Mombatti Ya Candle Banane Ka Gharelu Tarika

Mombatti Ya Candle Banane Ka Gharelu Tarika

वैसे तो Mombatti Ya Candle का इतिहास लगभग 2200 साल पुराना है । लेकिन जहाँ तक मुझे याद है, एक समय हुआ करता था | जब Mombatti Ya Candle  उजाले (प्रकाश) का प्रतीक हुआ करती थी | छोटे मोटे काम धंधो में लघु उद्योग या कुटीर उद्योग का प्रतीक हुआ करती थी । और लोग इनका उपयोग अपने घरो में रोशनी करने हेतु किया करते थे | बिजली का अविष्कार होने के बाद भी जब शहरो में बिजली आती तो थी |  लेकिन फिर कुछ ही घंटो बाद चली भी जाती थी | तब लोग शहर में भी अपने घरो में प्रकाश  हेतु Mombatti Ya Candle का उपयोग करते थे | लेकिन धन्यबाद करना चाहेंगे, बिजली का अविष्कार करने वाले Benjamin Franklin और विद्युत बल्ब के आविष्कारक Thomas Alva Edisson का, जिन्होंने विश्व को प्रकशित करने का बीड़ा उठाया | और उसमे कामयाब भी हुए | बिजली की पहुँच दूर सुदूर ग्रामीण इलाको में है तो सही | लेकिन यह बिजली कब चली जाय | कोई नहीं जानता | इसी बात के मद्देनज़र ग्रामीण इलाको में लोग उजाले हेतु अपने घर के अन्दर मोमबत्ती अर्थात (Candle) रखते हैं |

Mombatti Ya Candle

Mombatti Ya Candle

मोमबत्ती अर्थात Candle बनाने हेतु आपको निम्नलिखित सामग्री चाहिए |

  1. मोम 2. रंग 3. धागा 4. एक बड़ा बर्तन (कढ़ाई ) मोम पिघलाने के लिए ।  5. इत्र का तेल 6. अलग अलग प्रकार के साँचे मोमबत्ती को आकार देने के लिए ।7. मोम का तापमान चेक करने हेतु थर्मामीटर ।

Wartamaan Samay Me Mombatti arthat Candle Ka upyog :

बिजली आ तो गई है लेकिन अभी गांव को तो छोड़ो बहुत सारे शहर ऐसे हैं । जहाँ बिजली की कटौती होती रहती है । यही वो समय होता है जिस समय के लिए लोग अपने घरो में उजाला करने हेतु मोमबत्ती रखा करते हैं । अनेक रस्मो रिवाजो जैसे बर्थडे, कैंडल लाइट डिनर, में भी Mombatti Ya Candle का इस्तेमाल किया जाता है ।दियो का त्यौहार दीपावली पर मोमबत्ती का सर्वाधिक उपयोग होता है । इसके अलावा शासन या तंत्र के खिलाफ या फिर अपने किसी मुद्दे पर यदि किसी समुदाय, विशेष या भीड़ को अपनी मांगे मनवाने के लिए Candle March निकालना पड़ता है । तब भी मोमबत्ती का इस्तेमाल होता है । 

Mombatti Ya candle Banane ka Tarika- Step by Step

अब आपके पास मोमबत्ती बनाने की सामग्री उपलब्ध है । तो आइये जानते हैं । Ghar Baithe Kamai करने  के लिए । मोमबत्ती कैसे तैयार करें । 

Candle-Making-mold

Candle-Making-mold

Step 1 : मोम को पिघलाने के लिए किसी बड़े से बर्तन अर्थात कढ़ाई में रखकर चूल्हे पर रख दें । इसको कढ़ाई में 80 से 90 डिग्री की आंच पर पिघलने दें । यह आप थर्मामीटर के माध्यम से चेक कर सकते हैं ।

Step 2. आप मोमबत्ती अर्थात Candle को जो भी रंग देना चाहते हैं । इसमें मिला दें । ध्यान रहे चूल्हे में मोम पिघलाते समय जब आप इसमें रंग मिला रहे होते हैं । तो जिस रंग की Mombatti Ya Candle आप चाहते हैं । जब पिघले हुए मोम का वही रंग हो जाय । तो आप उसमे थोड़ा सा रंग और मिला सकते हैं । क्योकि मोम ठंडा होने पर मोम का रंग थोड़ा बहुत फीका पड़ सकता है । तो आप जिस रंग की भी Mombatti Ya Candle बनाना चाहते हैं । यदि कढ़ाई में वही रंग हो जाय तो थोड़ा बहुत रंग उसमे और मिला दें । जिससे आपको आपके मन मुताबिक रंग की Mombatti Ya Candle मिल सके ।

Step3 : सांचो में धागे को लपेटने की क्रिया तीसरी क्रिया है । अब जो साँचा या जिस साँचे में आप Mombatti Ya Candle को बनाना चाहते हैं । उसमे आपको धागा लगाना है । धागे का उपयोग मोमबत्ती अर्थात Candle की गोलाई देख कर करें । अर्थात एक मोटी मोमबत्ती या Candle के लिए साधारण तौर पर थोड़ा सा मोटा धागा ही उचित होता है । 

Step4. अब थर्मामीटर से कढ़ाई में पिघलते हुए मोम का तापमान चेक करें । यदि यह तापमान 195 डिग्री से ऊपर और 250 डिग्री से नीचे है । तो किसी बर्तन द्वारा अपना मन मुताबिक अर्थात जितना आपके साँचे में मोम आ सकता है । बर्तन में निकाल लें आप किसी Alluminium के जग का इस्तेमाल कर सकते हैं । 
Step 5. यदि आप अपनी Mombatti Ya Candle में कुछ खुशबू डालना चाहते हैं । तो जिस जग (बर्तन ) में आपने पिघला हुआ मोम निकाला हुआ है । उसमे इत्र के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं । 

Step 6 : पिघले हुए मोम को सांचो में डालने से पहले यह सुनिश्चित कर लें । कि उनमे धागा सही से लपेटा गया है । उसके बाद पिघला हुआ मोम सांचो में डाल दें ।

Step 7 : 15-20 मिनट मोम के ठन्डे होने का इंतज़ार करें । अब साँचे को खोलकर या धागो को खींचकर भी आप मोमबत्ती अर्थात कैंडल को सांचो से बाहर निकाल सकते हैं । 

और अधिक मोमबत्ती बनाने के लिए यह प्रक्रिया बार बार करें । और मोमबत्ती बनाने की क्रिया को अपने Ghar Baithe Kamai का जरिया बनायें ।

Mombatti Ya Candle Banane Me Saavdhaniya :

जैसा की मोमबत्ती बनाना एक ऐसा काम जिसमे आपकी थोड़ी सी असावधानी आपके शरीर के किसी अंग को नुकसान अर्थात जला सकती है ।इसलिए मोमबत्ती बनाते समय हमें निम्न छोटी -छोटी बातों का ध्यान रखना जरुरी हो जाता है । 

1.पिघले हुए मोम के तापमान को 280 या 285 डिग्री से ऊपर ना जाने दें

  1. जब आप पिघले हुए मोम को जग के द्वारा कढ़ाई से निकाल रहे होते हैं । अपने हाथो को सुरक्षित रखने हेतु जग को पकड़ने के लिए किसी कपड़े का इस्तेमाल अवश्य करें ।
  2. गरम मोम को आपको बहुत सावधानी के साथ इधर से उधर करना है ।
  3. मोम को पिघलाते समय तापमान का धयान रखें । कभी इसको भीषण आग में न पिघलाएं ।
  4. मोमबत्ती बनाते समय अपने पास एक बाल्टी पानी अवश्य रखे । ताकि जरुरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सको ।
  5. बाज़ार में Mombatti Ya Candle बनाने के लिए सांचे प्लास्टिक में भी आते हैं | प्लास्टिक की जगह Aluminum से बने हुए साँचो का उपयोग करें तो बेहतर होगा | क्योकि सांचो में आपको मोम को पिघलाकर गरम मोम को डालना होता है |
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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Comments

  1. By Krishna gupta

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  2. By अमर पासवान

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  3. By akash kumar

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  4. By Manish kumar rajput auraiya

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  6. By ashish gupta

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    • By Javid ali

  7. By naerndra

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  8. By Rekhraj

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  9. By Ram kumar tiwari

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  10. By Ram patole

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  12. By दिनेश कुमार

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  13. By prakash

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