लाइसेंस एवं पंजीकरण

लाइसेंस एवं पंजीकरण

How to Become GST Practitioner in Hindi.

वस्तु एवं सेवा कर  के नियम में GST Practitioner का प्रावधान किया गया है | जीएसटी कानून के मुताबिक देश में जीएसटी को प्रभावी ढंग से लागू एवं जीएसटी के अंतर्गत रिटर्न फाइल करने के लिए GST Practitioner की आवश्यकता हो सकती है | चूँकि आने वाले समय में और वर्तमान में GST Practitioners बनने के बाद लोग अपनी सेवा जरूरतमंद उद्यमियों को देकर अपनी कमाई कर सकते हैं |  इसलिए आज हम अपने इस लेख के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे की यदि कोई व्यक्ति जीएसटी प्रैक्टिशनर बनकर अपनी कमाई करना चाहता हो तो उसमे कौन कौन सी शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए और यह बनने के लिए वह ऑनलाइन कैसे अप्लाई कर सकता है | हालांकि इस लेख से पहले हम वस्तु एवं सेवा कर पर विभिन्न लेख जैसे नए उद्यमियों वर्तमान उद्यमियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया, जीएसटी के तहत विभिन्न उत्पादों एवं सेवाओं पर लगने वाली कर की दरें, जीएसटी के लागू होने से कौन कौन से उत्पाद एवं सेवाएँ सस्ती एवं महंगी हो सकती हैं लिख चुके हैं | लेकिन आज का हमारा यह लेख रोजगार एवं कमाई से सम्बंधित है | GST Practitioner कौन हैं? GST Practitioner से आशय एक ऐसे व्यक्ति से

Step By Step Guide for GST New Registration.

GST के लिए ऑनलाइन New Registration करने की प्रक्रिया को दो भागों PART-A एवं PART-B में बांटा जा सकता है | यद्यपि इससे पहले भी हम जीएसटी के ऑनलाइन पंजीकरण के बारे में संक्षेप में लिख चुके हैं लेकिन आज इस लेख के माध्यम से हमारा उद्देश्य उद्यमियों को GST New Registration के लिए Step by Step Process बताने का है | तो आइये सबसे पहले इस Online Registration Process में PART-A के अंतर्गत की जाने वाली प्रक्रियाओं के बारे में जानने की कोशिश करते हैं | GST New Registration Process under PART-A GST New Registration के लिए सर्वप्रथम उद्यमी को जीएसटी की इस अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा | उसके बाद Service पर क्लिक करना होगा और उसके बाद Registration एवं New Registration पर क्लिक करना होगा जैसा की इस तस्वीर में दिखाया गया है | New registration पर क्लिक करते ही कुछ इस तरह की तस्वीर नज़र आएगी | आवेदन कर रहे व्यक्ति को यह ध्यान देना होगा की विकल्पों के आगे लाल बिंदु का मतलब यह है की यह डिटेल्स अनिवार्य रूप से भरनी है | उसके बाद New registration का चुनाव करके आवेदन कर रहे व्यक्ति को अपनी पैन कार्ड की डिटेल्स भरनी होती हैं

Import Export Code Ke Liye Online Apply Kaise Kare.

कोई भी उद्यमी जो आयात निर्यात का व्यवसाय करना चाहता है को Import Export Code यानिकी IEC की आवश्यकता हो सकती है | इसलिए ऐसे निर्माणकर्ता जो अपनी फैक्ट्री या इकाई से उत्पादित उत्पाद को विदेशों की और एक्सपोर्ट करना चाहते हैं या ऐसे उद्यमी जो किसी अन्य देश में उत्पादित उत्पाद को भारत में आयात करना चाहते हैं को चाहिए की वह कंपनी रजिस्ट्रेशन के बाद Import Export Code के लिए Apply करे ताकि वे क़ानूनी रूप से इस तरह की प्रक्रिया करने के लिए योग्य हो सकें उसके बाद उद्यमी को लागू कर प्रणाली के अंतर्गत भी अपने बिज़नेस को पंजीकृत कराना होगा | यद्यपि हम अपने पिछले लेख आयात निर्यात बिज़नेस शुरू करने के स्टेप में भी  Import Export Code के बारे में संक्षिप्त रूप से वार्तालाप कर चुके हैं | IEC यानिकी Import Export Code भारत सरकार के अधीन कार्यरत  विदेशी व्यवपार महानिदेशालय द्वारा समबन्धित व्यक्ति या कंपनी को जारी किया जाने वाला एक 10 अंको का कोड होता है | इस कोड के बिना व्यवसायिक तौर पर भारत में कोई भी व्यक्ति या कंपनी आयात निर्यात बिज़नेस नहीं कर सकते | यद्यपि इन सबके बावजूद ऐसी इकाइयाँ एवं व्यक्ति हैं जिन्हें Import Export Code

Patent Registration in India

Patent Registration की प्रक्रिया के बारे में तो हम वार्तालाप करते रहेंगे लेकिन सबसे पहले एक सरसरी निगाह डाल लेते हैं भारतवर्ष में पेटेंट अधिनियम के इतिहास पर, Patent Act की कहानी भारतवर्ष में स्वतंत्रता से भी काफी पुरानी है अर्थात भारत वर्ष में पेटेंट समबन्धि पहला विधान 1856 में क्रियान्वित किया गया | इस विधान का उद्देश्य नए और उपयोगी निर्माण के आविष्कार को प्रोत्साहित करना और आविष्कारों को अपने आविष्कारों का रहस्य प्रकट करने के लिए प्रेरित करना था, ब्रिटिश क्राउन की मंजूरी के बिना अधिनियमित होने के कारण इस अधिनियम की जगह 1857 के अधिनियम IX ने ले ली | बाद में इस अधिनियम को 1859 में संसोधित किया गया | सन 1872 में इस अधिनियम में एक और अधिनियम डिजाईनों की सुरक्षा से समबन्धित अधिनियम को समेकित कर दिया गया और इसका नाम ‘’पैटर्न और डिजाइन संरक्षण अधिनियम” रखा गया | उसके बाद भी इसमें 1883, 1888 में संसोधन हुए और 1911 में इस अधिनियम को The Indian Patents & Designs Act. की संज्ञा दी गई | उसके बाद भी भारत की स्वतंत्रता से पहले और बाद में इस अधिनियम में अनेकों बार संसोधन हुए इन अधिनियमों में अंतिम संसोधित अधिनियम The Patents (Amendment) Act 2005 है

Digital Signature Certificate के लिए ऑनलाइन अप्लाई कैसे करें |

Digital Signature Certificate का इज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में बड़ा अहम् योगदान है | कहने का आशय यह है की बहुत सारे सरकारी गैर सरकारी काम जो एक बिज़नेस चलाने के लिए करने पड़ते हैं, सरकार द्वारा उन अधिकतर कामों को Ease Of Doing Business के चलते ऑनलाइन कर दिया है और यह ऑनलाइन करने की प्रक्रिया आगे भी जारी है | इन्ही सब महत्वपूर्ण कार्यों को ऑनलाइन अंजाम देने के लिए किसी कंपनी के प्राधिकृत व्यक्ति को Digital Signature Certificate (DSC)  की आवश्यकता होती है | वर्तमान में DSC का उपयोग कंपनी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में, ऑनलाइन इनकम टैक्स Return भरने में, E Tendering, DIN लेने, EPFO के साथ ऑनलाइन रजिस्टर कराने एवं विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने इत्यादि में उपयोग में लाया जाता है | भारतवर्ष में Digital Signature Certificate जारी करने का अधिकार सिर्फ लाइसेंस प्रमाणित प्राधिकारी को होता है | certifying authority एक प्राधिकृत व्यक्ति या कंपनी होती है जिसे DSC जारी करने का भारत सरकार के सम्बन्धित विभाग से लाइसेंस प्राप्त हुआ होता है | Digital Signature Certificate Kya Hai: Digital Signature इलेक्ट्रॉनिक रूप में भौतिक हस्ताक्षर होते हैं, वर्तमान में विभिन्न बिज़नेस सम्बन्धी कार्यों को ऑनलाइन निपटाने हेतु उद्यमियों या कंपनियों को