Vinegar Manufacturing Business Information in Hindi

Vinegar Manufacturing Business Information in Hindi

Vinegar अर्थात सिरका का प्रयोग Coking से लेकर सौन्दर्य प्रसाधनों एवं Cleaning हेतु भी किया जाता है | Vinegar Manufacturing का process एक time consuming process है | एक अच्छी गुणवत्ता वाला सिरका उत्पादन में starting में 25-60 दिन का समय लग सकता है | लेकिन बाद में हर दुसरे दिन सिरके का उत्पादन संभव है | Vinegar Manufacturing में कच्चे माल के तौर पर चोटित फलों, बेकार, ख़राब फलों को उपयोग में लाया जा सकता है |

Vinegar Kya hai:

Vinegar स्वाद में एक खट्टा तरल पदार्थ होता है, जिसमे सिरका अम्ल (Acidic acid) की मात्रा होती है | Vinegar को फलों के Cider इत्यादि से तैयार किया जाता है | और सामन्यतया इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के मसालों एवं आचार बनाने में भी किया जाता है | इसके अलावा Packed fruits एवं शर्बत बनाने की प्रक्रिया से जो फलों का शेष भाग बच जाता है उससे भी vinegar Manufacturing की जा सकती है | हालांकि India में अधिकतर Vinegar Manufacturing गन्ने के रस से की जाती है |

Business Scope in Vinegar Manufacturing:

Vinegar एक ऐसा तरल पदार्थ है जिसका उपयोग असीमित है, अर्थात जहाँ इसका उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में किया जाता है | वही दूसरी तरफ इसका उपयोग pickle manufacturing में भी किया जाता है | इसके अलावा Tomato catch up, chili sauce, Fish canning एवं विभिन्न प्रकार की चटनियों में भी Vinegar का इस्तेमाल किया जाता है | विभिन्न प्रकार की क्रियाओं में Vinegar का इस्तेमाल होने के कारण बाज़ार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है | यही कारण है की vinegar manufacturing business एक profitable business हो सकता है |

Machinery and equipment for Vinegar manufacturing:

हालांकि घरेलु तौर पर Vinegar Manufacturing हेतु मशीनरी की आवश्यकता नहीं पड़ती लेकिन यदि इसका उत्पादन business हेतु करना हो तो फिर मशीनरी की आवश्यकता पड़ेगी ही पड़ेगी |

  1. Juice Extracting Machine:

चूँकि Vinegar Manufacturing ख़राब या चोटित फलो जैसे अंगूर, सेब, नारंगी, खजूर, आम, केले, नाशपती इत्यादि से की जाती है | इसलिए इनका रस (Juice) निकालने हेतु एक मशीन Juice extracting Machine की आवश्यकता होती है |

  1. Filtering Machine:

Filtering Machine अर्थात जूस को छानने की मशीन की आवश्यकता फलों से जूस निकालने के बाद उन्हें छानने के लिए होती है | ताकि एक अच्छे गुणवत्ता वाले cider का निर्माण हो सके | और जब Cider का निर्माण ठीक होगा तभी एक अच्छे गुणवत्ता वाली Vinegar Manufacturing संभव है |

  1. Brix Hydrometer:

Brix hydrometer का उपयोग इस process में फलों के रस में Sugar अर्थात मीठे की मात्रा को मापने हेतु किया जाता है | Vinegar हेतु उचित Cider/wine तैयार करने के लिए Juice में मीठे का लेवल 15 तक होना चाहिए, अगर इससे कम ज्यादा है तो मीठा बढाने हेतु चीनी का और मीठा कम करने के लिए पानी का उपयोग किया जा सकता है |

  1. Vinegar Generator:

Vinegar Generator ही एक ऐसा यंत्र है जिसमे Cider/wine और पानी को मिलाकर Vinegar Manufacturing की  जाती है | यह अलग अलग क्षमता अर्थात आकार में बाज़ार में उपलब्ध है |  Vinegar generator एक टंकी के आकर का यंत्र है जिसके ढक्कन में टंकी में ऑक्सीजन पहुँचाने हेतु छिद्र और नीचे निर्माणित सिरके को निकालने हेतु एक टोंटी लगी होती है |

Vinegar Manufacturing Process in Hindi:

Vinegar-manfacturing-process

Vinegar manufacturing करने के लिए दो निर्माण प्रक्रियाओं से गुजरना होता है | पहली निर्माण प्रक्रिया cider/wine बनाने के लिए होती है, और दूसरी सिरका अर्थात vinegar बनाने के लिए |

Cider Making:

Vinegar Manufacturing करने हेतु cider/wine बनाने के लिए सर्वप्रथम जिस फल का cider/wine  बनाना होता है | उस फल की ख़राब फलों की उचित मात्रा होना आवश्यक है | उसके बाद उन खराब फलों को पानी में धो लिया जाता है | उसके बाद Juice extractor Machine की मदद से उनका फलों से जूस निकाला जाता है | जूस निकालने के बाद जूस को Filtering यंत्र की सहायता से छान लिया जाता है | फिर Brix Hydrometer की सहायता से इसमें Sugar की quantity का पता लगा लिया जाता है | उपयुक्त Quantity होने के बाद इस जूस को cider/wine  बनाने हेतु उबालने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए | उबालने के बाद इस रस को एक ऐसे बर्तन में रखना चाहिए जिसमे ऊपर से ढकने का भी हो लेकिन एक छोटा सा छिद्र भी हो जिसमे रुई से  डाट लगाई जा सके, ताकि अन्दर बनने वाली गैस धीरे धीरे बाहर भी निकलते रहे | इस बर्तन में बर्तन की क्षमता के Two thirds तक जूस एक बार में भरा जा सकता है | Fermentation अर्थात खमीर के लिए Yeast culture का उपयोग किया जा सकता है | Yeast culture मिला देने के बाद इस बर्तन को किसी उच्च ताप वाली जगह पर रखा जाता है, क्योकि उच्च ताप में Fermentation क्रिया को जल्दी अंजाम दिया जा सकता है | Fermentation के दौरान प्रतिदिन Hydrometer से इसकी Gravity का निरीक्षण किया जाता है | जब Hydrometer में इसकी Gravity शून्य हो जाये तो समझ लेना चाहिए की Cider तैयार हो गया है | यदि कोई चाहता है की उसके द्वारा निर्मित Cider थोड़ा मीठा रहे तो Hydrometer में Gravity 3-5 होने पर इस Fermentation process को रोका जा सकता है | तैयार Cider को छान कर बोतलों में भरकर गरम पानी के बर्तन में 25-35 मिनट तक छोड़ा जाता है | उसके बाद इन बोतलों को ठंडा करने हेतु रख दिया जाता है |

Vinegar:

Vinegar manufacturing के लिए अब Vinegar generator का उपयोग किया जाता है | इस यंत्र के एक तिहाई भाग को पानी से भर लिया जाता है | अर्थात यदि Vinegar generator की capacity 100ltrs है तो इसमें Starting में 33 ltrs पानी भरा जाना चाहिए | इस ड्रम में आवश्यकतानुसार कच्चा और खालिस  सिरका डाल दिया जाता है | उसके बाद नियमानुसार यानिकी हर पांच छह दिनों में इसमें उपयुक्त cedar मिलाना चाहिए | 20-25 दिनों या एक महीने में दृव्य एक निश्चित स्तर पर आ जाये | तो प्रतिदिन इसमें जितना cider आज मिलाया जा रहा है, उतना ही Vinegar अर्थात सिरका टोंटी की मदद से हर दुसरे दिन निकाला जा सकता है |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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