Car Accessories Business Kaise Start Kare.

Car Accessories Business Kaise Start Kare.

Car accessories business से हमारा तात्पर्य उस Shop या स्टोर से हैं, जहाँ कार में उपयोग में आने वाला सामान मिलता है | India में यह चलन में भी है की जैसे जैसे लोगों की कमाई बढती जाती है उनका ध्यान आवास के बाद जिसकी तरफ अधिक जाता है वह होती है गाड़ी अर्थात कार | और जिन लोगों के पास अपनी कार होती है, वह अपने जीवन को सरल बनाने हेतु या अपनी सुविधा शौक के अनुसार Car Accessories खरीदकर उन्हें उपयोग में लाते हैं | इसके अलावा Car Accessories business इसलिए भी Successful हो सकता है क्योंकि India में युवाओं की संख्या अधिक है और युवाओं में अपनी गाड़ी को अपने शौक एवं सुविधानुसार ढालने की रूचि अधिक होती है | हालांकि पहले जहाँ यह बिज़नेस सिर्फ किसी बाज़ार में दुकान खरीदकर किया जाता था और उद्यमी को सिर्फ बाज़ार में आने जाने लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था, अब India में इन्टरनेट के बढ़ते उपयोग और लोगों की Online shopping करने की आदतों में बढ़ोत्तरी को देखते हुए Online Store बनाकर सम्पूर्ण India के ग्राहकों को Target भी किया जाने लगा |

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Car Accessories Business Kya Hai:

वैसे संक्षेप में हम ऊपर बता चुके हैं, की एक Car accessories business वह होता है, जिसमे उद्यमी कार में उपयोग होने वाला सजावट का सामान बेचकर अपनी Kamai कर रहा होता है | यह सामान उद्यमी चाहे तो कोई दुकान किसी बाज़ार में लेकर बेच सकता है, या फिर किसी Online Commerce Website में Partner बनकर या फिर स्वयं का कोई Online Portal स्थापित कर पूरे India में सामान बेच सकता है |

How to start Car accessories business in India in Hindi:

उद्यमी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की जिस बिज़नेस की हम यहाँ पर बात कर रहे हैं वह बिज़नेस बिलकुल वैसा ही किया जायेगा जैसे किसी जनरल स्टोर वाला अपना बिज़नेस कर रहा होता है | अर्थात इसमें उद्यमी को कुछ भी Manufacturing करना नहीं है बल्कि कंपनियों द्वारा Manufactured Car accessories को ग्राहकों तक पहुंचाकर अपनी कमाई करनी है इसलिए इसका Starting Process भी लगभग लगभग  परचून की दुकान खोलने जैसा हो होगा |

  1. Research is necessary:

Car Accessories business के लिए उद्यमी को जो सबसे पहले Step की आवश्यकता होगी, वह है Research | इस बिज़नेस सम्बन्धी होने वाली रिसर्च विभिन्न बातों पर आधारित होनी चाहिए |जहाँ अर्थात जिस लोकेशन पर उद्यमी बिज़नेस करने की सोच रहा है, क्या उस क्षेत्र में रहने वाले अधिकतर लोगों के पास कार है | यदि हाँ तो किस किस उम्र वर्ग के लोगों के पास कार हैं, अर्थात कार को मुख्य रूप से उपयोग में लाने वाले व्यक्ति की क्या उम्र है | यदि नहीं तो क्या वह कोई स्थानीय बाज़ार है जहाँ लोग विभिन्न प्रकार की खरीदारी करने के लिए आते रहते हैं | यदि हाँ तो लोगों की खरीदारी की आदते क्या हैं, और कितने प्रतिशत स्थानीय और कितने प्रतिशत बाहरी लोगों का उस खास मार्किट से सरोकार रहता है | इत्यादि बातों को business research करते वक्त ध्यान में रखना चाहिए, जिस लोकेशन में लोगों के पास कार अधिक होंगी, कार उपयोगकर्ता युवा अधिक होंगे, और ऐसा बाज़ार होगा जहाँ बाहर के पर्यटक या विजिटर भी कुछ समय विश्राम करते हों तो वहां इस Business के ज्यादा चलने की संभावना स्वभाविक है |

  1. Make a list of Car Accessories:

अब यदि उद्यमी ने उपर्युक्त विभिन्न बातों को ध्यान में रखकर Research कर ली हो और उद्यमी Car accessories business start करने का निर्णय ले चूका हो , तो जो दूसरा सबसे महत्वपूर्ण Step है, वह है अपने बिज़नेस के लिए Car Accessories की लिस्ट तैयार करना, यह लिस्ट तैयार होने पर उद्यमी चाहे तो इनके आगे एक और Column Add कर अनुमानित लागत भी लिख सकता है  | क्योंकि यह बिज़नेस स्टार्ट करने में जो सबसे बड़ा खर्चा होने वाला है वह है Accessories खरीदने में आने वाला खर्चा, Accessories Name के आगे अनुमानित लागत होने का फायदा यह होगा की उद्यमी अपने बिज़नेस में लगने वाले खर्चे का आसानी से अनुमान लगा पायेगा और उसके आधार पर वित्त की व्यवस्था कर पायेगा | कुछ Car accessories की list इस प्रकार है |

Car Accessories list in Hindi.

Decorative Accessories For Car Car Interior Accessories
कार ग्रेफिक डिस्प्ले मॉनिटर | स्टेयरिंग कवर स्पीकर सीट कुशन
मोबाइल होल्डर Call Phone suction mount MP3 प्लेयर Aux cable
कार स्टीकर हेडसेट हेंगर बोतल होल्डर Subwoofers
की चेन सीट बेल्ट कवर Stereo कार्गो केप
LED डोम लाइट Power Steering Knob FM Transmitter Back Seat barriers
Safety Accessories For Car Car Comfort Accessories
सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम Reversing sensors बेबी कार सीट Bead and Rattan Cool Seat
Child Seat सीट बेल्ट पैड मोबाइल चार्जर Seat Supports
GPS Navigators स्टेयरिंग ग्रिप लॉक ट्रेवल मग हेड नैक रेस्ट
पार्किंग सेंसर विज़न मिरर बैटरी चार्जर सीट हीटर
पेडल जैक Anti theft device गियर लॉक Arm rests
Exterior Accessories For Car Caring Car accessories
ब्लाइंड स्पोर्ट मिरर हैंडल कवर क्लीनिंग ब्रश फ्लोर मेट
कार लैंप साइड स्टेप टायर क्लीनर्स कार पोलिश मशीन
कार ब्रा स्पेयर टायर कवर वाटर स्प्रे जेट गन जम्प स्टार्टर
डोर गार्ड फ्रंट end गार्ड एंड ग्रिल्स Tire Gauge कारपेट dash cover
नंबर प्लेट Vehicle emblems Tubeless टायर रिपेयर किट पेट्रोल कैन्स
रूफ बॉक्स डीआरएल लाइट स्क्रैच Remover Pen कार वॉशर
हेड लाइट हिच पॉवर इनवर्टर कार शैम्पू
टेल लाइट Hood Scoops Vacuum Cleaner कार क्लीनिंग किट
टेलिगेट नेट Door Vision Side Window Deflector ग्लास क्लीनर एंटी फोग क्लीनर
  1. Make a Business Plan with approximate Expense:

प्रथम Step में उद्यमी ने Research तो दूसरे में List तैयार कर ली अब तीसरा Step यह होना चाहिए की उद्यमी सभी तत्वों जैसे दुकान का किराया, tax Registration, Purchasing Materials , Manpower hiring,  पर होने वाले अनुमानित खर्चे और कमाई एवं अपने बिज़नेस के लक्ष्यों को परिभाषित कर लक्ष्य तय कर एक प्रभावी बिज़नेस प्लान बनाये | जिससे भविष्य में वह Business operating में आने वाली कठिनाइयों का सामना कर सके |

  1. Rent A Shop and Furnish it:

    अगला कदम इस बिज़नेस की ओर किसी स्थानीय बाज़ार में किराये पर दुकान लेने का होना चाहिए | दुकान किराये पर लेते वक्त उद्यमी को अपनी आवश्यकता के अनुरूप जगह का ध्यान रखना होगा | इस समय उद्यमी चाहे तो अपने द्वारा बनाई गई Car accessories की लिस्ट पर एक नज़र यह जानने के लिए डाल सकता है की दुकान की क्षमता उसकी आवश्यकता के अनुरूप है या नहीं | दुकान किराये पर लेते वक्त Rent agreement अवश्य बना लेना चाहिए यह बिज़नेस सम्बन्धी बहुत सारी क्रियाएं जैसे Tax registration इत्यादि कराने में उद्यमी की मदद करेगा |यह क्रिया हो जाने के बाद उद्यमी को Car accessories business के लिए अपनी Shop को Furnish कराना पड़ेगा, जिसमे विभिन्न आकर की wall racks, अपने बैठने के स्थान पर शीशे लगी हुई table एवं बैठने हेतु कुर्सी Install करनी पड़ेंगी |

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  1. Hire Manpower Select supplier and start selling:

Research कर ली, Accessories की लिस्ट बना ली, बिज़नेस प्लान बना लिया, दुकान का चयन करके Furnish कर ली एवं Tax registration के लिए आवेदन कर लिया हो तो अगला कदम Manpower hiring का है वैसे Starting में यदि उद्यमी चाहे तो स्वयं अकेला भी यह काम कर सकता है, और यदि चाहे तो एक लड़का रख सकता है जो ग्राहक आने पर ग्राहकों को सामान दिखा सके | Man power Hiring के बाद Car accessories businessके लिए उद्यमी को एक Supplier का चयन करना होगा जो उसकी आवश्यकता के मुताबिक समय समय पर माल उसकी Shop तक पहुंचा सके, उद्यमी चाहे तो अलग अलग Accessories के लिए अलग अलग Suppliers का चयन कर सकता है लेकिन यह सब निर्भर करेगा, उसके द्वारा बेचीं जाने वाली Car accessories की  संख्या पर | Suppliers चयन करने के बाद Starting में उद्यमी को अपनी दुकान सभी आवश्यक Car accessories से भर लेनी चाहिए ताकि उसकी दुकान दिखने में अच्छी लगे, बाद में उद्यमी अनुमान लगा सकता है की उस क्षेत्र में कौन कौन सी Accessories अधिक बिक रही हैं उसी आधार पर सामान को Maintain रखे |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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