Business Budgeting Importance and Components in Hindi.

Business Budgeting Importance and Components in Hindi.

हर किसी सफल बिज़नेस को सफलतापूर्वक चलाने के लिए business budgeting की आवश्यकता होती है, दुनियां में कोई भी business चाहे वह छोटा हो या बड़ा, का पहला सिद्धांत यही है की उद्यमी को पैसे Kamai करने के लिए पहले कुछ  न कुछ अवश्य खर्च करना पड़ेगा | Business budgeting के माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपने बिज़नेस के आईडिया को हकीकत की जमीन पर उतार सकता है | Business के इस टूल का उपयोग करके कोई भी व्यक्ति अपनी Kamai और खर्चों को Track कर सकता है | बजटिंग बिज़नेस में भविष्य में आने वाली वित्त समस्याओं के बारे में भी उद्यमी को पहले ही जानकारी देने का सामर्थ्य रखता है, जिससे उद्यमी समस्या खड़ी होने से पहले ही उसका निवारण कर सके |

Business Budgeting Kya Hai:

वैसे बजट का शाब्दिक अर्थ किसी वस्तु विशेष, कार्य विशेष, सेवा विशेष को खरीदने या करने के लिए जिस पूंजी का निर्धारण किया जाता है, उसको उस वस्तु विशेष, सेवा विशेष या कार्य विशेष का बजट कहा जाता है | ठीक इसी प्रकार business budgeting से हमारा आशय बिज़नेस को चलाने या किसी लक्ष्य की पूर्ति हेतु जिस पूंजी का निर्धारण किया जाता है, उसे उस business का बजट कह सकते हैं | सामान्य तौर पर बजटिंग को बिज़नेस का Financial Plan भी कह सकते हैं | इससे पहले की वित्त सम्बन्धी समस्याएं उद्यमी को अपने नियंत्रण में ले लें, उद्यमी को चाहिए की वह बजटिंग करके इन समस्याओं को अपने नियंत्रण में ले | business budgeting को Monthly, Quarterly, half yearly financial plan बनाके निर्धारित किया जा सकता है | किसी भी बिज़नेस के लिए बजट का प्रावधान वित्त वर्ष के खत्म होने से दो महीने पहले शुरू किया जाना चाहिए ताकि सारी जानकारी जुटाने के लिए उपयुक्त समय मिल सके | हालांकि बजटिंग दीर्घ अवधि तीन साल एवं पांच साल के लिए भी Plan की जा सकती है | लेकिन बीच बीच में इनमे संसोधन की आवश्यकता पड़ती है | कुछ विशेषज्ञों द्वारा business budgeting को बिज़नेस का रोडमैप भी कहा जाता  है |

यदि हम संक्षेप में इसका उत्तर देने की कोशिश करेंगे तो उत्तर यह होगा की business budgeting उद्यमी या कंपनी को उसके पास कितना वित्त है, और उस वित्त में से वह कितना खर्च करेगा, business goals को खर्च करने में वह कितनी पूंजी लगाएगा इत्यादि विषयों को जानने एवं इनके प्रति निर्णय लेने में मदद करता है | लेकिन इनके अलावा और भी बहुत सारे reason हैं जो business budgeting को Important बनाते हैं |

  • यदि उद्यमी किसी वित्तीय संस्थान से Loan के लिए Apply करता है तो हो सकता है वे वित्तीय संस्थान उद्यमी को बिज़नेस का बजट दिखाने को कहें |
  • कर्मचारियों को कार्य के प्रति Motivate करने के लिए business budgeting को कर्मचारियों के साथ साझा किया जा सकता है, इससे कर्मचारी business के लक्ष्यों को जान पाएंगे |
  • Business budgeting बिज़नेस में Risk को कम करने में मदद करती है |
  • Budgeting उद्यमी को पूंजी के संसाधनों का प्रबन्ध करने में भी मदद करती है |
  • बिज़नेस बजटिंग के लिए जहाँ बड़ी कंपनिया Accounts dept को यह जिम्मेदारी सौंपते हैं, वही Small business owner यह काम खुद भी कर सकते हैं |
  • बजटिंग के माध्यम से किसी बिज़नेस संबंधी प्रक्रियाओं को अंजाम देने के लिए प्रत्येक विशेष क्रिया की खर्चे की सीमा को तय किया जा सकता है | जिससे यदि आवश्यकता हो तो बीच में जो महत्वपूर्ण क्रियाएं नहीं हैं, उनको बजट से हटाया भी जा सकता है |
  • बहुत सारी कंपनियों में उसके पिछले साल के बजट का Review किया जाता है, और पता लगाने की कोशिश की जाती है, की यदि खर्चे में कोई बढ़ोत्तरी आई है तो किन कारणों से आई है | हालांकि यह जरुरी नहीं है की यदि खर्चा बढ़ा है तो उसका business पर नकारात्मक असर ही पड़ेगा | यदि पिछले और वर्तमान साल के बजट में अंतर किसी अप्रत्याशित बिक्री के कारण आया हुआ है, तो इस स्थिति में कंपनी को बजट बढ़ाना पड़ेगा | लेकिन यह कोई भी उद्यमी तभी कर पायेगा जब उसने अपने बिज़नेस के लिए business budgeting का प्रावधान किया हुआ हो |
  • कंपनियों द्वारा business budgeting का use अपने बिज़नेस को आगे की गति देने अर्थात उसको विस्तृत करने में भी किया जाता है |
  • भविष्य में मिलने वाले अवसरों की बजटिंग निश्चित करती है, की भविष्य के अवसरों के लिए कंपनी के पास वित्त की व्यवस्था हो, जिसे प्राधिकृत व्यक्ति जल्दबाजी में भी कोई निर्णय ले सकता है, या फिर इस वित्त को आर्थिक मंदी में नियमित खर्चों को वहन करने में उपयोग में लाया जा सकता है |

Business budgeting ke major components:

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में पहले ही बता चुके हैं की business budgeting एक वित्त संबंधी दस्तावेज या System होता है, जिसका उपयोग Kamai और खर्चों की परियोजना बनाने में किया जाता है | वैसे देखा जाय तो हर एक business की बजटिंग अलग अलग components पर आधारित होती है, क्योंकि हर बिजनेसमैन का अपने बिज़नेस के प्रति लक्ष्य अलग अलग होते हैं | लेकिन सामान्य तौर पर जो Major Components हर एक business budgeting में देखने को मिलते हैं, उनका विवरण निम्न है |

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  1. Business Se Hone wali Kamai:

Kamai यानिकी Income किसी भी बिज़नेस में एक अहम् किरदार निभाती है | क्योकि यदि हम यह कहें की व्यापार सम्बन्धी सारी गतिविधियाँ इसी को बढ़ाने के लिए की जाती हैं तो कुछ गलत नहीं होगा | business budgeting करते समय केवल बिक्री से हुई Kamai को इसका हिस्सा नहीं बनाया जाता अपितु ब्याज, dividend fund, रोयल्टी इत्यादि से होने वाली Kamai को भी इसका हिस्सा बनाया जाता है |

  1. Business me hone wala Kharcha:

दूसरा जो सबसे Important components किसी business budgeting का होता है, वह है expense अर्थात बिज़नेस में होने वाला खर्चा |  इसमें बहुत सारे business owner द्वारा इस घटक के उप घटक तैयार किये जाते हैं ताकि वह आर्थिक मंदी में अपने बिज़नेस को चलाने के लिए किसी उप घटक जो बिज़नेस को ज्यादा प्रभावित न करे से budget को cut कर सकें | किसी उद्यमी या कंपनी द्वारा business budgeting का निर्धारण करते समय खर्चे को Fixed या Variable cost नाम दिया जा सकता है | fixed cost से आशय ऐसे खर्चे से है, जिसे महीने महीने में परिवर्तित नहीं किया जा सकता जैसे ऑफिस का किराया, insurance की क़िस्त, बैंक से लिए गए ऋणों की क़िस्त और lease पर ली गई कोई अन्य सेवा इत्यादि | वही अंतरित होने वाली कीमतों में महीने के आधार पर भी अंतर देखने को मिल सकता है, जैसे Utilities, phone bills इत्यादि उदाहरणार्थ:किसी महीने में फ़ोन का अधिक इस्तेमाल होने कारण अधिक और कम इस्तेमाल होने के कारण कम bill pay करना पड़ेगा | उसी प्रकार चाय काफी, Housekeeping material, drinking water , electricity bill, Maintenance cost भी consumption के आधार पर अंतरित हो सकती है | इसलिए business budgeting बिज़नेस से होने वाली kamai पर आधारित होना चाहिए |

  1. Overhead aur Production:

जब सम्पूर्ण Business में लगने वाले खर्चे की लिस्टिंग हो जाती है तो उसके बाद उस लिस्टिंग को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है | Overhead cost जैसे बिज़नेस की मार्केटिंग पर आने वाला खर्चा, Administrative cost, Office supplies, Phones बिल इत्यादि और Production cost जैसे मशीनरी और उपकरणों को खरीदने में आने वाला खर्चा, कच्चे माल का खर्चा, इत्यादि | इसलिए Business budgeting करते समय बिज़नेस में आने वाले खर्चे Overhead aur Production में विभाजित किया जाता है जिससे उद्यमी या कंपनी होने वाले खर्चे को आसानी से पहचान सके |

  1. Income aur expense ka Total:

कुल कमाई और खर्चा भी business budgeting का एक सामान्य components  है, इसमें यह total किसी उद्यमी या कंपनी को उसके बिज़नेस की एक स्पष्ट तस्वीर पेश करता है | जो महीने या साल के आधार पर यह दिखाता है की बिज़नेस महीने या साल में कैसा perform कर रहा है | Kamai और Loss की एक झलक देखने के लिए दोनों components का total किया जा सकता है | और इसमें खर्चे को श्रेणीवध तरीके से भी Total करके किसी श्रेणी विशेष पर हुए खर्चा का ब्यौरा लिया जा सकता है | Total components का use विभिन्न आधार पर Kamai और खर्चों का ब्यौरा निकालने के लिए किया जा सकता है |

  1. भविष्य की अवधारणा:

भविष्य की अवधारणा से हमारा आशय Business projection से है, Total components की मदद से उद्यमी या बिज़नेसकर्ता इस बात का आईडिया लगा सकता है की यदि उसका बिज़नेस वर्तमान खर्चों और कमाई के आधार पर ही चलता रहा तो साल की समाप्ति पर उसका बिज़नेस किस मुकाम तक पहुँच पायेगा | भविष्य की अवधारणा यदि साल के खर्चों और कमाई पर आधारित हो तो ज्यादा बेहतर होता है क्योकि महीने में हो सकता है और भी Bills Pending हों | यह business budgeting components उद्यमी या कंपनी को उसके भविष्य के लक्ष्यों के प्रति आश्वस्त रखने में मदद करता है, तो कई बार बिज़नेस कर्ता हतोत्साहित भी हो सकता है |

 

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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