Yojana

Yojana

Welfare Scheme For Fishermen

मछुआरों के हितों को ध्यान में रखकर चलाई गई यह Welfare Scheme for Fishermen को समझने से पहले यह समझ लेते हैं की  मछली पकड़ना एवं मत्स्य पालन  एक खतरनाक व्यवसाय है जो प्रकृति की अनियमितताओं से प्रभावित होता रहता है । मछुआरों के कल्याण के लिए संरचित यह राष्ट्रीय योजना  देश में मछुआरों के कल्याण के लिए एक समर्पित योजना है,  जो कि मछुआरों को मछली पकड़ने के दौरान होने वाली दुर्घटना के लिए सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है और गरीब मछुआरों को उस स्थिति जब उनके पास काम नहीं होता है से उबरने के लिए आर्थिक रूप से राहत प्रदान करती है । यह Welfare Scheme for Fishermen मछली पकड़ने के सत्र के लिहाज से एक अनूठी योजना है भारत सरकार का लक्ष्य  इस योजना का लाभ देश में बड़ी संख्या में मछुआरों को देने का है । राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को वित्तीय वर्ष 2015-16 के

National Career Service Portal of India.

National Career Service (India) एक राष्ट्रीय सूचना एवं संचार प्रोद्योगिकी आधारित पोर्टल है | NCS को मुख्य रूप से युवाओं की आकांक्षाओं के साथ अवसरों को जोड़ने के लिए विकसित किया गया है। यह पोर्टल नौकरी चाहने वालों, नौकरी प्रदाताओं, कौशल प्रदाताओं, करियर सलाहकारों आदि के पंजीकरण की सुविधा प्रदान करता है। National Career Service नामक यह पोर्टल एक उच्च पारदर्शी और उपयोगकर्ता के अनुकूल तरीके से नौकरी मिलने की सेवाएं प्रदान करता है। इस पोर्टल के अंतर्गत करियर परामर्श सामग्री के साथ ये सुविधाएं करियर सेंटर, मोबाइल डिवाइस, सीएससी इत्यादि जैसे कई चैनलों के माध्यम से वितरित किये जाने का प्रावधान किया गया है । यह परियोजना शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी के लिए युवाओं की विभिन्न मांगों और आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगी और एक बहुभाषी कॉल सेंटर द्वारा पूर्ण रूप से समर्थित होगी ताकि विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे लोग अपनी स्थानीय

Livestock Insurance Scheme in Hindi

Livestock Insurance Scheme से हमारा तात्पर्य पशुधन बीमा योजना से है | औद्योगिक क्षेत्र में हमारा देश भारतवर्ष चाहे किसी भी रफ़्तार से आगे बढ़ रहा हो लेकिन सच्चाई यही है की आज भी हमारे देश में एक बहुत बड़ी संख्या ऐसे जनमानस की है जिनका कमाई का या आजीविका चलाने का मुख्य स्रोत कृषि एवं पशुधन है | यही कारण है की भारत सरकार ने दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007) के अंतर्गत 2005 से Livestock Insurance Scheme अर्थात पशुधन बीमा योजना की शुरुआत की | इसके अलावा यह भी योजना बनाई गई की आने वाली पंचवर्षीय योजना यानिकी ग्यारवहीं पंचवर्षीय योजना (2007-2012) के शुरूआती वर्ष 2007-2008 में चयनित विभिन्न राज्यों के 100 जिलों में इस स्कीम को क्रियान्वयन में लाने की थी | उसके बाद यानिकी 2008-09 के बाद इस Livestock Insurance Scheme को प्रति वर्ष नियमित रूप से 100 जिलों में लागू करने का प्रावधान रखा गया |

India Post Franchise Scheme (डाक विभाग के साथ बिज़नेस करके कमाई करने का मौका)

India Post Franchise Scheme की अवधारणा भारतवर्ष में भारतीय डाक की पहुंच को हर क्षेत्र चाहे वह ग्रामीण हो या शहरी तक करने की है | हालांकि यह सत्य है की दुनिया में भारतीय डाक नामक यह नेटवर्क सबसे बड़ा नेटवर्क है जिसके पूरे देश में 1.55 लाख से अधिक डाकघर स्थापित हैं | लेकिन इसके बावजूद डाकघरों की मांग जारी है इसी प्रकार की मांग को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के उद्देश से डाक विभाग द्वारा India Post Franchise Scheme की शुरुआत की गई है जिससे इच्छुक व्यक्ति भारतीय डाक के साथ अपना बिज़नेस शुरू करके जरुरतमंदो को डाक सेवाएँ उपलब्ध करा सकें | यह डाकघर विभाग द्वारा शुरू की गई योजना शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में डाक सुविधाओं को विस्तृत कराने के उद्देश से चलाई गई है कहने का आशय यह है की यह India Post Franchise Scheme किसी क्षेत्र विशेष के लिए नहीं अपितु

Niryat Bandhu Scheme in Hindi.

Niryat Bandhu Scheme भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय द्वारा चलाई गई एक योजना है जिसका लक्ष्य पहली पीढ़ी के उद्यमियों एवं IEC होल्डर को आयात निर्यात बिज़नेस सम्बन्धी प्रशिक्षण एवं सलाह प्रदान करना है | भारत में अंतराष्ट्रीय बिज़नेस शुरू करने के लिए भारत सरकार में विदेश व्यापार महानिदेशालय पहला संपर्क बिंदु है | कोई भी व्यक्ति जो अंतराष्ट्रीय व्यापार शुरू करना चाहता है उसके लिए सबसे पहले Import Export Code (IEC) के लिए आवेदन करना आवश्यक हो जाता है | एक आंकड़े के मुताबिक Directorate General of Foreign trade प्रति वर्ष लगभग 60000 IEC जारी करता है | तत्पश्चात IEC holder विदेशी व्यवपार निति के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु DGFT से संपर्क करते हैं | महानिदेशालय के अनुभव के अनुसार सामान्य तौर पर नए उद्यमियों में अन्तराष्ट्रीय बिज़नेस करने के लिए आवश्यक जरुरी Skills की भारी कमी देखने को मिलती है | इसी बात के मद्देनज़र