Banquet Hall Business Plan. बैंक्वेट हॉल बिजनेस कैसे शुरू करें?

Banquet Hall को मैरिज हाल के नाम से भी जाना जाता है वर्तमान में इस तरह के ये हाल भारत में काफी प्रसिद्ध हैं । क्योंकि वर्तमान में इनका इस्तेमाल न सिर्फ शादी विवाह के लिए होता है । बल्कि पार्टी, जन्मदिन, सालगिरह, रिसेप्शन इत्यादि के लिए भी होता है। कहने का आशय यह है की बैंक्वेट हाल का इस्तेमाल लोग विभिन्न समारोहों, अवसरों एवं उत्सव के मौकों पर करते हैं । इसलिए वर्तमान में Banquet Hall Business शुरू करना कमाई की दृष्टी से लाभकारी हो सकता है। यद्यपि बहुत सारे लोगों को बैंक्वेट हाल क्या होता है? के बारे में भी कम जानकारी होती है इसलिए यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की बैंक्वेट हॉल या मैरिज हॉल एक बड़ी ईमारत या कमरा होता है जिसका उपयोग लोगों द्वारा दावत देने के लिए किया जाता है। आम तौर पर लोग बैंक्वेट हॉल को अलग अलग कारणों से बुक करते हैं। कोई शादी के लिय्रे करता है तो कोई सालगिरह के लिए, कोई सामजिक मेलजोल के लिए करता है तो कोई कॉर्पोरेट पार्टी के लिए, कोई जन्मदिन के लिए करता है तो कोई अन्य व्यक्तिगत इवेंट के लिए। जहाँ तक कॉर्पोरेट पार्टी की बात है इनमें विभिन्न अवसरों के आयोजन जैसे मीटिंग, ट्रेनिंग, प्रोडक्ट लॉन्चिंग, अवार्ड सर्मोनी, प्रोडक्ट प्रमोशन, ट्रेड फेयर इत्यादि शामिल हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का Banquet Hall ढूँढने के पीछे अलग अलग कारण हो सकते हैं। यद्यपि इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को एक भारी भरकम निवेश की आवश्यकता होती है लेकिन यदि उद्यमी के पास अपनी जमीन है तो यह निवेश थोड़ा कम हो सकता है। कहने का आशय यह है की यदि एक अच्छी लोकेशन पर आपकी खुद की जमीन है तो हॉल का निर्माण आप खुद कर सकते हैं। लेकिन यदि आपके पास जमीन नहीं है तो आपको करोड़ों रूपये निवेश करने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि इस तरह के बिजनेस को शुरू करने के लिए एक बड़ी सी जमीन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा उद्यमी चाहे तो किसी और की बिल्डिंग को किराये में लेकर भी Banquet Hall Business शुरू कर सकता है।

Banquet hall business

बैंक्वेट हॉल बिजनेस के लिए बुनियादी आवश्यकताएं

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की Banquet Hall Business शुरू करने के लिए अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता होती है लेकिन किसी रेजिडेंशियल काम्प्लेक्स में पहले से उपलब्ध बैंक्वेट हॉल को किराये पर लेना कम निवेश की दृष्टी से उपयुक्त माना जा सकता है। कहने का आशय यह है की इस बिजनेस को शुरू करने के लिए कुछ बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता होती है उनमें सबसे पहली फंडिंग है। एक बैंक्वेट हाल को बेहद ही खुबसूरत ढंग से सजाया जाना चाहिए और इसमें लगभग 500-1000 लोगों की पार्टी करने की जगह होनी चाहिए। वर्तमान में लोगों द्वारा बैंक्वेट हॉल में एयर कंडीशनिंग की भी माँग की जाती है। उद्यमी को बैंक्वेट हॉल के फर्श को भी सजाने या सुन्दर बनाने के लिए कारपेटिंग इत्यादि पर भी ध्यान देना होता है। इन सभी कार्यों को निष्पादित करने के लिए उद्यमी को पर्याप्त मात्रा में धन की आवश्यकता होती है इसलिए कुछ भी करने से पहले फण्ड की व्यवस्था करना उद्यमी का पहला दायित्व बन जाता है। इसके अलावा Banquet Hall Business शुरू करने के लिए जिन बुनियादी चीजों की आवश्यकता होती है उनकी लिस्ट निम्नवत है।

  • बैंक्वेट हॉल की लोकेशन ऐसी होनी चाहिए की लोग वहां तक आसानी से पहुँच सकें।
  • पार्किंग एरिया का होना भी नितांत आवश्यक है यह बेसमेंट में, छत में, या फिर साइड में कहीं भी हो सकती है ।
  • यदि बिल्डिंग में दो तीन फ्लोर या इससे अधिक हैं तो लिफ्ट फैसिलिटी का होना भी नितांत आवश्यक है।
  • एयर कंडीशनिंग फैसिलिटी भी होनी चाहिए।
  • कुर्सी, मेज, कर्टेन, टेबल क्लॉथ, कारपेट इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है।
  • Banquet Hall में कम से कम चार कमरे तो होने ही चाहिए जिनमें दूल्हा, दुल्हन एवं विशेष अतिथि ठहर सकें या तैयार हो सकें।
  • वाई फाई फैसिलिटी उपलब्ध हो तो अच्छा है नहीं भी हो तो चलेगा।
  • यदि बिजली चली जाती है तो इस स्थिति को सँभालने के लिए जनरेटर इत्यादि की भी व्यवस्था होनी चाहिए ।
  • सुरक्षा की दृष्टि से CCTV Camera इन्सटाल्ड करना अनिवार्य है ।
  • इंडोर गेम के साथ बच्चों के लिए अलग से प्ले एरिया का होना भी आवश्यक है।
  • डांस फ्लोर एवं म्यूजिक डीजे फैसिलिटी।
  • बाजार या ग्राहकों की माँग के अनुसार खाने का मेनू।
  • बिजनेस मीटिंग के लिए कांफ्रेंस टेबल, प्रोजेक्टर इत्यादि की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

How to Start Banquet Hall Business in India. (बैंक्वेट हॉल कैसे शुरू करें?)

यद्यपि Banquet Hall Business शुरू करना उस व्यक्ति के लिए थोड़ा आसान हो सकता है जिसकी किसी अच्छी लोकेशन पर खुद की जमीन हो। क्योंकि अन्य उद्यमियों जिनके पास खुद की जमीन न हो उनकी तुलना में उसे कम निवेश की आवश्यकता होती है। लेकिन जमीन होने के बाद भी कंस्ट्रक्शन में बहुत अधिक खर्चा आ सकता है इसलिए यह एक ऐसा व्यापर है जिसे शुरू करने के लिए बड़ी मात्रा में निवेश की आवश्यकता होती है। यद्यपि कंस्ट्रक्शन लागत विभिन्न बातों जैसे हॉल का एरिया, मटेरियल कास्ट, मजदूरी, फ्लोर की संख्या, इस्तेमाल में लायी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता इत्यादि पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह अन्य बातों जैसे फर्श के प्रकार, दरवाजों के फ्रेम, खिडकियों और दरवाजों के निर्माण में इस्तेमाल में लायी जाने वाली लकड़ी, बाथरूम एवं किचन में लगने वाली सामग्री, बाहरी दीवारों की फिनिशिंग पर लगने वाली सामग्री इत्यादि पर निर्भर करता है। इससे पहले की हम इसी विषय को विस्तृत करें आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति भारत में Banquet Hall Business शुरू कर सकता है      

1 प्रतिस्पर्धा एवं मार्किट को समझें

आम तौर पर देखा जाय तो Banquet Hall में किसी भी तरह की पार्टी का आयोजन किया जा सकता है लेकिन इन सबके बावजूद उद्यमी को उस क्षेत्र विशेष में किस प्रकार की पार्टीयां अधिक होती हैं पर रिसर्च करना बेहद जरुरी है ।  जैसे यदि एक ऐसा क्षेत्र जहाँ कार्यालय एवं कम्पनियाँ अधिक हों वहाँ कॉर्पोरेट पार्टीयां भी की जा सकती है जबकि शादी, सालगिरह, जन्मदिन इत्यादि अवसर सभी के जीवन में आते हैं इसलिए इस तरह की पार्टीयाँ लगभग सभी क्षेत्रों में आयोजित की जाती हैं।  इसलिए उद्यमी को चाहिए की जिस क्षेत्र में वह बिजनेस कर रहा हो उस एरिया की विशेष माँग को समझने की कोशिश करे क्योंकि यह प्रक्रिया उद्यमी को मार्केटिंग की योजना बनाने में सहायक होगी। यद्यपि व्यक्तिगत एवं सामजिक इवेंट के लिए लोग किसी नजदीकी Banquet Hall को बुक करना पसंद करते हैं। लेकिन यदि बैंक्वेट हाल किसी कमर्शियल बिल्डिंग या एरिया में हो तो कॉर्पोरेट इवेंट अधिक हो सकते हैं।  इसके अलावा उद्यमी को उस क्षेत्र में यह भी पता करना होगा की उसके प्रतिस्पर्धी कौन कौन हैं? और उनके द्वारा अपने ग्राहकों को क्या क्या फैसिलिटी ऑफर की जा रही हैं। और उनकी मार्केटिंग रणनीति क्या है? ये सभी जानकारियां उद्यमी को एक सफल बिजनेस मॉडल तैयार करने में मदद करेगा।      

2.वित्त की व्यवस्था करें

यद्यपि हम पहले भी बता चुके हैं की Banquet Hall Business को एक बड़े कैपिटल की आवश्यकता होती है और उद्यमी को अधिकतम फण्ड शुरूआती दौर में ही खर्च करने की आवश्यकता होती है। भले ही उद्यमी को एक भी आर्डर नहीं मिला हो लेकिन उसे निवेश तो करना ही होगा। इसलिए उद्यमी को सर्वप्रथम इस बात का पता होना चाहिए की उसके बिजनेस को शुरू करने में कितनी लागत आ सकती है ताकि वह उसी के अनुसार वित्त की व्यवस्था कर सके। यदि उद्यमी के पास इतना फण्ड उपलब्ध है जितना उसे अपना बिजनेस शुरू करने के लिए चाहिए तो ठीक है अन्यथा उद्यमी अनेकों प्रकार की सरकारी योजनाओं के तहत के बैंक या फाइनेंस कंपनीयों से ऋण प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकता है। एंजेल इन्वेस्टर, वेंचर कैपिटलिस्ट इत्यादि भी एक विकल्प हो सकते हैं।    

3.अच्छी लोकेशन का चुनाव करें

Banquet Hall Business भी एक ऐसा बिजनेस है जिसकी सफलता या असफलता में लोकेशन मायने रखती है इसलिए उद्यमी को इस तरह के बिजनेस के लिए एक अच्छी लोकेशन का चुनाव करना चाहिए। उद्यमी को किसी प्राइम लोकेशन पर जिसका प्रवेश द्वार एवं सड़क चौड़ी हो वहां पर लोकेशन का चुनाव करना चाहिए। ध्यान रहे उद्यमी को अपने मेहमानों को पार्किंग फैसिलिटी भी मुहैया करानी होगी। ध्यान रहे यदि उद्यमी का हॉल बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में नहीं है तो वहां पर लिफ्ट फैसिलिटी का होना भी आवश्यक है। इसके अलावा पॉवर सप्लाई लेडीज एवं जेंट्स टॉयलेट इत्यादि होने चाहिए।    

4. कंस्ट्रक्शन एवं फ्लोर प्लान करें:

कंस्ट्रक्शन एवं फ्लोर प्लान Banquet Hall business करने वाले उद्यमी द्वारा प्रदान की जाने वाली फैसिलिटी पर निर्भर करता है।  कहने का अभिप्राय यह है की कंस्ट्रक्शन एवं फ्लोर प्लान प्रदान की जाने वाली फैसिलिटी के आधार पर अलग अलग हो सकता है। इसलिए उद्यमी को इस तरह की योजना बनाने के लिए किसी इंटीरियर डिज़ाइनर की मदद अवश्य लेनी चाहिए। क्योंकि यह काम ऐसा होता है यदि उद्यमी को इसकी जानकारी नहीं होगी तो उसे यह काम काफी परेशान कर सकता है इसलिए इस कार्य को निबटाने के लिए इंटीरियर डिज़ाइनर नियुक्त करना सही फैसला हो सकता है। उद्यमी को डांस फ्लोर, डीजे एरिया, बार बुफे इत्यादि के लिए जगह का निर्धारण करने की आवश्यकता होती है। आम तौर पर देखा गया है की अधिकतर Banquet Hall अपने ग्राहकों की आवश्यकता के अनुरूप इंटीरियर का प्रबंधन करते हैं । क्योंकि एक वैवाहिक समारोह एक कॉर्पोरेट पार्टी जैसा नहीं होगा इसलिए कॉर्पोरेट पार्टी में इंटीरियर का प्रबंधन अलग एवं वैवाहिक समारोह में अलग होगा। इसलिए उद्यमी को एक बहुत बड़ा स्टोर रूम की आवश्यकता भी होती है ताकि जब चीजें इस्तेमाल में न हों तो उन्हें आराम से स्टोर रूम में रखा जा सके। इसके अलावा किच, स्टाफ रूम, ऑफिस इत्यादि के लिए भी उचित जगह की आवश्यकता होती है।       

5. लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें (Banquet hall License)

Banquet Hall Business शुरू करने वाले उद्यमी को विभिन्न लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है जिनमें से कुछ का विवरण इस प्रकार से है।

  • सर्वप्रथम उद्यमी को अपने बिजनेस का प्रकार यानिकी प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप, प्राइवेट लिमिटेड, लिमिटेड इत्यादि में से किसी एक का चुनाव करके वैधानिक स्वरूप प्रदान करना होगा।
  • बिजनेस के नाम से चालू खाता एवं कर पंजीकरण की भी आवश्यकता होगी।
  • उद्यमी चाहे तो अपने बिजनेस को उद्योग आधार में भी रजिस्टर करा सकता है जिससे वह विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र हो जायेगा।
  • यदि उद्यमी दस या दस से अधिक कर्मचारियों को काम पर रखता है तो उसे पीएफ एवं ईएसआई रजिस्ट्रेशन करने की भी आवश्यकता हो सकती है।
  • कर्मचारियों के वेतन से टैक्स डीडक्ट करने के लिए TAN नंबर की भी आवश्यकता हो सकती है।
  • इसके अलावा यदि Banquet Hall Business करने वाला उद्यमी अपने ग्राहकों को फूड फैसिलिटी भी देता है तो उसे एफएसएसआई लाइसेंस की भी आवश्यकता हो सकती है।
  • इसके अलावा हाल या बिल्डिंग को फायर डिपार्टमेंट से नों ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट की भी आवश्यकता हो सकती है।        

6. बैंक्वेट हॉल की सजावट करें

इस कार्य को निष्पादित करने से पहले उद्यमी को एक बात अवश्य सोचनी चाहिए की वह अपने Banquet Hall को प्रतिस्पर्धियों से कैसे अलग प्रदर्शित कर सकता है। इसलिए उद्यमी को अपने हाल को जितना बढ़िया तरीके से वह सजा सकता है उतना बढ़िया तरीके से सजाना चाहिए। इसके लिए उद्यमी को सेंट्रल एयर कंडीशनिंग, फ्री वाई फाई, म्यूजिक सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, कांफ्रेंस टेबल इत्यादि इन्सटाल्ड करने की आवश्यकता हो सकती है। ग्राहकों की पसंद के मुताबिक उद्यमी को थीम पार्टी का भी प्रबंध करना पड़ सकता है इसलिए हाल की सजावट बेहद अत्याधुनिक मशीनरी एवं उपकरणों से  बेहद जरुरी है ।  

7. कर्मचारी नियुक्त करें

इस तरह के बिजनेस के लिए कर्मचारी या स्टाफ सबसे बड़े एवं प्रमुख स्रोत हैं उद्यमी को कौशल से भरपूर एवं प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। जो कठिन से कठिन परिस्थिति में भी ग्राहकों के सामने मुस्कराकर आयें और अपने कार्यों को सफलतापूर्वक अंजाम तक पहुँचायें। कर्मचारियों को मेहनती होने के साथ साथ समझदार भी होना चाहिए ताकि वे ग्राहकों की बातों को आसानी से समझ सकें। इसलिए उद्यमी को समय समय पर कर्मचारियों को प्रशिक्षण इत्यादि की भी व्यवस्था करनी होगी।   

8. मेनू एवं टेरिफ निर्धारित करें (Menu and Tariff of Banquet Hall)

उद्यमी को अपने Banquet Hall Business को सफलतापूर्वक चलाने के लिए मेनू एवं टेरिफ निर्धारित करने की आवश्यकता होती है। इसके लिए उद्यमी को सर्वप्रथम यह जानना होगा की उस क्षेत्र में सर्वाधिक जनसँख्या कौन से लोगों की है। अर्थात वहां पर सर्वाधिक लोगों को क्या खाना पसंद हो सकता है क्योंकि जब उद्यमी को यह जानकारी हो पायेगी उसके बाद ही वह मेनू एवं टेरिफ निर्धारित कर पाने में सक्षम होगा। जैसे यदि साउथ इंडिया में कोई ऐसा क्षेत्र हैं जहाँ नार्थ इंडियन लोग अधिक रहते हैं तो उद्यमी को नार्थ इंडियन खाने को मेन्यू में प्रमुखता देनी होगी। यद्यपि उद्यमी को साउथ इंडियन, नार्थ इंडियन, कॉन्टिनेंटल, इटालियन. चाइनीज इत्यादि सभी प्रकार के खाने को अपने मेन्यू में जगह देने की आवश्यकता हो सकती है।      

9. बैंक्वेट हाल बिजनेस में लाभ

यद्यपि जहाँ तक Banquet Hall Business से होने वाले लाभ का सवाल है इसमें कोई दो राय नहीं हैं की इस तरह का यह बिजनेस बहुत ही लाभकारी बिजनेस है। लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी हैं जो एक प्रमुख जोखिम है वह यह है की उद्यमी को उन दिनों में भी स्टाफ की सैलरी, बिल्डिंग मेंटेनेंस, बिजली बिल, पानी बिल इत्यादि सभी खर्चे करने होते हैं जब बैंक्वेट हॉल बुक न भी हो। आम तौर पर बैंक्वेट हॉल द्वारा अधिक कमाई ग्राहकों के खाने एवं अन्य फैसिलिटी जो उनके द्वारा प्रदान की जाती हैं से की जाती हैं। कुछ उद्यमियों द्वारा कमाई करने के लिए अपने ग्राहकों को एंकर, वीडियोग्राफी, प्रोजेक्टर, स्पेशल थीम इत्यादि एडिशनल सेवाएँ प्रदान की जाती है। किसी भी Banquet Hall की कमाई या लाभ इस बात पर निर्भर करता है की हॉल साल में कितने दिनों के लिए बुक रहता है। 

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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