Cricket Ball Manufacturing Business

Cricket Ball Manufacturing Business

Cricket Balls manufacturing business के बारे में बात करने से पहले यह बात करना बेहद जरुरी हो जाता है की हम अपनी पिछली पोस्ट में क्रिकेट का बल्ला बनाने के बिज़नेस के बारे में बात कर चुके हैं | जैसा की हम सभी जानते हैं वर्तमान में क्रिकेट भारतवर्ष में ही नहीं अपितु अन्तराष्ट्रीय स्तर पर एक बेहद प्रचलित खेल है | इसमें मुख्य रूप से दो साधनों क्रिकेट बैट, एवं क्रिकेट बाल की अवश्य आवश्यकता होती है ग्रामीण इलाकों में युवा घरेलू क्रिकेट खेलते वक्त सिर्फ दो साधनों का ही ध्यान रखते हैं वह Cricket Ball एवं बैट है | हालांकि टूर्नामेंट इत्यादि में क्रिकेट खेलने के लिए पूरी क्रिकेट किट की आवश्यकता होती है जिसमे स्टंप, Gloves, Elbow, Helmet, Pet इत्यादि साधन सम्मिलित होते हैं | इन सबके बिना घरेलू क्रिकेट खेला जा सकता है लेकिन बैट एवं Cricket Ball के बिना यह संभव नहीं है इसी बात के मद्देनज़र आज हम Cricket Ball Manufacturing business पर वार्तालाप करेंगे |

Cricket Ball Manufacturing

Cricket Balls Manufacturing Business Kya Hai:

Cricket Ball से हमारा आशय क्रिकेट खेलने के दौरान उपयोग में लायी जाने वाली गेंद से है | इस गेंद का बाहरी आवरण Leather से निर्मित होता है वर्तमान में भारतवर्ष में Cricket Balls का निर्माण मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ एवं पंजाब के जालंधर में किया जाता है | भारतवर्ष में यह खेल अन्य देशों की तुलना में कुछ ज्यादा ही पोपुलर है इसलिए Cricket Ball Manufacturing business में यहाँ संभावनाएं ही संभावनाएं हैं | भारत की अत्यधिक जनसँख्या युवा होने के कारण उनका रुझान एवं रूचि क्रिकेट के खेल के प्रति बेहद ज्यादा है और यही कारण है की जब भी किसी युवा को क्रिकेट खेलने का मौका मिलता है वह अवश्य खेलता है | इसलिए यह स्वभाविक है की लोगों को जितना अधिक क्रिकेट खेलना पसंद होगा उतना अधिक लोग क्रिकेट खेलेंगे और उन्हें उतने अधिक Cricket Balls खरीदने की आवश्यकता होगी | किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने हेतु Cricket Balls का निर्माण करना Cricket Balls Manufacturing business कहलाता है |

Market Potential in Cricket Balls Manufacturing:

यद्यपि जैसा की हम पहले भी बात कर चुके हैं की भारतवर्ष में Cricket Balls की Manufacturing कुछ स्थान विशेषों जैसे उत्तर प्रदेश के मेरठ एवं पंजाब के जालंधर में की जाती है | और जबकि क्रिकेट सम्पूर्ण भारतवर्ष से लेकर अन्तराष्ट्रीय स्तर तक पर खेला जाने वाला एक लोकप्रिय खेल है | इसलिए Cricket Ball Manufacturing business भारत के अन्य भागों में भी की जा सकती है | वर्ष 2013 के एक आंकड़े के मुताबिक भारतवर्ष में लगभग 90 इकाइयाँ Cricket Balls Manufacturing Business में संलिप्त थी जिनमे एक इकाई में लगभग 10-30 कर्मचारी कार्यरत थे | गुणवत्तायुक्त Cricket Balls का निर्माण करके बहार देशों की ओर इनका निर्यात  भी किया जा सकता है | एक आंकड़े के मुताबिक इंडिया में Cricket Balls की डिमांड इस गति से बढ़ रही है की प्रत्येक वर्ष लगभग 10-15 नई इकाइयाँ और स्थापित की जा सकती हैं | इसलिए इस बिज़नेस में प्रति वर्ष लगभग 10-15 नए उद्यमियों के लिए अवसर निकलते रहते हैं और सैकड़ों लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलते हैं |

Required Machinery and Raw Materials for Cricket Balls Making:

Cricket Ball Manufacturing में मुख्य रूप से प्रयुक्त किया जाने वाला Raw materials leather, धागा, Cork , पोलिश और ऊन है | इस बिज़नेस में प्रयोग में लायी जाने वाली मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट निम्नवत है |

  • Core seasoning oven with Motor
  • Thermostat power control
  • Cricket Ball को गोल करने एवं Cup Pressing के लिए Power operated press मोटर के साथ |
  • स्टाम्पिंग के लिए Stamping press thermostatic control के साथ |
  • अन्य उपकरण जैसे Bench vices, rounding press metal moulds के साथ, Stitching frames,  Katori press, टेस्टिंग उपकरण इत्यादि |

Raw Materials की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • आयातित कॉर्क लकड़ी (Cork wood imported)
  • ऊनी धागा ( Woolen yarn)
  • Leather vegetable tanned
  • रबर का गोला
  • Rang Kat (Sod. Hydro sulphate)
  • Totary (Tartaric acid)
  • लाल रंग
  • Tallow
  • सरसों का तेल
  • धागा
  • Leather cutting
  • Synthetic glue.
  • Lacquer/paint
  • थिनर
  • Stamping foil.
  • Card board boxes
  • Tarred paper
  • पॉलिथीन बैग
  • Polythene sheeting
  • सुतली
  • Strap fixer
  • Poly strip

Cricket Balls Manufacturing Process:

Cricket Ball manufacturing के लिए वनस्पति Tanned चमड़े का उपयोग किया जाता है | चमड़े का चयन करते वक्त इस बात का ध्यान रखना पड़ता है की leather अच्छे ढंग से tanned किया हुआ हो एवं उसको काटने की सही विधि अपने गई हो | Cricket balls manufacturing में काम आने वाले अन्य कच्चे माल जैसे धागे, Cork, Polish एवं उन का इस्तेमाल Balls की गुणवत्ता के आधार पर अंतरित की जा सकती है | Leather की cutting Manually या फिर Mechanical process दोनों तरह से अंजाम दिया जा सकता है | इसमें leather के दो भागों को एक साथ सिल दिया जाता है लेकिन इसे सिलते वक्त इस बात का ध्यान रखना बेहद जरुरी होता है की सिलने में 25-26 stitches से अधिक नहीं होने चाहिए वरना leather फट भी सकता है | Cricket balls की manufacturing में क्वालिटी बेहद अहम् है इसलिए balls बनाते समय बेहद सावधानियां बरतनी पड़ती हैं | इसमें जो सबसे महत्वपूर्ण परत होती है वह यह है की जो परत cork और ऊन का उपयोग करके तैयार की जाती है | इसमें यह ध्यान रखना पड़ता है की quilt का भार समान रहे | quilt forms कर लेने के बाद उसे सूखाने की जरुरत होती है इस प्रक्रिया को electric drying की मदद से अंजाम दिया जा सकता है | उसके बाद इन्हें दो टुकड़ों में काट लिया जाता है और फिर सिल दिया जाता है उसके बाद half cup बनाने के लिए Hand Operated Hydraulic press की मदद ली जा सकती है | Half cup बनाने में इस बात का ध्यान रखना बेहद जरुरी है की किसी प्रकार की सलवटें न आने पाए | उसके बाद dried quilt को half cup के अन्दर फिट कर दिया जाता है | उसके बाद दोनों साइड से Cricket Balls को सिलने के लिए 80-82 stitches लगाये जाते हैं | उसके बाद आकार देने के लिए इसको Mould Holding Clamps की सहायता लेकर Clamped किया जाता है | उसके बाद Cricket balls में heated stamping press की मदद से stamping की जाती है | और Cricket Balls को डिब्बों में पैकेजिंग करके मार्किट में बेचकर कमाई की जाती है |

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