iKamai-Kamai Tips In Hindi

Courier Business की जानकारी एवं Starting प्रक्रिया |

कोई भी उद्यमी जो सर्विस बिज़नेस की श्रेणी में बिज़नेस करने की सोचता होगा तो उसे Courier Business का अवश्य स्मरण होता होगा और फिर उस व्यक्ति को इस बिज़नेस के बारे में जानने की उत्सुकता भी होती होगी इसी बात के मद्देनज़र आज हमारा विषय Courier Business Start करने सम्बन्धी कुछ जरुरी जानकारी देने का है | सर्विस बिज़नेस में कूरियर नामक यह बिज़नेस प्रमुख व्यापारों में से एक है इसका मुख्य कारण आधुनिक जीवनशैली में बार बार इसकी आवश्यकता होना भी हो सकता है | कहने का आशय यह है Courier Business आधुनिक जीवनशैली रहन सहन के तरीके से मेल खाता हुआ बिज़नेस है | वर्तमान में एक देश में या एक Region में कंपनियों के विभिन्न कार्यालय मौजूद होते हैं जिनमे प्रतिदन नियमित तौर पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आदान प्रदान चलता रहता है, इसके अलावा व्यक्तिगत लोग भी विभिन्न कार्यों को अंजाम तक पहुँचाने के लिए Courier Service का उपयोग करते हैं लेकिन वर्तमान में इस बिज़नेस को सकारात्मक रूप से जिसने प्रभावित किया है वह है ऑनलाइन शौपिंग अर्थात ऑनलाइन शौपिंग के कारण Courier Services की मांग देश में बहुत ज्यादा बढ़ गई है | Courier Business Kya hai: Courier Service से हमारा अभिप्राय किसी

Cleaning Powder Making Business

Cleaning Powder से हमारा अभिप्राय डिटर्जेंट पाउडर से नहीं है बल्कि बर्तनों इत्यादि को साफ़ करने के उद्देश से उपयोग में लाये जाने वाले पाउडर से है | डिटर्जेंट पाउडर को जहाँ कपड़े धोने अर्थात कपड़ों को साफ़ करने के उपयोग में लाया जाता है वहीँ Cleaning Powder का उपयोग खाने पीने के बर्तनों एवं अन्य शीशे से निर्मित वस्तुओं या चीनी मिटटी से निर्मित बर्तनों से मिटटी, ग्रीज़, धूल, तेल इत्यादि को दूर करने के उपयोग में लाया जाता है | साधारण शब्दों में हम यह कह सकते हैं की Cleaning Powder का उपयोग बर्तनों, शीशे से निर्मित सामान एवं चीनी मिटटी से निर्मित सामग्री की सफाई हेतु किया जाता है | हालांकि पहले इस प्रकार की आवश्यकता के लिए साबुन का इस्तेमाल होता था लेकिन बाद में सफाई पाउडर ने इसकी जगह ले ली | घरों में उपयोग होने के अलावा इस प्रकार के पाउडर को औद्योगिक सफाई की क्रियाओं हेतु भी उपयोग में लाया जाता है | जहाँ साबुन इत्यादि से साफ़ करने में शीशे एवं अन्य बर्तनों में खरोंच अर्थात निशान आने की आशंका बनी रहती थी लेकिन पाउडर के उपयोग से इस आशंका का निदान हो गया | Cleaning Powder Making Business Kya hai:

Hair Conditioner Making Business

Hair Conditioner से हमारा आशय एक ऐसे द्रव से है जिसे बालों पर शैम्पू लगाने के बाद लगाया जाता है | हालांकि Hair conditioner को अकेले एवं अन्य सौन्दर्य प्रसाधनो जैसे हेयर शैम्पू, हेयर डाई इत्यादि के साथ उपयोग में लाया जाता है | इसके उपयोग का मकसद बालों में कंडीशनिंग वैल्यू जैसे कंघी करने में आसान बनाना, बालों में चमक इत्यादि लाने के लिए उपयोग में लाया जाता है | इसलिए वर्तमान में इसका उपयोग महिलाओं एवं पुरुषों दोनों के द्वारा किया जाता है लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं द्वारा ही इसका उपयोग अधिक मात्रा में किया जाता है | बालों पर Hair Conditioner के उपयोग करने के बहुत सारे फायदे होते हैं यही कारण है की हेयर केयर प्रोडक्ट में यह उत्पाद एक महत्वपूर्ण उत्पाद है | यह बालों को मुलायम, चिकने आकर्षक एवं स्वस्थ बनाने में मदद करता है | Hair Conditioner Making Business Kya hai: वर्तमान समय में जिस प्रकार बालों पर लगाने वाले शैम्पू काफी प्रचलित हैं ठीक उसी प्रकार बालों को और अधिक मुलायम, आकर्षक स्वस्थ्य एवं सुन्दर बनाने में Hair Conditioner भी काफी प्रचलित हैं | ऐसे लोग जिन्हें बालों की अनेक समस्याएं होती हैं वे भी और जिन्हें बालों सम्बन्धी

Patent Registration in India

Patent Registration की प्रक्रिया के बारे में तो हम वार्तालाप करते रहेंगे लेकिन सबसे पहले एक सरसरी निगाह डाल लेते हैं भारतवर्ष में पेटेंट अधिनियम के इतिहास पर, Patent Act की कहानी भारतवर्ष में स्वतंत्रता से भी काफी पुरानी है अर्थात भारत वर्ष में पेटेंट समबन्धि पहला विधान 1856 में क्रियान्वित किया गया | इस विधान का उद्देश्य नए और उपयोगी निर्माण के आविष्कार को प्रोत्साहित करना और आविष्कारों को अपने आविष्कारों का रहस्य प्रकट करने के लिए प्रेरित करना था, ब्रिटिश क्राउन की मंजूरी के बिना अधिनियमित होने के कारण इस अधिनियम की जगह 1857 के अधिनियम IX ने ले ली | बाद में इस अधिनियम को 1859 में संसोधित किया गया | सन 1872 में इस अधिनियम में एक और अधिनियम डिजाईनों की सुरक्षा से समबन्धित अधिनियम को समेकित कर दिया गया और इसका नाम ‘’पैटर्न और डिजाइन संरक्षण अधिनियम” रखा गया | उसके बाद भी इसमें 1883, 1888 में संसोधन हुए और 1911 में इस अधिनियम को The Indian Patents & Designs Act. की संज्ञा दी गई | उसके बाद भी भारत की स्वतंत्रता से पहले और बाद में इस अधिनियम में अनेकों बार संसोधन हुए इन अधिनियमों में अंतिम संसोधित अधिनियम The Patents (Amendment) Act 2005 है

Shaving Cream Manufacturing Business

Shaving Cream का चलन काफी पुराना न होकर कुछ दशक ही पुराना है इससे पहले इसी क्रिया को करने हेतु लोगों द्वारा साबुन उपयोग में लाये जाते थे | कहा जाता है की दुनिया के बाज़ार में पहली बार Shaving Cream का आगमन 1950 में हुआ था और बहुत जल्दी इसने मार्किट में अपनी जगह बना ली अर्थात लोगों ने शेविंग क्रीम को बहुतायत तौर पर उपयोग में लाना शुरू कर दिया तब से आज तक यह सिलसिला यूँ ही चलता आ रहा है और लोगों द्वारा आज भी शेविंग क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है | यदि हम शेविंग क्रीम के पीछे लोगों द्वारा इसके उपयोग करने के कारण की बात करें तो लोगों द्वारा इसे इसलिए उपयोग में लाया जाता है क्योंकि यह बालों को एवं त्वचा को मुलायम बनाकर त्वचा में रेजर के प्रभाव से होने वाली जलन इत्यादि को कम करके त्वचा को शांत करने के लिए एक अवशिष्ट परत मुहैया कराता है जिससे त्वचा पर रेज़र का दुष्प्रभाव कम होता है | Shaving Cream manufacturing Business Kya hai: Shaving Cream को मुख्यतः पुरुषों द्वारा चेहरे पर शेविंग करने के उपयोग हेतु लाया जाता है | या यूँ कहें शेविंग पुरुषों द्वारा दैनिक रूप से