FSSAI Information In Hindi.

FSSAI Information In Hindi.

FSSAI यानिकी Food Safety and Standards Authority of India भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संगठन है | भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की स्थापना Food Safety and Standards Act 2006 के अंतर्गत सुरक्षा एवं विनयमन की दृष्टी से की गई है | इसलिए कहा जा सकता है की विनियमन एवं पर्यवेक्षण के माध्यम से FSSAI लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एवं उसे बेहतर बनाने का काम करती है | कहने का आशय यह है की  Food Safety and Standards Authority of India खाद्य पदार्थो/सामग्री का उत्पादन करने वाली इकाइयों पर नियंत्रण एवं निगरानी रखती है | इसलिए जब किसी उद्यमी द्वारा इस प्रकार का कोई बिज़नेस किया जाता है तो उसे FSSAI से लाइसेंस लेना अति आवश्यक है | Food Safety and Standards act 2006 का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा एवं मानकों की दृष्टि से आवश्यक सभी मामलों के लिए किसी एक संगठन की स्थापना करने का था |

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FSSAI की स्थापना:

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की FSS ACT 2006 का मुख्य लक्ष्य विभिन्न स्तरों, विभागों के खाद्य सुरक्षा एवं मानकों के कार्य को किसी एक संगठन का निर्माण करके उसको पूर्ण रूप से सौंप देने का था | इसी के चलते भारत सरकार ने 5 September 2008 को Food Safety and Standards Authority of India की स्थापना की | FSSAI की स्थापना इसलिए भी की गई है ताकि खाद्य सम्बन्धी मामलों के लिए एक ही संस्था हो और खाद्य का निर्माण करने वाले निर्माण कर्ताओं, व्यपारियों, निवेशको एवं ग्राहकों को किसी प्रकार की उलझन न हो |

FSS ACT 2006 के अंतर्गत FSSAI के Functions:

FSS Act 2006 के अंतर्गत FSSAI के कुछ अनिवार्य Functions निम्नवत हैं |

  • खाद्य सम्बन्धी आलेखों के संबंध में मानदंडों और दिशानिर्देशों को निर्धारित करने के लिए विनियमों के निर्धारण और इस प्रकार अधिसूचित विभिन्न मानकों को लागू करने की उचित व्यवस्था को निर्दिष्ट करना।
  • खाद्य सम्बन्धी व्यवसायों के लिए खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के प्रमाणीकरण में लगे प्रमाणन निकायों के प्रमाणीकरण के लिए तंत्र और दिशानिर्देश यानिकी Guidelines तैयार करना।
  • Laboratory अर्थात प्रयोगशालाओं के प्रमाणीकरण और मान्यताप्राप्त प्रयोगशालाओं की अधिसूचना के लिए प्रक्रिया और दिशानिर्देशों को निर्धारित करना।
  • खाद्य सुरक्षा और पोषण के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों में नीति और नियमों को तैयार करने के मामलों में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को वैज्ञानिक सलाह और तकनीकी सहायता प्रदान करना।
  • भोजन की खपत, घटनाओं और जैविक जोखिम का प्रसार, भोजन में दूषित पदार्थ, विभिन्न अवशेषों, खाद्य पदार्थों में प्रदूषकों, उभरती जोखिमों की पहचान और तेजी से चेतावनी प्रणाली की शुरूआत के बारे में आंकड़े इकट्ठा और संगृहीत करना भी FSSAI का प्रमुख Function है।
  • देश भर में सूचना नेटवर्क का निर्माण करना ताकि सार्वजनिक, उपभोक्ता, पंचायत आदि खाद्य सुरक्षा और चिंता के मुद्दों के बारे में तेजी से, विश्वसनीय और उद्देश्यपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें।
  • ऐसे व्यक्तियों/उद्यमियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Program) की व्यवस्था करना, जो खाद्य सम्बन्धी व्यवसायों में शामिल हैं या खाद्य व्यवसायों में शामिल होने का इरादा रखते हैं।
  • खाद्य, स्वच्छता और फाइटो सेनटरी मानकों के लिए अंतरराष्ट्रीय तकनीकी मानकों के विकास में अपना योगदान देना भी FSSAI के Functions की लिस्ट में आता है ।
  • खाद्य सुरक्षा और खाद्य मानकों के बारे में जनता एवं उद्यमियों के बीच सामान्य जागरूकता को बढ़ावा देना |

FSS Act 2006 में पुराने खाद्य पदार्थो से जुड़े लगभग 8 अधिनियमों को इसमें समाहित कर दिया गया है, जिनकी लिस्ट निम्नवत है |

  • Prevention of Food Adulteration Act 1954
  • Fruit Products Order, 1955
  • Meat Food Products Order, 1973
  • Vegetable Oil Products (Control) Order, 1947
  • Edible Oils Packaging (Regulation) Order 1988
  • Solvent Extracted Oil, De- Oiled Meal and Edible Flour (Control) Order, 1967
  • Milk and Milk Products Order, 1992.

FSSAI यानिकी Food Safety and Standards Authority of India भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन FSA Act 2006 के अंतर्गत 5 सितम्बर 2008 को स्थापित हुआ एक स्वायत्त संगठन है | यद्यपि FSSAI के Functions यानिकी जिम्मेदारियों की बात हम उपर्युक्त वाक्य में कर चुके हैं इन्ही कार्यों को कार्यान्वित करने के लिए FSSAI ने विभिन्न प्रभागों की संरचना की है जिनकी लिस्ट निम्नवत है |

 

  • आयात सम्बन्धी उत्पादों पर नियंत्रण रखने वाला विभाग (Import Division)
  • अन्तराष्ट्रीय सहयोग (International Co-operation)
  • विनियामक अनुपालन प्रभाग (Regulatory Compliance Division)
  • खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली प्रभाग (Food Safety Management System Division)
  • जोखिम आकलन और शोध एवं विकास प्रभाग (Risk Assessment and R&D division)
  • सूचना शिक्षा संचार प्रभाग (Information Education Communication Division)
  • विनियमन और कोडेक्स डिवीजन (Regulation and Codex Division)
  • गुणवत्ता आश्वासन एवं प्रयोगशाला प्रभाग (Quality Assurance/ lab Division)
  • मानव संसाधन प्रभाग (HR Division)
  • मानक प्रभाग (Standards Division)

FSSAI द्वारा विभिन्न खाद्य पदार्थो के लिए मानक निर्धारित किये गए हैं इनमे से कुछ की लिस्ट इस प्रकार से है |

  • डेरी से सम्बंधित उत्पादों के लिए (Dairy productsand analogues)
  • बसा, तेल इत्यादि से सम्बंधित उत्पादों के लिए (Fats,oils and fat emulsions)
  • फल एवं सब्जी उत्पादों के लिए (Fruitsand vegetable products)
  • अनाज एवं अनाज सम्बन्धी उत्पादों के लिए |
  • मांस एवं मांस से उत्पादित उत्पादों के लिए
  • मछली एवं मछली से उत्पादित उत्पादों के लिए
  • मिठाई एवं कन्फेकशनरी
  • मीठा करने के एजेंट शहद सहित (Sweetening agents including honey)
  • नमक, मसाले और अन्य मसालों से सम्बंधित उत्पाद
  • पेय पदार्थ (Beverages)
  • अन्य खाद्य पदार्थ एवं खाद्य सामग्री
  • Proprietary food
  • खाद्य के विकिरण (Irradiation of food)

Objective of FSSAI in Hindi:

FSSAI के यदि हम लक्ष्यों की बात करें तो इसका मुख्य लक्ष्य सामान्य जनमानस यानिकी ग्राहकों को जहरीले एवं खतरनाक खाद्य पदार्थों से बचाने का है यही कारण है की लगभग सभी खाद्य पदार्थों की Manufacturing से लेकर उनकी पैकेजिंग करने तक के लिए FSSAI ने मानक निर्धारित किये हैं | ताकि ग्राहकों को बाज़ार में वह खाद्य सामग्री मिले जो उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान न पहुंचा सके | खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार धोखा, खाद्य सामग्री में मिलावट, उत्पाद के प्रति किसी ग्राहक को भ्रमित करना सख्त मना है | इसलिए खाद्य से सम्बंधित किसी प्रकार का भी कोई बिज़नेस करने के लिए FSSAI License की आवश्यकता होती है | और उद्यमी को अपना उत्पाद बाज़ार में बेचकर कमाई करने से पहले उसे खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतारना होता है | इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने उत्पाद के किसी सैंपल को किसी FSSAI द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में टेस्ट करने हेतु भेजने से पहले स्वयं ही उसका निरीक्षण कर ले उसके लिए उद्यमी निम्नलिखित बातों का ध्यान रख सकता है |

  • उद्यमी चाहे तो अपने उत्पाद का Hazard Analysis Test कर सकता है | और कोई नुकसानदेह पदार्थ मिलने पर उस खास सामग्री की मात्रा को कम या बिलकुल हटाया जा सकता है |
  • उद्यमी को चाहिए की हर एक नियंत्रण पॉइंट के लिए एक सीमा निर्धारित करे और खाद्य सामग्री बनाने की प्रक्रिया को बनाये रखने के लिए कोई निश्चित प्रक्रिया का क्रियान्वयन करे | और उस सामग्री को बनाने में सही स्टेप लिए गए हैं या नहीं इसके लिए एक verification procedures स्थापित करे |
  • उद्यमी को चाहिए की समय समय पर वह अपने उत्पाद सम्बन्धी प्रशिक्षण प्राप्त करता रहे | ताकि वह खाद्य उत्पादों को हैंडल करने की नई नई तकनीके सीखता रहे |

वैसे तो जब से Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) की स्थापना हुई है तभी से इसके खाद्य सुरक्षा के प्रति दिए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता | लेकिन वर्तमान में जब

लोगों के पास इस भागदौड़ भरी जिंदगी में खाना बनाने के लिए तक समय निकाल पाना मुश्किल हो गया है यही कारण है की लोगों ने बाजारों में उपलब्ध बने बनाये भोजन एवं पैकेजिंग फ़ूड की ओर रुख किया है कहने का आशय यह है की वर्तमान में बाज़ारों के बने बनाये खाने एवं पैकेजिंग फ़ूड पर लोग बहुत ज्यादा निर्भर हैं इसलिए इस स्तिथि में FSSAI की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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Comments

  1. By SHRI KRISHNA

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  2. By राजीव

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