चाय की दूकान या स्टाल खोलने की प्रक्रिया |

चाय की दूकान या स्टाल खोलने की प्रक्रिया |

Tea shop यानिकी चाय की दूकान नामक यह बिज़नेस बहुत कम निवेश के साथ शुरू किया जाने वाला बिज़नेस है इसमें कोई दो राय नहीं हैं, लेकिन इस बिज़नेस को यदि सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर देखें तो लोगों को लगता है की Tea shop चलाने वाला यानिकी चाय बेचकर अपनी गुज़र बसर करने वाला व्यक्ति कभी भी अपने बिज़नेस को एक बड़ा रूप नहीं दे सकता, शायद पहले इस प्रकार की विचारधारा रखना व्यवहारिक था लेकिन वर्तमान में बहुत सारे नए नए स्टार्ट अप ऐसे हुए हैं जिन्होंने तय कर लिया है की वे चाय बेचकर ही बहुत बड़े पैमाने पर बिज़नेस करेंगे | हालांकि अभी हम ऐसे बिज़नेस मॉडल के बारे में नहीं अपितु सामान्य तौर पर चाय की दुकान कहे जाने वाले स्थान या स्थल के बारे में बात कर रहे हैं की यदि कोई व्यक्ति इस तरह की Tea Shop खोलना चाहे तो वह इस प्रक्रिया को कैसे अंजाम दे सकता है | लेकिन इससे पहले हम भारतवर्ष में चाय की महत्वता पर एक नज़र डाल लेते हैं जिससे हमें ज्ञात हो जायेगा की चाय की दूकान खोलना भारतवर्ष में क्यों लाभकारी हो सकता है |

Tea-shop-business starting process

भारतवर्ष में चाय की महत्वता(Importance of tea in India):

भारतवर्ष में चाय की महत्वता का अंदाज़ा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है की सम्पूर्ण विश्व में चाय के उत्पादन मेंभारतवर्ष का चीन के बाद दूसरा स्थान है और इससे भी बड़ी बात यह है की देश में उत्पादित लगभग 70 फीसदी चाय का उपभोग भारत में ही हो जाता है | यद्यपि इंडिया में बहुत सारी चाय के प्रकारों जैसे ग्रीन टी, लेमन टी, इलायची टी, पुदीना टी इत्यादि का उपभोग किया जाता है | लेकिन आम तौर पर जो चाय बेहद प्रचलित है वह चाय के बागानों में उगाई गई पत्तियों वाली चाय है | भारतवर्ष में जहाँ राहगीर अपनी थकान मिटाने के लिए चाय की चुस्कियां लेता है वही घर आया मेहमान शिष्टाचार वश, और ऑफिस का फ्रेंड सर्किल ऑफिस के बाहर थोडा वक्त बिताने के लिए चाय की चुस्कियां लेता हुआ नज़र आता है | भारतवर्ष के दो राज्य ऐसे हैं जिनके नाम tea अर्थात चाय के आगे बहुत बार सुनाई देते हैं जैसे Assam tea, Darjeeling tea  शोध बताते हैं की चाय और भारत का सदियों का नाता रहा है माना यह जाता है की पूर्वी एवं उत्तरी भारत में चाय का उपभोग एवं उत्पादन हजारों वर्षों पूर्व से किया जाता रहा है | कहने का आशय यह है की चाय से भारतवासियों का इतना गहरा एवं पूराना रिश्ता है की लोगों को इस रिश्ते की अब लत लग चुकी है जिससे और अधिक चाय की दुकान खोलने के अवसर बढ़ते जा रहे हैं |

चाय की दूकान कैसे खोलें (How to start own tea shop Business):

चाय की दुकान यानिकी Tea Shop खोलना किसी भी शहर में बेहद आसान प्रक्रिया है लेकिन चाय की दुकान खोलने से पहले उद्यमी को चाहिए की वह विभिन्न बातों का विश्लेषण कर ले जिससे उसका चाय का बिज़नेस धीरे धीरे रफ़्तार पकड़ता जाएगा | चाय की दुकान या स्टाल का बिज़नेस करने के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण बात होती है, वह यह होती हैं की उद्यमी कौन से क्षेत्र अर्थात एरिया में चाय की दुकान खोलना चाह रहा है अर्थात उद्यमी को पता होना चाहिए की जिस क्षेत्र में वह Tea Shop खोलने जा रहा है  उसके पास कौन से किस प्रकार के ग्राहक कितनी संख्या में आ सकते हैं |

  1. Choose Location For Tea Shop:

यद्यपि किसी भी बिज़नेस की सफलता के लिए एक अच्छी बिज़नेस लोकेशन के चयन  का होना बेहद जरुरी है अच्छी लोकेशन से हमारा अभिप्राय साफ़, सुथरी या हरी भरी लोकेशन से नहीं है अपितु हमारा आशय बिज़नेस के लिहाज से उपयुक्त वातावरण से है | हालांकि कुछ बिज़नेस ऐसे भी होते हैं जिन्हें लोकेशन विशेष रूप से प्रभावित नहीं करती लेकिन Tea Shop यानिकी चाय की दुकान का बिज़नेस ऐसे बिज़नेस की लिस्ट में सम्मिलित नहीं है | चाय की दूकान के लिए एक अच्छी लोकेशन होना बेहद बेहद जरुरी है या यूँ कहें चाय की दुकान की सफलता की कुंजी ही एक अच्छी लोकेशन है | इस बिज़नेस के लिए बस स्टैंड, इंडस्ट्रियल एरिया जहाँ पर विभिन्न कार्यालय या फैक्ट्रियाँ विद्यमान हों, भीड़ भाड़ वाला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, किसी प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान का क्षेत्र, कोर्ट कचहरी वाला क्षेत्र, या कोई ऐसी जगह जहाँ पर लोग किसी मकसद के लिए इंतजार या ठहरते हों अच्छी लोकेशन माने जा सकते हैं |

  1. Collect Details about possible kamai and expense:

यह रिपोर्ट संभावित ग्राहकों की संख्या, चाय का प्रति कप का रेट, दूध की कीमत, चाय पत्ती एवं चीनी की कीमत के आधार पर बनाई जा सकती है | इस रिपोर्ट को बनाने से उद्यमी को यह पता चल जायेगा की उसका बिज़नेस फायदे में रहेगा या नुकसान में यदि शुरू शुरू में नुकसान में रहेगा भी, तो उद्यमी उससे निपटने के लिए क्या Strategy बनाएगा | यह रिपोर्ट भविष्य में उद्यमी को अनेकों निर्णय जैसे माना यदि उद्यमी बिज़नेस में प्रतिस्पर्धा का शिकार हो जाता है यद्यपि यदि प्रतिस्पर्धा गुणवत्ता एवं सर्विस को लेकर है तो यह रिपोर्ट उस स्थिति में उद्यमी के किसी काम नहीं आएगी लेकिन यदि प्रतिस्पर्धा मूल्य आधारित हो तो यह रिपोर्ट मूल्य निर्धारण में उद्यमी की मदद कर सकती है |  

  1. Make a Lorry or Rent a Shop:

अब चूँकि उद्यमी खर्चे और कमाई की एक संक्षिप्त संभावित रिपोर्ट बना चूका है जिससे उसे यह निर्णय लेने में मदद मिलेगी की चाय की दुकान वाला आईडिया उसे जमीन पर उतारना है या फिर नहीं | यदि उद्यमी को लगता है की उसे यह आईडिया आगे बढ़ाना चाहिए तो अब अगला स्टेप चयनित क्षेत्र में दूकान किराये पर लेने का होना चाहिए इसके अलावा दूसरा विकल्प यह भी है की शुरूआती दिनों में उद्यमी चाहे तो दुकान किराये पर न लेकर एक Lorry या ठेले का निर्माण कराये जिसमे वह गैस स्टोव और चाय बनाने के बर्तनों को आसानी से रख सके और यह ठेला किसी की व्यक्तिगत जगह पर उस व्यक्ति से बात करके या फिर स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम इत्यादि से बात करके उनकी जगह पर लगाया जा सकता है |

  1. Talk with local authority:

यदि उद्यमी सार्वजनिक जगह पर चाय का ठेला लगाने की ठान चूका है तो उसे स्थानीय प्राधिकरण से इस बारे में बात करके दैनिक या मासिक किराया निश्चित करना होगा | आम तौर पर यह किराया 10 रूपये प्रतिदिन से शुरू होकर 80 रूपये प्रतिदिन तक हो सकता है |

  1. Purchase utensils and gas stove:

अब यदि उद्यमी उपर्युक्त में बताई गई सारी प्रक्रियाएं पूर्ण कर चूका है तो अब tea Shop Open करने के लिए उसका अगला कदम चाय की दुकान में काम आने वाले बर्तनों की खरीदारी का होना चाहिए | कुछ संभावित बर्तनों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • गैस स्टोव एंड सिलिंडर |
  • दूध रखने के लिए एलुमिनियम से निर्मित कंटेनर ढक्कन के साथ |
  • एल्युमीनियम की केतली |
  • एल्युमीनियम का सॉस पैन |
  • स्टेनलेस स्टील के चम्मच |
  • स्टेनलेस स्टील का जग |
  • स्टेनलेस स्टील के चाय पत्ती और चीनी रखने के बर्तन |
  • कम से कम दो चाय की छन्नी |
  • चाय इधर उधर देने के लिए तारों से निर्मित ट्रे |
  • पानी रखने के लिए एक बड़ा कंटेनर |
  • शीशे के चाय के गिलास |
  • टोंग |
  • फ्लास्क |
  • dustbin |
  1. चाय बेचें और कमाई करें (Sell tea and earn Money):

Tea Shop के लिए बर्तन खरीदने के बाद उद्यमी को चाहिए की वह किसी नजदीकी किरयाना स्टोर से चाय पत्ती, इलायची एवं चीनी भी खरीद ले और किसी सब्जी की दुकान से थोड़ी बहुत अदरक हालांकि यदि मौसम गरम है तो केवल इलायची ही पर्याप्त है लेकिन सर्दियों में चाय में अदरक होनी ही होनी चाहिए और पास की दुकान से दूध भी खरीद ले और चाय बनाकर पहले खुद पिए और महसूस करे की क्या वाकई में उसने बढ़िया चाय बनाई है | यदि जवाब हाँ है तो इसी recipe को आगे Continue कर चाय बनाकर बेचता रहे और अपनी कमाई करता रहे | वर्तमान में चाय के बिज़नेस में ऐसी नई इकाइयाँ स्थापित हुई हैं जो अपने ग्राहकों को चाय एवं चाय से उत्पादित उत्पादों को ऑनलाइन बेचकर कमाई कर रही हैं |

Comments

  1. By Suhail

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  2. By manzoor alam

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