iKamai-Kamai Tips In Hindi

Plastic Containers Manufacturing Business

Plastic Containers का उपयोग वैसे तो विभिन्न तरल पदार्थों जैसे लुब्रिकेंट और ग्रीज़ इत्यादि की पैकेजिंग हेतु किया जाता है लेकिन इसका जो सर्वाधिक तौर पर उपयोग होता है वह खाद्य तेल की पैकेजिंग करने हेतु किया जाता है हालांकि इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता Plastic containers के आकार के आधार पर इनका उपयोग अनेक दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं के तौर पर किया जाता है लेकिन जब बात 15 लीटर के कंटेनर की आती है तो खाद्य तेलों को पैक करने में ही इसका बहुतायत तौर पर उपयोग किया जाता है | वर्तमान में यदि हम खाद्य तेलों के उपयोग होने की बात करें तो भारतवर्ष विश्व में एक बहुत बड़ा उपभोक्ता खाद्य तेलों का रहा है यहाँ के अधिकतर खान पान में खाद्य तेलों को उपयोग में लाया जाता रहा है | इसलिए इतनी बड़ी मांग को पूरा करने की जब भी बात आती है तो हमेशा खाद्य तेलों की पैकेजिंग एक मुद्दा रही है हालाँकि अभी वर्तमान में भी कुछ खाद्य तेलों की कंपनियां टिन के कंटेनरों का इस्तेमाल इनकी पैकेजिंग के लिए कर रही हैं | Plastic Containers Manufacturing Business kya hai: जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में पहले

12 Best Money Saving Tips in Hindi

Money Saving tips से हमारा आशय पैसे बचाने के तरीकों से है यद्यपि हर क्रिया के दौरान पैसे बचाने के तरीके अलग अलग हो सकते हैं जैसे यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन शौपिंग करना चाहता हो तो उसके लिए पैसे बचाने के तरीके ट्रेवल कर रहे व्यक्ति द्वारा पैसे बचाने के तरीकों से अलग हो सकते हैं | आज जिन money saving tips के बारे में हम हिन्दी में बात करने वाले हैं ये पैसे बचाने के सामान्य तरीकों में सम्मिलित हैं | वर्तमान में यदि हम मुआयना करें तो हम पाएंगे की हर मनुष्य को अपने मुश्किल समय या अपने जिम्मेदारियों लक्ष्यों का निर्वहन करने के लिए बचत करने की आवश्यकता होती है | लेकिन भारतवर्ष में ऐसे भी लोग हैं जो पूरा दिन इस कशमकश में रहते हैं की क्या आज इतना काम मिल जायेगा की शाम को भर पेट भोजन कर सो सकें | कहने का आशय यह है की आज भी इस बात से नकारा नहीं जा सकता की भारतवर्ष में आज भी कई लोग अपने और अपने परिवार के लिए दो जून की रोटी के लिए सारा दिन मेहनत करते हैं इसलिए ऐसे लोग वर्तमान में जीते हैं और इनके पास ‘’आज खा कल खुदा’’

Security Guard Service Business

Security Guard Service Business की यदि हम बात करें तो इसका चलन भारत में पांच या छह दशक पुराना है | जैसे की हर बिज़नेस के उदगम के पीछे उसकी आवश्यकता जुड़ी होती हैं आवश्यकता के अनुरूप ही वह बिज़नेस प्रचलित एवं आवश्यकता न होने पर लुप्त हो जाता है | Security Guard Service Business का उदगम भी समाज में बढ़ रहे चोरी, डकैती, लूट इत्यादि अपराधों के मद्देनज़र हुआ आज लगभग हर संस्थान, बिल्डिंग चाहे वह कार्यान्वित अवस्था में हो या बंद लेकिन सिक्यूरिटी गार्ड की आवश्यकता तो वहां पर होती ही है | कहने का आशय यह है की भारत जैसे विशालकाय देश में अपराधों पर नियंत्रण बनाने के लिए केवल पुलिस या अन्य आंतरिक सुरक्षा बल काफी नहीं हैं इसलिए लोगों ने अपनी आवश्यकता के अनुरूप प्राइवेट एजेंसी से सिक्यूरिटी गार्ड हायर करने शुरू किये जिससे आज बड़े पैमाने पर आवसीय बिल्डिंगों, व्यवसायिक बिल्डिंगों, बैंकों, एटीएम, सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडो इत्यादि में प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड ड्यूटी करते दिखाई देते हैं | Security Guard Service Business Kya Hai: वैसे तो यह लेख पढने वालो को इस लेख का पहला वक्तव्य पढ़ते ही स्पष्ट हो गया होगा की Security Guard Service Business क्या

Drinking Straws Manufacturing Business

Drinking straws से हमारा आशय द्रव पीने वाली प्लास्टिक की एक नली से है | स्ट्रॉ का उपयोग विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ को पीने में किया जाता है | कहते हैं की वर्ष 1888 में मार्विन स्टोन नामक व्यक्ति ने स्पाइरल बाइंडिंग प्रक्रिया से स्ट्रॉ बनाने की निर्माण विधि को पेटेंट कराया था | स्टोन नामक यह व्यक्ति पहले से सिगरेट के बाहर लगने वाले कागज़ का निर्माणकर्ता था | उसी को पहली बार कागज से स्ट्रॉ बनाने का विचार आया था उससे पहले राई घास से निर्मित स्ट्रा उपयोग में लाये जाते थे | स्टोन द्वारा पहली बार Drinking straws का निर्माण पेंसिल के चारों ओर एक पेपर लपेटकर बाद में उसे चिपकाकर किया गया था चूँकि पेपर की स्ट्रॉ का उपयोग करने पर वह गीली एवं ढीली हो जा रही थी इसलिए उसने अगला प्रयोग पैराफिन लगे मनिला पेपर पर किया जो की कामयाब भी रहा Drinking Straws का जो सबसे बड़ा फायदा लोगों को हुआ वह यह हुआ की विभिन्न पेयों में अम्लीय गुण विद्यमान होते हैं जो दांतों को नुकसान पहुंचा सकते थे Drinking Straws के आने से अब वे दांतों के संपर्क में ही नहीं आते थे | Drinking Straw Manufacturing Business kya

National Pension Scheme nps in hindi

National Pension Scheme (NPS) को समझने से पहले हमें मानव जीवन की उस सच्चाई को समझना होगा जिसमे एक  निश्चित अवधि के पश्चात मनुष्य कमाई करने में असमर्थ हो जाता है क्योंकि वह इतना बूढ़ा हो जाता है की वह किसी प्रकार का कोई मानसिक या शारीरिक कार्य करने में अपने आप को असमर्थ पाता है जिससे वह उस उम्र में कुछ कमाई नहीं कर पाता और उसे अपने प्रियजनों पर आश्रित रहना पड़ता है | जिंदगी के इस मुकाम पर कभी कभी हमें बेहद चाहने वाले अर्थात प्रियजनों की सच्चाई तब सामने आती है जब मनुष्य उनकी कमाई पर आश्रित होने लगता है | ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने घर के बुजुर्गों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना सिर्फ इसलिए देते हैं क्योंकि वे उनकी कमाई पर आश्रित हो चुके हैं बस इसी बात के मद्देनज़र बुढ़ापे में सुरक्षा की भावना में बढ़ोत्तरी हेतु भारत सरकार द्वारा National Pension Scheme की शुरुआत की गई है | National Pension System (NPS) Kya Hai: National Pension System (NPS) को हिन्दी में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली भी कह सकते हैं | यह एक पहले से निर्धारित स्वैच्छिक, योगदान सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जिससे व्यक्ति अपने कामकाजी जीवन के