Mahendra Rawat

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Hair Conditioner Making Business

Hair Conditioner से हमारा आशय एक ऐसे द्रव से है जिसे बालों पर शैम्पू लगाने के बाद लगाया जाता है | हालांकि Hair conditioner को अकेले एवं अन्य सौन्दर्य प्रसाधनो जैसे हेयर शैम्पू, हेयर डाई इत्यादि के साथ उपयोग में लाया जाता है | इसके उपयोग का मकसद बालों में कंडीशनिंग वैल्यू जैसे कंघी करने में आसान बनाना, बालों में चमक इत्यादि लाने के लिए उपयोग में लाया जाता है | इसलिए वर्तमान में इसका उपयोग महिलाओं एवं पुरुषों दोनों के द्वारा किया जाता है लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं द्वारा ही इसका उपयोग अधिक मात्रा में किया जाता है | बालों पर Hair Conditioner के उपयोग करने के बहुत सारे फायदे होते हैं यही कारण है की हेयर केयर प्रोडक्ट में यह उत्पाद एक महत्वपूर्ण उत्पाद है | यह बालों को मुलायम, चिकने आकर्षक एवं स्वस्थ बनाने में मदद करता है | Hair Conditioner Making Business Kya hai: वर्तमान समय में जिस प्रकार बालों पर लगाने वाले शैम्पू काफी प्रचलित हैं ठीक उसी प्रकार बालों को और अधिक मुलायम, आकर्षक स्वस्थ्य एवं सुन्दर बनाने में Hair Conditioner भी काफी प्रचलित हैं | ऐसे लोग जिन्हें बालों की अनेक समस्याएं होती हैं वे भी और जिन्हें बालों सम्बन्धी

Patent Registration in India

Patent Registration की प्रक्रिया के बारे में तो हम वार्तालाप करते रहेंगे लेकिन सबसे पहले एक सरसरी निगाह डाल लेते हैं भारतवर्ष में पेटेंट अधिनियम के इतिहास पर, Patent Act की कहानी भारतवर्ष में स्वतंत्रता से भी काफी पुरानी है अर्थात भारत वर्ष में पेटेंट समबन्धि पहला विधान 1856 में क्रियान्वित किया गया | इस विधान का उद्देश्य नए और उपयोगी निर्माण के आविष्कार को प्रोत्साहित करना और आविष्कारों को अपने आविष्कारों का रहस्य प्रकट करने के लिए प्रेरित करना था, ब्रिटिश क्राउन की मंजूरी के बिना अधिनियमित होने के कारण इस अधिनियम की जगह 1857 के अधिनियम IX ने ले ली | बाद में इस अधिनियम को 1859 में संसोधित किया गया | सन 1872 में इस अधिनियम में एक और अधिनियम डिजाईनों की सुरक्षा से समबन्धित अधिनियम को समेकित कर दिया गया और इसका नाम ‘’पैटर्न और डिजाइन संरक्षण अधिनियम” रखा गया | उसके बाद भी इसमें 1883, 1888 में संसोधन हुए और 1911 में इस अधिनियम को The Indian Patents & Designs Act. की संज्ञा दी गई | उसके बाद भी भारत की स्वतंत्रता से पहले और बाद में इस अधिनियम में अनेकों बार संसोधन हुए इन अधिनियमों में अंतिम संसोधित अधिनियम The Patents (Amendment) Act 2005 है

Shaving Cream Manufacturing Business

Shaving Cream का चलन काफी पुराना न होकर कुछ दशक ही पुराना है इससे पहले इसी क्रिया को करने हेतु लोगों द्वारा साबुन उपयोग में लाये जाते थे | कहा जाता है की दुनिया के बाज़ार में पहली बार Shaving Cream का आगमन 1950 में हुआ था और बहुत जल्दी इसने मार्किट में अपनी जगह बना ली अर्थात लोगों ने शेविंग क्रीम को बहुतायत तौर पर उपयोग में लाना शुरू कर दिया तब से आज तक यह सिलसिला यूँ ही चलता आ रहा है और लोगों द्वारा आज भी शेविंग क्रीम का इस्तेमाल किया जाता है | यदि हम शेविंग क्रीम के पीछे लोगों द्वारा इसके उपयोग करने के कारण की बात करें तो लोगों द्वारा इसे इसलिए उपयोग में लाया जाता है क्योंकि यह बालों को एवं त्वचा को मुलायम बनाकर त्वचा में रेजर के प्रभाव से होने वाली जलन इत्यादि को कम करके त्वचा को शांत करने के लिए एक अवशिष्ट परत मुहैया कराता है जिससे त्वचा पर रेज़र का दुष्प्रभाव कम होता है | Shaving Cream manufacturing Business Kya hai: Shaving Cream को मुख्यतः पुरुषों द्वारा चेहरे पर शेविंग करने के उपयोग हेतु लाया जाता है | या यूँ कहें शेविंग पुरुषों द्वारा दैनिक रूप से

Digital Signature Certificate के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें |

Digital Signature Certificate का इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में बड़ा अहम् योगदान है | कहने का आशय यह है की बहुत सारे सरकारी गैर सरकारी काम जो एक बिज़नेस चलाने के लिए करने पड़ते हैं, सरकार द्वारा उन अधिकतर कामों को Ease Of Doing Business के चलते ऑनलाइन कर दिया है और यह ऑनलाइन करने की प्रक्रिया आगे भी जारी है | इन्ही सब महत्वपूर्ण कार्यों को ऑनलाइन अंजाम देने के लिए किसी कंपनी के प्राधिकृत व्यक्ति को Digital Signature Certificate (DSC)  की आवश्यकता होती है | वर्तमान में DSC का उपयोग कंपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में, ऑनलाइन इनकम टैक्स Return भरने में, E Tendering, DIN लेने, EPFO के साथ ऑनलाइन रजिस्टर कराने एवं विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने इत्यादि में उपयोग में लाया जाता है | भारतवर्ष में Digital Signature Certificate जारी करने का अधिकार सिर्फ लाइसेंस प्रमाणित प्राधिकारी को होता है | certifying authority एक प्राधिकृत व्यक्ति या कंपनी होती है जिसे DSC जारी करने का भारत सरकार के सम्बन्धित विभाग से लाइसेंस प्राप्त हुआ होता है | Digital Signature Certificate Kya Hai: Digital Signature इलेक्ट्रॉनिक रूप में भौतिक हस्ताक्षर होते हैं, वर्तमान में विभिन्न बिज़नेस सम्बन्धी कार्यों को ऑनलाइन निपटाने हेतु उद्यमियों या कंपनियों को

Mehndi Manufacturing Business

Mehndi Manufacturing business के बारे में बात करने से पहले थोड़ा बहुत अर्थात संक्षेप में इसके बारे में जानने की कोशिश करते हैं | कहते हैं की मेहंदी नामक यह शब्द संस्कृत के एक शब्द मेंधिका से उत्पन्न हुआ है मेहंदी एवं हल्दी के उपयोग को हिन्दू वैदिक अनुष्ठान किताब में वर्णित किया गया है | प्राचीन काल में मेहंदी को सिर्फ औरतों की हथेलियों एवं कभी कभी पुरुषों द्वारा भी उपयोग में लाया जाता था | लेकिन जैसे जैसे समय बितता गया Mehndi औरतों के बीच प्रचलित होती गई और इसका उपयोग आम हो गया इसका उपयोग आम होने के कारण ही इसमें बिज़नेस करने के द्वार खुले | मेहंदी लगाना जहाँ सिर्फ पहले एक वैदिक रिवाज हुआ करता था और महिलाओं द्वारा इसका उपयोग सिर्फ कुछ अवसरों पर अपनी हथेलियों को सजाने हेतु किया जाता था | वर्तमान में इसका उपयोग अनेक अनुष्ठानों जैसे शादी, सालगिरह, बर्थ डे पार्टियों एवं अनेक त्योहारों जैसे करवा चौथ, पूर्णिमा, दिवाली, भैया दूज, तीज इत्यादि में मेहँदी का उपयोग किया जाता है | Mehndi Manufacturing Business Kya hai: Mehndi की यदि हम बात करे तो यह एक ऐसा उत्पाद है जिसे अधिकतर तौर पर महिलाओं द्वारा अपने हाथों एवं पांवों को