प्लास्टिक एवं पॉलिमर

प्लास्टिक एवं पॉलिमर

Plastic Containers Manufacturing Business

Plastic Containers का उपयोग वैसे तो विभिन्न तरल पदार्थों जैसे लुब्रिकेंट और ग्रीज़ इत्यादि की पैकेजिंग हेतु किया जाता है लेकिन इसका जो सर्वाधिक तौर पर उपयोग होता है वह खाद्य तेल की पैकेजिंग करने हेतु किया जाता है हालांकि इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता Plastic containers के आकार के आधार पर इनका उपयोग अनेक दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली वस्तुओं के तौर पर किया जाता है लेकिन जब बात 15 लीटर के कंटेनर की आती है तो खाद्य तेलों को पैक करने में ही इसका बहुतायत तौर पर उपयोग किया जाता है | वर्तमान में यदि हम खाद्य तेलों के उपयोग होने की बात करें तो भारतवर्ष विश्व में एक बहुत बड़ा उपभोक्ता खाद्य तेलों का रहा है यहाँ के अधिकतर खान पान में खाद्य तेलों को उपयोग में लाया जाता रहा है | इसलिए इतनी बड़ी मांग को पूरा करने की जब

Drinking Straws Manufacturing Business

Drinking straws से हमारा आशय द्रव पीने वाली प्लास्टिक की एक नली से है | स्ट्रॉ का उपयोग विभिन्न प्रकार के पेय पदार्थ को पीने में किया जाता है | कहते हैं की वर्ष 1888 में मार्विन स्टोन नामक व्यक्ति ने स्पाइरल बाइंडिंग प्रक्रिया से स्ट्रॉ बनाने की निर्माण विधि को पेटेंट कराया था | स्टोन नामक यह व्यक्ति पहले से सिगरेट के बाहर लगने वाले कागज़ का निर्माणकर्ता था | उसी को पहली बार कागज से स्ट्रॉ बनाने का विचार आया था उससे पहले राई घास से निर्मित स्ट्रा उपयोग में लाये जाते थे | स्टोन द्वारा पहली बार Drinking straws का निर्माण पेंसिल के चारों ओर एक पेपर लपेटकर बाद में उसे चिपकाकर किया गया था चूँकि पेपर की स्ट्रॉ का उपयोग करने पर वह गीली एवं ढीली हो जा रही थी इसलिए उसने अगला प्रयोग पैराफिन लगे मनिला पेपर पर किया जो की कामयाब भी रहा

Acrylic Buttons Making Business

Acrylic Buttons रेडीमेड गारमेंट उद्योगों द्वारा बहुतायत तौर पर उपयोग में लायी जाने वाली एक प्रमुख वस्तु है | हम अक्सर अपने पहने जाने वाले कपड़ों जैसे कमीज, पेंट इत्यादि में पाते हैं की Acrylic Buttons का उपयोग हुआ होता है | चूँकि Acrylic Poly(methyl methacrylate) एक तरह का Plastic ही होता है इसलिए प्लास्टिक से Buttons बनाने के लिए मुख्यतः दो विधियाँ अपनाई जाती हैं | इनमे पहली विधि यह है की Acrylic Sheet या Polyester Sheet की Cutting Die Punching प्रक्रिया को अंजाम देकर पूर्ण की जाती है | दूसरी विधि में urea compression moulding प्रक्रिया द्वारा इस काम को अंजाम दिया जाता है | लेकिन इस Acrylic Buttons Making Business नामक इस लेख में हम पहली विधि अर्थात Acrylic Sheet को Dye Punching Machine के माध्यम से Cutting करके Acrylic Buttons बनाने के काम की कुछ मुख्य जानकारी देने की कोशिश करेंगे | Acrylic Buttons Making

Disposable Syringes Manufacturing Business

Disposable syringes से हमारा तात्पर्य डॉक्टर द्वारा मरीज के शरीर में दवाई को प्रवेश कराने के उपयोग में लायी जाने वाली सुई से है | इस बिज़नेस को करने का सबसे बड़ा फायदा यह है की disposable syringes की replacement demand बहुत उच्च होती है | इसलिए वर्ष के किसी भी महीने में हॉस्पिटल एवं अन्य चिकत्सकीय संस्थानों में इनकी असाधारण मांग हमेशा बनी रहती है | संक्रमण से होने वाले रोगों से बचने के लिए किसी एक मरीज पर एक ही सिरंजी का उपयोग किया जाता है | इसके अलावा पूरी दुनिया में एड्स के खतरे को देखते हुए Disposable syringes के दुबारा उपयोग को लगभग तिरस्कृत कर दिया गया है, यही कारण है की इसे एक बार उपयोग में लाकर फ़ेंक दिया जाता है इसलिए बाज़ार में इसकी हमेशा बहुत बड़े पैमाने पर मांग बनी रहती है | Disposable Syringes Manufacturing Business Kya Hai: Disposable Syringes का

Plastic Comb Making Business Info in Hindi.

Plastic Comb Making business अर्थात प्लास्टिक कंघी बनाने के काम के लिए अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता होती है | चूँकि प्लास्टिक कंघी का निर्माण पूर्ण रूप से मशीनों पर निर्भर होता है, इसलिए बिना मशीनों की सहायता लिए प्लास्टिक की कंघी का निर्माण करना संभव नहीं है, यही कारण है की Plastic comb making project में भारी निवेश की आवश्यकता पड़ती है, लघु उद्योग की परिभाषा के अनुसार निर्माण क्षेत्र में ऐसे उद्योग आते हैं, जिन्हें जमीन और बिल्डिंग के खर्चे को छोड़कर 25 लाख से 5 करोड़ तक का निवेश लगाकर Start किया जाता है | अब चूँकि Plastic Comb Making business को भी दिए गए निवेश के दायरे में आसानी से शुरू किया जा सकता है, इसलिए यह भी शुरूआती दौर में लघु उद्योग की श्रेणी में आएगा, किन्तु जैसे जैसे उद्यमी अपने Business के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु Machinery and Equipments बढ़ाता जायेगा और इनकी