Yojana

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India Post Franchise Scheme (डाक विभाग के साथ बिज़नेस करके कमाई करने का मौका)

India Post Franchise Scheme की अवधारणा भारतवर्ष में भारतीय डाक की पहुंच को हर क्षेत्र चाहे वह ग्रामीण हो या शहरी तक करने की है | हालांकि यह सत्य है की दुनिया में भारतीय डाक नामक यह नेटवर्क सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके पूरे देश में 1.55 लाख से अधिक डाकघर स्थापित हैं | लेकिन इसके बावजूद डाकघरों की मांग जारी है इसी प्रकार की मांग को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के उद्देश से डाक विभाग द्वारा India Post Franchise Scheme की शुरुआत की गई है जिससे इच्छुक व्यक्ति भारतीय डाक के साथ अपना बिज़नेस शुरू करके जरुरतमंदो को डाक सेवाएँ उपलब्ध करा सकें | यह डाकघर विभाग द्वारा शुरू की गई योजना शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में डाक सुविधाओं को विस्तृत कराने के उद्देश से चलाई गई है कहने का आशय यह है की यह India Post Franchise Scheme किसी क्षेत्र विशेष के लिए नहीं अपितु सम्पूर्ण भारत के लिए है | इस योजना के तहत दो तरह की Franchise की अवधारणा रखी गई है | उन क्षेत्रों में जहाँ डाक सेवाओं की मांग है लेकिन वहां कोई डाकघर नहीं खुला है में Franchise आउटलेट के माध्यम से डाक काउंटर सेवाएँ उपलब्ध कराने की अवधारणा |

Niryat Bandhu Scheme in Hindi.

Niryat Bandhu Scheme भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा चलाई गई एक योजना है जिसका लक्ष्य पहली पीढ़ी के उद्यमियों एवं IEC होल्डर को आयात निर्यात बिज़नेस सम्बन्धी प्रशिक्षण एवं सलाह प्रदान करना है | भारत में अंतराष्ट्रीय बिज़नेस शुरू करने के लिए भारत सरकार में विदेश व्यापार महानिदेशालय पहला संपर्क बिंदु है | कोई भी व्यक्ति जो अंतराष्ट्रीय व्यापार शुरू करना चाहता है उसके लिए सबसे पहले Import Export Code (IEC) के लिए आवेदन करना आवश्यक हो जाता है | एक आंकड़े के मुताबिक Directorate General of Foreign trade प्रति वर्ष लगभग 60000 IEC जारी करता है | तत्पश्चात IEC holder विदेशी व्यवपार निति के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु DGFT से संपर्क करते हैं | महानिदेशालय के अनुभव के अनुसार सामान्य तौर पर नए उद्यमियों में अन्तराष्ट्रीय बिज़नेस करने के लिए आवश्यक जरुरी Skills की भारी कमी देखने को मिलती है | इसी बात के मद्देनज़र भारत सरकार ने पहली पीढ़ी के उद्यमियों के लिए 13 October 2011 को Niryat Bandhu Scheme की घोषणा की | इस योजना में निर्यात बंधु से आशय सरकार या DGFT द्वारा नियुक्त ऑफिसर से है जो इच्छुक व्यक्ति एवं उद्यमियों को अन्तराष्ट्रीय व्यवपार के क्षेत्र में सलाह देने का काम

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana की जानकारी हिन्दी में |

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana को भारत सरकार द्वारा BPL परिवारों से जुडी महिलाओं को Oil Marketing Companies के माध्यम से मुफ्त में अर्थात Free LPG Connection देने के उद्देश्य से 1 April 2016 से शुरू किया गया है | यदि हम वास्तविकता के पटल पर झाँकने की कोशिश करेंगे तो हम पाएंगे की भारत के शहरी, नगरीय इलाकों में तो LPG (Liquefied Petroleum Gas) का उपयोग लगभग हर आवास में किया जाता है, लेकिन ग्रामीण भारत में स्थिति इसके उलट है | कहने का तात्पर्य यह है की ग्रामीण भारत में आज भी अधिकतर घरों में ईधन के रूप में मुख्य रूप से लकड़ी या गोबर के उपलों या फिर अन्य स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह ईधन का उपयोग किया जाता है | इसका मुख्य कारण जहाँ लोगों में जागरूकता का अभाव है वही BPL परिवारों की आर्थिक स्थिति भी उन्हें LPG Connection खरीदने से रोकती है | लकड़ी या गोबर के उपलों चालित चूल्हों से निकलने वाला धुँआ स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह होता है, जो मुख्य रूप से घरों की महिलाओं एवं बच्चो के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है | इसी बात के मद्देनज़र भारत सरकार ने BPL परिवारों से जुड़ी महिलाओं के लिए Pradhan Mantri

Lucky Grahak and Digi Dhan Vyapar Yojana

Lucky Grahak Yojana और Digi Dhan Vyapar Yojana की घोषणा NITI Aayog द्वारा देश में Cashless Economy को प्रोत्साहित करने हेतु की गई है | एक आंकड़े के मुताबिक India में 95% तक लोग व्यक्तिगत खर्चे कैश के माध्यम से करते हैं | लोगों की यही आदत एक अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का निर्माण करती है और राज्य की कर लगाने की क्षमता को सिमित करती है, अर्थव्यवस्था में Cash के बढ़ते प्रचलन से कर चोरी, Black Money, Fake Money, अर्थव्यवस्था की सही माप उपलब्ध न होना एवं अनेक समस्याओं को बढ़ावा मिलता है | इन्ही सब समस्याओं से निपटने और ग्राहकों को Cashless Transaction की ओर प्रेरित करने के लिए NITI Aayog ने Lucky Grahak Yojana और Digi Dhan Vyapar Yojana दो योजनाओं की घोषणा की है | Lucky Grahak Yojana and Digi Dhan Vypar Yojana Kya Hai: सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की Lucky Grahak Yojana and Digi Dhan Vypar Yojana दोनों अलग अलग योजनायें हैं | पहली योजना जहाँ ग्राहकों को Cashless Transaction की ओर प्रोत्साहित करने के लिए है वही दूसरी योजना Digi Dhan Vyapar Yojana विक्रेताओं अर्थात व्यापरियों को अपने ग्राहकों को Cashless Transaction के लिए साधन मुहैया कराने हेतु प्रोत्साहित करने के

प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना |

प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना का अधिकारिक नाम प्रधान मंत्री आवास योजना – ग्रामीण यानिकी (PMAYG) है | यद्यपि यह योजना पूर्व में चल रही इंदिरा आवास योजना का ही पुर्नोथातित रूप है, जिसे 23 March 2016 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट से स्वीकृति प्राप्त हुई | प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण का लक्ष्य बेघर एवं जीर्ण शीर्ण घरों में रहने वाले लोगों को पक्का घर बनाने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है | भारत में ग्रामीण इलाकों में घरों से बंचित जीर्ण शीर्ण मकानों में रह रहे एवं खास तौर पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मकान बनाने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 1996 में इंदिरा आवास योजना नामक एक कार्यक्रम चलाया गया | जो ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सम्बन्धी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तटस्थ योजना थी | लेकिन वर्ष 2014 में CAG (comptroller and auditor general India)  के audit के दौरान इसमें बहुत सारी कमियों जैसे लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता की कमी, घरों की गुणवत्ता में कमी, किस क्षेत्र में कितने मकानों की आवश्यकता है का निर्धारण न कर पाना, लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध न हो पाना, कमजोर निगरानी प्रणाली