क्या सच में कोई आईडिया किसी की दुनिया बदल सकता है |

क्या सच में कोई आईडिया किसी की दुनिया बदल सकता है |

बहुत बार हम एक दुसरे के वार्तलाप में Idea शब्द को सुनते हैं, साधारण भाषा में आईडिया का अर्थ किसी युक्ति या फिर प्लान से लगाया जाता है | लेकिन Idea एक विचार होता है, जो किसी भी मनुष्य के मष्तिष्क में किसी भी विषय पर आ सकता है | किसी भी मनुष्य के मस्तिष्क में प्रतिदिन हजारों हज़ार विचारों का आदान प्रदान होता है, इन विचारों को व्यक्ति की वर्तमान स्थिति, शिक्षा, मेहनत, लगन, जूनून, व्यक्ति की सोच इत्यादि प्रभावित करते हैं | यदि हम बिज़नेस आइडियाज की बात करें, तो अधिकतर लोगों का मानना है की अच्छे बिज़नेस आइडियाज सिर्फ किस्मत वाले व्यक्तियों को ही आते हैं, इसलिए उन्हीं के बलबूते वे अपना साम्राज्य खड़ा कर पाने में सक्षम होते हैं | हमारे हिसाब से यह बिलकुल सत्य नहीं है, क्योकि Ideas का किस्मत से नहीं बल्कि मनुष्य के नित्य प्रतिदिन कर्मों से लिंक होता है | इसलिए किसी भी क्षेत्र से सम्बंधित एक अच्छा Idea तभी आ सकता है, जब मनुष्य उस क्षेत्र में मेहनत, लगन और जूनून से अभ्यास करे |

ideas

अच्छे Ideas को दिमाग में कैसे लायें |

कभी कभी अच्छे Ideas दिमाग में एकदम अर्थात अकस्मात आते हैं, तो हमें लगता है की अच्छे आईडिया दिमाग में लाने के लिए कोई ख़ास मेहनत नहीं करनी पड़ती | लेकिन यह सत्य नहीं हैं अच्छे idea को मस्तिष्क में लाने के लिए मेहनत, लगन, जूनून और तगड़े अभ्यास की जरुरत होती है | और जो कभी कभी हमें लगता है, की हमारे मस्तिष्क में अच्छे आईडिया का आवगमन अकस्मात हुआ है | वह हमें लगता अकस्मात है, लेकिन उसका प्रादुर्भाव अकस्मात नहीं बल्कि हमारी गतिविधि, क्रियाकलापों, सोच के अनुरूप ही हुआ होता है | इसलिए किसी भी मनुष्य को अच्छे Ideas दिमाग में लाने के लिए हर क्षेत्र में विशेषकर जिस क्षेत्र में व्यक्ति का कोई अनुभव हो की गहरी जानकारी होने के साथ, सकारात्मक सोच इत्यादि भी जरुरी है | उपर्युक्त बातों को मद्देनज़र रखते हुए व्यक्ति को चाहिए की वह कोई विशिष्ट आईडिया अपने दिमाग में लाये, और फिर उस Idea को अच्छा बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत, लगन, जूनून से अभ्यास करे | या इसके अलावा यह भी हो सकता है, की व्यक्ति को जिस क्षेत्र की  जानकारी और ज्ञान अधिक हो व्यक्ति उसी विषय के अनुरूप दिमाग पर जोर डाले, अब चूँकि व्यक्ति को विशिष्ट क्षेत्र सम्बन्धी जानकारी है, इसलिए हो सकता है, की व्यक्ति के दिमाग में उसी क्षेत्र से जुड़ा हुआ कोई विशिष्ट Idea अन्य विषयों के बारे में सोचने की तुलना में जल्दी आये | Ideas भी मनुष्य के अंत: करण में तभी आते हैं, जब व्यक्ति की किसी वस्तु या मकसद को पाने की इच्छाशक्ति होगी | मजबूत इच्छाशक्ति जहाँ व्यक्ति को उस मकसद को पाने हेतु परिश्रम करने को मजबूर करती है, वही परिश्रम व्यक्ति के अन्दर आत्मविश्वाश बढाने में मदद करता है, और आत्मविश्वास लगन और लगन जूनून का रूप कब धारण कर लेती है, व्यक्ति को पता ही नहीं चल पाता | बस यही वह दौर होता है, जब व्यक्ति के दिमाग में विभिन्न ideas का प्रादुर्भाव हो रहा होता है |

काल्पनिक डर को आईडिया पर हावी न होने दें |

अकसर देखा गया है की बहुत सारे लोगों के दिमाग में ideas तो आ जाते हैं, लेकिन उन Ideas को वे अमली जामा इसलिए नहीं पहना पाते, क्योंकि कहीं न कहीं उनके मन में डर रहता है की पता नहीं Idea चलेगा भी की नहीं | इसी काल्पनिक डर के कारण भी अच्छे आईडिया कभी मष्तिष्कों से बाहर आ ही नहीं पाए, इसलिए idea को अच्छे आईडिया में तब्दील करने के लिए व्यक्ति को चाहिए की वह काल्पनिक डर, और Impossible जैसे शब्दों को अपनी dictionary से delete करे |

क्या कोई आईडिया पहले से ही अच्छा आईडिया हो सकता है ?

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं, मनुष्य के दिमाग में पहले सिर्फ idea आता है न की अच्छा आईडिया | हालांकि जिसके मस्तिष्क में यह आईडिया आया होता है शुरू में सिर्फ वही व्यक्ति अपने आत्मविश्वास के बदौलत आभास कर सकता है की वह आईडिया उसके लिए अच्छा होगा या नहीं  | बाकी दुनिया के लिए तो उसका वह आईडिया, अच्छा idea तब साबित होता है, जब उस आईडिया के बदौलत व्यक्ति चहुदिशाओं में ख्याति के साथ साथ दौलत भी कमाने लगता है |  इसलिए यदि सिर्फ एक व्यक्ति जिसके मस्तिष्क में कोई idea आया हो, के नजरिये से देखें तो कोई भी आईडिया, अच्छा आईडिया उसकी उत्पति होने के समय से ही होता है, और यदि समाज के नजरिये से देखें, तो एक आईडिया तभी अच्छा आईडिया हो सकता है जब वह व्यक्ति को ख्याति, दौलत, सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है | या निकी दूसरी स्थिति में उत्पति के समय Idea सिर्फ Idea होता है | और बाद में व्यक्ति की सफलता उस idea को अच्छा आईडिया का तमगा दिलाने में मदद करती है |

क्या एक आईडिया सच में जिंदगी बदल सकता है |

पूरे विश्व में कभी भी, कहीं भी, किसी भी बिज़नेस की शुरुआत Idea पर आधारित होकर हुई है | मार्क जुकरबर्ग के लोगों को इन्टरनेट पर कुछ अलग सा Platform देने के Idea ने उन्हें उद्योगपति बना दिया, और इसी Idea ने इन्टनेट पर किताब बेचने के आईडिया से शुरू हुई Flip kart को भी बहुत कम समय में इंडिया की नामी गिरामी कंपनियों की लिस्ट में शामिल करवा दिया | ऐसे सहस्त्र उदहारण हैं, की एक idea ने लोगों की जिंदगी बदल के रख दी | वर्तमान में एक कहानी बेहद प्रचलित है की एक व्यक्ति ने जब दरवाजा खोला तो तीन संतों को अपने सामने पाया | जब व्यक्ति उनसे अन्दर चलने का आग्रह करने लगा, तब तीन संतो ने अपना अपना नाम सम्पति, ख्याति और आईडिया कहकर कहा की आप किसी एक को अपने घर के अंदर बुला सकते हो | व्यक्ति की बूढी माँ जो यह सब सुन रही थी, ने अपने बेटे को ख्याति को अन्दर लेने के लिए कहा लेकिन इतने में पत्नी ने बीच में टोकते हुए सम्पति को अन्दर लेने के लिए कहा, लेकिन व्यक्ति की बेटी ने आईडिया को घर के अन्दर लेने को कहा | जी हाँ व्यक्ति की बेटी वर्तमान समय की लड़की थी, और वह वर्तमान समय में idea की कीमत अच्छी तरह जानती थी | उसका मानना था की idea आ जायेगा तो सम्पति एवं ख्याति तो स्वतः ही आ जाएँगी | इसलिए हमें यह कहने में बिलकुल भी संकोच नहीं है, की एक idea न सिर्फ आपकी जिंदगी बदल सकता है | बल्कि आपके नाते रिश्तेदार, उठने बैठने के स्थान, लोग जिनके बीच व्यक्ति उठता बैठता हो, सभी कुछ बदलने का सामर्थ्य एक idea में समाहित रहता है |

 

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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  2. By DESHRAJ

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