iKamai-Kamai Tips In Hindi

Drinking Straws Manufacturing Business

Drinking straws से हमारा आशय द्रव पीने वाली प्लास्टिक की एक नली से है | स्ट्रॉ का उपयोग विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ को पीने में किया जाता है | कहते हैं की वर्ष 1888 में मार्विन स्टोन नामक व्यक्ति ने स्पाइरल बाइंडिंग प्रक्रिया से स्ट्रॉ बनाने की निर्माण विधि को पेटेंट कराया था | स्टोन नामक यह व्यक्ति पहले से सिगरेट के बाहर लगने वाले कागज़ का निर्माणकर्ता था | उसी को पहली बार कागज से स्ट्रॉ बनाने का विचार आया था उससे पहले राई घास से निर्मित स्ट्रा उपयोग में लाये जाते थे | स्टोन द्वारा पहली बार Drinking straws का निर्माण पेंसिल के चारों ओर एक पेपर लपेटकर बाद में उसे चिपकाकर किया गया था चूँकि पेपर की स्ट्रॉ का उपयोग करने पर वह गीली एवं ढीली हो जा रही थी इसलिए उसने अगला प्रयोग पैराफिन लगे मनिला पेपर पर किया जो की कामयाब भी रहा Drinking Straws का जो सबसे बड़ा फायदा लोगों को हुआ वह यह हुआ की विभिन्न पेयों में अम्लीय गुण विद्यमान होते हैं जो दांतों को नुकसान पहुंचा सकते थे Drinking Straws के आने से अब वे दांतों के संपर्क में ही नहीं आते थे | Drinking Straw Manufacturing Business kya

National Pension Scheme nps in hindi

National Pension Scheme (NPS) को समझने से पहले हमें मानव जीवन की उस सच्चाई को समझना होगा जिसमे एक  निश्चित अवधि के पश्चात मनुष्य कमाई करने में असमर्थ हो जाता है क्योंकि वह इतना बूढ़ा हो जाता है की वह किसी प्रकार का कोई मानसिक या शारीरिक कार्य करने में अपने आप को असमर्थ पाता है जिससे वह उस उम्र में कुछ कमाई नहीं कर पाता और उसे अपने प्रियजनों पर आश्रित रहना पड़ता है | जिंदगी के इस मुकाम पर कभी कभी हमें बेहद चाहने वाले अर्थात प्रियजनों की सच्चाई तब सामने आती है जब मनुष्य उनकी कमाई पर आश्रित होने लगता है | ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने घर के बुजुर्गों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना सिर्फ इसलिए देते हैं क्योंकि वे उनकी कमाई पर आश्रित हो चुके हैं बस इसी बात के मद्देनज़र बुढ़ापे में सुरक्षा की भावना में बढ़ोत्तरी हेतु भारत सरकार द्वारा National Pension Scheme की शुरुआत की गई है | National Pension System (NPS) Kya Hai: National Pension System (NPS) को हिन्दी में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली भी कह सकते हैं | यह एक पहले से निर्धारित स्वैच्छिक, योगदान सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जिससे व्यक्ति अपने कामकाजी जीवन के

Dry Cleaning and Laundry Business

Dry Cleaning and laundry business मुख्य रूप से कपड़ों की साफ़ सफाई एवं रख रखाव से जुड़ा हुआ बिज़नेस है | पुराने समय की यदि हम बात करें तो हम पाएंगे की संभ्रांत लोग अपने कपड़े धोबियों से धुलवाते एवं ड्राई क्लीन करवाते थे | और धोबी ग्राहकों से मिले कपड़ों को गधे में लादकर तालाब या नदी के किनारे धोने हेतु ले जाया करते थे | धोबियों द्वारा ग्राहकों से मिले कपड़ों को तालाब या नदी के किनारे या फिर पानी के किसी अन्य स्रोत के समीप धोया एवं सुखाया जाता था उसके बाद उन कपड़ों में इस्त्री करके ग्राहक को दे दिया जाता था | लेकिन वर्तमान में Dry Cleaning and laundry business करने वाले या फिर घरों में भी हाथ से कपड़े धोना गुजरा जमाना बन चूका है इसका मुख्य कारण शहरी जीवन यापन कर रहे लोगों में काम का बोझ बढ़ जाना माना सकता है | जब कार्यकारी पुरुष या महिला को लगता है की उनके लिए इतना समय निकालना बेहद कठिन है की वे अपने कपडे धोकर उनको इस्त्री या ड्राई क्लीन करके पहनें तो यह कार्य करने के लिए वे घर से बाहर का रुख करते हैं और उनकी तलाश Dry Cleaning एवं

ट्रेवलिंग के दौरान पैसे कैसे बचाएं.

ट्रेवलिंग के दौरान पैसे बचाना भी एक कला होती है जो हर एक मनुष्य को नहीं आती या यूँ कहें की हर यात्री द्वारा ट्रेवलिंग के दौरान पैसे बचाने के टिप्स का अनुसरण नहीं किया जाता | मनुष्य की वर्तमान जीवनशैली की यदि हम बात करें तो हम पाएंगे की Traveling अर्थात यात्रा इस जीवनशैली का एक अहम् पहलू है कुछ लोगों को अपने कामकाज अर्थात व्यवसाय के कारण ट्रेवल करना पड़ता है तो किसी को अपने पारिवारिक आवश्यकताओं के अनुरुप Traveling करनी पड़ती है | इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने मनोरंजन एवं आनन्द हेतु भी एक शहर से दुसरे शहर में या एक देश से अन्य देश की ओर ट्रेवलिंग करते हैं | ट्रेवलिंग करने के कारण जो भी हों लेकिन बात जहाँ पर अपनी गाढ़ी कमाई से खर्च करने की आती है तो मनुष्य थोडा सोचने लगता है की क्या इसके अलावा भी मैं अपनी यात्रा के दौरान कुछ पैसे बचा सकता हूँ जी हाँ यह प्रश्न आना स्वभाविक भी है | आज तकनीकी से परिपूर्ण इस युग में मनुष्य क्या नहीं कर सकता लोगों की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आज अनेकों कूपन वेबसाइटो का प्रादुर्भाव हुआ है |

Welfare Scheme For Fishermen

मछुआरों के हितों को ध्यान में रखकर चलाई गई यह Welfare Scheme for Fishermen को समझने से पहले यह समझ लेते हैं की  मछली पकड़ना एवं मत्स्य पालन  एक खतरनाक व्यवसाय है जो प्रकृति की अनियमितताओं से प्रभावित होता रहता है । मछुआरों के कल्याण के लिए संरचित यह राष्ट्रीय योजना  देश में मछुआरों के कल्याण के लिए एक समर्पित योजना है,  जो कि मछुआरों को मछली पकड़ने के दौरान होने वाली दुर्घटना के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है और गरीब मछुआरों को उस स्थिति जब उनके पास काम नहीं होता है से उबरने के लिए आर्थिक रूप से राहत प्रदान करती है । यह Welfare Scheme for Fishermen मछली पकड़ने के सत्र के लिहाज से एक अनूठी योजना है भारत सरकार का लक्ष्य  इस योजना का लाभ देश में बड़ी संख्या में मछुआरों को देने का है । राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान संभावित रूप से कई मछुआरों को संभावित रूप से प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि गरीबी रेखा (बीपीएल), महिला और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को इस कल्याण योजना का लाभ प्राप्त हो सके | राज्यों एवं केंद्र सरकार का व्यय: मछुआरों के