डाकघर की बचत योजनायें एवं फायदे Post Office Saving Schemes in Hindi.

Post office Saving Schemes का शाब्दिक अभिप्राय डाकघर की बचत योजनाओं से लगाया जाता है हालाकिं यह सच है की भारतवर्ष में जहाँ पहले दूर सुदूर इलाकों तक सिर्फ भारतीय डाक की ही पहुंच थी | और इन्हीं डाकघर की बचत योजनाओं में निवेश करना उस इलाके में स्थित लोगों की मज़बूरी थी | लेकिन वर्तमान में यह परिदृश्य बदल चूका है और लगभग देश के हर कोने में किसी किसी न किसी बैंक की उपलब्धता हो चुकी है | कहने का आशय यह है की वित्तीय संस्थानों बैंक इत्यादि के पास पैसे से पैसे की कमाई करने के लिए अनेकों योजनायें एवं निवेश विकल्प विद्यमान है | लेकिन इन सबके बावजूद आज भी Post Office Saving Schemes में निवेश करके कोई भी व्यक्ति कुछ समय बाद बढ़िया रिटर्न पा सकता है | चूँकि डाकघर की ये बचत योजनायें केंद्र सरकार की योजनायें होती हैं इसलिए एक तरफ जहाँ ये आकर्षित ब्याज देती हैं वहीँ दूसरी तरफ इनमे किया गया निवेश अन्य निवेशों की तुलना में सुरक्षित भी माना जाता है | चूँकि पोस्ट ऑफिस की यह योजनायें लोगों की कमाई कराने में सहायक होती हैं इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इन बचत योजनाओं के फायदे एवं इनके बारे में संक्षिप्त तौर पर जानने की कोशिश करेंगे |

डाकघर की बचत योजनाओं के फायदे (Benefits of Post office Saving Schemes in Hindi):

Post office Saving Schemes के अनेकों फायदे होते हैं जिनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • कोई भी व्यक्ति किसी भी योजना के अंतर्गत निवेश करता है तो वह सबसे पहले उस स्कीम पर मिलने वाले ब्याज की दर को ध्यान में रखता है क्योंकि एक अच्छे ब्याज की दर मिलने से कमाई भी अच्छी होती है | आम तौर पर डाकघर की सभी योजनाओं चाहे वह बचत खाते से जुड़ी हो, आरडी हो, एफडी हो लगभग सभी पर अच्छी दर पर ब्याज मिलता है |
  • अधिकतर तौर पर Post Office Saving Schemes को इस तरह से जारी किया जाता है की इनके अंतर्गत निवेश होने वाली रकम एवं अर्जित ब्याज पर टैक्स में छूट होती है | लेकिन कई योजनाओं पर यह आंशिक रूप से तो कई में पूर्ण रूप से लागू होता है | कहने का आशय यह है की डाकघर की बचत योजनाओं में निवेश करके व्यक्ति टैक्स छूट का भी लाभ ले सकता है |
  • भारतीय डाकघर विभाग केंद्र सरकार के अधीन कार्य करता है इसलिए इसमें निवेश की गई पूँजी की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है | यही कारण है की इन योजनाओं में निवेश करने से पैसा डूबने जैसी आशंकाओं से बचा जा सकता है |
  • हालांकि जन जन तक अपनी पहुँच बनाने के लिए बैंक हमेशा से प्रयासरत रहे हैं लेकिन अभी भी बहुत सारे ऐसे इलाके हैं जहाँ केवल डाकघर मौजूद हैं | इसलिए कहा जा सकता है की डाकघर की बचत योजनायें सभी इलाकों में मौजूद हैं |
  • Post office saving Schemes को केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ध्यान में रखकर भी जारी किया जाता है | इसलिए इन योजनाओं के अंतर्गत बेहद कम निवेश के साथ भी बचत शुरू की जा सकती है, जिससे आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग भी इन योजनाओं का फायदा लेने में सक्षम हो पाता है |

डाकघर की बचत योजनायें (Saving Schemes of Post Office in Hindi):

Post office Saving Schemes की बात करें तो भारतीय डाकघर की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में भारतीय डाकघर द्वारा लगभग नौ तरह की योजनायें चलायी जा रही हैं जिनका एक एक करके संक्षिप्त वर्णन हम नीचे करेंगे |

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  1. डाकघर बचत खाता (Post Office Savings Account​​):

Post Office Saving Schemes की लिस्ट में डाकघर बचत खाते का पहला नंबर है बेहद कम आमदनी वाले लोगों को डाकघर की यह योजना बचत की ओर प्रोत्साहित करती है | क्योंकि डाकघर बचत खाते को कम से कम बीस रूपये के साथ खोला जा सकता है | जहाँ तक इस बचत खाते में ब्याज मिलने का सवाल है वर्तमान में डाकघर द्वारा इस Post Office Saving Schemes के अंतर्गत जमा राशि पर 4% की दर से वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है |

डाकघर बचत खाता की विशेषताएं (Features of Post office Saving Accounts in Hindi):

डाकघर बचत खाता की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं |

  • इस बचत योजना के अंतर्गत खाता केवल नकदी देकर ही ख़रीदा जा सकता है |
  • ऐसा खाता जिसमे चेक सुविधा नहीं है के लिए कम से कम पचास रूपये खाते में हमेशा विद्यमान होने चाहिए |
  • जिस खाते में चेक फैसिलिटी उपलब्ध हो उसमे कम से कम 500 रूपये हमेशा उपलब्ध होने चाहिए | कहने का आशय यह है की यदि कोई व्यक्ति अपने खाते में चेक सुविधा लेना चाहता है तो वह कम से कम 500 रूपये से खाता खोल सकता है | और उसे अपने खाते में 500 रूपये हमेशा बैलेंस बनाये रखना भी होता है |
  • हालांकि चेक सुविधा एक मौजूदा खाते में भी ली जा सकती है |
  • वित्तीय वर्ष 2012-13 से इस Post Office Saving Schemes के अंतर्गत जमा होने वाली राशि से सालाना कमाया हुआ 10000 रूपये तक का ब्याज टैक्स फ्री होगा |
  • खाता खोलते वक्त एवं बाद में भी नामांकन सुविधा दिए जाने का प्रावधान है |
  • डाकघर बचत खाते को एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रान्सफर किया जा सकता है |
  • इस बचत योजना के तहत एक पोस्ट ऑफिस में केवल एक ही खाता खोले जाने का प्रावधान है |
  • इस प्रकार का यह खाता नाबालिग के नाम से भी खुलवाया जा सकता है |
  • दो या तीन वयस्कों द्वारा इस Post Office Saving Schemes के अन्तरगत जॉइंट अकाउंट खोला जा सकता है |
  • खाते को कार्यरत अर्थात एक्टिव रखने के लिए तीन वित्तीय वर्षों में एक ट्रान्जेकशन चाहे वह पैसे निकालने से सम्बंधित हो या जमा करने से होना अनिवार्य है |
  • सिंगल अकाउंट जॉइंट में और जॉइंट अकाउंट सिंगल में परिवर्तित किया जा सकता है |
  • इस बचत योजना के तहत खुले खातों को एटीएम फैसिलिटी दी जाएगी |
  1. 5-वर्षीय डाकघर आवर्ती जमा खाता (आरडी) (5-Year Post Office Recurring Deposit Account (RD)

चूँकि यह पंचवर्षीय आवर्ती योजना होती है इसे भी समाज के निचले तबके की बचत को ध्यान में रखकर बनाया गया है क्योंकि इस Post Office Saving Schemes में कम से कम महीने में 10 रूपये का निवेश किया जा सकता है | इसके अलावा पांच रूपये के गुणकों में कोई भी राशि महीने में जमा की जा सकती है | पोस्ट ऑफिस की आर डी में जमा राशि पर मिलने वाला ब्याज 1 जनवरी 2018 से 6.9% निर्धारित किया गया है | इसलिए यदि कोई व्यक्ति हर महीने 10 रूपये पांच सालों के लिए जमा करता है तो मेच्योरिटी पर उसे मिलने वाली राशि 717.43 होगी |

5-वर्षीय डाकघर आवर्ती जमा खाता (आरडी) की विशेषताएं:

  • पोस्ट ऑफिस में आरडी नकद देकर या चेक देकर खोली जा सकती है |
  • खाता खोलते वक्त एवं बाद में भी नामांकन की सुविधा दी जाएगी |
  • इस Post Office Saving Schemes के तहत भी खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रान्सफर किया जा सकता है |
  • इस योजना के तहत किसी भी पोस्ट ऑफिस में कितने भी खाते खोले जा सकते हैं |
  • नाबालिग के नाम से भी खाता खोला जा सकता है |
  • दो वयस्कों द्वारा जॉइंट अकाउंट भी खोला जा सकता है |
  • पन्द्रह तारीख से पहले खाता खोलने की स्थिति में खाते में जमा की जाने वाली धनराशि अगले महीने की पन्द्रह तारीख तक जमा की जा सकती है | और उसके बाद खोले जाने पर किस्त अगले महीने के अंतिम तिथि तक जमा की जा सकती है |
  • यदि जमा की जाने वाली किश्त निर्धारित तिथि तक जमा नहीं की जाती है तो इस स्थिति में प्रत्येक 5 रूपये पर 0.5 रूपये लेट फी के तौर पर लिए जायेंगे | और लगातार चार किश्त न भरने की स्थिति में खाता बंद हो सकता है | हालांकि इसे दो महीने में किश्त एवं विलम्ब शुल्क भरकर दुबारा खोला जा सकता है लेकिन यदि इन दो महीनों में ऐसा नहीं किया जाता है तो खाते में फिर कोई राशि जमा नहीं हो पायेगी |
  • इस Post Office Saving Schemes के तहत कम से कम 6 किश्तों को एक साथ भरने पर छूट का प्रावधान किया गया है |
  • इस योजना के तहत भी सिंगल अकाउंट जॉइंट में और जॉइंट अकाउंट सिंगल में कन्वर्ट किया जा सकता है |
  • यदि पोस्ट ऑफिस आरडी खाताधारक को बीच में पैसों की आवश्यकता हो तो आरडी के एक साल पूरा होने के बाद वह जमा राशि का 50% निकाल सकता है | और फिर उस राशि को ब्याज के साथ एकमुश्त चूका भी सकता है |
  1. डाकघर फिक्स डिपाजिट खाता (Post Office Time Deposit Account (TD):

Post Office Time Deposit Account (TD) को ही डाकघर का फिक्स डिपाजिट खाता कहा जाता है | इसे कोई भी व्यक्ति कम से कम 200 रूपये जमा करके खोल सकता है | इस Post Office Saving Schemes के अंतर्गत ब्याज का भुगतान वार्षिक तौर पर किया जाता है लेकिन इसकी गणना हर तीन महीने में की जाती है | अलग अलग अवधि के लिए फिक्स डिपाजिट करने पर अलग अलग ब्याज की दर लागू होने का प्रावधान है | जिसकी तालिका निम्न प्रकार से है | कहने का अभिप्राय यह है की पोस्ट ऑफिस के फिक्स डिपाजिट अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज की दर निम्नवत है |

अवधि ब्याज की दर
एक साल के लिए फिक्स डिपाजिट करने पर6.6%
दो साल के लिए फिक्स डिपाजिट करने पर6.7%
तीन साल के लिए फिक्स डिपाजिट करने पर6.9%
पांच साल के लिए फिक्स डिपाजिट करने पर7.4%

डाकघर के फिक्स डिपाजिट अकाउंट की विशेषताएं (Features of  Post office time deposit account (TD):

डाकघर के फिक्स डिपाजिट अकाउंट की कुछ मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं |

  • यह खाता नकद या चेक देकर खोला जा सकता है |
  • खाता खोलने के दौरान एवं बाद में भी नामांकन की सुविधा दी जाती है |
  • एक डाकघर से दूसरे डाकघर में यह खाता भी ट्रान्सफर किया जा सकता है |
  • इस Post Office Saving Schemes के तहत कोई भी व्यक्ति किसी भी पोस्ट ऑफिस में कितने भी खाते खोल सकता है |
  • नाबालिग के नाम से भी खाता खुलवाया जा सकता है |
  • किसी दो व्यक्तियों द्वारा जॉइंट खाता खोला जा सकता है |
  • सिंगल अकाउंट जॉइंट में और जॉइंट सिंगल में तब्दील किया जा सकता है |
  • कोर बैंकिंग समाधान वाले डाकघरों में फिक्स डिपाजिट की अवधि पूरी हो जाने के बाद वह स्वत: ही अगले वर्षों के लिए रिन्यू हो जाती है |
  • एक अप्रैल 2007 से डाकघर के फिक्स डिपाजिट में किया गया पांच वर्षों के लिए निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट प्राप्त करने के योग्य माना जाता है |
  1. डाकघर मासिक आय योजना खाता (एमआईएस) (Post Office Monthly Income Scheme Account (MIS)

    डाकघर मासिक आय योजना के तहत खाता 1500 रूपये के गुणकों में खोला जा सकता है इसमें एक व्यक्ति अधिक से अधिक 5 लाख रूपये एवं जॉइंट अकाउंट होने की स्थिति में दो व्यक्ति 9 लाख रूपये तक निवेश कर सकते हैं | इस योजना के तहत जमा पूँजी पर सालाना 7.3% के आधार पर ब्याज की गणना होती है और ब्याज मासिक तौर पर देय होता है |

    डाकघर मासिक आय योजना खाता (एमआईएस) की विशेषताएं:

  • इस Post Office Saving Schemes के अंतर्गत भी खाता नकदी या चेक के माध्यम से खोला जा सकता है |
  • खाता खोलने के दौरान एवं बाद में भी नामंकन सुविधा दिए जाने का प्रावधान है |
  • यह खाता भी एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रान्सफर किया जा सकता है |
  • अधिकतम जमा योग्य धनराशि को ध्यान में रखते हुए एक व्यक्ति किसी भी पोस्ट ऑफिस में कितने भी खाते खोल सकता है | कहने का आशय यह है की उसके सभी खातों में जमा धनराशि अधिकतम जमा योग्य धनराशि से अधिक नहीं होनी चाहिए |
  • संयुक्त खाता दो या तीन व्यक्तियों द्वारा खोला जा सकता है |
  • इस Post office Saving Schemes के अंतर्गत भी नाबालिग के नाम से खाता खोला जा सकता है |
  • संयुक्त खाते की स्थिति में सभी सदस्यों की बराबर हिस्सेदारी अनिवार्य है |
  • एकल खाता संयुक्त में एवं संयुक्त खाता एकल में परिवर्तित किया जा सकता है |
  • 1/12/2011 से इस खाते की मेच्योर होने की अवधि पांच वर्ष निर्धारित है |
  • खाताधारक को पैसो की आवश्यकता होने पर जमा रकम को उसकी अवधि पूरी होने से पहले भी निकाला जा सकता है | यदि खाताधारक एक साल के अन्दर इस पैसे को निकालता है तो उसे किसी तरह का ब्याज नहीं मिलेगा | 1 साल से तीन साल के बीच इस खाते से पैसा निकालने पर कुल राशि से 2% काटकर खाताधारक को दिया जाने का प्रावधान है | और तीन साल के बाद निकालने पर 1% काटकर बाकि राशि खाताधारक को दी जाएगी |
  1. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (एससीएसएस)( Senior Citizen Savings Scheme (SCSS)​

जैसा की नाम से ही सपष्ट है वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति खाता खोल सकते हैं लेकिन कुछ व्यक्ति जैसे पेंशन पर रिटायर्ड हुए व्यक्ति एवं वीआरएस लिए हुए व्यक्ति इस Post office Saving Schemes के अंतर्गत 60 वर्ष से पहले 55 साल में भी खाता खोल सकते हैं | इस योजना के तहत कम से कम 1000 रूपये एवं अधिक से अधिक 15 लाख रूपये निवेश किये जा सकते हैं | SCSS के तहत सालाना 8.3% की दर से ब्याज मिलता है लेकिन ब्याज का भुगतान 31 March, 30th June, 30th sept, और 31 December को किया जाता है |

एससीएसएस की मुख्य विशेषताएं:

  • इस योजना के तहत Maturity Period 5 साल निर्धारित किये है |
  • एक जमाकर्ता एक से अधिक खाता ऑपरेट कर सकता है |
  • एक लाख से नीचे के निवेश के साथ नकदी देकर भी खाता खोला जा सकता है लेकिन एक लाख से ऊपर के निवेश का भुगतान केवल चेक द्वारा किया जा सकता है |
  • खाता खोलने के दौरान एवं बाद में भी नामांकन की सुविधा उपलब्ध है |
  • खाता एक डाकघर से दूसरे डाकघर को ट्रान्सफर किया जा सकता है |
  • अधिकतम जमा राशि को ध्यान में रखते हुए एक व्यक्ति कितने भी अकाउंट खोल सकता है | बशर्ते सभी खातों में जमा राशि अधिकतम जमा योग्य राशि से अधिक न हो |
  • इस Post office Saving Schemes के तहत एक वर्ष पूरा होने के बाद कभी भी पैसे निकाले जा सकते हैं | एक वर्ष बाद पैसे निकालने पर जमा राशि पर 5% की कटौती, दो साल के बाद 1% की कटौती किये जाने का प्रावधान है |
  • Maturity के बाद एक वर्ष के भीतर यह खाता अगले तीन सालों के लिए फिर से बढाया जा सकता है |
  • सालाना 10000 रूपये से अधिक ब्याज अर्जित करने पर TDS काटे जाने का प्रावधान है |
  • इस Post Office Saving Schemes के तहत जमा निवेश आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट के लिए पात्र है |

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की और जानकारी के लिए पढ़ें |

  1. 15 साल सार्वजनिक भविष्य निधि खाता (पीपीएफ) (15 year Public Provident Fund Account (PPF​)​

डाकघर की 15 साल सार्वजनिक भविष्य निधि खाते के तहत कम से कम 500 रूपये और अधिक से अधिक 150000 रूपये का निवेश एक वित्तीय वर्ष के अंतर्गत किया जा सकता है | यह रकम एकमुश्त या 12 किस्तों में जमा की जा सकती है |  इस Post Office Saving Schemes के अंतर्गत 1-1-2018 से मिलने वाला ब्याज 7.6% वार्षिक है |

विशेषताएं (Features):

  • कोई भी व्यक्ति इस खाते को कम से कम 100 रूपये जमा करके खोल सकता है लेकिन एक साल में कम से कम 500 एवं अधिक से अधिक 5 लाख जमा किये जा सकते हैं |
  • संयुक्त खाता भी खोला जा सकता है |
  • खाता नकदी या चेक से खोला जा सकता है |
  • इस Post office Saving Schemes के तहत भी खाता खोलने के दौरान एवं बाद में भी नामांकन सुविधा दिए जाने का प्रावधान है |
  • खाताधारक अधिकतम जमा योग्य रकम को ध्यान में रखते हुए किसी नाबालिग के नाम से भी यह खाता खोल सकता है |
  • इसमें Maturity Period 15 वर्ष निर्धारित की गई है लेकिन यह अवधि पूरा होने के बाद खाताधारक एक साल के भीतर इसे अगले पांच वर्षों के लिए फिर से बढ़ा सकता है |
  • इस योजना के अंतर्गत मेच्योरिटी मूल्य बिना खाते को आगे बढ़ाये एवं बिना उसमे जमा किये भी बनाये रखा जा सकता है |
  • इस खाते को पन्द्रह साल से पहले बंद नहीं किया जा सकता है |
  • जमा राशि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट योग्य होगी |
  • अर्जित ब्याज पूर्ण रूप से टैक्स फ्री होगा |
  • सात वित्तीय वर्षों के बाद हर साल निकासी संभावित है |
  • तीन वित्तीय वर्षों के बाद इस खाते पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध है |

सार्वजिनक भविष्य निधि खाते की और जानकारी के लिए पढ़ें

  1. राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) (National Savings Certificates (NSC)​

इस Post office Saving Schemes के तहत कम से कम 100 रूपये निवेश किया जा सकते हैं जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है | जहाँ तक बचत पत्रों का सवाल है ये 100, 500, 1000, 5000एवं 10000 मूल्य वर्गों में ख़रीदे जा सकते हैं | वर्तमान में 1/01/2018 से इस योजना के अंतर्गत जमा राशि पर 7.6% की दर से वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज की गणना होती है लेकिन इसका भुगतान Maturity पर ही किया जाता है |

एनएससी की विशेषताएँ:

  • एक एकल धारक प्रकार का प्रमाण पत्र किसी वयस्क द्वारा अपने या किसी नाबालिग की तरफ से ख़रीदा जा सकता है |
  • इस योजना के तहत जमा राशि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट प्राप्त करने के योग्य होती है |
  • इस योजना के तहत साल में अर्जित ब्याज को इसी योजना के तहत पुन: निवेश कर दिया जाता है |
  • खाता खोलने से लेकर Maturity तक केवल एक बार सर्टिफिकेट को एक नाम से दूसरे नाम में ट्रान्सफर किया जा सकता है |

एनएससी की और अधिक जानकारी के लिए पढ़ें.

  1. किसान विकास पत्र (केवीपी) (Kisan Vikas Patra (KVP​):

इस Post office Saving Schemes को ग्रामीण इलाकों में निवासित आबादी और वह भी खास तौर पर किसानों को ध्यान में रखकर चलाया गया है | इस योजना के तहत पैसा लम्बी अवधि के लिए निवेश किया जाता है जो लगभग 118 महीनों यानिकी 9 साल 10 महीनों में दुगुना हो सकता है | इसे कम से कम 1000 रूपये निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है अधिकतम जमा की कोई सीमा नहीं है | वर्तमान में इस Post office Saving Schemes के तहत मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की दर 7.3% वार्षिक है |

किसान विकास पत्र की विशेषताएं:

  • किसान विकास पत्र किसी वयस्क व्यक्ति द्वारा खुद के लिए या फिर किसी नाबालिग की तरफ से खरीदे जा सकते हैं |
  • यह किसी भी डाकघर से ख़रीदे जा सकते हैं |
  • इनमे भी नामांकन की सुविधा उपलब्ध है |
  • केवीपी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति एवं एक डाकघर से दूसरे डाकघर में ट्रान्सफर किये जा सकते हैं |
  1. सुकन्या समृद्धि खाता (Sukanya Samriddhi Accounts):

अक्सर देखा गया है की लड़कियों को आज भी समाज में लड़कों से कम आँका जाता है और जब से लड़की पैदा हो जाती है उसके अभिभावकों को उसकी पढाई, शादी इत्यादि की चिंताएं सताने लगती है | ऐसी ही अभिभावकों को ध्यान में रखकर सरकार ने इस Post office Saving Schemes की शुरुआत की है | ताकि बच्ची के माता पिता उसके बचपन से ही बचत करने की आदत डालें और उसके बड़ा होने पर जमा राशि से बच्ची की पढाई या शादी आराम से कर सकें | 10 साल से कम उम्र की बच्ची के माता पिता या क़ानूनी अभिभावक बच्ची के नाम से इस Post office Saving Schemes के तहत खाता खोल सकते हैं | इस योजना के तहत एक साल में कम से कम 1000 रूपये एवं अधिक से अधिक 150000 रूपये निवेश किये जा सकते हैं | व्यक्ति या तो कम से कम 100 रूपये की मासिक किश्तों या फिर एक मुश्त यह रकम जमा कर सकता है | सुकन्या समृद्धि खाते में 1-1-2018 से मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की दर 8.1% है |

सुकन्या समृद्धि खाते की विशेषताएं:

  • दस साल तक की बच्ची का उसके माता पिता या क़ानूनी अभिभावक उसका खाता खोल सकते हैं |
  • एक अभिभावक अपनी एक बच्ची के नाम से केवल एक ही खाता खोल सकता है और कुल मिलाकर दो अलग अलग बच्चियों के नाम से दो खाते खोल सकता है |
  • इस Post office Saving Schemes के तहत यदि एक साल में एक हज़ार रूपये जमा नहीं किये गए तो खाता बंद माना जायेगा | जिसे प्रति वर्ष 50 रूपये की पेनल्टी भरने के बाद दुबारा चालू किया जा सकेगा |
  • खाताधारक की उम्र 18 वर्ष होने के बाद वित्तीय वर्ष के अंत में आंशिक निकासी अधिक से अधिक कुल जमा राशि की 50% तक की जा सकती है |
  • इक्कीस वर्ष पूर्ण होने के बाद खाता बंद किया जा सकता है |
  • इस Post Office Saving Schemes के तहत लड़की के विवाहित होने पर समय से पहले अर्थात 18 साल बाद भी खाता बंद किया जा सकता है |

सुकन्या समृधि योजना के बारे में पढ़ें |

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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