नौकरी छोड़ने के बाद PF कैसे निकालें |

नौकरी छोड़ने के बाद PF कैसे निकालें |

कोई भी नौकरीपेशा व्यक्ति अपनी Job leaving के बाद EPF withdrawal की ओर कदम बढाता है, लेकिन बहुत सारे व्यक्तियों को संशय हो जाता है की आखिर वे अपना PF withdraw करें तो कैसे करें | हालांकि यह सब काम कंपनी के Human Resource department (HR) द्वारा Handle किया जाता है, लेकिन बहुत  सारे मौकों पर नियोक्ता EPF withdrawal कराने में कर्मचारी की मदद नहीं करते हैं, इसके बहुत सारे कारण जैसे Notice period completion के बिना व्यक्ति ने काम छोड़ दिया हो, या कर्मचारी ने कंपनी के किसी स्टाफ से Misbehave किया हो और उसके चलते कंपनी ने कर्मचारी को काम से निकाल दिया हो अनेकों कारण हो सकते हैं | इसलिए आज हम बात करेंगे की After Leaving the Job PF निकालने के कौन कौन से तरीके हैं | इन PF withdraw के तरीको को आजमाकर कोई भी व्यक्ति अपना जमा हुआ Employee Provident Fund  आसानी से निकाल सकता है | हालांकि हमारा मानना है की यदि व्यक्ति को पैसों की आवश्यकता नहीं हो, अर्थात वह एक Job leaving के बाद यदि कोई new job join कर रहा हो तो व्यक्ति को PF के पैसे इसलिए withdraw नहीं करने चाहिए क्योंकि इसमें 8.75% तक ब्याज मिलता है | और जितना अधिक समय पैसे EPFO में जमा रहेंगे उतना अधिक ब्याज मिलने की संभावना होती है | इसके अलावा और भी कारण हैं जो साफ़ तौर पर इशारा कर रहे होते हैं की यदि आवश्यकता न हो तो EPF withdrawal नहीं कराना चाहिए | इन कारणों पर हम इस आर्टिकल के अंत में नज़र डालेंगे लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की After leaving job pf कैसे निकालें |

epf-withdrawal-process-in-hindi

  1. Naya Form Bharkar EPF withdrawal:

इस EPF withdrawal method में कर्मचारी को अपना withdrawal from नियोक्ता से Attest कराने की आवश्यकता नहीं होती है | जो की PF धारकों के लिए बहुत बड़ा फायदा है | यह EPF withdrawal method सिर्फ और सिर्फ उन PF खाताधारकों के लिए है जिन्होंने अपना आधार कार्ड UAN Portal के माध्यम से अपने Universal Account Number  से लिंक कराया हुआ है, और जब नियोक्ता द्वारा इस आधार नंबर को प्रमाणीकृत कर लिया जाता है तो कर्मचारी को PF withdrawal कराते वक्त Form attest कराने की आवश्यकता नहीं होती है | इसलिए किसी भी EPF खाताधारक को चाहिए की वह अपना आधार कार्ड UAN से Job करने के दौरान ही लिंक कर दे, ताकि भविष्य में उसे समस्याओं का सामना न करना पड़े | इस EPF withdrawal method के अंतर्गत निम्न steps लिए जा सकते हैं |

  • अपने आधार कार्ड को UAN से लिंक कीजिये |
  • आधार कार्ड को नियोक्ता द्वारा प्रमाणीकृत कराएँ |
  • नए EPF withdrawal form को Internet से download कीजिये |
  • अब इस फॉर्म में डिटेल्स भरकर इसको EPFO ऑफिस में जमा कराएँ |
  1. Purana Form Fill Karke PF withdrawal:

इस EPF withdrawal method में कर्मचारी को PF निकालने के लिए Form 19 और यदि कर्मचारी की सेवा का समयकाल 10 वर्षों से कम का है तो Pension Amount withdraw करने के लिए Form 10-C भरकर उस फॉर्म को अपने नियोक्ता से Attest कराके EPFO Office में जमा कराना पड़ेगा | इसके अलावा यदि निकाला जाने वाला Amount 50000 से अधिक हो तो कर्मचारी को चाहिए की वह Form 15G भी भरकर जमा करे ताकि Tax में कुछ Relief मिल पाय | और हाँ 10 वर्षों से अधिक का कार्यकाल करने वाले कर्मचारी सिर्फ EPS Scheme के अंतर्गत पेंशन पाने के अधिकारी होंगे अर्थात वे अपना पेंशन फण्ड में जमा हुआ अमाउंट withdraw नहीं करा सकते | इस EPF withdrawal method को अमल में लाने के लिए कर्मचारी को Cancel Cheque, आधार कार्ड की प्रति, पैन कार्ड की प्रति Form 19, 10-C, 15-G के साथ संग्लन करनी पड़ती है | और इनके अलावा निम्नलिखित जरुरी details withdrawal form में भरनी पड़ती है |

  • PF account No./UAN No.
  • नौकरी ग्रहण करने की तिथि |
  • नौकरी छोड़ने की तिथि |
  • वह बैंक खाता नंबर जो नियोक्ता द्वारा पंजीकृत किया गया हो |
  • बैंक शाखा का पूरा पता, बैंक का नाम एवं IFSC Code |

उपर्युक्त EPF withdrawal method में कर्मचारी को EPF withdrawal Form 19, EPS Claim Form 10-C, Form 15 G डाउनलोड करके उसका प्रिंट आउट निकालकर और आवश्यकतानुसार इनमे सारी details भरकर  कंपनी के Human Resource (HR) department में attest कराने के लिए जमा करा सकता है | उसके बाद बहुत सारे नियोक्ता उस फॉर्म को PF office में खुद ही भेजते हैं लेकिन कुछ नियोक्ता कर्मचारी को बुलाकर attested form दे देते हैं और उसके बाद कर्मचारी खुद PF office में जाकर उसे जमा कराता है |

EPF Withdrawal Kyu Nahi Karana Chahiye.

जैसा की हम इस आर्टिकल के पहले दृश्य में बता चुके हैं की यदि जरुरत न हो तो EPF withdrawal से बचना चाहिए, वह इसलिए क्योकि दीर्घावधि के लिए PF Amount जमा रहने के विभिन्न फायदे हैं जिनका विवरण हम निम्नवत दे रहे हैं |

  • चूँकि EPF एक प्रकार का सेवानिवृत्ति कोष है, इसलिए यह पैसा व्यक्ति के बुढ़ापे अर्थात जब व्यक्ति कुछ काम धन्धा करने की स्थिति में नहीं होता है तब काम आ सकता है |
  • यदि व्यक्ति Job Leaving के बाद कोई दूसरी Job पकड रहा हो तो उसको EPF withdrawal के बजाय EPF transfer करा लेना चाहिए | यह काम व्यक्ति ऑनलाइन भी कर सकता है |
  • 5 साल तक लगातार PF जमा होने के बाद EPF withdrawal करते वक्त यह अमाउंट Tax exempted हो जाता है |
  • यदि EPF account में पैसा जमा होता रहेगा तो इस आधार पर व्यक्ति को जरुरत पड़ने पर लोन भी मिल सकता है |
  • EPF Amount पर भारत सरकार द्वारा 8. 75% की दर से ब्याज दिया जाता है, जिससे Amount साल हर साल बढ़ता जाता है |हालांकि ब्याज दर समय के अनुरूप ऊपर नीचे होती रहती है |

EPF withdrawal karate wakt kin baton Ka Dhyan Rakhe:

EPF withdrawal कराते वक्त इस बात का ध्यान रखना बेहद जरुरी है की यह प्रक्रिया पैसे के लेन देन से जुड़ी हुई प्रक्रिया है | इसलिए EPFO द्वारा विभिन्न औपचारिकतायें यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती हैं की पैसा सही व्यक्ति को ही मिले | इसलिए EPFO उसके पास उपलब्ध details और EPF withdrawal करते समय कर्मचारी द्वारा भरी गई details का आपस में मिलान करता है | और यदि कोई भी अंतर दोनों में नज़र आता है तो कर्मचारी का PF withdrawal from reject हो सकता है | इसलिए जिन कर्मचारियों का UAN no. आधार कार्ड से लिंक है, उनके PF withdrawal form के रिजेक्ट होने की संभावना दूसरी प्रक्रिया की तुलना में कम होती है |

यह भी पढ़ें :-

  • कर्मचारी को चाहिए की वह अपना UAN अपने नियोक्ता से या EPF number के आधार पर Online Generate करे क्योंकि 1 जनवरी 2014 के बाद नौकरी छोड़ने वालों के लिए EPF withdrawal method में UAN की details देना अनिवार्य है |
  • EPFO को दिया गया नाम और बैंक के खाते में नाम एक ही होना चाहिए |
  • जन्मतिथि, पिता का नाम इत्यादि पहचान पत्र से मिलनी चाहिए |
  • नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के नौकरी छोड़ने की तिथि EPFO में Update करनी चाहिए, और उसका Record अपने पास Maintain करके रखना चाहिए |
  • कर्मचारी को चाहिए की Job Join करने की तिथि, नौकरी छोड़ने की तिथि Human resource department (HR) से पता करके ही भरे | क्योंकि इस details के Mismatch होने पर भी EPF withdrawal from reject हो सकता है |
The following two tabs change content below.
मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Comments

  1. By Mukesh Lothia

    Reply

  2. By ajeet kumar

    Reply

  3. By ajeet kumar

    Reply

  4. By chintannathvani

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


*