Yojana

Yojana

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana की जानकारी हिन्दी में |

Pradhan Mantri Ujjwala Yojana को भारत सरकार द्वारा BPL परिवारों से जुडी महिलाओं को Oil Marketing Companies के माध्यम से मुफ्त में अर्थात Free LPG Connection देने के उद्देश्य से 1 April 2016 से शुरू किया गया है | यदि हम वास्तविकता के पटल पर झाँकने की कोशिश करेंगे तो हम पाएंगे की भारत के शहरी, नगरीय इलाकों में तो LPG (Liquefied Petroleum Gas) का उपयोग लगभग हर आवास में किया जाता है, लेकिन ग्रामीण भारत में स्थिति इसके उलट है | कहने का तात्पर्य यह है की ग्रामीण भारत में आज भी अधिकतर घरों में ईधन के रूप में मुख्य रूप से लकड़ी या गोबर के उपलों या फिर अन्य स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह ईधन का उपयोग किया जाता है | इसका मुख्य कारण जहाँ लोगों में जागरूकता का अभाव है वही BPL परिवारों की आर्थिक स्थिति भी उन्हें LPG Connection खरीदने से रोकती है | लकड़ी या गोबर के उपलों चालित चूल्हों से निकलने वाला धुँआ स्वास्थ्य की दृष्टि से नुकसानदेह होता है, जो मुख्य रूप से घरों की महिलाओं एवं बच्चो के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है | इसी बात के मद्देनज़र भारत सरकार ने BPL परिवारों से जुड़ी महिलाओं के लिए Pradhan Mantri

Lucky Grahak and Digi Dhan Vyapar Yojana

Lucky Grahak Yojana और Digi Dhan Vyapar Yojana की घोषणा NITI Aayog द्वारा देश में Cashless Economy को प्रोत्साहित करने हेतु की गई है | एक आंकड़े के मुताबिक India में 95% तक लोग व्यक्तिगत खर्चे कैश के माध्यम से करते हैं | लोगों की यही आदत एक अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का निर्माण करती है और राज्य की कर लगाने की क्षमता को सिमित करती है, अर्थव्यवस्था में Cash के बढ़ते प्रचलन से कर चोरी, Black Money, Fake Money, अर्थव्यवस्था की सही माप उपलब्ध न होना एवं अनेक समस्याओं को बढ़ावा मिलता है | इन्ही सब समस्याओं से निपटने और ग्राहकों को Cashless Transaction की ओर प्रेरित करने के लिए NITI Aayog ने Lucky Grahak Yojana और Digi Dhan Vyapar Yojana दो योजनाओं की घोषणा की है | Lucky Grahak Yojana and Digi Dhan Vypar Yojana Kya Hai: सबसे पहले यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की Lucky Grahak Yojana and Digi Dhan Vypar Yojana दोनों अलग अलग योजनायें हैं | पहली योजना जहाँ ग्राहकों को Cashless Transaction की ओर प्रोत्साहित करने के लिए है वही दूसरी योजना Digi Dhan Vyapar Yojana विक्रेताओं अर्थात व्यापरियों को अपने ग्राहकों को Cashless Transaction के लिए साधन मुहैया कराने हेतु प्रोत्साहित करने के

प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना |

प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना का अधिकारिक नाम प्रधान मंत्री आवास योजना – ग्रामीण यानिकी (PMAYG) है | यद्यपि यह योजना पूर्व में चल रही इंदिरा आवास योजना का ही पुर्नोथातित रूप है, जिसे 23 March 2016 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट से स्वीकृति प्राप्त हुई | प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण का लक्ष्य बेघर एवं जीर्ण शीर्ण घरों में रहने वाले लोगों को पक्का घर बनाने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करना है | भारत में ग्रामीण इलाकों में घरों से बंचित जीर्ण शीर्ण मकानों में रह रहे एवं खास तौर पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मकान बनाने हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 1996 में इंदिरा आवास योजना नामक एक कार्यक्रम चलाया गया | जो ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सम्बन्धी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तटस्थ योजना थी | लेकिन वर्ष 2014 में CAG (comptroller and auditor general India)  के audit के दौरान इसमें बहुत सारी कमियों जैसे लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता की कमी, घरों की गुणवत्ता में कमी, किस क्षेत्र में कितने मकानों की आवश्यकता है का निर्धारण न कर पाना, लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध न हो पाना, कमजोर निगरानी प्रणाली

Pradhan Mantri Awas Yojana (PMAY) In Hindi

Pradhan Mantri Awas Yojana पर बात करने से पहले हमें इस Yojana को संचालित करने की जरुरत क्यों पड़ी, उसके बारे में जानना जरुरी है | आइये हम एक कहानी के माध्यम से इसे समझने की कोशिश करते हैं |अपने माँ बाप की इकलौती बेटी थी वह, पापा सेना से रिटायर्ड थे | घर में तीन लोग थे वो और उसके माँ बाप, कभी शादी की बाद आती थी, तो वह बोल उठती थी पापा मम्मी मैं आपको छोड़कर कहीं नहीं जाउंगी | लेकिन मां पापा को क्या पता था की यह तो अपने दिल में किसी और को ही स्थान दे चुकी है | बेटी की बढ़ती हुई उम्र को देखते हुए माँ बाप भी भला कब तक उसकी बात खेल खेल में लेते | तो एक बार पापा ने गंभीरता से अपनी लाड़ली को पूछ ही लिया | और वह भी घबरा गई, और बोल पड़ी हां में एक लड़के से प्यार करती हूँ और उसी से शादी करने वाली हूँ | पापा और मम्मी की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था | उसने लड़के को माता पिता से मिलाया उनको अच्छा लगा | शादी से पहले लड़की ने लड़के के सामने शर्त रखी की मैं अपने माँ

Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana

Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana (DDUGKY) ग्रामीण विकास मंत्रालय की देखरेख में Placement से जुड़ा हुआ कौशल प्रशिक्षण Program है | इस स्कीम की घोषणा 25 September 2014 को की गई थी, भारत सरकार की महत्वकांक्षा 2022 तक इस देश के अधिकतम युवाओं में कौशल पैदा करके विश्व को पड़ने वाली Work force की आवश्यकता को पूर्ण करना है | बहुत सारे देशों में उम्र बढ़ने की समस्या लगातार बनी हुई है इसलिए भविष्य में इन देशों में काम करने वाले लोगों की भारी कमी हो सकती है | deen dayal upadhyaya grameen kaushalya yojana का लक्ष्य India में दक्ष श्रमिकों की फौज तैयार करना है ताकि आने वाले समय में इंडिया को एक Skill hub के रूप में देखा जाय, और विश्व में आने वाली दक्ष श्रमिकों की आवश्यकता को पूर्ण किया जा सके |  2011 की जनगणना के अनुसार भारतवर्ष में 15-35 वर्ष के बीच लगभग 5 करोड़ 50 लाख गरीब ग्रामीण युवाओं को आंशिक workers के रूप में देखा जा चूका है, जिन्हें नियमित रोजगार देने के उद्देश्य से उन्हें दक्ष बनाना है | इस प्रकार जहाँ Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana गरीबी उन्मूलन में सहायक होगी वही मेक इन इंडिया कार्यक्रम में भी