Bindi Making Business In India In Hindi.

Bindi Making Business In India In Hindi.

India में Bindi Making business से शायद हर कोई शख्स वाकिफ होगा,क्योंकि हर किसी ने किसी न किसी को माथे पर बिंदी लगाये हुए जरुर देखा होगा | बिंदी बनाना यानिकी Bindi Making एक बेहद ही आसान प्रक्रिया है, भारतीय परम्परा के अनुसार बिंदिया जहाँ महिलाओं के माथे की  शोभा बढाती है, वही यह भी माना जाता है, की इसको माथे पर लगाने से सुहागिन पत्नियाँ अपने पति की अच्छे स्वास्थ्य एवं लम्बी उम्र की कामना करती हैं | कहते हैं की ऋग्वेद में बिंदी का जिक्र बिंदु नाम से किया गया है, इसके अलावा यह भी कहा जाता है की माथे के बीचोबीच जहाँ बिंदी लगाईं जाती है उसे छठा चक्र, अजना  या फिर  गुप्त ज्ञान की जगह भी कहा जाता है, माना यह भी जाता है की माथे पर बिंदी उर्जा को बनाये रखने एवं एकाग्रता को मजबूत करने का काम भी करती है | इसलिए औरतों की साजो सज्जा सामग्री में बिंदी का महत्वपूर्ण योगदान है | Bindi Making business starting process पर बात करने से पहले यह जान लेते हैं की आखिर यह business है क्या? और यह व्यापार करके किस तरह से Kamai की जा सकती है |

Bindi Making business Kya Hai:

हम यहाँ पर यह स्पष्ट कर दें की बिंदी एक लाल रंग की या अन्य किसी रंग की गोल आकार का एक बिंदु होता है | लेकिन वर्तमान में इसका आकार सिर्फ गोल न होकर अलग अलग आकारों में भी चलन में है | बिंदी माथे के बीचोबीच लगाई जाती है शुरुआत में इसका चलन सिर्फ लाल रंग से हुआ था इसके पीछे कुछ  लोगों का मानना था की लाल रंग शक्ति का प्रतीक होता है तो वही कुछ लोग लाल रंग को प्यार, एवं स्नेह का प्रतीक मानते थे | वर्तमान में बिंदी फैशन के अनुसार लगाई जाती है, अर्थात किसी खास रंग के पहनावे पर किसी खास रंग और आकार की बिंदी को उपयोग में लाया जाता है, यही कारण है की इस Bindi Making business में और अधिक आकारों एवं रंगों का उद्गम हुआ है या हम कह सकते हैं की बिंदी मखमली कपडे का एक बहुत ही छोटा हिस्सा होता है, जिसमे कुछ और कलाकारी कर उसे माथे के बीचोबीच लगाया जाता है | लेकिन वर्तमान में शादी विवाह जैसे आयोजन में बिंदियों से चेहरे को माथे से लेकर गालों तक सजाया जाता है | जहाँ तक Bindi making business का सवाल है विभिन्न आकार प्रकार की बिंदियों का निर्माण जब उन्हें बेचकर Kamai करने हेतु किया जाता है, तो इस प्रकार किया जाने वाला बिज़नेस Bindi Making business कहलाता है |

How to start Bindi Making Business in India in Hindi:

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की बिंदियाँ विभिन्न आकार, प्रकार रंग एवं कलाकृतियों से परिपूर्ण बाज़ार में उपलब्ध होती हैं | Bindi Making business start करने की चाह रखने वाला उद्यमी इस Business को बहुत कम Investment के साथ कुटीर उद्योग के रूप में Home से भी Start कर सकता है |  जहाँ तक इस बिज़नेस में Market Scope का सवाल है उसके बारे में हमारा सिर्फ यही कहना है ही की बिंदी एक उपभोज्य (Consumable) वस्तु है ( Consumables से हमारा आशय उस वस्तु से है जिसका उपयोग सिर्फ एक बार करके उसे फेंक दिया जाता है और उसकी जगह नई वस्तु का उपयोग किया जाता है) | जिसका उपयोग सभी जगह अर्थात ग्रामीण इलाकों एवं शहरों में किया जाता है, इसके अलावा समाज में बेटे और बेटीयों के प्रति समानता वाली सोच भी इस बिज़नेस को बढ़ने में सहायक सिद्ध होगी, क्योंकि इस Business की अंतिम ग्राहक महिलाएं है और एक महीला एक दिन में 2-3 बिंदी तक का उपयोग करती है, एक आंकड़े के मुताबिक औसतन एक साल में एक व्यक्ति बिंदी के 10 packets उपयोग में लाता है |  यही कारण है की इसकी मांग Market में हमेशा बनी रहती है | तो आइये जानते हैं की Bindi Making business की Starting कैसे करें |

  1. First Step is Location Selection:

Bindi Making business एक ऐसा बिज़नेस है, जिसके ग्राहक हर जगह चाहे ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी  उपलब्ध हैं, इसलिए लोकेशन चयन करते वक्त ज्यादा बातों का ध्यान तो नहीं सिर्फ इतना ध्यान रखना पड़ेगा की उस लोकेशन पर आधारभूत सुविधाएँ जैसे सड़कें, बिजली, पानी विद्यमान हो | ताकि उद्यमी अपने द्वारा उत्पादित माल को आसानी से Transport कर सके | जैसा की हमने उपर्युक्त वाक्य में बताया है की उद्यमी चाहे तो यह Bindi Making business Home based भी Start कर सकता है, और या फिर अलग से दुकान बनाकर या दूकान किराये पर लेकर भी यह काम कर सकता है, किराये पर कोई जगह लेते वक्त उद्यमी को Owner के साथ Rent Agreement अवश्य बना लेना चाहिए ताकि Business Registration, Bank Account opening, Sales Tax registration में उसे As an Address proof  उद्यमी दिखा सके |

  1. Register Your Bindi Making Business:

वैसे यह छोटा कारोबार करने के लिए बिज़नेस Registration अनिवार्य नहीं होता है हाँ उद्यमी को Sales Tax registration अवश्य कराना पड़ेगा |  लेकिन चूँकि Business में कहा नहीं जा सकता की कब क्या करना पड़ जाय इसलिए उद्यमी को चाहिए की अपने बिज़नेस को वह विभिन्न बिज़नेस Entities में से किसी एक का चयन कर Registrar of Companies में रजिस्टर कराये, व्यक्ति चाहे तो OPC (One Person Company) के अंतर्गत अपने Bindi Making Business को Register करा सकता है | और उसके बाद क्षेत्रीय प्राधिकरण से व्यापार करने का लाइसेंस लेकर और सेल्स टैक्स Registration करा के अपना व्यापार शुरू कर सकता है | Small Scale Industries को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने अनेकों कार्यक्रम चलाये हैं, इनका लाभ लेने के लिए उद्यमी चाहे तोSmall Scale Industries के अंतर्गत भी अपने बिज़नेस को पंजीकृत करा सकता है |

  1. Purchase Machinery and Raw material:

Bindi Making business में आवश्यक मशीनरी की बात करें तो इसमें विभिन्न प्रकार के डाई, Bindi Cutting Machine, Electric Motors, Hand tools की आवश्यकता होती है, इन सभी मशीनों के निर्माणकर्ता लगभग सभी राज्यों के मुख्य शहरों में विद्यमान हैं | इसलिए उद्यमी को सर्वप्रथम इन मशीनों के लिए इनके विक्रेताओं से कोटेशन मंगवा लेनी चाहिए, कम से कम तीन कोटेशन तो होनी ही चाहिए ताकि उद्यमी इनका तुलनात्मक विश्लेषण कर अपने लिए विक्रेता का चयन कर सके | Bindi Making business के लिए Raw Materials की List में मखमली कपड़ा (Velvet Cloth), चिपकाने वाला पदार्थ अर्थात गोंद, Decorative materials विभिन्न प्रकार के Stones जैसे Ruby, sapphire (नीलम) इत्यादि एवं Packaging Materials की आवश्यकता होती है | Raw Materials के बारे में उद्यमी चाहे तो अपनी Local Market में पता कर सकता है या फिर जिस विक्रेता से वह Bindi making business हेतु मशीनरी खरीदने वाला है उनसे भी बात कर सकता है |

  1. The Manpower Can Be hired on Daily Basis:

यदि कोई उद्यमी ग्रामीण इलाके से Bindi Making Business को start करना चाह रहा हो तो वह Manpower daily basis पर भी रख सकता है, क्योंकि शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले श्रमिक आसानी से मिल जाते हैं | यद्यपि उद्यमी Housewife को अपने कर्मचारी के रूप में दैनिक मजदूरी के रूप में काम दिला सकता है और जब उद्यमी को लगने लगे की उसका बिज़नेस पूर्ण रूप से चल निकलेगा, तो वह उनको स्थायी तौर पर भी काम पर रख सकता है | महिलाओं को काम पर रखने का उद्यमी को एक और फायदा यह होगा की बिंदियों के बारे में उसे प्रत्यक्ष फीडबैक मिलता रहेगा जिससे वह आवश्यकता पड़ने पर अपने बिंदी के डिजाईन में बदलाव ला सकता है |  यद्यपि Bindi making business को 3-4 लाख रूपये की Investment के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है लेकिन फिर भी उद्यमी को चाहिए की वह अपने स्थानीय क्षेत्र की Market में ही इस Business की संभावनाओं का मूल्यांकन करे, क्योकि कमाई की दृष्टि से स्थानीय बाज़ार में शाख बनाकर ही बाहर की ओर कदम बढ़ाना समझदारी एवं सुरक्षित फैसला है |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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