India में Auto spare parts business start करना आसान नहीं है, लेकिन यदि व्यक्ति Dealership लेने, अच्छी लोकेशन का चुनाव करने और इसमें लगने वाले निवेश का प्रबंध करने में आने वाली मुश्किलों का सामना करके यह बिज़नेस स्टार्ट कर लेता हैं, तो इतना तो तय है की यह Auto spare parts business उद्यमी को फर्श से अर्श तक पहुँचाने का सामर्थ्य रखता है | India की Auto Industry विश्व की बड़ी Auto industries में शुमार है, भारत की Gross Domestic Product (GDP) में इसका 7.1% का योगदान है |

और एक आंकड़े के मुताबिक Passenger vehicle की मांग 2026 तक भारत में तिगुनी हो लगभग 94 लाख हो जाएगी | यह बात किसी से छुपी नहीं है की यदि किसी व्यक्ति के पास अपनी गाड़ी है तो उसका कभी न कभी कोई न कोई parts तो अवश्य ख़राब होगा |

उस स्थिति में व्यक्ति गाड़ी ठीक करने वाले Mechanic के पास जायेगा या फिर मैकेनिक को बुलाएगा, उसके बाद मैकेनिक गाड़ी का निरीक्षण कर उस Damage Part को बदलने का आग्रह करेगा, इस स्थिति में उस बदले जाने वाले spare part का प्रबंध कभी Mechanic करता है, तो कभी वह जिसकी गाड़ी है उसे खुद वह Spare Part खरीद के लाने को बोलता है |  जिसका अभिप्राय है की Auto Spare Part खरीदने  कोई भी जाय, लेकिन जायेगा Spare parts की Shop पर ही |

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Auto Spare Parts Shop

Auto Spare Parts बिजनेस क्या है :

Auto spare parts business से हमारा तात्पर्य कमाई करने की उस प्रक्रिया से है, जिसमे कोई उद्यमी गाड़ियों को ठीक करने में काम आने वाले कल पुर्जों, उपकरणों की दुकान खोलकर उन्हें बेच रहा होता है | जैसे की हम सभी जानते हैं एक गाड़ी का निर्माण विभिन्न प्रकार के कल पुर्जों को उपयोग में लाकर किया जाता है |

और कभी कभी गाड़ी में लगे कल पुर्जे काम करना बंद कर देते हैं, तब किसी Mechanic द्वारा इन खराब हुए कल पुर्जों के बदले गाड़ी में नए कल पुर्जे डाले जाते हैं जिससे गाड़ी फिर से काम करना शुरू कर देती है | जहाँ से नए कल पुर्जे खरीदे जाते हैं उसे Auto spare part Shop कहा जा सकता है |

Auto Spare Parts बिजनेस कैसे शुरू करें :

India में पिछले बहुत सालों से Auto sector में धीरे धीरे लगातार वृद्धि हो रही है, जैसे जैसे लोगों की आय में वृद्धि हो रही है लोग गाड़ी लेना पसंद कर रहे हैं, और उनका रुझान एक स्थान से दुसरे स्थान को भ्रमण करने को भी है यही कारण है की Commercial vehicle की Sales में 1.53% की बढ़ोत्तरी आंकी गई |

इसके अलावा Two wheelers की खरीदारी में भी लोगों द्वारा अधिक रूचि दिखाई जा रही है, यही कारण है की two wheeler की sale में 22% का इजाफा आँका गया |  इस प्रकार के आंकड़े देने के पीछे हमारा मकसद यह है की, Auto spare parts business start करने वाला उद्यमी अंदाज़ा लगा सके की इस Business में क्या संभावनाएं है |

1. व्यवहारिक अध्यन आयोजित करें

सबसे पहले उद्यमी को अपने विवेक एवं सोचने समझने की शक्ति या ताकत के बलबूते auto spare parts business के लिए एक अनुमानित व्यवहारिक रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए | यह रिपोर्ट विभिन्न बिन्दुओं जैसे कौन से  कंपनी के Auto Spare parts की मांग उस स्थानीय बाज़ार में सर्वाधिक है जहाँ उद्यमी अपना बिज़नेस करने की सोच रहा है |

और उस स्थानीय बाज़ार में लोगों द्वारा कौन सी ब्रांड की गाड़ी अधिकाधिक उपयोग में लायी जाती है , और वह कार बनाने वाली कंपनी कौन सी Spare Parts Company द्वारा बनाये गए उत्पाद उपयोग में लाती है इत्यादि का विश्लेषण करना होता है |

उदाहरणार्थ: यदि आपके द्वारा की गई यह Studies परिणाम लेके आती है की आप जहाँ बिज़नेस करने की सोच रहे हैं वहां लोगो के पास Maruti, Tata, Toyota, Honda  इत्यादि की गाड़ियाँ है तो उद्यमी का BMW, Mercedes इत्यादि गाड़ियों पर लगने वाले Spare Parts को अपनी दुकान का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए | वरना वे पड़े पड़े सिर्फ दुकान में जगह घेरने के काम के अलावा कुछ नहीं करेंगे |

2. प्रशिक्षण प्राप्त करें या मौजूदा उद्यमियों से मिलें

हालाँकि कोई भी व्यक्ति हो यदि वह auto spare parts business करना चाहता है तो उससे यह कोई नहीं पूछेगा की वह कितना पढ़ा लिखा है, या है भी की नहीं लेकिन किसी के द्वारा Education Certificate न मांगने का मतलब यह नहीं है की व्यक्ति बिना कुछ जानकारी के ही कुछ भी बिज़नेस स्टार्ट कर दे इसलिए कोई भी business करने से पहले उसकी जानकारी होना आवश्यक है |

इस बिज़नेस पर जानकारी जुटाने के लिए व्यक्ति चाहे तो किसी Auto Spare Part की Shop में काम कर सकता है | अगर व्यक्ति के पास छह सात महीने लम्बा इंतजार नहीं करना चाहता है तो वह वर्तमान में auto spare parts business कर रहे उद्यमियों से मिलकर इसकी जानकारी ले सकता है, या किसी मान्यता प्राप्त संसथान से Short Training लेकर Knowledge Gain कर सकता है |

3. Auto Spare Parts बिजनेस के लिए लोकेशन चयन करें

उद्यमी को यह विशेष तौर पर ध्यान में रखना होगा की यह Business ग्रामीण इलाकों से Start किये जाने वाले बिज़नेस की List में शामिल नहीं है | इसलिए इस बिज़नेस को किसी शहर या नगर में ही किया जा सकता है, लोकेशन का चुनाव करते वक्त उद्यमी को चाहिए की वह किसी ऐसी लोकेशन का चुनाव करे जहाँ पहले से Auto spare parts की Shop उपलब्ध न हो |

यह करने से उद्यमी को उस स्थान विशेष पर प्रतिस्पर्धा कम देखने को मिलेगी जिससे उद्यमी के बिज़नेस को फायदा पहुंचेगा | सच्चाई तो यह है की Auto Spare parts business की सफलता और असफलता में लोकेशन बहुत अहम् किरदार निभाती है | इसलिए उद्यमी चाहे तो लोकेशन चयन Tips पर लिखा हमारा यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं |

4. लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करें

यद्यपि यह Business करने के लिए किसी प्रकार का License या Registration अनिवार्य नहीं है, लेकिन उद्यमी जिस क्षेत्र विशेष में यह Business करने की सोच रहा हो उसे वहां के स्थानीय नियम अवश्य चेक कर लेने चाहिए | इसके अलावा Tax registration में Tax Identification Number (TIN) लेना आवश्यक है |

5. Auto spare parts की लिस्ट तैयार करें :

अब चूँकि उद्यमी के पास Auto spare parts business start करने के लिए जगह, Tax registration इत्यादि उपलब्ध है, अगला Step उद्यमी का अपनी Shop के लिए आवश्यक Spare parts list तैयार करने का होना चाहिए हाँ यह लिस्ट तैयार करते वक्त शुरू में की गई Feasibility report के result को ध्यान में रखना अति आवश्यक है |

ताकि उद्यमी आवश्यकता के अनुरूप ही Spare parts मंगा पाए | यद्यपि आवश्यक Spare Parts की लिस्ट ग्राहकों की आवश्यकता के नुरूप बदलती रहती हैं | लेकिन हमने कुछ Spare parts को इस List में शामिल किया है जिनका विवरण निम्नवत है |

Auto Spare parts list in Hindi:

इलेक्ट्रिकल Partsट्रांसमिशन Partsब्रेक Parts and Rubber Componentsनट एवं बोल्ट
स्टार्टर्सगियरफ्यूल लाइन्सहब बोल्ट्स
फील्ड कॉइल्सबाल जॉइंटइंजन mountingsT-Bolts
रोटोर्सUJ CrossSupportsवॉशर
स्टेटर्सTie Rod Endsब्रेक पाइप्सनट्स
कार्बन ब्रश फ्यूल इंजेक्शन पाइप्सU Bolts
हाउसिंग Brake Hoses 
स्टार्टर Bendix Drives   
Commuters   
Armatures   
Flush Relays   
Alternators   

6. डिस्ट्रीब्यूटर का चयन करें और आर्डर प्लेस करें

अब उद्यमी को इस Auto spare parts business के लिए सामान की आवश्यकता होगी लगभग सभी बड़े शहरों में हर किसी कंपनी के Distributor आसानी से उपलब्ध हैं | उद्यमी को चाहिए की वह विभिन्न कंपनियों के Distributor से बात करके अपनी Shop पर Spare Parts मंगवाए | और जिस कंपनी के उत्पाद अधिक बिकने लग जाए उद्यमी चाहे तो उसकी Dealership भी ले सकता है |

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