Rabbit farming- खरगोश पालन |

Rabbit farming- खरगोश पालन |

Rabbit farming अर्थात खरगोश पालन एक लाभकारी और मन को आनंदित करने वाला बिज़नेस है | इसका पालन मीट उत्पादन और घरेलु pet हेतु किया जा सकता है | खरगोशों का पालन इंडिया में लम्बे अरसे से होता आ रहा है | इसलिए फार्मिंग बिज़नेस के लिए rabbit palan को चयनित करना एक लाभकारी कदम हो सकता है | भारतवर्ष की जलवायु और मौसम खरगोश पालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है | यहाँ हम rabbit farming के लाभ और इस बिज़नेस को कैसे शुरू किया जाय विषय पर विवरण देंगे |

रैबिट फार्मिंग करने के लाभ:

  • खरगोश एक बहुत ही छोटे प्रकार का जानवर है | इसलिए इंडिया में rabbit farming करने के बहुत सारे फायदे हैं | लेकिन इनमे से कुछ मुख्य लाभ हैं, जो निम्नवत हैं |
  • खरगोश या rabbit का आकार छोटा होने के कारण, इनको पालने के लिए कम जगह, कम खाना चाहिए होता है | जिससे इनके खाने और construction में कम खर्चा आता है |
  • खरगोश का पालन घर के पिछवाड़े, छत या फिर फार्म में आराम से किया जा सकता है |
  • इनका farm start करने के लिए बहुत कम वित्त की आवश्यकता होती है | इसलिए छोटे से छोटे किसान भी इनकी farming आसानी से start कर सकते हैं |
  • Broiler chickens की भांति rabbit भी बहुत जल्दी grow करते हैं | इनको मार्किट साइज़ का होने में केवल 4 से 5 महीनों का समय लगता है |
  • इनके खाने का खर्च कम करने के लिए आप इनको बची हुई सब्जी, आपके आस पास उपलब्ध पत्तियां, और आपके स्वयं के द्वारा उत्पादित अनाज भी दे सकते हैं |
  • खरगोशों की प्रजनन क्षमता बहुत ही उच्च होती है | एक female rabbit हर महीने 2 से 6 बच्चे तक पैदा कर सकती है |
  • चूँकि ग्रामीण भारत की महिलाएं अन्य पशु जैसे गाय, भैंस इत्यादि का पालन करती हैं | अगर वे चाहें तो इनके साथ rabbit farming भी कर सकती हैं |
  • युवा पढ़े लिखे बेरोजगार लोग rabbit farming को व्यवसायिक तौर पर शुरू कर सकते हैं | और इस व्यवसाय को अपनी kamai का जरिया बना सकते हैं |

इंडिया में रैबिट फार्मिंग कैसे स्टार्ट करें |

इंडिया में rabbit farming start करना बहुत ही सरल प्रक्रिया है | नीचे कुछ step by step  प्रक्रिया का अनुसरण करके आप इस बिज़नेस को स्टार्ट कर सकते हैं |

नस्ल का चुनाव:

विश्व में rabbit की बहुत सारी नस्लों का पालन किया जाता है | और इनमे से कुछ नस्लें व्यवसायिक तौर पर पालन करने के लिए बहुत ही अच्छी हैं | व्यवसायिक तौर पर अत्यधिक उपयोग में लायी जाने वाली और लाभकारी नस्लें निम्नवत हैं | आप अपने rabbit farming के लिए इनमे से किसी भी नस्ल का चुनाव करके व्यवसाय स्टार्ट कर सकते हैं |

  • सफ़ेद खरगोश (white giant)
  • भूरा खरगोश (Grey giant)
  • फ्लेमिश
  • न्यूजीलैंड सफ़ेद
  • न्यूजीलैंड लाल
  • कैलिफ़ोर्नियन खरगोश
  • डच
  • सोवियत चिंचिला |

हालांकि rabbit farm को deep litter system और cage system दोनों से स्टार्ट किया जा सकता है |  जानवरों के लिए बढ़िया housing जानवरों को लगने वाली छोटी मोटी बीमारियों से दूर रखती है | क्योकि housing या shed  जानवरों को मौसम में होने वाले बदलावों वर्षा, धूप इत्यादि से बचाती हैं | और चूँकि rabbit एक छोटे आकार का जानवर होता है, इसलिए इसे बिल्ली और कुत्ते से खतरा रहता है | एक अच्छी housing rabbit को कुत्ते और बिल्लियों से भी बचाती है |
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भोजन (Feeding):

साधारणतया खरगोश सभी प्रकार के भोजन, अनाज खाने के लिए जाने जाते हैं | लेकिन एक पौष्टिक आहार ही किसी की अच्छी growth निश्चित करता है | इसलिए हमेशा अपने जानवरों को पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन खिलाने की कोशिश करें | आपके रसोईघर में उपयोग होने वाली रोजमर्रा की सब्जियों के अवशेष जैसे गाज़र, गोभी के पत्ते अन्य सब्जियां जो आपके रसोईघर में बच गई हैं | आप इन्हें खरगोशों को खिला सकते हैं |

वंश वृद्धि (breeding):

खरगोशों में प्रजनन करने की क्षमता का विकास इनकी उम्र के केवल पांच छह महीनों में ही हो जाता है | एक अच्छी नस्ल का विकास करने के लिए एक male rabbit को उसकी उम्र के 1 साल बाद ही breeding के उपयोग में लाया जाना चाहिए | प्रजनन के लिए हमेशा एक स्वस्थ और अच्छे भार वाले खरगोश का उपयोग होना चाहिए | जिस male rabbit को आप breeding के उपयोग में लाने वाले हैं, उसका अन्य खरगोशों की तुलना में कुछ अतिरिक्त ध्यान रखें | और गर्भवती female rabbit का भी अतिरिक्त ध्यान रखना जरुरी है |

देखभाल (care):

चूँकि जानवर मनुष्य की तरह बोल नहीं पाते | इसलिए जब उन्हें उनके स्वास्थ सम्बन्धी कोई बीमारी होती है | तो वो बता भी नहीं पाते | इसलिए इशारो से या उनके खान पान के ढंग से ही पता लगाया जा सकता है, की जानवर स्वस्थ है या नहीं | वैसे खरगोश अन्य जानवरों की तुलना में रोगों के शिकार कम होते हैं | फिर भी आपको इनकी health का ध्यान रखना पड़ेगा | और अगर कुछ भी गलत होता है, तो आपको तुरंत उससे निबटना होगा |

विपणन (Marketing):

इंडिया में rabbit farming के लिए marketing हमेशा से एक गंभीर समस्या बनी हुई है | जो अब भी ज्यों के त्यों हैं | वैसे इस बिज़नेस को प्रोत्साहित करने के लिए इंडिया में अनेकों सरकारी और NGO संस्थाएं लगी हुई हैं | लेकिन अभी भी विपणन समस्या का हल खोजने में नाकाम ही रही हैं | हालांकि कुछ क्षेत्रो में खरगोश के मांस की अच्छी डीमांड है | इसलिए कोई भी व्यक्ति जो इस व्यवसाय को अपनाना चाह रहा हो वह अपने क्षेत्र में इसकी संभावनाएं तलाश कर सकता है | इंडिया में Rabbit farming के लिए भविष्य में अच्छे अवसर पैदा हो सकते हैं | इसलिए यह व्यवसाय करने से पहले इसकी सम्पूर्ण जानकारी और प्रशिक्षण अवश्य लें | ताकि आप successfully इस बिज़नेस को चलाने में कामयाब हो सकें |

India me rabbit farming ki problems:

  • गुणवत्ता वाले खाने का उचित दामों में उपलब्ध न होना |
  • चारे अर्थात खाने की कमी |
  • खरगोश पालन के लिए सही समय पर उपकरणों जैसे पिंजरे, Feeders, पानी पिलाने वाले बर्तनों का स्थानीय बाज़ार में न मिलना |
  • उपकरणों का उचित दामों पर उपलब्ध न होना |
  • जरुरत पड़ने पर पशु चिकत्सकीय सेवा का न मिलना |
  • जरुरत पड़ने पर समयानुसार ऋण का उपलब्ध न होना |
  • Farm उत्पादों के लिए नियमित बाज़ारों का न होना |

Rabbit farming में उपर्युक्त problems के बावजूद भी बहुत सारी संभावनाएं हैं | इसलिए सरकार ने भी इस व्यवसाय को प्रोत्साहित करने हेतु IDSRR जैसी subsidy scheme की शुरुआत करी है |

 

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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