पीएफ खाते के नए नियम (2022)। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की बेसिक जानकारी।

EPF Rules in Hindi 2022 : यदि आप नौकरीपेशा हैं, तो आप कर्मचारी भविष्य निधि के बारे में अवश्य जानते होंगे। जी हाँ दोस्तों भारत में कोई भी ऐसा संगठन जहाँ 20 कर्मचारीयों से अधिक कार्यरत होते हैं। उसके लिए EPF Registration कराना अनिवार्य है। ऐसे संगठन या कम्पनियाँ जहाँ 20 कर्मचारियों से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, वे अपना स्वैच्छिक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

कहने का आशय यह है की, यदि आप किसी ऐसे संगठन या कम्पनी में काम करते हैं। जिसमें बीस कमर्चारी से अधिक लोग कार्यरत हैं, तो नियम के मुताबिक आपका कर्मचारी भविष्य निधि कटना आवश्यक है। यह फण्ड सरकारी डिपार्टमेंट ईपीएफओ द्वारा नियंत्रित और विनियमित किया जाता है। इस फण्ड का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को उनके भविष्य के लिए बचत प्रदान करना है।

चूँकि जिस भी कर्मचारी का कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) कटता है। उसकी बेसिक सैलरी का 12% तो उसके वेतन से ही कटता है, जबकि नियोक्ता द्वारा भी उतना ही पैसा कर्मचारी के ईपीएफ खाते में जमा करना पड़ता है। हालांकि नियोक्ता द्वारा जमा किया गया पैसा ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई में विभाजित हो जाता है।

यही कारण है की लगभग सभी कर्मचारी अपना ईपीएफ कटवाना पसंद करते हैं। यह नौकरी का अहम् हिस्सा है, और नौकरी कमाई का अहम् हिस्सा है। इसलिए इस विषय पर बात करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

लेख की विषय वस्तु दिखाएँ

कर्मचारी भविष्य निधि क्या है ( EPF kya hai)

EPF in Hindi : कर्मचारी भविष्य निधि एक बहुचर्चित निवेश है। जो सिर्फ नौकरीपेशा अर्थात महीने में तनख्वाह पाने वाले लोगो के लिए है । दुसरे शब्दों में आप EPF को महीने में तनख्वाह पाने वाले व्यक्तियों के लिए उनका रिटायरमेंट प्लान कह सकते हैं।

यह Fund अर्थात (कोष) EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) द्वारा पोषित (Maintain) किया जाता है। कानून के मुताबिक वह कंपनी जिसके पास 20 से ज्यादा व्यक्ति काम करने वाले हैं | उसका पंजीकरण (Registration) EPFO में होना जरुरी है।

ईपीएफओ एक ऐसा मंच है। जिसमे हर तनख्वाह पाने वाले व्यक्ति की  तनख्वाह का कुछ भाग हर महीने में यहाँ जमा होता है। और यह पैसा व्यक्ति के पास काम न होने पर, और Retirement के समय काम आता है।

पीएफ खाते के नियम (EPF Account Rules in Hindi).

नियम के मुताबिक यदि किसी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक है, तो उस कंपनी को ईपीएफ स्कीम के तहत रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होता है।

कुछ ऐसे उद्योग भी होते हैं, जिनमें यदि काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 10 भी हो, तो भी उन्हें EPF Scheme के तहत रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य हो सकता है। खैर अभी हम यहाँ पर नियोक्ता से जुड़े नियम नहीं, बल्कि कर्मचारियों से जुड़े मुख्य नियमों के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं।

जितना PF आपकी सैलरी से कटता है, उतनी ही कंपनी भी जमा करती है

यदि आप किसी ऐसी कंपनी में कार्यरत हैं जो ईपीएफ स्कीम के तहत रजिस्टर है, तो वहां पर कंपनी आपका PF Account भी खुलवाकर देती है। और इस पीएफ खाते में हर महीने आपकी बेसिक सैलरी का कम से कम 12% हिस्सा जमा किया जाता है। और इतना ही अमाउंट कंपनी अपने खाते से आपके PF Account में जमा कराती है।

कहने का आशय यह है की कर्मचारी भविष्य निधि आपकी पूरी सैलरी पर नहीं काटा जाता, बल्कि इसमें केवल बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता शामिल होता है। यद्यपि कर्मचारी चाहे तो अपने PF Account में अपनी बेसिक सैलरी का 12% से अधिक हिस्सा भी जमा करवा सकता है। लेकिन कंपनी द्वारा जमा किया जाने वाला कम से कम अमाउंट 12% ही होगा ।

इसका मतलब यह हुआ की आप चाहें तो अपनी स्वेच्छा से 12% से अधिक अमाउंट भी अपने भविष्य निधि खाते में जमा करा सकते हैं, लेकिन कंपनी पर आप उतना ही अमाउंट जमा करने का दबाव नहीं बना सकते। स्वेच्छा से जमा किया जाने वाला यह EPF Amount (Voluntary Provident Fund) के नाम से जाना जाता है।

8.33% हिस्सा पेंशन के लिए अलग सा जमा होता है

आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12% हिस्सा आपकी सैलरी से हर महीने कटकर आपके ईपीएफ में चला जाता है। और 12% हिस्सा कंपनी अपनी तरफ से आपके पीएफ अकाउंट में जमा करती है। इस तरह से आपके कर्मचारी भविष्य निधि खाते में 24% हिस्सा हर महीने जमा होता है।

लेकिन यह 24% हिस्सा पूरा का पूरा आपके PF Account में जमा नहीं होता है, बल्कि इसमें से 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना के तहत अलग से जमा किया जाता है। हालांकि यदि कोई कर्मचारी किसी कंपनी में 10 साल से कम अवधि के लिए काम करता है, तो वह अपना पीएफ निकालते समय पेंशन योजना के तहत जमा पैसे को भी निकाल सकता है।

लेकिन यदि कर्मचारी को काम करते हुए लगातार 10 वर्ष पूरे हो जाते हैं, तो वह सामान्य स्थितियों में रिटायरमेंट के बाद पेंशन लेने का अधिकारी होगा। और वह पेंशन योजना के तहत जमा हुए पैसों को एकमुश्त नहीं निकाल पाएगा।

कंपनी की तरफ से जो आपके भविष्य निधि खाते की ओर 12% का योगदान दिया जाता है, इसमें से 8.33% तो पेंशन योजना के तहत जमा हो जाता है। और बाकी बचा हुआ 3.67% आपके कर्मचारी भविष्य निधि के तौर पर पीएफ खाते में जमा हो जाता है।

EPF Account में जमा पैसों पर कितना ब्याज मिलता है?

यह तो हम सब जानते हैं की कर्मचारी भविष्य निधि के तहत जमा किये गए पैसों पर ब्याज मिलता है। लेकिन ब्याज की दर हर वित्तीय वर्ष में बदलती रहती है। आम तौर पर जब भी कोई वित्तीय वर्ष समाप्त होने की कगार पर होता है, तो सरकार अगले वित्तीय वर्ष के लिए EPF Account पर मिलने वाले ब्याज दरों की घोषणा करती है।

वित्तीय वर्ष 2022- 2023 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना के तहत जमा पैसों पर ब्याज को दर 8.10% निर्धारित की गई है। ईपीएफ पर बीते कुछ सालों में मिलने वाली ब्याज दरें इस प्रकार से हैं।

वित्तीय वर्ष ईपीएफ पर मिलने वाली ब्याज की दर
2022-20238.10%
2021-20228.50%
2020-20218.50%
2019-20208.50%
2018-20198.65%
2017-20188.55%
2016-20178.65%

ईपीएफ खाते में जमा पैसों और अर्जित ब्याज पर टैक्स में छूट भी मिलती है

Employee Provident Fund Scheme in Hindi: कर्मचारी भविष्य निधि को मानव कल्याण के उद्देश्य से ही शुरू किया गया है। यह योजना कर्मचारियों के भविष्य के लिए पैसे बचाने में मददगार है। यही कारण है की सरकार द्वारा PF की जमा राशि, राशि द्वारा अर्जित व्याज और मेच्योरिटी के बाद मिलने वाले पैसों को पूरी तरह से टैक्स से मुक्त रखा है।

लेकिन ऐसे कर्मचारी जिन्होंने किसी कंपनी में 5 साल से कम अवधि के लिए काम किया हो, और उनका पीएफ अमाउंट जिसे वे निकालना चाह रहे हैं। वह रूपये 50000 से अधिक हो, तो इस स्थिति में उनका निकाले जाने वाली रकम से 10% हिस्सा टीडीएस के रूप में काट दिया जाता है।

लेकिन यदि वह कर्मचारी टैक्स के दायरे से बाहर है, यानिकी उसकी सालाना वेतन इतना नहीं है, की जिस पर टैक्स काटा जाय, तो वह ऑनलाइन पीएफ निकासी के समय/ऑफलाइन निकासी के समय  फॉर्म 15G भी जमा कर सकता है। इससे उसकी निकाले जाने वाली रकम से 10% टीडीएस के रूप में नहीं कटेगा।  

एक UAN Number के साथ सभी पीएफ खाते लिंक कर सकते हैं

निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को बार बार अपनी नौकरी बदलने की आवश्यकता होती है। तो ऐसे में आपको हर बार एक नया UAN Number जारी नहीं किया जाएगा, बल्कि जब भी आप पहली बार इस स्कीम से जुड़ते हैं, तो उस समय आपको EPFO या आपके नियोक्ता द्वारा एक UAN Number प्रदान किया जाएगा।

अब यदि आप किसी दूसरी कंपनी में नौकरी पकड़ते हैं तो आपको जोइनिंग के समय आपका UAN Number नई कंपनी को बताना होगा। जिससे वे आपके नए EPF को उसी UAN के साथ लिंक कर सकें।

कहने का आशय यह है की जब आप नौकरी बदलते हैं तो आपका PF Account तो बदल जाता है लेकिन आपका यूएएन नंबर वही रहता है। जिसकी मदद से आप जब चाहें EPFO पोर्टल की मदद से अपना पीएफ खाता एक्सेस कर सकते हैं।

PF Account के साथ आधार लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है

यदि किसी कर्मचारी की किसी कारणवश नौकरी चली जाती है, और उसे दो महीने तक कोई नौकरी नहीं मिलती है। तो वह अपने कर्मचारी भविष्य निधि खाते में जमा पैसे की निकासी कर सकता है। और यदि उसका आधार एवं बैंक डिटेल्स उसके पीएफ अकाउंट से लिंक है और नियोक्ता द्वारा वेरीफाईड है तो वह ऑनलाइन भी पीएफ निकासी के लिए आवेदन कर सकता है।

इसलिए किसी भी पीएफ खाताधारक के लिए अपनी आधार एवं बैंक अकाउंट पीएफ खाते के साथ लिंक करना अनिवार्य हो गया है। यदि आपने अपने पीएफ खाते के साथ अपना आधार लिंक नहीं किया तो ऑनलाइन ऐसी बहुत सारी सेवाएँ हैं, जिनका इस्तेमाल आप नहीं कर पाएंगे। ऑनलाइन पीएफ निकासी प्रक्रिया भी उनमें से एक है।  

सैलरी से EPF कितना कटता है?

EPF Percentage
EPF Percentage

जब भी आप किसी कंपनी में या फिर ऐसी जगह जो EPFO के साथ पंजीकृत है। में काम करते हैं। तब आपकी तनख्वाह का 12% आपको, और आपकी तनख्वाह का 12% जिस कंपनी या संस्था में आप काम करते हैं उनको। EPFO में जमा कराना पड़ता है।

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की आपकी तनख्वाह से कटा हुआ 12 का 12% तो आपके EPF खाते में चला जायेगा। लेकिन आपके कंपनी द्वारा 3.67% EPF में और 8.33% EPS (Employee Pension Scheme) में चला जाता है। और यदि आपकी बेसिक तनख्वाह 6500 से ज्यादा है तो आपकी कंपनी या नियोक्ता द्वारा अधिक से अधिक 6500 का 8.33% यानि की 541 ही EPS में जमा किया जायेगा।

बाकी पैसा PF में चला जायेगा। पीएफ पर वार्षिक ब्याज की दर सरकार और सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी द्वारा निर्धारित की जाती है। और समय समय पर यह दर EPF की ऑफिसियल वेबसाइट पर उपलब्ध रहती है। वर्तमान में यह दर 8.75% है। लेकिन EPF पर ब्याज की दर को बढ़ाने का मामला विचारधीन है । हो सकता है की आने वाले वित्तीय वर्ष  2016-2017 में यह दर बढ़के 9% हो जाय ।

अपने PF खाते में जमा पैसों का पता कैसे लगायें?

आपका पीएफ सम्बन्धी सम्पूर्ण विवरण ईपीएफओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है। और आप अपना सम्पूर्ण विवरण UAN (Universal Account Number) के माध्यम से देख सकते हैं। और आप अपने पीएफ नंबर के माध्यम से भी अपने अकाउंट में उपलब्ध बैलेंस का पता लगा सकते हैं। यह क्रिया करने के लिए सबसे पहले आपको कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की वेबसाइट पर जाना होता है। वेबसाइट पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें |

उसके बाद Click here to know your PF balance पर क्लिक  करें। उसके बाद EPF ऑफिस स्टेट सेलेक्ट करे। उसके बाद अपना शहर चुने। आपको इस तरह की स्क्रीन नज़र आएगी ।

employee provident fund check karna
EPF balance PATA Karna

अपना PF नंबर डाले। अपना नाम और मोबाइल नंबर भरके। Terms and Condition चेकबॉक्स को चेक करके Submit पर क्लिक करे। कुछ अन्तराल बाद आपके मोबाइल में ईपीएफओ की तरफ से एक मेसेज आपके बैलेंस सहित आ जायेगा ।

कर्मचारी भविष्य निधि के पैसे कब कब निकाल सकते हैं?

EPF New Rules in Hindi : नियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपने पीएफ का पैसा साधारण परिस्थितियों में नहीं निकाल सकता। साधारण परिस्थितियों से मेरा मतलब जॉब पर होने से है। और हाँ यदि आपने नौकरी छोड़ दी है। या फिर आप खुद का काम करना चाहते हैं। तो आप नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद अपना पैसा निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

लेकिन दिसम्बर 2018 से पीएफ निकालने के नियम में एक बदलाव किया गया है, यह बदलाव नौकरी छोड़ने के बाद पीएफ की आंशिक निकासी को लेकर हुआ है ।

जहाँ पहले नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद सदस्य को पूरा पीएफ निकालना पड़ता था चाहे उसे पूरे पैसों की आवश्यकता हो या नहीं। लेकिन नए नियम के मुताबिक अब पीएफ सदस्य नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद बेरोजगार होने पर अपना खर्चा चलाने के लिए कुल पीएफ राशि का 75% तक निकाल सकते हैं। शेष 25% सदस्य के खाते में मौजूद रहेगा जिससे बेरोजगार होने पर भी सदस्य का पीएफ खाता बंद नहीं होगा, और वह नई नौकरी पकड़ने पर उसे जारी रख सकता है।

इसके अलावा कुछ असाधारण परिस्थितियों में जैसे अगर आप विदेश में सेटल होना चाहते हैं। या आपके पास विदेश में कोई जॉब ऑफर पड़ा हुआ है। तो आप नौकरी छोड़ने के तुरंत बाद या फिर नौकरी पर होते हुए भी । अपने EPF के पैसे निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसमें आपको अपने Visa की कॉपी या फिर ऑफर लैटर की कॉपी withdrawal form के साथ संग्लन करनी होती है। इसके अलावा यदि कोई महिला अपनी शादी के कारण जॉब छोड़ रही है। तो वह अपना EPF दो महीने से पहले निकाल सकती है। और आप अपने कर्मचारी भविष्य निधि का कुछ अंश नौकरी पर रहते हुए भी निकाल सकते हैं। यदि

  • आपको अपनी शादी, भाई – बहिन या बाल बच्चो की शादी करानी हो। आपको अपनी पढाई, बाल बच्चो की पढाई या भाई बहिन की पढाई के लिए पैसे चाहिए हों।
  • यदि आप, आपकी पत्नी, या फिर दोनों को घर के लोन देने के लिए पैसे चाहिए हों। लेकिन यह आप तब कर सकते हैं। जब आपको लगातार 10 वर्ष काम करते और पीएफ भरते हो गए हों।
  • यदि आप अपना मकान बदलने की सोच रहे हों। या फिर अपने मकान की मरम्मत करने की सोच रहे हों। मकान बदलने के नाम पर पैसे निकलने के लिए आपको पांच साल नौकरी करते हुए और पांच साल PF भरते हुए होने चाहिए। और मकान की मरम्मत के लिए यह सीमा 10 वर्ष है।
  • अगर आपको नौकरी करते और EPF भरते 7 साल या 7 साल से अधिक हो गए हों। तो आप तीन बार में अपने भविष्य निधि  बैलेंस का 50% निकाल सकते हैं।

मैं अपना पीएफ कैसे निकाल सकता हूँ?

आपको अपना ईपीएफ निकालने के लिए Form 19 और फॉर्म 10C भरना पड़ता है। और पहले इसको नियोक्ता द्वारा Attest किया जाता था। लेकिन अभी हाल ही में ईपीएफओ ने कर्मचारी भविष्य निधि निकालने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिहाज से एक कदम और उठाया है।

इस बदलाव के अनुसार वो लोग जिन्होंने अपना EPF अकाउंट नंबर, यूनिवर्सल और आधार कार्ड के साथ जोड़ा हुआ है। उनको पीएफ निकालते समय अपने डॉक्यूमेंट कंपनी या नियोक्ता से Attest कराने की जरुरत नहीं है।

वो अपना EPF Withdrawal फॉर्म Direct Employee Provident Fund के ऑफिस में जाकर जमा करा सकते है। और जिन लोगो ने अभी अपने EPF अकाउंट के साथ अपना यूनिवर्सल नंबर और आधार कार्ड नहीं जोड़ा है। उनको कंपनी या नियोक्ता की अनुप्रमाणिकता की आवश्यकता पड़ेगी।

पीएफ के अन्य नियम

 Other rules of EPF in Hindi : मई 2016 से पीएफ के नियमों में निम्न बदलाव होंगे। वैसे जो बदलाव नियमों में February 2016 से होने थे। उनमे से EPF पर लगने वाले टैक्स के नियम को छोड़कर, बाकी सब नियमों को मई 2016 से क्रियान्वयन में लाया जायेगा। जो इस प्रकार हैं।

दो महीने बेरोजगार होने पर पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं

पहले एक बार खबर आई थी की कर्मचारी 58 साल पूरा करने से पहले अपने कर्मचारी भविष्य निधि का पूरा हिस्सा नहीं निकाल सकते, इस नियम के मुताबिक कोई भी EPF खाताधारक 58 साल की उम्र से पहले अपने EPF का पूरा पैसा नहीं निकाल सकता। वह सिर्फ उसके वेतन से कटा हुआ पैसा, और उस पर ब्याज ही 58 साल से पहले निकाल सकता है। बाकी उसके नियोक्ता द्वारा जमा किया हुआ पैसा, और उसका ब्याज, वह 58 साल की उम्र के बाद ही निकाल सकता था ।

लेकिन बाद में इस नियम को वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा वापस ले लिया गया । अर्थात अब कोई भी नियोक्ता अपना पूरा PF दो महीने बेरोजगार होने पर निकाल सकता है। जबकि इससे पहले के नियम के मुताबिक आप नौकरी छोड़ने के दो महीने के बाद अपना पूरा पैसा निकाल सकते हैं।

रिटायरमेंट उम्र में बढ़ोत्तरी –

Employee Provident fund rules in Hindi : वर्ष 2016 से पहले कर्मचारी भविष्य निधि खाताधारक की सेवा निवृत्ति, यानिकी Retirement की सीमा 55 साल हुआ करती थी। जिसे अब बढ़ाकर 58 साल कर दिया गया है। वर्तमान में रिटायरमेंट की उम्र 58 साल निर्धारित है, यानिकी मासिक पेंशन पाने के लिए कर्मचारी की उम्र 58 साल पूर्ण होनी चाहिए। हालांकि कुछ स्थितियों में कर्मचारी 58 साल से पहले भी पेंशन पाने का अधिकारी हो जाता है, लेकिन उसकी पेंशन में कटौती हो सकती है।  

क्या मैं अपनी सैलरी से 12% से अधिक का PF कटवा सकता हूँ ?

जी हाँ, आप स्वैछिक तौर पर 12% से अधिक अपने PF खाते में जमा कर सकते हैं। इसे VPF (Voluntary Provident Fund) कहा जाता है। लेकिन इसमें नियोक्ता द्वारा प्रदान किया जाने वाला हिस्सा 12% तक ही सिमित होगा।     

मैं चाहता हूँ की मेरा EPF न कटे क्या यह संभव है?

जी हाँ, यदि आप अपना काम फर्स्ट टाइम स्टार्ट करने जा रहे हो। तो आप Form 11 भरकर अपना EPF खाता खोलने से बच सकते हो। लेकिन ध्यान रहे यदि आपका एक बार भी किसी अन्य नियोक्ता के साथ कर्मचारी भविष्य निधि अकाउंट खुला है, तो आप ऐसा नहीं कर सकते ।

यह भी पढ़ें :-