iKamai-Kamai Tips In Hindi

Businesses That Can be Run from a Laptop in Hindi.

वर्तमान अर्थात आज की यदि हम बात करें, तो बहुत सारे बिज़नेस अर्थात व्यवसाय ऐसे हैं जिन्हें शुरू करने के लिए उपकरणों के तौर पर किसी भी व्यक्ति को एक लैपटॉप एवं इन्टरनेट की आवश्यकता होती है हाँ लेकिन इतना जरुर है की इस प्रकार के जीरो इन्वेस्टमेंट बिज़नेस के लिए लैपटॉप एवं इन्टरनेट के अलावा बिज़नेस करने वाले व्यक्ति में एक विशेष स्किल की भी आवश्यकता होती है | इसलिए यह बात बिलकुल सत्य नहीं है की जो जीरो इन्वेस्टमेंट बिज़नेस आइडियाज यहाँ पर दिए जा रहे हैं वह सभी लोगों के लिए हैं यह उन लोगों के लिए हैं जिन्हें एक खास क्षेत्र का ज्ञान है और वे अब तक उस क्षेत्र में किसी के अधीन काम कर रहे हों, या खास स्किल होने के बावजूद सोच रहे हों की किया क्या जाय? या अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद बिज़नेस अर्थात व्यवसाय के बारे में सोचना शुरू किया हो | कोई भी व्यक्ति हो सबके लिए इन्टरनेट ने अपनी दुनिया में अवसर पैदा किये हुए हैं | इसलिए आज हम ऐसे Businesses के बारे में जानने की कोशिश करेंगे जिन्हें केवल एक लैपटॉप के माध्यम से किया जा सकता है | हालांकि इन Businesses को करने

Soil Testing Lab Business In Hindi.

Soil Testing Lab Business से हमारा अभिप्राय मिटटी की जांच के लिए बनायीं गई प्रयोगशाला के बिज़नेस से है वर्तमान में हम ग्रामीण इलाकों जहाँ कृषि की जाती है देखंगे तो हमें इस प्रकार की प्रयोगशालाओं का अभाव दिखाई देता है इसलिए जहाँ जहाँ भी कृषि की जाती है या कृषि की संभावनाएं हैं इस प्रकार की प्रयोगशालाएं आसानी से चल सकती हैं | यद्यपि इस प्रकार की सर्विसेज सरकारी विभागों द्वारा दी जाती हैं लेकिन किसानो की मांगों को देखते हुए वे पर्याप्त नहीं है वर्तमान में लोग हर बिज़नेस के प्रति जागरूक दिखाई देते हैं, यही कारण है की जहाँ बीच में लोगों का ध्यान कृषि एवं कृषि से समबन्धित व्यवसायों से हट गया था अब तकनिकी जानकारी के आधार पर खेती करने से अच्छे परिणाम मिलने के कारण लोगों का ध्यान फिर से इस ओर आकर्षित हुआ है, लेकिन अभी भी बहुत सारे ग्रामीण इलाके ऐसे हैं जहाँ पुरानी पद्यति से ही कृषि की जाती है क्योंकि अक्सर नवयुवक एवं पढ़ा लिखा वर्ग कृषि सम्बन्धी क्रियाकलापों पर ध्यान देता नहीं है और बुजुर्ग पारम्परिक तरीके से ही कृषि सम्बन्धी क्रियाकलापों में क्रियाशील रहते हैं | इसलिए Soil Testing Lab Business में यदि कोई उद्यमी अपने बिज़नेस

Hot Case Manufacturing Business

Hot Case से हमारा अभिप्राय रसोईघर में उपयोग में लाये जाने वाले एक ऐसे उपकरण एवं बर्तन से है जिसकी मदद से खाने की आइटम को बड़ी देर तक गरम रखा जा सकता है | वर्तमान जीवनशैली में घरेलू उपयोग में लाये जाने वाले इलेक्ट्रिक उपकरणों का चलन बहुत अधिक हो रहा है इस प्रकार के यह इलेक्ट्रिक उपकरण वर्तमान जीवनशैली के साथ मेल खाते हुए और समय की बचत करने वाले उपकरण होते हैं | वर्तमान में बहुत सारे इलेक्ट्रिक उपकरण जैसे मिक्सर ग्राइंडर, टोस्टर, फ्रिज, हैण्ड ब्लेंडर, इलेक्ट्रिक तंदूर, इंडक्शन कुकर इत्यादि ने रसोईघर में काम करने वाली गृहणियों की जिंदगी आसान बना दी है | इन्हीं इलेक्ट्रिक उपकरणों में से एक उपकरण का नाम Hot Case है हालांकि प्राय देखा गया है की Hot Case के साइज़ के आधार पर घरेलू एवं व्यवसायिक संस्थानों जैसे कैंटीनों, होटलों में इनका प्रयोग होता है | जैसा की हम सबको विदित है की हर एक इलेक्ट्रिक उपकरण की संरचना मनुष्य द्वारा अलग अलग आवश्यकता की पूर्ति हेतु यानिकी अलग अलग Purpose के लिए की जाती है | इसी प्रकार Hot Case नामक इस उपकरण की संरचना खाद्य पदार्थों को देर तक गरम रखने के लिए या फिर अपने मन

Difference Between Private and Public Company in Hindi

प्राइवेट कंपनी तथा पब्लिक कंपनी में अंतर करना बिलकुल भी जटिल प्रक्रिया इसलिए नहीं है, क्योंकि  कंपनी चाहे प्राइवेट लिमिटेड हो या फिर लिमिटेड यानिकी कंपनी चाहे प्राइवेट हो या पब्लिक दोनों की स्थापना भारतीय कंपनी अधिनियम 1956 (Indian Companies Act 1956) के मुताबिक ही होती है | यद्यपि समय समय पर यह अधिनियम संसोधित होता रहा है जैसे 2013 में हुए इस अधिनियम में संसोधन को Companies Act 2013 एवं 2015 में हुए संसोधन को Amendment Act 2015 कहा जाता है | यहाँ पर जो प्राइवेट कंपनी तथा पब्लिक कंपनी में अंतर समझाने की कोशिश की जा रही है वह इन उपर्युक्त सभी संसोधनो को ध्यान में रखकर की जा रही है लेकिन फिर भी पाठक गणों से अनुरोध है की नवीनतम बदलावों को जानने के लिए अपने क़ानूनी सलाहकार या वकील से संपर्क कर सकते हैं | Difference between Private and Public Company in Hindi: Companies Amendment act 2015 से पहले एक प्राइवेट कंपनी तथा पब्लिक कंपनी में जो सबसे बड़ा अंतर था वह था कम से कम Paid Up Capital का | प्राइवेट कंपनी के लिए न्यूनतम पेड अप कैपिटल एक लाख रूपये एवं पब्लिक कंपनी के लिए पांच लाख रूपये था | जिसे Companies Amendment

How to Identify Goat Disease on the Basis of Symptoms.

अक्सर होता क्या है असंगठित क्षेत्र में बकरी पालन व्यवसाय से प्रत्यक्ष रूप से किसान जुड़ा हुआ होता है, और यह व्यवसाय उन किसानों की आजीविका यानिकी कमाई का मुख्य स्रोत होता है, बरसात में या अन्य मौसम में बकरियों की तरह तरह की बीमारियाँ फैल सकती हैं | ऐसी स्थिति में यदि किसान के पास लक्षणों के आधार पर बीमारियों को पहचानने की जानकारी उपलब्ध हो तो, हो सकता है की बीमारियों से ग्रसित बकरियों का उपयुक्त ईलाज चाहे वह घरेलू ही सही हो पाय | चूँकि यह भी सच्चाई ही है की, बहुत बार ऐसा भी होता है जब बकरियों की बीमारी के चलते बहुत सारे किसानों के सपने ही चकनाचूर हो जाते हैं वह किसान जो यह सपने पाले हुए था की इस बार सारी बकरियों को बेचकर गुड़ियाँ की शादी करा दूंगा उसका यह छोटा सा लेकिन बहुत जरुरी सपने को भी बकरी पर लगने वाली बीमारियाँ लील कर जाती हैं | इसलिए आज हमारे इस लेख का उद्देश्य हमारे पाठक गणों से रोग अर्थात बीमारी के लक्षणों के आधार पर बकरियों के रोग की पहचान कराना होगा | रोग का लक्षण :  बकरी को तीव्र बुखार यानिकी बकरी के शरीर का तापमान सामान्य तापमान