Rural Tourism Business. ग्रामीण पर्यटन व्यापार कैसे शुरू करें ।

Rural tourism Business से शायद बेहद कम लोग परिचित होंगे, क्योंकि भारतवर्ष में अभी यह एक आम व्यापार नहीं है । इस व्यापार को समझना हो तो सबसे पहले हमें यह समझना होगा की इस व्यापार में उद्यमी के ग्राहकों के तौर पर कौन होते हैं जिनसे उद्यमी की कमाई हो रही होती है । वास्तव में देखा जाय तो होता क्या है की शहरी पर्यटक चाहे वो भारत में रहने वाले हों, या विदेशों में जब कहीं भ्रमण पर निकलते हैं तो उनका लक्ष्य कुछ दिनों के लिए उनका ग्रामीण जीवन देखने का एवं उसे आभास करने का होता है। इसलिए वे छुट्टियों में ग्रामीण इलाकों में कुछ दिन बिताने को उत्सुक रहते हैं,इसके लिए उन्हें किसी गाँव में रहने, खाने, पीने इत्यादि की व्यवस्था चाहिए होती है। Rural Tourism Business करने वाला उद्यमी पर्यटकों की इन सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करता है जिसके बदले उसकी कमाई हो रही होती है। जैसा की हम सबको विदित है शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में कमाई करने के साधन बेहद सीमित होते हैं। इसलिए ऐसे लोग जिनके पास किसी गाँव में उनकी खुद की जमीन है या फिर वे उसे लीज पर लेने का सामर्थ्य रखते हैं तो वे खुद की कमाई करने के लिए Rural Tourism Business शुरू कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले की हम इस व्यापार पर विस्तृत जानकारी दें। आइये सबसे पहले यह जान लेते हैं की रूरल टूरिज्म होता क्या है ।

Rural tourism business

रुरल टूरिज्म क्या है (What is Rural Tourism in Hindi):  

Rural Tourism का साफ़ एवं स्पष्ट अर्थ ग्रामीण पर्यटन होता है अब सवाल यह उठता है की यह है क्या? और कैसे कोई उद्यमी इसे अपनी कमाई का जरिया बना सकता है । हालांकि पर्यटन की अनेक धाराएँ जैसे पहाड़, समुद्र तट, रेगिस्तान, सांस्कृतिक इतिहास, वास्तुकला, जीवनशैली, नृत्य,संगीत, ट्रेकिंग, राफ्टिंग, वाटर सपोर्ट इत्यादि पर्यटकों को अधिक आकर्षित करते हैं। कहने का आशय यह है की आम तौर पर पर्यटक उपरोक्त बताये गए स्थानों पर जाना ही पसंद करते हैं। लेकिन वर्तमान में जैसा की हम सबको विदित है की शहरी जीवन ग्रामीण जीवन से पूरी तरह अलग एवं डिसकनेक्ट हो चूका है, इसलिए ऐसे लोग जो शहरों में ही पल बढ़ रहे हैं उन्हें ग्रामीण जीवन देखने एवं उसका अनुभव लेने की बड़ी उत्सुकता रहती है। इसलिए ऐसे लोग ऐसे पर्यटन की तलाश में रहते हैं जहाँ उन्हें ग्रामीण जीवन जीने या देखने का अवसर प्राप्त हो। इन्ही आवश्यकताओं के फलस्वरूप Rural Tourism Businessकी उत्पति हुई है। इसलिए इस व्यापार के माध्यम से उद्यमी न सिर्फ अपनी कमाई कर रहा होता है बल्कि शहरी निवासियों में ग्रामीण जीवन के प्रति नया रोमांच एवं उन्हें उनकी छुट्टियों में एक अलग सा अनुभव प्राप्त करने का अवसर देता है । उद्यमी द्वारा अपने ग्राहकों अर्थात पर्यटकों को ग्रामीण स्तर के अनुभवों में फार्मिंग, जानवरों से दूध निकालने का अनुभव, बैलगाड़ी की सवारी, कलात्मक काम जैसे मिटटी के बर्तन या कारपेंट्री काम,शिल्पकारी, नृत्य, गायन, स्थानीय खेल, स्थानीय व्यंजन बनाना इत्यादि प्रदान किये जा सकते हैं। साधारण शब्दों में पर्यटन का चाहे वह कोई भी प्रारूप हो, जो ग्रामीण जीवन, कला, संस्कृति एवं विरासत को प्रदर्शित करता हो, और स्थानीय समुदाय को आर्थिक एवं सामाजिक तरीकों से लाभान्वित करता हो, इसके अलावा उस समुदाय एवं पर्यटकों के बीच सार्थक जुड़ाव को प्रोत्साहित करता हो Rural Tourism या ग्रामीण पर्यटन कहलाता है। 

औद्योगिक परिदृश्य एवं रुझान:

पर्यटन उद्योग में हो रहे लगातार विकास के चलते इस प्रकार के बाज़ार में नए नए खण्डों का उभरना बेहद स्वभाविक है। और जहाँ तक Rural Tourism अर्थात ग्रामीण पर्यटन का सवाल है यह इस पर्यटन बाजार का एक नया खंड है। ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से गाँव की पारिस्थितिकी, संस्कृति एवं परम्पराएँ संरक्षित होती हैं । यह अनुभव प्रधान होता है इसमें पर्यटक विभिन्न क्रियाकलापों जैसे मछली पकड़ना, फार्मिंग, स्थानीय कार्यक्रमों मेलों में भागीदारी का अनुभव प्राप्त करने के लिए आते हैं। चूँकि वर्तमान में शहरीकरण में वृद्धि होती जा रही है इसलिए शहरीकरण में हो रही वृद्धि एवं Rural Tourism की माँग में साकारात्मक सम्बन्ध है। इसलिए कहा जा सकता है की आने वाले समय में इस व्यापार से जुड़े उद्यमों की अत्यधिक आवश्यकता हो सकती है। वर्तमान में धीरे धीरे ग्रामीण इलाकों में Rural Tourism के प्रति जागरूकता बढ़ रही है इसलिए वे आने वाले पर्यटकों के लिए एक दूसरे के साथ मिलकर आकर्षक पैकेज बनाने के लिए कार्यशील हैं। और यही वे बातें हैं जो ग्रामीण पर्यटन के स्वास्थ्य की बेहतरी सुनिश्चित करते हैं।

Rural Tourism के लिए संभावित बाजार:

Rural Tourism के लिए संभावित बाजार की गणना में निम्न कारक सहायक हो सकते हैं और इन कारकों से यह पता लगाने में आसानी होगी की ग्रामीण पर्यटन के लिए संभावित बाजार कैसा रहेगा।

  • वर्तमान में शहरीकरण बड़ी तीव्र गति से बढ़ रहा है । बहुत सारे शहरी निवासी ऐसे हैं जिनका ग्रामीण जीवन से जुड़ाव बिलकुल नहीं है ऐसे में ग्रामीण जीवनशैली की सादगी एवं शुद्धता का जिक्र उन्होंने केवल कथा, कहानियों, टेलेविज़न इत्यादि में ही देखा होता है। इस कारण उनकी रूचि Rural Tourism में बढती जाती थी। कहने का आशय यह है की ग्रामीण जीवनशैली की सादगी एवं शुद्धता के कारण शहरी लोगों में ग्रामीण जीवनशैली के प्रति रूचि बढती जाती है जिससे ग्रामीण पर्यटन की माँग में वृद्धि के आसार लगाये जा सकते हैं।
  • पर्यटन के दौरान होटलों में रहना, खाना, पीना एक तरह से नियमित हो गए हैं इसलिए लोग एवं पर्यटक अपनी छुट्टियाँ कुछ अलग ढंग से व्यतीत करने के लिए उत्सुक रहते हैं । यही कारण है की उनका ध्यान ग्रामीण पर्यटन की तरफ जाता है जो लागत प्रभावी होने के साथ साथ पर्यावरण के अनुकूल परिवर्तन भी प्रदान करता है।
  • Rural Tourism लोगों को तनावमुक्त एवं शांत वातावरण प्रदान करती है और जैविक खाद्य एवं पेय भी प्रदान करती है। कुछ लोगों में यह धारणा व्यापत है की ग्रामीण पर्यटन में स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता। बल्कि सच्चाई यह है की ग्रामीण पर्यटन में नैसर्गिक सुन्दरता विद्यमान होती है और स्वच्छता एवं सुरक्षा भी उचित होती है।

उपरोक्त कारकों को ध्यान में रखकर वर्तमान में निजी उद्यमियों के साथ साथ भारत सरकार ने भी Rural tourism को पहचाना है । यही कारण है की भारत सरकार ने लगभग 153 ऐसी परियोजनाओं को सपोर्ट किया है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ग्रामीण पर्यटन की क्षमता बनाने के लिए ग्रामीण स्थानीय स्थानों की सहायता कर रहा है। वर्तमान में भारत सरकार  द्वारा ग्रामीण पर्यटन से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। इनमें यह वित्तीय सहायता ग्रामीण परिवेश में सुधार, सड़कों का निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन, एडवेंचर, खेल, स्मारकों का नवीनीकरण इत्यादि के लिए दी जाती है। व्यक्तिगत पर्यटकों के अलावा Rural Tourism Business कर रहा उद्यमी विभिन्न समूहों जैसे कॉर्पोरेट ग्रुप, छात्र समूहों, वरिष्ठ नागरिक समूहों इत्यादि को भी टारगेट कर सकता है। इस तरह का यह व्यापार किसी टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर या प्रमुख शहरों से आसानी से पहुंची जाने वाली लोकेशन पर किया जा सकता है।

Rural Tourism Business शुरू करने वाला उद्यमी कैसा होना चाहिए:  

हालांकि Rural Tourism नामक यह बिज़नेस हर वह व्यक्ति शुरू कर सकता है जो निवेश करने में समर्थ हो। लेकिन यदि इस प्रकार का बिज़नेस करने वाला उद्यमी ग्रामीण इलाके से हो, अर्थात यदि वह ग्रामीण क्षेत्र का स्थायी निवासी हो तो यह इस व्यापार के लिए उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन व्यवसाय शुरू करने के लिए जो दक्षताएं चाहिए होती हैं उनका विवरण निम्न है।

  • एक ऐसी फैसिलिटी या सुविधा की स्थापना करने का सामर्थ्य होना, जो ग्रामीण जीवन एवं वातावरण को एक प्रमाणिक एवं बेहद सुखद तरीके से दिखा सके।
  • अन्य लोगों को परियोजना से जुड़ने एवं ऑफ साईट स्थानों पर पर्यटकों के साथ जुड़ने के लिए नेटवर्क तैयार करना।
  • ग्रामीण परिवेश के आस पास विभिन्न तत्वों की कल्पनाशील स्कैनिंग करना, और इनके आस पास पर्यटकों का अनुभव तैयार करना।

Rural Tourism Business पूरी तरह से अनुभव पर आधारित बिज़नेस है अर्थात यहाँ आने वाले पर्यटक ग्रामीण जीवन का अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं। कहने का अभिप्राय यह है की ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटक केवल रहने, खाने पीने, मनोरंजन के लिए नहीं आते हैं बल्कि ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव प्राप्त, एवं अपने पर्यटन को यादगार बनाने के लिए आते हैं। इसलिए उद्यमी को इन सभी जिम्मेदारियों पर खरा उतरना आना बेहद आवश्यक है।

Rural Tourism बिज़नेस शुरू करने के लिए जमीन इत्यादि की आवश्यकता: 

Rural Tourism बिज़नेस शुरू करने के लिए जहाँ तक आवश्यक जमीन का सवाल है यह इस बात पर निर्भर करता है की उद्यमी द्वारा किये जाने वाले इस बिज़नेस का वास्तविक आकार क्या होने वाला है। यहाँ पर हम एक ऐसी परियोजना की बात कर रहे हैं जिसे शुरू करने में 90 लाख से 1 करोड़ रूपये तक का खर्चा आ सकता है। इसलिए इस तरह की यह परियोजना लगभग पांच एकड़ जमीन में फैली हो सकती है। लेकिन यह साईट पुराने पेड़ों एवं झाड़ियों से परिपूर्ण होनी चाहिए। इस परियोजना में निम्न सुविधाएँ शामिल होनी चाहिए।

  • उद्यमी को लगभग 15 झोपड़ियों का निर्माण करना पड़ सकता है जिनमें बैठने का स्थान भी होना चाहिए। इस तरह के यह झोपड़े स्थानीय शैली में निर्मित एवं सुसज्जित होने चाहिए।
  • इन 15 झोपड़ों में से लगभग 10 झोपड़े वातानुकूलित होने चाहिए ताकि मौसम बदलाव के साथ साथ ये पर्यटकों की जरुरत को समायोजित करने में सक्षम हों।
  • एक सामान्य भोजन क्षेत्र स्थानीय शैली के फर्नीचर से सुसज्जित होना चाहिए इसमें क्षेत्रीय कलाकृति द्वारा सजावट की जानी चाहिए और यह आधा खुला होना चाहिए।
  • Rural Tourism Business कर रहे उद्यमी को एक ऐसे क्षेत्र का भी निर्माण करना होगा जहाँ शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें, और पर्यटक उसे देखने के लिए एकत्रित हो सकें।
  • एक ऐसे क्षेत्र की स्थापना जहाँ पशु एवं पोल्ट्री जैसे गाय, भैंस, ऊंट, याक, मुर्गी, बतख इत्यादि रह सकें।
  • एक ऐसा क्षेत्र जहाँ सब्जियाँ एवं फलों का उत्पादन किया जा सके ।

  Rural Tourism Business कर रहे उद्यमी को अनेक प्रकार के कार्य निपटाने एवं पर्यटकों के लिए परिवहन की सुविधा जैसे गाड़ियाँ,साइकिल, जीप, एसयूवी इत्यादि किराये पर लेने होंगे। उद्यमी को एक कुएं की स्थापना भी करने की आवश्यकता हो सकती है । जिससे पर्यटक कुएं से पानी खींचने का अनुभव प्राप्त कर सकें । वृक्ष की शाखाओं से हथोड़े बंधे होंगे इसके अलावा एक कैंप फायर साईट भी होनी चाहिए।

खर्चा एक नज़र में:  

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्यों में बता चुके हैं की Rural Tourism Business में आने वाला खर्चा इस व्यापार के आकार पर निर्भर करता है अर्थात छोटा आकार होगा तो कम जमीन एवं संसाधनों की आवश्यकता होगी । व्यापार का आकार बड़ा होगा तो अधिक जमीन एवं अधिक संसाधनों की आवश्यकता होगी। एक पन्द्रह झोपड़े वाले Rural Tourism परियोजना में आने वाला खर्चा इस प्रकार से हो सकता है।

  • लीज पर ली गई जमीन का एक साल का किराया लगभग दस लाख रूपये हो सकता है।
  • साईट को व्यापार के हिसाब से विकसित करने में लगभग पांच लाख का खर्चा आ सकता है।
  • पंद्रह झोपड़ियों को बाथरूम के साथ बनाने में और डाइनिंग, रिसेप्शन, ऑफिस इत्यादि बनाने में लगभग पच्चीस लाख रूपये का खर्चा आ सकता है।
  • सभी झोपड़ों,रिसेप्शन, ऑफिस इत्यादि के लिए फर्नीचर, फिक्सिंग, एसी आदि खरीदने में लगभग 15 लाख का खर्चा आ सकता है।
  • रसोई उपकरण,क्राकरी, बर्तन, डीजी सेट एवं हाउसकीपिंग उपकरण खरीदने में लगभग सात लाख का खर्चा आ सकता है।
  • Rural Tourism Business  के लिए विशेष वाहन,साइकिल, कार्ट, पालतू पशु, पक्षी इत्यादि खरीदने में लगभग तेरह लाख तक का खर्चा आ सकता है ।  

आवश्यक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन:

उद्यमी को अपना Rural Tourism Business एक फर्म के रूप में स्थापित करने के लिए अनेकों औपचारिकतायें पूरी करनी पड़ सकती हैं। इस बिज़नेस को शुरू करने में निम्नलिखित लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।

  • शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।
  • टैक्स रजिस्ट्रेशन यानिकी जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।
  • फायर सेफ्टी क्लेअरेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • राज्य सरकार या नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से पोल्ल्युशन कण्ट्रोल क्लेअरेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • यदि Rural Tourism Business किसी फारेस्ट एरिया में शुरू किया जा रहा हो तो एरिया परमिट की भी आवश्यकता हो सकती है।  

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |