Acrylic Buttons रेडीमेड गारमेंट उद्योगों द्वारा बहुतायत तौर पर उपयोग में लायी जाने वाली एक प्रमुख वस्तु है | हम अक्सर अपने पहने जाने वाले कपड़ों जैसे कमीज, पेंट इत्यादि में पाते हैं की Acrylic Buttons का उपयोग हुआ होता है | चूँकि Acrylic Poly(methyl methacrylate) एक तरह का Plastic ही होता है इसलिए प्लास्टिक से Buttons बनाने के लिए मुख्यतः दो विधियाँ अपनाई जाती हैं |

इनमे पहली विधि यह है की Acrylic Sheet या Polyester Sheet की Cutting Die Punching प्रक्रिया को अंजाम देकर पूर्ण की जाती है | दूसरी विधि में urea compression moulding प्रक्रिया द्वारा इस काम को अंजाम दिया जाता है | लेकिन इस Acrylic Buttons Making Business नामक इस लेख में हम पहली विधि अर्थात Acrylic Sheet को Dye Punching Machine के माध्यम से Cutting करके Acrylic Buttons बनाने के काम की कुछ मुख्य जानकारी देने की कोशिश करेंगे |

Acrylic Buttons making-business

कपड़ों के बटन [ Acrylic Buttons] बनाने का व्यापार क्या है :

अत्याधुनिक कपड़ा उद्योगों एवं फैशन डिजाइनिंग में बटन एक छोटा सा कपडे की एक परत को दूसरी परत से जोड़ने वाली वस्तु है | Buttons को अधिकांशतः Plastic को कच्चे माल के तौर पर प्रयोग में लाकर बनाया जाता है | लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसे धातु, लकड़ी इत्यादि से भी बनाया जाता है |

चूँकि बटन का उपयोग कपडे या अन्य सामग्री जैसे चमड़े इत्यादि की एक परत को दूसरी परत से जोड़ने का काम करता है इसलिए अक्सर देखा जाता है की कपड़ों के अलावा पर्स, बैग इत्यादि में भी धातु, लकड़ी या Acrylic Buttons लगाये जाते हैं |

यद्यपि कपड़ा उद्योगों एवं चमड़ा उद्योगों में और भी Fastener  जैसे Zippers, वेल्क्रो, चुम्बक इत्यादि भी है लेकिन इन सबमे Buttons सबसे अधिक प्रचलित है | इसलिए जब किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के लिए व्यवसायिक तौर पर Acrylic Sheet से Buttons बनाने का काम किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह बिज़नेस Acrylic Buttons Making Business कहलाता है |

कपड़ों के बटन की बिकने की संभावना

जैसा की हम सबको विदित है यदि हम इस दुनिया में किसी भी मनुष्य प्राणी से उसकी तीन आधारभूत आवश्यकताओं के बारे में पूछेंगे तो हम पाएंगे की उसका जवाब रोटी, कपड़ा एवं मकान होगा जो किसी भी मनुष्य प्राणी को जिन्दा रहने के लिए चाहिए ही चाहिए होती है | Acrylic buttons का बहुतायत तौर पर उपयोग कपड़े उद्योगों द्वारा किया जाता है इसलिए कहा जा सकता है की जब जब जनसँख्या में वृद्धि और लोगों की जीवनशैली में सुधार होता है तो जो लोग पहले कभी कभी कपडे खरीदते थे वो अधिक कपडे खरीदते हैं |

जिससे कपड़ा बनाने वाले उद्योगों को और अधिक Acrylic Buttons की आवश्यकता होती है | कहने का आशय यह है की Acrylic Buttons की मांग जनसँख्या में वृद्धि एवं जीवनस्तर में सुधार के कारण बढती है | यह Acrylic Button Making business Low Investment के साथ शुरू किया जाने वाला बिज़नेस इसलिए है क्योंकि इसमें उपयोग होने वाली मशीनरी 2-3 लाख रूपये में आसानी से खरीदी जा सकती है |

एक आंकड़े के मुताबिक प्लास्टिक वस्तुओं का उत्पादन करने वाले छोटे बड़े उद्योगों से वर्ष 2011 तक लगभग 36 लाख लोग रोजगार पा रहे थे | कहने का आशय यह है की वर्तमान में प्लास्टिक से निर्मित वस्तुओं का उपयोग औद्योगिक एवं घरेलू तौर पर काफी बढ़ गया है यही कारण है की Acrylic buttons का भी भविष्य में डिमांड बढ़ने की संभावना है |

बटन बनाने के लिए आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल

Acrylic buttons making business में प्रयुक्त किया जाने वाला मुख्य Raw Materials Acrylic Sheets है | और इस बिज़नेस में काम आने वाली मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • Acrylic Sheet को काटने की मशीन (Acrylic Sheet cutting machine)
  • ड्रिल मशीन (Drilling machine)
  • बटन पर छेद करने की मशीन (Hole Maker)
  • बटन के किनारों को ग्राइंड करने की मशीन (Grinding machine)
  • अन्य उपकरण एवं हस्तचालित टूल्स

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं Acrylic buttons making business में प्रमुख रूप से काम आने वाला कच्चा माल Acrylic Sheet है इसके अलावा उद्यमी को कच्चे माल के तौर पर कुछ पैकेजिंग Material की आवश्यकता हो सकती है | और वर्तमान में बटन बनाने के काम के लिए Automatic button Making machine एवं Semi Automatic Machine भी बाज़ार में उपलब्ध हैं |

निर्माण प्रक्रिया (Manufacturing Process of Acrylic buttons):

Acrylic Sheets से बटन बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल एवं सहज है | सर्वप्रथम बाज़ार से कच्चे माल के तौर पर उपयोग होने वाली Acrylic Sheet खरीद ली जाती है | उसके बाद बटन के साइज़ के आधार पर Sheet काटने वाली मशीन से शीट को काट लिया जाता है | बटन पर छेद करने वाली मशीन से बटन पर छेद करके बटन के किनारों को Grinding Machine के माध्यम से Finishing की जाती है | उसके बाद डिजाईन को बटन पर उभारा जाता है और पोलिशिंग प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है |

पोलिशिंग करके Acrylic Button को Boxes में पैकेजिंग करके मार्किट में बेचकर कमाई की जाती है | अलग अलग Manufacturing Units द्वारा अलग अलग विधियाँ अपनाई जाती हैं | इसलिए उद्यमी किसी प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण लेकर या फिर बटन बनाने के लिए मशीन बेचने वाले विक्रेता भी इस तरह का प्रशिक्षण अपने ग्राहकों को देते हैं |

यद्यपि Acrylic Buttons की गुणवत्ता हेतु BIS द्वारा कोई IS specifications निर्धारित नहीं किये गए हैं | किन्तु Plastic Buttons thermosetting  के लिए  Bureau of India Standard  ने IS : 1461 – 1966 और IS : 8543 (Part XIII/Sec.I) – 1977 निर्धारित किये हैं |

4 Comments

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    • Avatar for Juned kureshi Juned kureshi
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