Stationary And Book Store Business - iKamai-Kamai Tips In Hindi

Stationary And Book Store Business

यद्यपि Stationary and book store business करना बेहद ही आसान प्रक्रिया है, सामान्य बोलचाल की भाषा में हम समझाने की कोशिश करेंगे तो हम यही कहेंगे की एक दुकान किराये पर या अपनी ली, उसमे सामान भरा और दुकान पर बैठ कर ग्राहक का इंतजार करने लगे ताकि ग्राहक आये और उद्यमी उसे Stationary and book items बेचकर अपनी कमाई कर सके | लेकिन सोचिये यदि कोई कंपनी उद्यमी से अपने कार्यालय हेतु Stationary items खरीदना चाहती है तो क्या ऐसे में उद्यमी उस कंपनी को अपनी सर्विस दे पायेगा चलो मान लेते हैं की उद्यमी दे भी देगा लेकिन असली सवाल यह उठता है की क्या कंपनी बिना Tax bill के Stationary Items खरीदेगी | उत्तर नहीं है कोई भी कंपनी बिना टैक्स बिल के अपने कार्यालय हेतु Stationary items नहीं खरीदेगी | इसलिए ऐसी स्थिति से निपटने के लिए उद्यमी के बिज़नेस का Tax Registration होना बेहद जरुरी है | ताकि उसके पास सभी प्रकार के ग्राहक व्यक्तिगत व्यक्ति/संस्थाएं/ कार्यालय इत्यादि अपनी आवश्यकता के अनुरूप Stationary items खरीद सकें |

stationary and book store business

Stationary and Book Store Kya hai:

जैसा की हम सबको विदित है स्टेशनरी से हमारा अभिप्राय अधिकतर तौर पर लिखने एवं कार्यालय के अन्य कामों के लिए उपयोग में लाये जाने वाले उपकरणों से है | जैसे पेन, पेन्सिल, लिफाफे इत्यादि | कहने का आशय यह है की लिखने की प्रक्रिया जिस भी उपकरण की मदद से हाथों द्वारा की जाय या किसी मशीन जैसे प्रिंटर/कंप्यूटर इत्यादि द्वारा उसमे प्रयुक्त होने वाली वस्तु स्टेशनरी आइटम में ही आती है | उदाहरणार्थ: यदि कोई व्यक्ति हाथों के माध्यम से लिखना चाहता है तो उसे एक Letter pad एवं एक Pen की आवश्यकता हो सकती है Letter pad एवं Pen General Stationary के अवयव हैं | इसके अलावा यदि व्यक्ति इसी लेख को प्रिंटर के माध्यम से प्रिंट आउट निकालना चाहता है तो प्रिंटर में लगने वाली इंक या Cartridge Printing Stationary के अवयव हैं | Book Store का सामान्य सा तात्पर्य है एक ऐसी दुकान जहाँ पर किताबें मिलती हों और इसलिए Stationary and Book Store से आशय एक ऐसे स्थान से है जहाँ से लिखने के काम में आने वाले उपकरण एवं किताबें आसानी से खरीदी जा सकें |

Main types of stationary in Hindi:

स्टेशनरी Items को इनके उपयोग के आधार पर मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है |

  • General Stationary : General Stationary से हमारा आशय ऐसे Stationary Items से है जिन्हें सामान्य उपयोग में लाया जाता है इनमे मुख्य रूप से पेन, पेन्सिल, Eraser इत्यादि हैं |
  • Printing Stationary : Printing Stationary से अभिप्राय ऐसी स्टेशनरी की वस्तुओं से है जिन्हें प्रिंटिंग हेतु उपयोग में लाया जाता है इनमे मुख्य रूप से Printer Cartridges, Printer Ink, Paper Rim, Bond paper इत्यादि आते हैं |
  • Computer Stationary : कंप्यूटर स्टेशनरी से हमारा आशय कंप्यूटर के उपयोग में लायी जाने वाली स्टेशनरी से है | इनमे मुख्य रूप से CD, DVD, Pen drive, Mouse Pad इत्यादि आते हैं |

Stationary and Book Store business Kaise Start Kare:

Stationary and book store start करने के लिए उद्यमी को विभिन्न प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है |

  1. बिज़नेस लोकेशन का चुनाव करना:

Stationary and book store खोलने के लिए सबसे पहले इच्छुक व्यक्ति को स्टोर के लिए लोकेशन का चुनाव करना होगा स्टोर के लिए लोकेशन का चयन करते समय उद्यमी इस बात का ध्यान रख सकता है की यदि लोकेशन शिक्षण संस्थानों के नज़दीक होगी तो ग्राहक के तौर पर अधिकतर विद्यार्थी हो सकते हैं यदि स्टोर किसी ऐसे स्थान पर है जहाँ कंपनियों के कार्यालय विद्यमान हैं तो इस स्थिति में उद्यमी के पास Corporate Clients अधिक हो सकते हैं | इसके अलावा यदि स्टोर किसी भीड़ भाड़ वाले बाज़ार में उपस्थित हैं तो दिन भर यहाँ वहां से आने वाले लोग उद्यमी के ग्राहक हो सकते हैं | इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह ऐसी बिज़नेस लोकेशन का चयन करे जो उपर्युक्त तीनो स्थितियों को थोड़ा थोड़ा बयां करती हो |

आगे पढ़ें : एक अच्छी बिज़नेस लोकेशन का चुनाव कैसे करें?  

  1. चयनित लोकेशन पर जगह किराये पर लेना:

अब यदि उद्यमी ने अपने Stationary and book store के लिए लोकेशन का चयन कर लिया हो तो उद्यमी का अगला कदम उस लोकेशन पर अपने बिज़नेस के लिए जगह किराये पर लेने का होना चाहिए या फिर उद्यमी चाहे तो अपने बजट के अनुरूप खुद की जगह भी ले सकता है | किराये पर लेते वक्त उद्यमी को Landlord से Rent Agreement अवश्य करा लेना चाहिए क्योंकि बिज़नेस के नाम से बैंक खाता एवं टैक्स पंजीकरण में यह पता प्रमाण पत्र के तौर पर उपयोग में लाया जा सकता है |

  1. स्थानीय निकाय एवं टैक्स पंजीकरण कराना:

अब चूँकि उद्यमी ने Stationary and book store खोलने के लिए जगह भी किराये पर ले ली इसलिए अब अगला कदम स्थानीय निकाय जैसे नगर निगम इत्यादि की स्वीकृति लेना और GST Registration या अन्य लागू टैक्स पंजीकरण करा लेना चाहिए हालांकि Stationary and book store में बहुत सारी ऐसी वस्तुएं भी होती हैं जिन पर किसी प्रकार का कोई टैक्स देय नहीं होता है अर्थात उन पर टैक्स में छूट होती है फिर भी उद्यमी को चाहिए की वह लागू कर नियमों को जानने के लिए किसी Charted Accounted इत्यादि की मदद ले सकता है, ताकि उद्यमी सभी प्रकार के ग्राहकों को अपनी सर्विस दे सके |

आगे पढ़ें: वर्तमान उद्यमियों के लिए जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया |

  1. अपने स्टोर के लिए Stationary List Final करना:

उद्यमी को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए की Stationary Items में बहुत सारे छोटे बड़े उत्पाद होते हैं लेकिन हर उत्पाद हर जगह बराबर रूप से नहीं बिकता, कौन सा उत्पाद किस जगह पर अधिक बिक सकता है यह सब बिज़नेस लोकेशन एवं टारगेट ग्राहकों की पसंद नापसंद पर निर्भर करता है | इसलिए उद्यमी को अपनी बिज़नेस लोकेशन एवं Target Customers की आदतों का मुआयना करके ही अपने Stationary and Book Store के लिए स्टेशनरी list final करनी होगी | उद्यमी चाहे तो उस क्षेत्र में पहले से इस प्रकार का बिज़नेस कर रहे उद्यमियों से इस बारे में जानकारी ले सकता है | उद्यमी चाहे तो विभिन्न स्टेशनरी आइटम की लिस्ट तैयार करके उसके बिज़नेस के लिए कौन से उपयुक्त रहेंगे उन पर निशान लगा सकता है | कुछ मुख्य Stationary Items की लिस्ट इस प्रकार से है |

Stationary Items List:

                               

A4, A3 Legal Size paper Rim Box File Alpines
Pens Index File Pen Stand
Pencil Cobra File Whiteboard
Eraser Ring Binder File Paper Display Board
Sharpener Spiral Pad Small/Notebook Small Carbon paper
Binder Clip in Different MM Spiral Pad Big/Notebook Big Rent receipt
Permanent Marker Rubber band Duracell
Whiteboard marker Scale Gel pens
High Lighter Scissor Small Calculator
U Clip Scissor Big Visiting Card Holder
Tri Color Sticky pad Scissor Medium Plastic ID Card Holder
Wide Sticky pad Paper Cutter Readymade Lanyards
Bond paper paper shredder Table pad
Fax roll CD Color pencil
Whitener Pen DVD Sketch Pen
Whiteboard duster Pen Drive Geometry Box
Blackboard Duster Various cartridges Colorful Charts
Punching Machine Printer Ink ribbon
Staplers big and small both Attendance Register balloons
Staplers Pins General register Compliments card
Glue Stick Stamp pad
PVC Coated U Type pen Stamp pad Ink
Thumb Pin or Drawing Pin Gems Clips
Cello Tape of different Inches Glitter Pens
Brown Tape of different Inches Paper Trays

 

  1. स्टेशनरी सप्लायर सर्च करना :

अब चूँकि उद्यमी ने अपने Stationary and book store के लिए संभावित तौर पर अधिक बिकने वाली वस्तुओं का चुनाव कर लिया है इसलिए अगला कदम Stationary Suppliers ढूंढने का होना चाहिए उद्यमी को किसी ऐसे सप्लायर को ढूंढना होगा जो जरुरत पड़ने पर एक दो स्टेशनरी आइटम की भी डिलीवरी उसकी शॉप पर दे सके या नियमित तौर पर आर्डर लेने के लिए आता रहे |

  1. Stationary Item and Book Purchase करना:

उद्यमी का अगला कदम चयनित सप्लायर से stationary items मंगाने का होना चाहिए शुरू में उद्यमी कम ही संख्या को अपने स्टोर का हिस्सा बना सकता है और बाद में अपना आर्डर इस तरह से प्रबंधित कर सकता है की ज्यादा बिकने वाली आइटम उद्यमी की Stationary and book store कभी खत्म ही न हो | और ऐसी भी कोई आइटम न हो जो वर्षों तक बिके ही नहीं | इन सब के बाद उद्यमी अपने ग्राहकों को स्टेशनरी आइटम बेचकर अपनी कमाई कर सकता है |

अधिक कमाई या सेल के लिए हमेशा अपने बिज़नेस की मार्केटिंग करते रहना:

अब यदि उद्यमी ने बिज़नेस करने से पहले इस बिज़नेस के बारे में जो भी सोचा था अर्थात जिस प्रकार के लोगों को भी उसने अपने आंशिक ग्राहक के तौर पर समझा था अगर वही लोग उसके ग्राहक के तौर पर सामने आ रहे हैं तो उद्यमी का बिज़नेस धीरे धीरे रफ़्तार पकड़ने लगेगा | लेकिन यदि नतीजे उसकी अपेक्षा के अनुरूप नहीं आ रहे हैं तो उद्यमी को चाहिए की वह अपने बिज़नेस को चलाने के लिए लगातार मार्केटिंग करता रहे इसके लिए उद्यमी चाहे तो शिक्षण संस्थानों में जाकर उनसे बात कर सकता है ख़ास तौर पर छोटे बच्चों के स्कूल जिनके अध्यापक पढने वाले बच्चों के माता पिता को Stationary and book store जहाँ उस स्कूल विशेष में चलने वाली वर्दी यानिकी यूनिफार्म खरीदने के लिए भी कहा जाता है | यदि उद्यमी की शॉप किसी ऐसे स्थान पर है जहाँ से कपनियों के कार्यालय नजदीक हैं अर्थात यदि उद्यमी वहां तक होम डिलीवरी की सर्विस दे सकता है तो वह Corporate Clients को भी टारगेट कर सकता है | इसके अलावा उद्यमी चाहे तो हमारी यह मार्केटिंग तकनीक पर लिखा लेख पढ़ सकता है |

Comments

  1. By Sanjay Kumar

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  2. By mukesh mangal

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