Introduction of ikamai.in

IKAMAI.IN क्या है?

IKAMAI.IN एक वेबसाइट अर्थात एक ब्लॉग है । जो पिछले 5 वर्षों से बिजनेस, स्वरोजगार, सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन काम धंधों, कैरियर, बैंकिंग, निवेश, औद्योगिक प्रौद्योगिकी, विपणन सम्बन्धी जानकारी और कमाई के सैकड़ों वैधानिक स्रोतों के बारे में जानकारी प्रदान करते आ रही है। इस वेबसाइट का लक्ष्य लोगों को व्यवसाय, स्वरोजगार और कमाई के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करने के अलावा, उनमें बचत और निवेश की भावना को भी जाग्रत करने का है। एक इच्छुक उद्यमी को अपना कोई काम या व्यवसाय स्थापित करने के लिए, जिस भी जानकारी की आवश्यकता होती है। हमारा लक्ष्य उस जानकारी को उस इच्छुक उद्यमी या व्यक्तियों तक मुफ्त में पहुँचाने का होता है।

IKAMAI लोगों को क्या देगी?

Kamai-karne-ke-tarike
Kamai-karne-ke-tarike

 हमारा लक्ष्य लोगों को व्यवसाय शुरू करने और आजीविका कमाने के लिए प्रोत्साहित करने का है। ताकि उनका जीवन आसान हो सके, और किसी भी वैधानिक माध्यम से कमाई करके वे अपने जीवन को बेहतर बना सकें। कहने का आशय यह है की हम इस ब्लॉग के माध्यम से इन्टरनेट उपयोगकर्ताओं को छोटे मोटे काम धंधो, सरकारी योजनाओं, कमाई के ऑनलाइन तरीकों, फ्रीलान्सिंग, बचत, बैंकिंग निवेश एवं कैरियर की जानकारी हिन्दी में देते आ रहे हैं। ताकि लोगों में कमाई करने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल सके। और वे इधर उधर अवसर तलाशने के बजाय अपने ही गृह क्षेत्र में अवसरों की तलाश कर सकें। जैसे की हर मनुष्य को अपनी रोज़ी रोटी की Kamai करने  के लिए कोई न कोई काम धंधा चाहे वो बौद्धिक स्तर का हो, या शारीरिक, अवश्य करना पड़ता है। इसलिए किसी भी मनुष्य के लिए उसके जीवन में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से उसकी आजीविका भी है। हमारा लक्ष्य इसी आजीविका को कमाने में लोगों की मदद करना है, और साथ ही साथ उनमे बचत और निवेश की आदतों को प्रोत्साहित करना भी है।

IKAMAI लोगो की सहायता किस प्रकार से कर रही है?

Ikamai-migration
Migration problem in India

IKAMAI का मानना है की भारतवर्ष में रोज़गार के अवसर शहरो तक ही सिमित रह गए हैं । जिसके कारण ग्रामीण इलाको से शहरो की तरफ बड़े पैमाने पर पलायन होता है। और लोगो को ग्रामीण इलाको से या फिर अपने गृहक्षेत्र से पलायन करना पड़ता है। इस पलायन से ग्रामीण क्षेत्रो का तो नुकसान होता ही है। जिस शहर की तरफ अधिक पलायन होता है। उस शहर का भी नुकसान होता है। और रोजगार किसी विशिष्ट क्षेत्र में सिमट के रह जाता है। जिससे ग्रामीण इलाको में रहने वाले लोगो और शहरी क्षेत्र में रहने वाले लोगो की आय में बहुत बड़ा अन्तर आ जाता है। और इसके बाद जो लोग गाँव में रह भी रहे होते हैं। उनके मन में भी शहरों की तरफ पलायन करने की इच्छा शक्ति जाग उठती है। और जिन शहरो की तरफ पलायन हों रहा होता है। वहाँ आबादी इतनी बढ़ जाती है। की हर तरफ भीड़ ही नज़र आती है। सडको पर, बसों में, रेलगाड़ियो में,सार्वजनिक स्थानों में, दुकानों में हर तरफ भीड़ का बोलबाला रहता है। इससे उस शहर में उपलब्ध सुविधाओ का आनन्द लेने के लिए लोगो को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। और इसी आबादी के कारण शहरो का प्रदूषण स्तर भी दिनों दिन बढ़ता जाता है। जो उस शहर में रहने वाले प्राणियों के लिए जानलेवा हों सकता है। IKAMAI की कोशिश लगभग सारे व्यापार चाहे वो कृषि से सम्बंधित व्यापार हों। या फिर कंप्यूटर इन्टरनेट ऑनलाइन से सम्बंधित व्यापार  जो शहरो के अलावा ग्रामीण इलाको से भी स्थापित किये जा सकते हैं, या फिर व्यक्तिगत तौर पर KAMAI हेतु किये जा सकते हैं। के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है। जिससे लोग अपने गृहक्षेत्र से किये जाने वाले कामो की जानकारी ले सकें। और उन्हें अपने जीवन में प्रयोग में ला सकें।

IKAMAI ने अपना मंच इन्टरनेट को ही क्यों चुना?

दोस्तों इन्टरनेट विश्व में ही नहीं भारतवर्ष में भी लोगो की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहा है। IAMAI ( Internet and mobile association of India) की रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष के शुरूआती 6 महीनो में भारतवर्ष में इन्टरनेट उपयोगकर्ताओ की संख्या में 17% का इजाफा हुआ है। भारतवर्ष में नए उपयोगकर्ताओ को अपने कार्य को इन्टरनेट के माध्यम से आसान बनाना बहुत रास आ रहा है | इसलिए एक दुसरे को देखकर लोग इन्टरनेट से जुड़ने को प्रेरित हो रहे हैं। एक सर्वे के मुताबिक भारतवर्ष में जून 2015 तक 354 मिलियन यानि की लगभग 35 करोड़ 40 लाख लोग इन्टरनेट से जुड़ चुके हैं। जो भारतवर्ष की जनसँख्या का लगभग 28.32% है। जबकि ब्रिटेन में 2013 में यह प्रतिशत 89.8, अमेरिका में यह प्रतिशत 84.2 और चीन में यह प्रतिशत 45.8 था । जहाँ पहले भारतवर्ष में इन्टरनेट उपयोगकर्ताओ की संख्या में 10 वर्षो में लगभग 10 करोड़ उपयोगकर्ताओ का इजाफा होता था। वही  2015 आते आते यह वृद्धि 10 गुना की रफ़्तार से होने लगी, अक्टूबर 2013 में भारतवर्ष में 205 मिलियन यानिकी लगभग 20 करोड़ 50 लाख लोग इन्टरनेट से जुड़े हुए थे। वही 20 महीनो में  जून 2015 आते आते इस संख्या में लगभग 15 करोड़ उपयोगकर्ताओ का इजाफा हुआ। और यह संख्या 35 करोड़ 40 लाख पर पहुँच गई। अब आने वाले वर्षो में इस संख्या में और तीव्र गति से वृद्धि होने की संभावना लगाई जा रही है। एक सर्वे के मुताबिक भारतवर्ष में लगभग 45% लोग हिंदी जानते हैं। अब यदि इन्टरनेट उपयोगकर्ताओ में वृद्धि होती है तो हिंदी जानने/थोडा बहुत अंग्रेजी समझने वाले, इन्टरनेट उपयोगकर्ताओ में भी वृद्धि होगी। इसी बात को मद्देनज़र रखते हुए हमने यह वेबसाइट IKAMAI.IN की शुरूआत की है। ताकि थोडा बहुत अंग्रेजी समझने वाले लोग इन्टरनेट पर सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि घर बैठे पैसे भी कमा सकें। हम आपको उन साइटों से अवगत कराएँगे जो अपने सदस्यों को उनके काम के बदले काफी लम्बे समय से पेमेंट करते आ रही है। इन्टरनेट के अलावा ऐसे कौन कौन से कार्य हैं जो आप घर बैठे कर सकते हैं, के बारे में भी समय समय पर अवगत कराते रहेंगे। हमारी कोशिश यही रहेगी की आपको व्यापार (business) के जरिये कमाई करने के लिए जिस किसी भी मंच से गुजरना पड़ेगा, हम उस मंच के बारे में समय –समय पर आपको जानकारी उपलब्ध कराते रहेंगे। इसमें तकनिकी विषय जैसे अपने business के लिए project report बनाना, business Plan तैयार करना,बिज़नेस आधारित सरकारी योजनायें, लाइसेंस एवं पंजीकरण, सफलता की कहानी, कैरियर विकल्प, बचत, बैंकिंग, निवेश इत्यादि विषयों के बारे में भी समय –समय पर हिन्दी में जानकारियां देते रहेंगे। आप हमसे फेसबुक पेज या ईमेल ([email protected]) पर संपर्क कर सकते हैं।