Shoe Making Process and Parts in Hindi.

Shoe Making Process and Parts in Hindi.

इस shoe Making process में बात करने से पहले यह समझ लेना अति आवश्यक है की इस ब्रह्माण्ड में जिस प्रकार मनुष्य के अन्य वस्त्रों का इतिहास काफी पुराना है उसी प्रकार पैरों में पहने जाने वाली जूते चप्पलों का भी इस्तेमाल मनुष्य द्वारा प्राचीनकाल से होते हुए आया है | समय के अनुसार इनकी designing में तो परिवर्तन हो गए, लेकिन अभी भी ख़ास तौर पर चमड़े के जूते बिना मशीनों की सहायता लिए दस्तकार इनका निर्माण पारम्परिक विधि से ही करते हैं | आज हम इन सभी बिन्दुओं के मद्देनज़र इसी प्रकार के Shoe Making process के बारे में जानने की कोशिश करेंगे, जिसमें छोटे मोटे उपकरणों का उपयोग तो संभावित है, लेकिन इस Process को अंजाम तक पहुँचाने के लिए मशीनरी की आवश्यकता नहीं पड़ती | तो आइये इस shoe making process को जानने से पहले हम Shoe parts के बारे में थोड़ा बहुत जान लेते हैं |

Shoe parts in Hindi

सामन्यतया Shoe के विभिन्न Parts होते हैं जिनकी लिस्ट निम्नवत है |

Shoe Ka Innersole:

Innersole से हमारा तात्पर्य जूते के अन्दर की तरफ लगे हुए sole से है | यह sole ठीक आदमी के पैर रखने वाला sole होता है, अर्थात जब व्यक्ति shoe पहनता है तो यह sole उसके पैरों के स्पर्श में रहता है जिसे Innersole कहते हैं | इस प्रकार के sole में addition और इनको आसानी से replace भी किया जा सकता है |

Shoe Ka Outsole:

Outsole से हमारा आशय जूते के उस हिस्से से है जो सीधे जमीन को स्पर्श करता है | इस प्रकार का sole विभिन्न Material जैसे Leather. Synthetic leather, Rubber इत्यादि से निर्मित किये जाते हैं | अक्सर shoe making process में इस outsole का निर्माण durability हेतु rubber से किया जाता है |

Shoe Ka MID Sole:

Insole और Outsole के बीच लगने वाली परत को Midsole कहा जा सकता है | यह Midsole जूतों में Shock absorber का काम करते हैं | लेकिन कुछ running shoes इत्यादि में pressure down करने हेतु भिन्न भिन्न Material का उपयोग Shock absorber करने के लिए किया जाता है |

Jute Ka Heel:

सामान्य तौर पर Jute ke heel का निर्माण भी उसी Material से किया जाता है, जिस Material से Jute ke sole का निर्माण होता है, यह पाँव को support देने का काम करता है, इसको फैशन के अनुरूप या व्यक्ति लम्बा दिखे की दृष्टि से थोड़ा ऊँचा बनाया जाता है | और यह जरुरी नहीं की यह ऊँचा ही हो यह बिलकुल सपाट भी हो सकता है |

Shoe Ka Vamp:

Shoe के उपरी भाग को जूते का Vamp कहा जाता है, और यह भाग पाँव को जूते के साथ, साथ चलने में मददगार होता है | इसके अलावा जूते का यही वह भाग है जिसमे जूते में डिजाइनिंग वगेरह करके उसको एक अलग सा रूप देकर आकर्षित बनाया जा सकता है |

Shoe Making process in Hindi:

Step 1Shoe ki Designing:

इस Shoe Making Process में किसी भी प्रकार का shoe तैयार करने के लिए सर्वप्रथम उसकी designing की जाती है, जिसमे बहुत सारी छोटी छोटी बातों का ध्यान रखना पड़ता है | जिसमे सम्पूर्ण जूते का एक Outlay तैयार किया जाता है, इसमें जूते की मोहरी, जूते की Shape,  जूते की माप, जूते के Sole,  जूते में लगने वाली डोरी इत्यादि का बेहद बारीकी से ध्यान रखकर design करना पड़ता है |

Step 2 Design ke anurup Cutting:

जूते बनाने के लिए ख़ास तौर पर formal shoe तैयार करने के लिए original leather और synthetic leather दोनों का उपयोग किया जाता है | चूँकि leather भिन्न भिन्न प्रकार की खालों से निर्मित होता है इसलिए हर एक खाल की अपनी अपनी विशेषता होती है | इसलिए cutting process को अंजाम देते वक्त Leather के हर एक टुकड़े का बारीकी से विश्लेषण करके उसे Mold करके Shape देनी पड़ती है | और design के अनुरूप shape देकर फिर उसे काटा जाता है |

Step 3 Shoe me Silai Karna:

Leather या अन्य Material जिससे shoe बनाया जाता है को Shape के अनुरूप काट लेने के बाद जूते की सिलाई की जाती है, इसमें अभी जूते को Sole को जूते से Attach नहीं किया जाता बल्कि जूते का सिर्फ उपरी ढांचा तैयार कर लिया जाता है |

Step 4 Shoe sole me heel fit karna:

इस Shoe Making process में चौथा Step जूते के sole  को heel से जोड़ने का होता है | Heel से हमारा तात्पर्य जूते के Sole में उठे हुए भाग से है, यह step shoe making process में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योकि इससे customer को comfritbility का एहसास होता है | इसमें सिलाई एवं चिपकाने दोनों प्रक्रियाओं को अंजाम दिया जाता है | इसमें आन्तरिक और बाहरी Sole के बीच सिलाई की जाती है, और बाकी बचे हिस्से को चिपकाया जाता है |

Step 5 श्रंखला आधारित सिलाई:

यह सिलाई जूते के आन्तरिक भाग जहाँ पर जूते के अन्दर पैर डालने की जगह होती है उसके चारों तरफ की जाती है, ताकि पहनने वाले ग्राहक को यह आरामदायक लगे |

Step 6 Shoe ke bahri taraf Silai:

अब जूते के उपरी भाग को rib और heel लगी जूते के sole के साथ सिल दिया जाता है, अकसर shoe के Vamp को sole पर मिलाते समय कोनों से चिपकाने की भी आवश्यकता हो सकती है | अब यदि जूते बनाने वाला शिल्पकार चाहे तो जूते के sole में कुछ extra coating भी कर सकता है | अन्यथा इसके बाद इसकी Final finishing हेतु Polishing इत्यादि प्रक्रिया को अंजाम दे सकता है |

यह shoe making process मशीनरी का उपयोग न करके सिर्फ कुछ उपकरणों का उपयोग करने पर आधारित है | मशीनरी से Shoe Making process को अंजाम देने के लिए उद्यमी को यह विभिन्न प्रक्रियाएं करने के लिए चार विभागों Cutting Department, Sewing department, Shoe making department एवं Finishing department का ढांचा एवं प्रबन्ध देखना पड़ सकता है |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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