आर्ट गैलरी बिजनेस कैसे शुरू करें? How to start an Art Gallery in India.

Art Gallery से यदि आप परिचित हों तो आप इस बात से अच्छी तरह से अवगत होंगे की इसमें इतिहास, संस्कृति, रीती रिवाज से जुड़ी अनेकों शानदार कलाकृतियाँ विद्यमान होती हैं। इस स्थान में लोग विभिन्न कलाकारों की कलाकृतियों का दर्शन करके एवं उन्हें खरीदकर उन महान कलाकारों को अपनी श्रधांजलि देने की कोशिश करते हैं। कहने का आशय यह है की Art Gallery खोलकर उद्यमी एक हाल में विद्यमान शानदार कलाकृतियों के माध्यम से पैसे कमाई करता है। जो लोग कला एवं कलाकारों का महत्व समझते हैं उनके कदम अनायास ही आर्ट गैलरी की तरफ बढ़ चलते हैं। और इन कला के मूल टुकड़ों को उन्हें बेचने से ज्यादा संतोषजनक कार्य क्या हो सकता है जिन्हें इनकी आवश्यकता है और वे इसके महत्व को बखूबी समझते हैं। इसलिए यदि आप भी स्वयं का Art Gallery Business शुरू करना चाहते हैं तो आपको इस बिजनेस में अपना विजन स्पष्ट करना होगा। और अपने स्टोर को सजाने में उस विजन को स्पष्ट तौर पर समझाना भी होगा । प्रत्येक कलाकार एवं उनकी कलाकृतियों के साथ अच्छे ढंग से बर्ताव करें और इस कार्य को अपना जूनून बना लें। इससे उद्यमी की आर्ट गैलरी को कलात्मक कलाकृतियों का एक विशाल वैभव बनने में कोई अधिक समय नहीं लगेगा। Art Gallery स्थापित करने के लिए कलाकृतियों और चित्रों का चयन सामजस्यपूर्ण एवं सुसंगत होना चाहिए। ताकि उद्यमी की आर्ट गैलरी की एक अलग सी पहचान बन सके। यदि इस तरह के बिजनेस को लेकर उद्यमी गंभीर है तो उसे इस बात पर विचार अवश्य करना चाहिए की कैसे वह अपने जीवन को अपनी इच्छाओं के मुताबिक बदल सकता है। और उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा की कला विशेष के संदर्भ में उसकी पसंद, निर्देशन एवं व्यवस्थाएं उत्तम दर्जे की हों।

art gallery business

Art Gallery Business क्या है?

जहाँ तक Art Gallery का सवाल है इसे हम एक ऐसा स्थान कह सकते हैं जहाँ विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों को बेचने या दिखाने के लिए डिस्प्ले किया जाता है। इस प्रकार की ये गैलरी सार्वजनिक एवं निजी दोनों हो सकती हैं और कुछ में सभी प्रकार के व्यक्तियों को जाने की अनुमति हो सकती है। तो कुछ आर्ट गैलरी में सभी व्यक्तियों को प्रवेश की अनुमति नहीं भी हो सकती हैं। साधारण शब्दों में एक ऐसा स्थान जहाँ कला के कार्यों का प्रदर्शन या बिक्री के लिए विभिन्न प्रकार की कलाकृतियाँ रखी जाती हैं उसे Art Gallery कहा जा सकता है। इसलिए जब कोई व्यक्ति या संस्थान विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों का संग्रह करके इन्हें किसी एक स्थान पर बेचने या दिखाने के लिए करता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह कार्य Art Gallery Business कहलाता है।

आर्ट गैलरी कैसे शुरू करें (How to start an art Gallery in India):  

यद्यपि जैसा की हर बिजनेस के लिए करना पड़ता है उद्यमी को स्वयं का Art Gallery Business करने के लिए भी इसे एक वैधानिक स्वरूप देने की आवश्यकता होती है। जिसमें विभिन्न प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन शामिल हैं लेकिन बिजनेस रजिस्ट्रेशन के अलावा भी उद्यमी को बहुत सारे महत्वपूर्ण कार्य करने होते हैं जिनका जिक्र हम नीचे करने वाले हैं।

आर्ट गैलरी के लिए आर्ट का चयन:

Art Gallery Business कर रहे उद्यमी का पहला कदम यही होना चाहिए की वह विभिन्न प्रकार के आर्ट से अपने बिजनेस के लिए आर्ट का चयन बड़ी सावधानी से करे। क्योंकि इस तरह के बिजनेस में सफल होने के लिए उद्यमी को किसी एक विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करना अति आवश्यक है। इसलिए सबसे पहले अपने बिजनेस के लिए आर्ट का चयन करना जरुरी है ताकि फिर उद्यमी उसी क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल कर सके। चूँकि इसमें उद्यमी एक ऐसा व्यक्ति होता है जिससे लोग उस कला विशेष के बारे में अधिकृत जानकारी एवं राय लेना पसंद करते हैं इसलिए उद्यमी को अपने क्षेत्र में एक्सपर्ट होना नितांत आवश्यक है। चूँकि किसी भी व्यक्ति के लिए सभी प्रकार के आर्ट के बारे में सब कुछ जानना नामुमकीन है इसलिए उद्यमी को इसकी कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। बल्कि अपने बिजनेस के लिए किसी विशेष आर्ट का चयन करके उसी के बारे में सब कुछ जानने की कोशिश करनी चाहिए। ताकि व उस विशेष क्षेत्र में सफलता हासिल करने में कामयाब हो सके। कुछ प्रमुख आर्ट की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • कैलीग्राफी आर्ट
  • सिरेमिक्स आर्ट
  • रिलीजियस आर्ट
  • आर्टिस्टिक डिजाईन
  • ड्राइंग ग्राफिटी
  • ग्राफ़िक एंड इल्लूमिनीटेड मेनूस्क्रिप्ट
  • इल्यूस्ट्रेशन आर्ट
  • पेन्टिंग एंड फोटोग्राफी
  • स्टेंड ग्लास आर्ट
  • वुड कार्विंग
  • स्क्रीन प्रिंटिंग  

उद्यमी उपर्युक्त में से किस भी आर्ट का चयन करके उसमें विशेषज्ञता प्राप्त करके अपने बिजनेस को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचा सकता है।

और Art Gallery की नक़ल न करें

Art Gallery Business करने वाले उद्यमी को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा की यदि वह अपनी आर्ट गैलरी को एक अलग सी पहचान देना चाहता है तो उसे किसी अन्य की नक़ल न करते हुए स्वयं का ओरिजिनल एवं अलग सा कार्य करना होगा। उद्यमी चाहे किसी अन्य आर्ट गैलरी से कितना भी प्रभावित क्यों न हो लेकिन उसकी नक़ल उद्यमी के बिजनेस को अलग सी पहचान दिला पाने में बाधा सिद्ध होगी। इसलिए उद्यमी को अपने बिजनेस की पहचान बनाने में भले ही कितना भी समय लगे लेकिन उसे किसी अन्य की नक़ल करने से बचना चाहिए। उद्यमी को इस बात का भी ध्यान देना होगा की भले ही उसने कितना भी विवादास्पद, चुनौतीपूर्ण आर्ट क्षेत्र चुना हो लेकिन एक बार चुन लिया तो ध्यान रहे उसे आधे में न छोड़कर उसमें आने वाली दिक्कतों एवं चुनौतियों से निबटने का रास्ता खोजना चाहिए। उद्यमी को अपने चुने हुए आर्ट क्षेत्र पर कायम रहना होगा क्योंकि यह उस बिजनेस की सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह भी एक साधारण सी बात है की लोग उद्यमी की Art Gallery में विद्यमान कलाकृतियों को तब खरीदेंगे जब उन्हें उस कलाकृति के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त हो पायेगी। और वे इस बात का निर्णय ले पाएंगे की उन्हें इस कलाकृति को क्यों खरीदना चाहिए। और इस कलाकृति को औरों से न खरीदकर उद्यमी की ही दुकान से क्यों खरीदना चाहिए। इसलिए एक आर्ट गैलरी के मालिक के तौर पर उद्यमी के पास उसके चयनित क्षेत्र के बारे में सम्पूर्ण जानकारी का होना नितांत आवश्यक है।

लॉयल ग्राहकों का नेटवर्क बनायें

यद्यपि भारत में Art Gallery Business के कुछ मुट्ठी भर ही ग्राहक मौजूद हैं क्योंकि एक पेंटिंग जो लाखों रूपये में बिकती है यहाँ के अधिकतर लोगों के लिए वह एक तस्वीर के सिवा कुछ नहीं है। इसलिए अधिकतर लोग इसी सोच में पड़ जाते हैं की आखिर किसी ने उस पेंटिंग पर लाखों रूपये खर्च क्यों कर दिए? कहने का अभिप्राय यह है की यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमें टारगेट ग्राहकों की संख्या बेहद कम हो सकती है। इसलिए उद्यमी का उद्देश्य अपने बिजनेस के लिए मजबूत कस्टमर बेस और दुबारा, तिबारा आने वाले ग्राहकों के लिए एक लॉयल नेटवर्क तैयार करना बेहद जरुरी है। लॉयल नेटवर्क बनाने के लिए उद्यमी चाहे तो उद्यमी दुबारा, तिबारा खरीदारी पर कुछ योजनायें भी चला सकता है जिससे उन ग्राहकों को फायदा हो जो उद्यमी के पास दुबारा या उससे अधिक बार खरीदारी करने के लिए आते हों। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की उद्यमी ने अपनी Art Gallery Business के लिए किस प्रकार के आर्ट का चयन किया है क्योंकि मुट्ठी भर ग्राहक भी उद्यमी की किस्मत बदलने में समर्थ हैं। इसलिए उद्यमी को एक मजबूत कस्टमर बेस एवं लॉयल नेटवर्क बनाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए।

आर्ट गैलरी के लिए लोकेशन

Art Gallery Business के लिए अच्छी लोकेशन का चयन करना बेहद जरुरी है इसलिए उद्यमी के बिजनेस के लिए एक ऐसी लोकेशन अच्छी हो सकती है जहाँ पर अन्य बिजनेस इकाइयाँ भी स्थापित हो और वहाँ पर अनेकों लोग आते हों। उदाहरणार्थ: यदि उद्यमी का बिजनेस किसी प्रचलित सलून, स्पा या फाइव स्टार होटल के आस पास मौजूद हो तो वह यहाँ पर आने वाले ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है। जैसा की हम सबको विदित है की जहाँ पर ट्रैफिक अधिक रहता है ऐसे स्थानों को कम विज्ञापन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा एक ऐसी लोकेशन जहाँ पर लोग ठहरने या ट्रेवल करने जाते हों वहाँ पर भी Art Gallery Business शुरू करना लाभकारी हो सकता है। क्योंकि अक्सर टूरिस्ट के तौर पर जाने वाले लोगों की आदत उस क्षेत्र विशेष से कुछ न कुछ खरीदने की होती है जो उन्हें आर्ट गैलरी तक खींच तक लाने में सक्षम होती है। इसलिए उद्यमी को इस बिजनेस के लिए भी लोकेशन का चयन काफी सोच समझकर करना होगा।

कलाकृतियों को ऑनलाइन बेचना

वर्तमान में उद्यमी हर प्रकार के उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकता है और इसके लिए उसे स्वयं की वेबसाइट इत्यादि स्थापित करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। क्योंकि वर्तमान में भारत में भी बहुत बड़े बड़े ऑनलाइन मार्केटप्लेस मौजूद हैं जिनके पास लाखों करोड़ों का कस्टमर बेस मौजूद है और जो हर प्रकार के उत्पादों को ऑनलाइन बेचने में समर्थ हैं। इसलिए Art Gallery Business शुरू करने वाला उद्यमी अपनी गैलरी में उपलब्ध कलाकृतियों को अमेज़न, ईबे, फ्लिप्कार्ट, स्नेपडील इत्यादि के माध्यम से ऑनलाइन भी बेच सकता है। इस प्रक्रिया में उद्यमी को इन ऑनलाइन मार्केटप्लेस में अकाउंट बनाना होगा और कलाकृतियों की फोटो खींचकर उसकी कीमत इत्यादि का निर्धारण करके पोस्ट करना होगा। सब कुछ ठीक होने पर सम्बंधित मार्केटप्लेस उद्यमी के उत्पादों को ग्राहकों को दिखाना शुरू कर देगा और बिक्री होने पर उद्यमी के पैसे उद्यमी के खाते में ट्रान्सफर कर दिए जाते हैं। लेकिन ध्यान रहे स्वयं के उत्पाद ऑनलाइन बेचने के लिए उद्यमी का बिजनेस रजिस्टर होना चाहिए और उद्यमी के पास टैक्स रजिस्ट्रेशन जैसे GSTIN इत्यादि होना भी आवश्यक है। इसके अलावा यदि उद्यमी इन वेबसाइट के माध्यम से विदेशों में भी अपनी कलाकृतियाँ बेचना चाहता है तो इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड की भी आवश्यकता हो सकती है।

Art Gallery को प्रमोट करें

चूंकि Art Gallery Business कलात्मकता से जुड़ा हुआ बिजनेस है इसलिए इस कलात्मक उद्यम को सफल बनाने के लिए उद्यमी को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की वह ग्राहकों के सामने अपने आप को कैसे प्रस्तुत करता है। उद्यमी को ग्राहकों के सामने व्यवस्थित एवं सुसंगत रहने की आवश्यकता होती है उद्यमी को उस समुदाय के अंतर्गत स्वयं को एक विशेष कला को प्रदर्शित करने एवं बेचने की पहचान बनानी होगी। सरल शब्दों में यदि हम कहें तो हम कहेंगे की उद्यमी को इस बात का स्मरण रहना चाहिए की बिजनेस में सफलता उसे रातोंरात नहीं मिलेगी। बल्कि अपने Art Gallery Business को सफल बनाने के लिए उसे गंभीर प्रयास करने होंगे। इसलिए अपने बिजनेस को प्रमोट करने के लिए उद्यमी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन से सम्बंधित विभिन्न तरीकों को अपना सकता है।  

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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