहँ से बताई जाती हैं | कहने का तात्पर्य यह है की बच्चो को समझाने के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना पड़ता है की बच्चे उस बात को सकरात्मक दृष्टि से सीख एवं समझ सकें | Nursery School नामक यह वह रास्ता है जो किसी भी बच्चे को शिक्षा की रोचक दुनिया में प्रविष्ट कराता है | Nursery School Kya Hai: Nursery School से हमारा तात्पर्य ऐसे शिक्षण संस्थान से है जो 3 से पांच साल तक की उम्र वाले बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवाता है और