Mahila Udyam Nidhi Scheme information Hindi.

Mahila Udyam Nidhi Scheme information Hindi.

Mahila Udyam Nidhi Scheme शुरू करने के पीछे भारत सरकार का लक्ष्य महिलाओं में उद्यम करने की प्रवृति को प्रोत्साहित करना है | ताकि महिलाओं में आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास बढे, और उनका घरेलु तौर पर शोषण कम हो | हालांकि आज की महिला किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं आंकी जा सकती | क्योकि समय समय पर भिन्न भिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने कामयाबी की मिसाल कायम की है | लेकिन India में आज भी अधिकतर महिलाओं को पूर्ण रूप से घरेलू स्वंत्रता प्राप्त नहीं है | उन्हें प्राथमिक रूप से घरेलू काम ही करने को दिए जाते हैं | व्यावसायिक मामलों में महिलाओं की हिस्सेदारी कम होती है | इसी बात के मद्देनज़र भारत सरकार ने लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के माध्यम से Mahila Udyam Nidhi Scheme नामक एक Yojana शुरू की है |
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महिला उद्यम निधि क्या है |

Mahila Udyam Nidhi एक स्कीम है | जो महिला उद्यमियों को सुलभ ऋण उपलब्ध कराने के लक्ष्य हेतु Small Industries Development Bank of India (लघु उद्योग विकास बैंक) द्वारा शुरू की गई है | जैसा की नाम से ही स्पष्ट है यह स्कीम केवल महिला उद्यमियों हेतु है | वे महिलाएं जो अपने खुद का लघु उद्योग या अत्यंत छोटा उद्योग शुरू करना चाहती हैं | ऐसी महिलाओं को Mahila Udyam Nidhi Scheme के तहत लोन उपलब्ध कराया जायेगा | ताकि वे अपने विचार या सपने को हकीकत में बदल सकें |

Mahila Udyam Nidhi scheme guidelines in hindi:

इस स्कीम के तहत निम्न परिस्थतियो में लोन के लिए apply किया जा सकता है |

  • लघु उद्योग या अत्यंत छोटे उद्योग में यदि कोई महिला उद्योग लगाकर किसी वस्तु का उत्पादन, संरक्षण, प्रोद्योगिकी इत्यादि करना चाह रही हो | सड़क परिवहन ऑपरेटर सेक्टर को छोड़ के छोटे उद्योग में लगभग सारे सेक्टर इस स्कीम के अंतर्गत लोन लेने के लिए योग्य होंगे |
  • महिला उद्यमियों द्वारा जो छोटे उद्योग या लघु उद्योग पहले से चल रहे हों | वे महिलाएं उद्योग का विस्तारीकरण, आधुनिकीकरण, तकनीकीकरण, उन्नयन और विविधिकरण के लिए Mahila Udyam Nidhi scheme के अंतर्गत लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं |
  • महिलाओं द्वारा चालित आर्थिक रूप से कमजोर लघु उद्योग एवं छोटी इकाई चाहे वह निर्माण क्षेत्र से हो या सेवा क्षेत्र से ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं |
  • यदि कोई महिला किसी लघु उद्योग को बड़े अरसे से चला रही है | और उसने इस स्कीम के तहत लोन दिया था और अब चुकता कर दिया है | तो ऐसी स्थति में वह इकाई दुबारा लोन के लिए आपली कर सकती है |
  • ऐसे प्रोजेक्ट जो पहले से केंद्र या राज्य सरकार द्वारा चालित किसी अन्य स्कीम (राज्य निवेश सब्सिडी को छोड़कर) के तहत विशेष पूंजी सहायता का लाभ ले रहे हों | उन प्रोजेक्ट के लिए Mahila Udyam Nidhi scheme के तहत लोन नहीं मिलेगा |
  • प्रोजेक्ट पर लगने वाली लागत मार्जिन मनी को मिलकर 10 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए | चालित उद्योग के विस्तारीकरण, आधुनिकीकरण, तकनीकीकरण, उन्नयन और विविधिकरण के लिए भी यह सीमा 10 लाख ही है |
  • सुलभ ऋण पूरी प्रोजेक्ट Cost का केवल 25% दिया जायेगा | जो अधिक से अधिक 2.5 लाख रूपये होगा | और उद्यमी को पूरी प्रोजेक्ट cost का 10% अपनी जेब से लगाना पड़ेगा |
  • Security के तौर पर काल्पनिक औज़ारो, उपकरणों, मशीनों को रखा जायेगा | हालांकि Loan लेने वक़्त 3rd पार्टी गारंटी मान्य होगी |
  • सुलभ ऋण पर किसी प्रकार की कोई जमानत सिक्यूरिटी के तौर पर बैंक द्वारा नहीं ली जाएगी | हालाँकि शेष अमाउंट पर security देनी पड़ सकती है |
  • सुलभ ऋण पर ब्याज की दर के तौर पर केवल सालाना 1% service charge loan पर देना होगा | हालाँकि शेष अमाउंट अर्थात term loan पर ब्याज की दर समय समय पर SIDBI द्वारा निर्धारित की गई दर के हिसाब से देय होगा |

इस Mahila Udyam Nidhi scheme के तहत लोन चुकता करने की अवधि 10 वर्ष निर्धारित की गई है |

Comments

  1. By Lajam singh

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  2. By Richhpal

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  3. By Bharati D Wasnik

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  4. By harish

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  5. By priya singh

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