कॉलेज प्रोफेसर कैसे बनें । How to become College Professor in India.

college professor को lecturer भी कहा जाता है जी हाँ दोस्तों वर्तमान में शिक्षा क्षेत्र में कैरियर बनाने का एवं कमाई करने का सबसे प्रचलित तरीका शिक्षक या प्रोफेसर बनना है । यह ऐसा क्षेत्र है जहाँ से न सिर्फ कमाई हो रही होती है बल्कि शिक्षक एवं प्रोफेसर को समाज में सम्मान भी मिलता है वह इसलिए क्योंकि समाज को मार्ग दिखाने में शिक्षकों का अहम योगदान होता है । यही वे लोग होते हैं जिनके सानिध्य में देश का भविष्य जवान होता है । कहने का आशय यह है की प्राचीनकाल से ही शिक्षकों को उचित एवं सटीक मार्ग दिखाने वाला माना गया है, यही कारण है की गुरु को ईश्वर से भी बड़ा स्थान दिया गया है क्योंकि ईश्वर तक पहुँचने का रास्ता गुरु ही बताते हैं । यद्यपि आज का हमारा विषय गुरु की महिमा का बखान करने का नहीं, बल्कि अपना कैरियर बनाने एवं कमाई करने के लिए College Professor या लेक्चरर कैसे बनें का है इसलिए अब हम इसी विषय पर ध्यान केन्द्रित करने की कोशिश करते हैं । यह सच्चाई है की भारत में अनेकों लोग प्रोफेसर बनने के लिए लालायित रहते हैं लेकिन शायद वे इस जानकारी से अनभिज्ञ रहते हैं की कैसे वे College Professor या Lecturer बन सकते हैं । तो आइये आज इस लेख के माध्यम से हम प्रोफेसर बनने के लिए पात्रता नियमों से लेकर, प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं, प्रोफेसर बनने के लिए कौशल इत्यादि के बारे में बात करेंगे ।

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College Professor बनने के लिए पात्रता मानदंड:

College Professor बनने के इच्छुक व्यक्ति को सर्वप्रथम इस बात का निरीक्षण करना चाहिए की क्या वह प्रोफेसर बनने के लिए न्यूनतम पात्रता मानकों पर खरा उतरता है की नहीं । व्यक्ति को यह जांचना होगा की क्या उसके पास UGC द्वारा निर्धारित मानदंडों के मुताबिक प्रोफेसर बनने के लिए अनिवार्य डिग्री है की नहीं । शैक्षिक योग्यता के अलावा व्यक्ति को प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं भी पास करनी होती हैं । लेकिन प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में शामिल होने से पहले व्यक्ति को अपनी शैक्षिक योग्यता से एवं उम्र सम्बन्धी पात्रता की जांच करनी चाहिए । भारत में College Professor बनने के लिए शैक्षिक एवं उम्र सम्बन्धी पात्रता नियम निम्न हैं ।

प्रोफेसर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता:

College Professor बनने के इच्छुक व्यक्ति के पास कम से कम कुछ निर्धारित प्रतिशत के साथ मास्टर डिग्री होना अनिवार्य है । हालांकि यह सामजिक श्रेणी के आधार पर अलग हो सकती है जिसका संक्षिप्त वर्णन निम्न है ।

सामान्य श्रेणी से ताल्लुक रखने वाले उम्मीदवार : मास्टर डिग्री कम से कम 55% अंकों के साथ होनी चाहिए ।

अनुसूचित जाति/जनजाति इत्यादि से सम्बंधित उम्मीदवार: मास्टर डिग्री कम से कम 50% अंको के साथ ।

प्रोफेसर बनने के लिए उम्र सीमा:

भारत में प्रोफेसर बनने के लिए किसी प्रकार की कोई उपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं है यही कारण है की कई लोग ऐसे होते हैं जो अन्य नौकरियों से अनुभव प्राप्त करने के बाद इस पेशे को चुनते हैं हालंकि उन्हें भी College Professor बनने के लिए यूजीसी नेट की तैयारी करके इसमें क्वालीफाई करना होता है । जो की एक बेहद लम्बी प्रक्रिया होती है । शायद यही कारण है की UGC द्वारा प्रोफेसर बनने के लिए कोई उपरी आयु निर्धारित नहीं की गई है ।

College Professor बनने के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं:

College Professor बनने के इच्छुक विद्यार्थी को अर्थात एक प्रोफेसर के तौर पर अपना कैरियर स्थापित करने के लिए विद्यार्थी को कुछ प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में उपस्थित होना पड़ सकता है, जिनका संक्षिप्त विवरण निम्नवत है।

यूजीसी नेट (UGC National Eligibility Test):

नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट को इसके विख्यात नाम यूजीसी नेट के नाम से जाना जाता है यह एक प्रतिस्पर्धी परीक्षा होती है जिसे यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यानिकी यूजीसी द्वारा आयोजित किया जाता है। यह परीक्षा इसलिए आयोजित की जाती है ताकि यूजीसी से स्वीकृत कॉलेजों में प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति हो सके, हालांकि शुरुआत में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्तियाँ की जाती है। पहले यूजीसी नेट परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती थी लेकिन जब से सीबीएसई ने इसका कार्यभार संभाला है इस परीक्षा की अवधि तय नहीं की गई है।

गेट (Graduate Aptitude Test in Engineering):  

ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग को शोर्ट फॉर्म में गेट के नाम से भी जाना जाता है, जिस प्रकार सामान्य शैक्षणिक संस्थानों में प्रोफेसर की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी प्रोफेसर की आवश्यकता होती है । इंजीनियरिंग कॉलेजों में College Professor बनने के इच्छुक विद्यार्थी को गेट टेस्ट में क्वालीफाई करना होता है । यह प्रतिस्पर्धी परीक्षा गेट कमेटी (जिसमें आईआईएससी, बैंगलोर और सात आईआईटी के संकाय सदस्य शामिल होते हैं) द्वारा आयोजित की जाती है। गेट स्कोर का इस्तेमाल उम्मीदवार पीएचडी करने के लिए भी कर सकता है। पीएचडी के रूप में अपने शोध पत्र प्रकाशित करने के बाद उम्मीदवार आईआईटी या एनआईटी इत्यादि में प्रोफेसर, लेक्चरर के लिए आवेदन कर सकता है ।

स्लेट (State Level Eligibility test):  

SLET प्रतिस्पर्धी परीक्षा भी यूजीसी द्वारा ही आयोजित की जाती है लेकिन यह राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धी परीक्षा होती है । इसलिए यह प्रतिस्पर्धी परीक्षा क्लियर करके उम्मीदवार केवल राज्य स्तर के कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में College Professor बनने के लिए आवेदन कर सकता है। राष्ट्रीय स्तर के कॉलेजों में प्रोफेसर बनने हेतु आवेदन करने के लिए यूजीसी नेट की परीक्षा में क्वालीफाई करना जरुरी है।

CSIR NET:

CSIR NET Exam भी एक राष्ट्रीय स्तरीय प्रतिस्पर्धी परीक्षा है इसका आयोजन Council of Scientific & Industrial Research (CSIR) द्वारा किया जाता है । यह प्रतिस्पर्धी परीक्षा विज्ञान क्षेत्र को ध्यान में रखकर आयोजित की जाती है इसमें जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गाणितिक विज्ञान एवं भूमि विज्ञान सभी कुछ शामिल होता है। इस प्रतिस्पर्धी परीक्षा के आयोजन के पीछे मुख्य मकसद जूनियर रिसर्च फ़ेलोशिप एवं लेक्चरर पदों के आवेदन के लिए पात्रता चेक करने का होता है।

College Professor बनने के लिए क्या क्या कौशल होना चाहिए:

उपरोक्त वाक्यों में बताई गई पात्रता सम्बन्धी नियम एवं शर्तें अधिकारिक संस्थानों द्वारा निर्धारित की गई हैं इसलिए वे सभी अनिवार्य हैं । उपरोक्त नियम शर्तों को पूरा कर लेने के बाद College Professor बनने के इच्छुक उम्मीदवार को अपने अन्दर और कुछ अतिरिक्त कौशल विकसित करने की आवश्यकता हो सकती है। जानकारों के मुताबिक एक प्रोफेसर में निम्न कौशल होने आवश्यक होते हैं।

  • प्रोफेसर बनने के इच्छुक व्यक्ति को पढ़ाने का जूनून होना चाहिए।
  • सम्बंधित विषय में काफी रूचि होनी चाहिए।
  • पढ़ाने के लिए नए विचार ढूंढने हेतु क्रिएटिव माइंड होना चाहिए।
  • हमेशा नई नई चीजें सीखने की इच्छा होनी चाहिए।
  • एक प्रोफेसर को प्रभावी अधिवक्ता होना चाहिए ।
  • गहन शोधकर्ता होना चाहिए ।
  • समस्याओं को हल करने की क्षमता होनी चाहिए ।
  • समय प्रबंधन करना आना चाहिए ।
  • सकारात्मक एवं आत्मविश्वासी होना चाहिए ।

एक College Professor की जिम्मेदारियाँ एवं कर्तव्य:

एक College Professor या Lecturer की जिम्मेदारियाँ सिर्फ इतनी ही नहीं होती की वह क्लासरूम में जाकर विद्यार्थियों को पढाए और लेक्चर दे । बल्कि एक प्रोफेसर या लेक्चरर की जिम्मेदारियाँ एवं कर्तव्य इससे कई अधिक होती हैं । आम तौर पर प्रोफेसर सुपरवाईजिंग, एडवाईजिंग, रिसर्च, मोनिटरिंग, रिकॉर्ड रखने एवं प्रेजेंटेशन समबन्धी अनेकों जिम्मेदारियों को सँभालते हैं। एक प्रोफेसर द्वारा की जाने वाली उसके काम से जुड़ी गतिविधियाँ निम्नलिखित हैं ।

  • अपनी क्लास के लिए पाठ्यक्रम, लेक्चर एवं प्रयोग तैयार करना ।
  • क्लास असाइनमेंट चेक करना।
  • परीक्षा के लिए प्रश्न तैयार करना, परीक्षा को निष्पादित करके परीक्षा को चेक करना ।
  • छात्रों के ग्रेड की गणना करना ।
  • कक्षा के बाहर विद्यार्थियों को सलाह देना ।
  • नई सीखने की तकनीकों पर शोध करना और उन्हें छात्रों के समक्ष पेश करना ।
  • शैक्षणिक यात्राओं का नेतृत्व करना और सेमिनार अटेंड करना।
  • स्टूडेंट काउन्सलिंग।
  • ग्रेजुएट विद्यार्थियों को सुपरवाइज़ करना और उन्हें उनके रिसर्च के काम में मदद करना।
  • पीएच डी लिखित परीक्षा एवं मौखिक परीक्षा का मूल्यांकन करना।
  • फंडिंग एजेंसी के लिए प्रपोज़ल लिखना।
  • अकेडमिक जर्नल पब्लिकेशन के लिए पेपर लिखना ।
  • शिक्षा में नए विकास के लिए अनुसन्धान करना ।
  • सार्वजनिक लेक्चर देना।

     College Professor कैसे बनें? प्रक्रिया:

College Professor बनने का इच्छुक विद्यार्थी निम्नलिखित कदम उठा सकता है।

  1. अपनी पसंदीदा स्ट्रीम से बारहवीं पास करें:

College Professor बनने के लिए विद्यार्थी अपने मनपसंद स्ट्रीम चाहे वह साइंस हो, कॉमर्स हो, या फिर आर्ट किसी से भी बारहवीं कर सकता है । लेकिन ध्यान रहे जिस भी स्ट्रीम का चुनाव विद्यार्थी कर रहा हो उसमे उसकी विशेष रूचि होनी चाहिए।

  1. स्नातक की डिग्री प्राप्त करें:

यदि बारहवीं विद्यार्थी ने साइंस स्ट्रीम से पास की होगी तो हो सकता है की वह बीएससी करना पसंद करे, हालांकि कुछ साइंस स्ट्रीम के विद्यार्थी बीकॉम करना भी पसंद करते हैं । लेकिन आम तौर पर बीकॉम एवं बीए वही विद्यार्थी करते हैं जिन्होंने बारहवीं आर्ट स्ट्रीम से पास किया हो। स्नातक की परीक्षा विद्यार्थी को उस विषय से पास करनी चाहिए, जिसमे उसकी विशेष रूचि हो, और वह इस परीक्षा में अधिक से अधिक अंक हासिल कर पाने में सक्षम हो सके। क्योंकि वर्तमान में College Professor बनने के लिए ग्रेजुएशन में अच्छे अंकों की आवश्यकता होती है।

  1. पोस्टग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त करें:

College Professor बनने या इससे जुड़े प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का हिस्सा बनने के लिए एक निश्चित प्रतिशत के साथ पोस्टग्रेजुएशन करना अनिवार्य है। वर्तमान में UGC NET परीक्षा में शामिल होने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 55% अंकों की आवश्यकता होती है। इसलिए पोस्ट ग्रेजुएशन की पढाई के दौरान भी विद्यार्थी को पढाई पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है ताकि वह यह परीक्षा अधिक से अधिक अंकों के साथ पास कर सके।

  1. प्रतिस्पर्धी परीक्षाएं पास करें:

प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का जिक्र हम उपरोक्त वाक्यों में कर चुके हैं आम तौर पर आम शैक्षणिक कॉलेजों में College Professor बनने के लिए UGC NET या SLET क्लियर करने की आवश्यकता होती है। लेकिन यदि विद्यार्थी किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रोफेसर बनना चाहता है तो उसे GATE नामक टेस्ट क्लियर करना होगा, इसके अलावा किसी साइंस रिसर्च से जुड़े संस्थान में प्रोफेसर बनने के लिए CSIR NET परीक्षा क्लियर करने की आवश्यकता हो सकती है । हालांकि ऐसे लोग जिन्होंने रेगुलर मोड से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की हो उन्हें college Professor बनने के लिए UGC NET/ SLET क्लियर करने की आवश्यकता नहीं है । वे बिना इन परीक्षाओं को क्लियर किये भी प्रोफेसर बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे डॉक्टरेट की उपाधि जैसे MPhil एवं पीएचडी किये हुए उम्मीदवारों को अन्य उम्मीदवारों की तुलना में प्रमुखता दी जाती है ।

College Professor की कमाई कैसे होती है

College Professor की कमाई कॉलेज या यूनिवर्सिटी से मिलने वाले वेतन से होती है एक आंकड़े के मुताबिक सरकारी संस्थानों में कार्यरत प्रोफेसर का वेतन 40000 से 95000 रूपये प्रति माह हो सकता है। इसके अलावा College Professor गेस्ट टीचिंग या विद्यार्थियों को कोचिंग देकर भी अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। उपरोक्त दिए गए आंकड़े से भी किसी प्रोफेसर को अधिक वेतन मिल सकता है लेकिन यह अनेक बातों जैसे प्रोफ़ेसर किस लोकेशन पर कार्यरत है? जहाँ प्रोफेसर कार्यरत है वह आर्गेनाइजेशन कैसी है? प्रोफेसर का अनुभव कितना है? इत्यादि बातों पर निर्भर करता है । भारत में IITs, AIIMs,IIMs,BITs इत्यादि संस्थानों द्वारा अपने प्रोफेसर को अच्छी खासी रकम वेतन के रूप में दी जाती है। जहाँ तक कैरियर में प्रगति की बात है एक College Professor धीरे धीरे तरक्की करके किसी यूनिवर्सिटी का कुलाधिपति यानिकी चांसलर तक बन सकता है ।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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