Murgi Palan Ki Jankari Hindi Me

Murgi Palan Ki Jankari Hindi Me

दोस्तों कम निवेश वाले व्यवसाय की सूची में Murgi Palan नामक व्यवसाय प्रसिद्ध है | यह व्यवसाय अच्छी Kamai करने हेतु जाना जाता है | क्योकि देश विदेश में अंडे और मांस की मांग बढती जा रही है | और लोगो की इस व्यवसाय में इसलिए भी दिलचस्पी रहती है | क्योकि यह बहुत कम निवेश करके प्रारम्भ किया जा सकता है | और ग्रामीण इलाको से भी आसानी से संचालित किया जा सकता है |
आइये जानते हैं इस व्यवसाय Murgi Palan के बारे में |

Murgi Palan kya hai/murgi palan ki jankari:

Murgi Palan से हमारा तात्पर्य किसी खास उद्देश्य जैसे अंडो का उत्पाद या मांस का उत्पाद हेतु मुर्गियों का पालन पोषण करने से है | ग्रामीण इलाको में कुछ लोग मुर्गी पालन तो करते हैं | लेकिन बहुत कम मात्रा में | अर्थात मुर्गे या मुर्गियों की मात्रा बहुत कम होती है | जिससे उनका यह Murgi Palan व्यवसाय पूर्ण रूप से उनके व्यवसाय में तब्दील नहीं हों पाता | साधारण शब्दों में  अधिक से अधिक अंडो और मुर्गी के मांस का उत्पाद हेतु जो क्रिया की जाती है | Murgi Palan कहलाती है |

Murgi Palan Hetu Murgiyo ke Prkar

Layer Murgi Palan

अगर आप Murgi Palan ko अपने व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं | तो आपके लिए बेहद जरुरी हों जाता है | की पहले आप यह तय कर लें की आप अपने ग्राहकों अर्थात लोगो को देना क्या चाहते हैं | यदि आप Murgi Palan करके अंडे बेचना चाहते हैं | तो आपको लेयर मुर्गिया Murgi Palan के लिए चुननी होंगी | क्योकि अंडे देने वाली मुर्गियों को लेयर चिकन कहा जाता है | लेयर मुर्गियां अपनी चार पांच महीने (अर्थात 15-22 सप्ताह ) में अंडे देना प्रारम्भ कर देती हैं |

Layer-murgi-Palan-ki Jankari

Layer-murgi-Palan-ki Jankari

और उसके बाद लगभग 11 -12 महीने तक अंडे देती हैं | अर्थात अपनी 1.5 साल की उम्र में अंडे देना कम या बंद कर देती हैं | साधारणतया Murgi Palan ka व्यवसाय करने वाले लोग एक मुर्गी को जब उसने पहली बार अंडे देना शुरू किया था | उसके बाद लगभग 1 साल 1 महीने तक रखते हैं | और फिर मांस हेतु बाज़ार में बेच देते हैं | इस प्रकार की मुर्गियां ठण्ड के मौसम से गर्मियों के मौसम में अधिक अंडे देती हैं | मुर्गियों के अंडे देते वक़्त वातावरण का भी प्रभाव पड़ता है | अँधेरे के मुकाबले उजाले वाला वातावरण मुर्गियों को जल्दी अंडे देने में मदद करता है | इस प्रकार की मुर्गिया एक साल में लगभग 300 अंडे और इस प्रकार की मुर्गियों की कुछ नस्ल 300 से ज्यादा अंडे दे सकती हैं |

Layer Murgi Palan ki Jankari -Chuje Kaise select Kare?

लेयर मुर्गियों की भी दो या तीन प्रकार की नस्लें होती है | साधारणतया हम इनको इनके अंडे के रंग से परिभाषित कर सकते हैं | वो लेयर मुर्गिया जो सफ़ेद रंग का अंडा देती हैं | यह आकार में दुसरे मुर्गियों की तुलना में थोड़ी छोटी होती हैं | और खाना अर्थात चारा भी कम खाती हैं | दूसरी लेयर मुर्गियां ब्राउन (भूरा) रंग का अंडा देती हैं | और आकार में बड़ी होने के साथ साथ ज्यादा खाना/चारा खाती हैं | और इनका अंडा भी अन्य लेयर मुर्गियों की तुलना में थोडा बड़ा होता है | अब यदि आप अपने Murgi Palan ke व्यवसाय को अपना मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं | तो आपको अधिक उत्पादकता वाली मुर्गियों को अपने Murgi Palan का हिस्सा बनाना होगा |आपको आपके व्यवसाय के लिए अपनी नजदीकी Hatchery से स्वस्थ चूजो का चयन करना होगा | आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की सब प्रकार की मुर्गिया एक समान अंडो का उत्पादन नहीं कर सकती |

Layer Murgi Palan Karne ke liye Kin Kin Bato Ka Dhyan Rakhe?

  1. यदि आपने चूजो को जहाँ आप रहते हैं | वहाँ से न खरीदकर किसी अन्य शहर से ख़रीदा है | और परिवहन के माध्यम से अपने फार्म तक मंगवाया है | तो आपको चूजो को पानी पिलाने का बेहद सतर्कता के साथ ध्यान रखना पड़ेगा | क्योकि शुरू के सप्ताह बहुत सारे चूजे पानी पीना पसंद नहीं करते | इसलिए आपको उनके रखने के स्थान पर उचित पानी की व्यवस्था कर उनको पानी पीने के लिए प्रशिक्षित करना पड़ेगा |
  2. आपको समय समय पर चूजो का टीकाकरण कराना होगा | जो मुर्गियों को अनेक संक्रामक रोगों से बचाएगा |
  3. चूजो की बढती उम्र में आपको उनका विशेष ध्यान रखना होगा | बढती उम्र से हमारा अभिप्राय एक सप्ताह से लेके पांच सप्ताह के चूजो से है | और इसके बाद आपको इनको अच्छी गुणवत्ता वाला खाना देना होगा | क्योकि जितना अधिक ध्यान आप apne murgi Palan व्यवसाय का रखेंगे | उतना अधिक लाभ आप इस व्यवसाय में कमाएंगे |
  4. ध्यान दीजिये मुर्गियों के अंडे का आकार उनकी 1 साल दो महीने की उम्र तक बढ़ता रहता है |
  5. खाने में कैल्सियम की मात्रा उचित मात्रा में दें | और दिन में तीन से चार बार चारा/खाना डालें |

Broiler Murgi Palan

और यदि आप चिकन का उत्पाद मांस के रूप में करना चाहते हैं | तो आपको ब्रायलर मुर्गियों का पालन करना होगा | क्योकि ब्रायलर मुर्गिया मांस हेतु जल्दी तैयार होती हैं | और इनका प्रयोग केवल मांस हेतु ही किया जाता है | broiler Murgi Palan के लिए आपको बहुत सारी बातो का ध्यान रखना पड़ता है | लेकिन इनमे से कुछ महत्वपूर्ण बातें हम आपको बता रहे हैं जो निम्न हैं |

Broiler-Murgi-Palan ki Jankari

Broiler-Murgi-Palan ki Jankari

Broiler Murgi Palan Ki Jankari- chuje kaise select kare?

ब्रायलर मुर्गियों की भी बहुत सारी नस्ले होती हैं | इसलिए अपने व्यवसाय के लिए चूजो का चयन करने से पहले ध्यान रखें |  की यदि आप एक दिन उम्र का चूजे खरीद रहे हैं | तो इनके वजन पर ध्यान दीजिये | एक दिन उम्र के चूजे का वजन लगभग 32 से 40 ग्राम तक होना चहिये | क्योकि जब चूजे का वजन ठीक -ठाक होगा | तभी वो चूजा मुर्गी/मुर्गे के रूप में जल्दी परिवर्तित होगा | और आपको आपके व्यवसाय में अच्छा लाभ पहुंचाएगा |

Broiler Murgi Palan karne ke liye kin kin bato ka dhyan rakhe

    1. ब्रायलर murgi palan karne के लिए मुर्गियों को प्रोटीन और कैलोरी वाला खाना अधिक मात्रा में दें | क्योकि जो चारा/खाना आप उनको देंगे | वही उनके वजन वृद्धि में सहायक होगा |
    2. मुर्गियों को अनेक रोगों से दूर रखने के लिए उनके खाने में बहुत कम मात्रा में कीटाणु नाशक दवाओ या द्रव्यों का इस्तेमाल अवश्य करे | इसमें यदि किसी पक्षी चिकित्सक/विशेषज्ञ की सलाह लेनी पड़े | तो अवश्य लें |
    3. चूजो को फार्म में रखने से पहले ठीक ढंग से फार्म की सफाई अवश्य कर लें | और यदि फार्म के अन्दर मच्छर, जूँ इत्यादि कोई कीड़े मकोड़े हैं | तो उनको पहले अन्दर से भगाकर ही चूजो को वहां रखें |
    4. ब्रायलर मुर्गियां लेयर मुर्गियों के मुकाबले ज्यादा पानी पीते हैं | इसलिए broiler Murgi Palan करने पर आपको इनके पानी पीने का ध्यान अधिक रखना पड़ता है | और इस प्रकार की मुर्गियां 24 घंटे रात और दिन खाते रहती हैं | इसलिए आपको समय समय पर उचित मात्रा में खाना और ताजा और शुद्ध पानी पहुँचाना पड़ेगा | आप मुर्गियों को दिन में चार बार खाना और जब भी संभव हों अधिक से अधिक पानी दे सकते हैं |
    5. ब्रायलर मुर्गियां, मुर्गियों के किसी भी रोग से जल्दी प्रभावित होती हैं | इसलिए आपको इनके स्वास्थ का विशेष ध्यान रखना होगा |
    6. इस प्रकार की मुर्गियों को आप ज्यादा चर्बी रहित भोजन देने से बचें | लेकिन यदि आप चाहे तो चर्बी रहित भोजन ठण्ड के महीनो में न देकर गर्मी के महीनो में थोड़ी बहुत मात्रा में दे सकते हैं |
    7. Broiler Murgi Palan करने के लिए प्रोटीन को इन मुर्गियों के खाने/चारे का खास हिस्सा बनाये |
    8. इस प्रकार की मुर्गियां गर्मी के महीनो के मुकाबले सर्दियों में अधिक खाना/चारा खाती हैं | इसलिए सर्दियों के महीनो में इनके खाने का विशेष ध्यान रखें |

अन्डो की पैकेजिंग, ढुलाई एवं भण्डारण ।

पैकेजिंग एवं ढुलाई :: पैकेजिंग की दृष्टि से देखें तो कुदरत ने अंडे को एक बहुत ही नाजुक आवरण से ढका हुआ है । इसलिए अन्डो के व्यवसाय करने वाले व्यक्ति को चाहिए की वो पैकेजिंग का विशेष ध्यान रखे । ताकि इसका बाहरी नाजुक आवरण टूटने न पाये । और उसके ग्राहकों तक सुरक्षित पहुँच सके । और उत्पादनकर्ता को अधिक से अधिक लाभ हो सके ।

अन्डो को पैकेजिंग एवं ढुलाई करने के तरीके ।

1. टोकरी में धान का भूसा, गेहूं का फूस रखकर उसके ऊपर अंडे रखे जा सकते है । ताकि अंडे एक दूसरे से न टकराएं और इनके नाजुक आवरण को कोई चोट न पहुंचे । और आसानी से ग्राहकों तक पहुँच सकें । प्राचीनकाल में अन्डो के उत्पादनकर्ता अपना उतपादन बेचने के लिए इस पैकेजिंग विधि का उपयोग किया करते थे । और क्षेत्र सिमित होने के कारण अपने सिर पर ही अन्डो की टोकरी को रखकर एक गांव से दूसरे गांव ले जाया करते थे ।
2. अधिकतर अण्डों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक अंडे की ट्रे में रखकर ही ले जाया जाता है । और अन्डो को ट्रांसपोर्ट करने का यह तरीका सामान्य है । सामान्य से हमारा अभिप्राय अत्यधिक चलन से है । इन अंडे की ट्रे को गत्ते या प्लास्टिक का इस्तेमाल करके बनाया जाता है । इस ट्रे की विशेषता यह होती है की आप एक ट्रे के ऊपर दूसरी ट्रे फिर तीसरी ट्रे और उसके बाद इन सबको एक एक गत्ते के बॉक्स के अंदर रख सकते हैं । और इन ट्रे में अन्डो के आकार को ध्यान में रखते हुए अलग अलग खांचे बने होते हैं । जिससे अंडे एक दूसरे से न तो टकराते हैं । और ना ही ट्रांसपोर्टेशन करते समय हिलते हैं ।

3. लोकल अर्थात स्थानीय क्षेत्रो में अंडे बेचने के लिए आप विशिष्ट छोटे प्रकार के पैकेजिंग ट्रे का भी उपयोग कर सकते हैं । इनमे आप 2 से 12 तक अंडे आसानी से रख कर बेच सकते हैं ।

अन्डो का भंडारण अर्थात स्टोरेज |

Murgi Palan व्यवसाय के लिए अन्डो का स्टोरेज अर्थात भण्डारण  तब किया जाना जरुरी है । जब आपको किसी ग्राहक से आपकी उत्पादकता से अधिक मात्रा में आर्डर मिला हो । या आप किसी शहर में एक साथ अंडे भिजवाना चाहते हों । साधरणतया Murgi Palan व्यवसाय से जुड़े लोग हर दूसरे तीसरे दिन और अधिक से अधिक एक हफ्ता ही अन्डो को अपने भण्डारण में रखते हैं । क्योंकि साधारणतया एक अंडे की लाइफ 30 से 45 दिनों की होती है । इन 30 से 45 दिनों के बीच आपका लक्ष्य अंडे को इसके अंतिम ग्राहक तक पहुँचाने का होना चाहिए । फिर अंतिम ग्राहक चाहे तो अन्डो को रेफ्रिजरेट करके कुछ और दिन अंडे की लाइफ बढ़ा सकते हैं ।

Murgi Palan व्यवसाय करने वाले व्यक्ति अगर चाहें तो । अन्डो को साफ़ करते वक़्त पानी का इस्तेमाल न करके । किसी सूखे  स्क्रब पैड का इस्तेमाल करें । और बाद में सूखे कपडे से पोछ डालें । क्योकि गीले से अन्डो में कुदरती नमी की कमी हो जाती है । और हो सकता है अंडे की लाइफ पर भी इसका प्रभाव पड़े ।

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अन्डो को भण्डारण अर्थात स्टोरेज करते समय निम्न बातो का ध्यान अवश्य रखें ।
1. अगर आप इनको अन्डो की ट्रे में रखकर ही स्टोर करना चाहते हैं । तो ध्यान रहे की जिस ट्रे में आप अंडे रख रहे हों । वह नई होनी चाहिए और किसी प्रकार की उस ट्रे से दुर्गन्ध नहीं आनी चाहिए ।
2.जिस स्थान या जहाँ पर आप अन्डो का भण्डारण करने वाले हैं । वह कमरा हवादार और आपकी पैकेजिंग भी इस प्रकार की होनी चाहिए ताकि अन्डो तक हवा पहुँच सके ।

3.भण्डारण गृह एक निश्चित तापमान पर होना चाहिए । ठंडा भण्डारण गृह अन्डो की लाइफ वृद्धि में मदद जरूर करता
है । लेकिन ध्यान रहे भंडारण गृह गीलापन और सीलन से दूर हो ।

4.भंडारण गृह अर्थात स्टोरेज रूम दूषित करने वाली वस्तुओ से दूर होना चाहिए । और ऐसी कोई वस्तु जो भण्डारण गृह को दूषित करके इसके अंदर नहीं रखनी चाहिए । और नियमित तौर पर भण्डारण गृह की सफाई करें ।
5.जैसा की में पहले बता चूका हूँ । भण्डारण गृह में अंडे रखने से पहले अन्डो को साफ़ कर लेना चाहिए । लेकिन ध्यान रहे की अन्डो को धोया और गीला न किया जाय ।
Poultry Farming अर्थात मुर्गी पालन हेतु बैंको द्वारा लोन अर्थात ऋण भी दिया जाता है | लोन अर्थात ऋण की जानकारी के लिए हमने अलग सी पोस्ट लिखी हुई है, जिसका लिंक हमने उपर्युक्त दिया हुआ है |इसके अलावा मुर्गी फार्म बिज़नेस स्टार्ट करने का तरीका, poultry farm के लिए subsidy scheme इत्यादि विषयों पर भी हमने अलग अलग पोस्ट के माध्यम से मुर्गी पालन या Poultry farm सम्बन्धी सभी जानकारी देने का भरसक प्रयत्न किया है |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Comments

  1. By bhanupratap singh solanki

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  2. By Amit

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  3. By Abhay Kumar Singh

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  4. By daljeet

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  5. By aman

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  6. By vijay chaudhary

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  7. By tahir

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  8. By Saurabh rajput

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  9. By nand kishor

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  12. By Rakesh kumar

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  13. By sahil

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  15. By Sumit kumar

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  16. By vinod kumar khinchi

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  17. By SATPAL BHARTI

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  18. By H.R.choudhary

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    • By lokrsh

    • By Injamam patel

  19. By Mohd Amir

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  20. By anuj

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  21. By anuj

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  22. By magan chaudhary

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  24. By SOURABH JAISWAL

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  26. By Sayyad Minhaj

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  27. By satyavan

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  28. By Rajendra singh

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  29. By suraj

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  30. By Suraj

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  31. By sohail qureshi

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  32. By Rajiv Kumar

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  33. By SINDHAVRAMJI

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  37. By narendra sing

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  38. By rohitbajpai

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  39. By Shashikant Dubey

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  41. By sonu chauhan

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  42. By vijesh nama

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  43. By Jaideep Tomar

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  44. By Jaideep Tomar

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  45. By mahendra

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  46. By jaideep tomar

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  47. By jaideep tomar

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  48. By jaideep tomar

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  49. By hitesh kumar

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  50. By jaideep tomar

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  51. By jaideep tomar

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  52. By niteesh singh

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  53. By Virendra

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  54. By md alimuddin siddiqui

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  55. By Brijesh Singh

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  56. By amit

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    • By admin

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