चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) बनने की पूरी जानकारी. How to Become a Charted Accountant in India.

Charted Accountant को इनके लघु नाम सीए के तौर पर जाना जाता है और इस तरह के पेशे को हमेशा एकाउंटेंसी से जोड़कर देखा जाता है । और ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अक्सर सीए किसी कंपनी या व्यक्तिगत व्यक्ति के वित्तीय सम्बन्धी मामलों को ही देखते हैं। जी हाँ जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की कमाई की एक सीमा के बाद हर किसी नागरिक को आयकर के तौर पर अपनी कमाई से एक निर्धारित प्रतिशत सरकार को देने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा इसके कुछ एक्सेप्शन भी होते हैं जो एक charted Accountant को अच्छी तरह से पता होते हैं। कहने का आशय यह है की व्यक्तिगत व्यक्ति टैक्स भरवाने, टैक्स बचाने एवं अन्य वित्तीय मामलों में सहायता के लिए सीए की मदद लेते हैं। लेकिन जहाँ तक किसी कंपनी का सवाल है कम्पनी को अपने दैनिक कार्यों में बहुत सारे ऐसे कार्य करने होते हैं जिनमें सीए के सुझावों की आवश्यकता होती है। यही कारण है की कुछ कम्पनियां स्थायी तौर पर सीए नियुक्त करती है तो कुछ कम्पनियां केवल कंसलटेंट के तौर पर नियुक्त करके इनके प्रति विजिट या सलाह की फीस तय करती हैं। एक Charted Accountant वित्तीय मामलों का जानकार होता है इसलिए व्यक्तिगत व्यक्ति एवं कम्पनियाँ किसी भी वित्तीय झमेले से बचने के लिए इनकी सलाह अवश्य लेते हैं ताकि सब कुछ नियम कानूनों के मुताबिक ही पूर्ण किया जा सके। ऐसे में यदि आप भी सीए बनना चाहते हैं या अपने बच्चे को इस पेशे में प्रवेश कराना चाहते हैं तो आपके मष्तिष्क में एक सवाल अवश्य आ रहा होगा। सीए बनने के लिए क्या क्या क्या करना पड़ता होगा। तो आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इसी के बारे में विस्तृत तौर पर बात करने वाले हैं । लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की सीए होते कौन हैं।

Charted accountant kaise bane

सीए कौन होते हैं (Who are Charted Accountant)

एक ऐसा व्यक्ति जो किसी व्यवसाय के एकाउंटिंग एवं टैक्सेशन से सम्बंधित मामलों की देखभाल करने के लिए योग्यता रखता हो। और जिसने एक वैधानिक निकाय जो सीए रजिस्ट्रेशन के लिए अधिकृत है से प्रमाण प्राप्त किया हो। आम तौर पर सीए एकाउंटेंसी से जुड़े पेशेवर होते हैं और इन्हें Charted Accountant के नाम से संबोधित किया जाता है। इनके कार्यों में रिटर्न फाइल करना, निवेश के रिकॉर्ड को बनाये रखना, वित्तीय विवरणों और बिजनेस प्रथाओं का ऑडिट करना, वित्तीय दस्तावेज और रिपोर्ट तैयार करना, एवं इनकी समीक्षा करना इत्यादि शामिल है। एक सीए अपने व्यक्तिगत ग्राहकों, कम्पनियों इत्यादि को अपनी सेवाएँ एवं सलाह देने के लिए अधिकृत होता है। सर्टिफाइड Charted Accountant बनने के लिए उम्मीदवार को इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण के तीन स्तरों को पूरा करना अति आवश्यक है। प्रशिक्षण के तीनों स्तरों को क्वालीफाई करने के बाद ही उम्मीदवार को सीए के पदनाम से शुशोभित किया जाता है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ही भारत में एक ऐसा वैधानिक निकाय है जो सीए के पेशे को विनियमित एवं बनाये रखने के लिए उत्तरदायी है।

सीए कैसे बनें (How to become a Charted Accountant in India)

किसी भी विद्यार्थी को सीए बनने में लगभग 5 वर्षों तक का समय लग सकता है और सीए कोई भी विद्यार्थी चाहे वह आर्ट पढ़ा हुआ हो, साइंस पढ़ा हुआ हो या फिर कॉमर्स पढ़ा हुआ हो अप्लाई कर सकता है। हाँ लेकिन इसमें कम से कम आवश्यक अंकों का प्रतिशत हर वर्ग के लिए अलग अलग हो सकते हैं। सीए फाउंडेशन कोर्स जिसे CA CPT  भी कहा जाता है के लिए विद्यार्थी अप्लाई तो दसवीं पास करने के बाद भी कर सकता है। लेकिन इस एग्जाम में वह हिस्सा बारहवीं पास करने के बाद ही ले सकता है। Charted Accountant बनने से सम्बंधित लोगों के मन में अनेकों प्रश्न होंगे। लेकिन जो सबसे बड़ा प्रश्न होता है वह यही की भारत में सीए बनने की प्रक्रिया क्या है। तो आइये आगे हम स्टेप बाई स्टेप इसी के बारे में बात करते हैं।

Charted Accountant (सीए) फाउंडेशन कोर्स के लिए पंजीकरण कराएँ

जैसा की हम पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं की भारत में सीए पेशे का विनियमनइंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की जिम्मेदारी है। इसलिए Charted Accountant बनने के इच्छुक विद्यार्थी को ICAI की वेबसाइट पर जाकर सीए फाउंडेशन कोर्स के लिए अप्लाई करना होता है। विद्यार्थी चाहे तो इसके लिए दसवीं पास करने के बाद भी आवेदन कर सकता है लेकिन उसे इस एंट्रेंस एग्जाम में शामिल होने की ईजाजत बारहवीं पास करने के बाद ही मिलेगी। इस एंट्रेंस एग्जाम को सीए फाउंडेशन के अलावा CA CPT भी कहा जाता है। यदि बारहवीं में किसी विद्यार्थी की कॉमर्स है तो इस एंट्री लेवल टेस्ट में पूछे जाने वाले प्रश्न कहीं न कहीं उस पाठ्यक्रम से सम्बंधित हो सकते हैं। यह एंट्री लेवल टेस्ट साल में दो बार मई एवं नवम्बर में होता है। इसलिए विद्यार्थी को 30 जून और 31 दिसम्बर से पहले रजिस्टर कराने की आवश्यकता होती है। दसवीं पास करने के बाद अप्लाई करने का फायदा यह होगा की विद्यार्थी को अध्यन सामग्री पहले मिल जायेगी जिससे वह अच्छे से इस एग्जाम की तैयारी कर सकता है। वैसे यदि विद्यार्थी ने दसवीं के बाद सोच ही लिया है की उसे Charted Accountant ही बनना है तो वह ग्यारहवीं से कॉमर्स सेक्शन का चुनाव करके अपनी पढाई कर सकता है। इससे भी उसे CA CPT Exam क्लियर करने में काफी मदद मिलेगी। वर्तमान में ICAI की वेबसाइट के अनुसार फाउंडेशन कोर्स रजिस्ट्रेशन फीस 9000 रूपये और Prospectus Fees 200 रूपये है हालांकि यह समय के साथ बदल भी सकती है।

CA Foundation Course को पास करें

अब Charted Accountant बनने की तरफ विद्यार्थी का अगला कदम फाउंडेशन कोर्स को पास करने का होना चाहिए यदि विद्यार्थी ने दसवीं के बाद ही रजिस्टर कर लिया हो तो उसे पढ़ाई के लिए उचित समय मिल गया होगा। लेकिन यदि विद्यार्थी ने बारहवीं पास करके ही रजिस्ट्रेशन किया हो तो उसके पास पढाई के लिए केवल 4-5 महीने होते हैं। इन महीनों में उसे ध्यान लगाकर पढने की आवश्यकता होती है। वैसे देखा जाय तो इसके सिलेबस को मुख्य तौर पर चार भागों जैसे प्रिंसिपल एंड प्रैक्टिस एकाउंटिंग, मर्केंटाइल लॉ एंड जनरल इंग्लिश, बिजनेस मैथमेटिक्स, लॉजिकल रीजनिंग एंड स्टेटिस्टिक्स, बिजनेस इकनोमिक एंड बिजनेस एंड कमर्शियल नॉलेज में बांटा जा सकता है। इस कोर्स की अंकों के आधार पर सिलेबस कुछ इस प्रकार से है।

Sl No.विषयअधिकतम अंक
1.प्रिंसिपल एंड प्रैक्टिस ऑफ़ एकाउंटिंग100
2.बिजनेस लॉ60
3.बिजनेस कॉरेस्पोंडेंस एंड रिपोर्टिंग40
4.बिजनेस मैथमेटिक्स40
5.लॉजिकल रीजनिंग20
6.स्टेटिस्टिक्स40
7.बिजनेस इकोनॉमिक्स60
8.बिजनेस एंड कमर्शियल नॉलेज40

 यह जो विषय और अंकों की जानकारी हम दे रहे हैं यह ICAI की ऑफिसियल वेबसाइट से ली गई है लेकिन यह भविष्य में बदल भी सकती है। इसलिए लेटेस्ट एवं अधिकारिक जानकारी के लिए ऑफिसियल वेबसाइट पर विजिट करें। इस एग्जाम में कुछ पेपर ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्नों पर आधारित होंगे तो कुछ पेपर में सब्जेक्टिव टाइप प्रश्न भी पूछे जायेंगे। विद्यार्थी को फाउंडेशन कोर्स पास करने के लिए प्रत्येक पेपर में कम से कम 40% अंक प्राप्त करने होंगे। और सभी पेपर में कम से कम 50% अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।

इंटरमीडिएटरी कोर्स के लिए रजिस्टर करें और पास करें

अब Charted Accountant बनने के लिए उम्मीदवार का अगला कदम इंटरमीडिएटरी कोर्स के लिए रजिस्टर करने का होना चाहिए। कहने का आशय यह है की अब यदि उम्मीदवार ने फाउंडेशन कोर्स पास कर लिया हो तो अब उसका अगला कदम ICAI की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर इंटरमीडिएट कोर्स के लिए रजिस्टर करने का होना चाहिए। इसके लिए फाउंडेशन कोर्स पास किया हुआ उम्मीदवार 1 मार्च या 1st सितम्बर से पहले डायरेक्ट रूट के तहत सीए इंटरमीडिएट कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान करके ज्वाइन कर सकता है। जहाँ तक रजिस्ट्रेशन की बात है उद्यमी इस रजिस्ट्रेशन को ICAI के ऑफिसियल पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ही कर सकता है इसके लिए उसे किसी प्रकार के दस्तावेज हार्ड कॉपी के रूप में देने की आवश्यकता नहीं होती है। बल्कि उम्मीदवार को सेल्फ अटेस्ट किये हुए दस्तावेज ऑनलाइन ही अपलोड करने होते हैं । जहाँ तक इस कोर्स के सिलेबस का सवाल है उसकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

समयविषय अधिकतम अंक
3 घंटेएकाउंटिंग100
3 घंटेकॉर्पोरेट एंड अदर लॉ100
3 घंटेकास्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटिंग100
3 घंटेटैक्सेशन100
3 घंटेएडवांस्ड एकाउंटिंग100
3 घंटेऑडिटिंग एंड एश्योरेंस100
3 घंटेएंटरप्राइज इनफार्मेशन सिस्टम एंड स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट100
3 घंटेफाइनेंसियल मैनेजमेंट एंड इकोनॉमिक्स फॉर फाइनेंस100

 Charted Accountant के इंटरमीडिएट कोर्स को पास करने के लिए भी प्रत्येक पेपर में कम से कम 40% अंक और सभी समूह के विषयों में कम से कम 50% अंक प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।

Charted Accountant (सीए) आर्टिकल शिप पूर्ण करें

इंटरमीडिएट कोर्स पास कर लेने के बाद अब Charted Accountant बनने के इच्छुक उम्मीदवार को खुद की सीए आर्टिकलशिप शुरू करनी होगी। इसके लिए उम्मीदवार को किसी रजिस्टर्ड सीए या किसी रजिस्टर्ड सीए फर्म के साथ काम करने की आवश्यकता होती है। लेकिन जब से उसने किसी रजिस्टर्ड फर्म या सीए के साथ काम करना शुरू किया है उसके तीस दिनों के अन्दर अन्दर उम्मीदवार को ICAI को अपनी आर्टिकलशिप के बारे में जानकारी देनी होती है इसके लिए उम्मीदवार को आर्टिकलशिप रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता होती है जिसे वह ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरीके से कर सकता है। उम्मीदवार की आर्टिकलशिप कम से कम तीन सालों तक चलती है। इन तीन सालों में वह इस पेशे से जुड़ा व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर पाने में सफल हो पाता है।

सीए फाइनल कोर्स के लिए आवेदन करें और पास करें

इंटरमीडिएट कोर्स एवं सीए आर्टिकलशिप पूर्ण कर लेने के बाद Charted Accountant बनने की ओर अगला एवं अंतिम कदम फाइनल कोर्स के लिए आवेदन करना और उसे पास करने का होता है। सीए के इस अंतिम पाठ्यक्रम में ग्रुप फर्स्ट एवं ग्रुप सेकंड ग्रुप फर्स्ट में चार प्रमुख पेपर होते हैं जबकि ग्रुप सेकंड में एक इलेक्टिव पेपर के साथ तीन प्रमुख पेपर होते हैं। इलेक्टिव पेपर के तौर पर उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन के समय ही छह विकल्प में से किसी एक का चुनाव करना होता है। फाइनल कोर्स रजिस्ट्रेशन के लिए भी उम्मीदवार को ICAI की ऑफिसियल वेबसाइट पर ही जाना होता है। फाइनल कोर्स के विषय एवं अंकों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

समय विषय अधिकतम अंक
3 घंटेफाइनेंसियल रिपोर्टिंग100
3 घंटेस्ट्रेटेजिक फाइनेंसियल मैनेजमेंट100
3 घंटेएडवांस्ड ऑडिटिंग एंड प्रोफेशनल एथिक्स100
3 घंटेकॉर्पोरेट एंड इकनोमिक लॉ100
3 घंटेस्ट्रेटेजिक कास्ट मैनेजमेंट एंड परफॉरमेंस इवैल्यूएशन100
3 घंटेरिस्क मैनेजमेंट (इलेक्टिव सब्जेक्ट)100
3 घंटेडायरेक्ट टैक्स लॉ एंड इंटरनेशनल टैक्सेशन100
3 घंटेइनडायरेक्ट टैक्स लॉ100

     Charted Accountant का फाइनल कोर्स पास करने के लिए भी एक विषय में कम से कम 40% अंक और सभी विषयों के कुल योग को मिलाकर कम से कम 50% अंक होना आवश्यक है। फाइनल कोर्स सफलतापूर्वक पास करने के बाद उम्मीदवार सीए बन जाता है अब रजिस्टर्ड सीए बनने के लिए हो सकता है की उसे ICAI की अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से खुद को एक सीए के तौर पर रजिस्टर कराने की भी आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा ऐसे लोग जो ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट हों, और सीए बनना चाहते हों, उन्हें फाउंडेशन कोर्स पास करने की आवश्यकता नहीं होती। वे सीधे इंटरमीडिएट कोर्स में दाखिला ले सकते हैं लेकिन कॉमर्स ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट के कम से कम 55% अंक होने चाहिए जबकि अन्य ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट के लिए कम से कम प्राप्तांक की सीमा 60% है। Charted Accountant बनने के लिए उसके बाद की प्रक्रियाएं लगभग एक जैसी ही रहेंगी।

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |