Banana Chips Manufacturing Business

Banana Chips Manufacturing Business

Banana Chips यानिकी केले के चिप्स हों या फिर कोई अन्य प्रकार के चिप्स ये स्नैक्स के बहुत प्रचलित किस्म हैं इनका उपयोग आर्थिक रूप से विभाजित हर वर्ग एवं हर उम्र के लोगों द्वारा किया जाता है | यद्यपि यह बात बिलकुल सत्य है की Banana Chips यानिकी केले के चिप्स से Potato Chips आलू के चिप्स अधिक प्रचलन में हैं और अधिक मात्रा में बिकते एवं उपभोग किये जाते हैं | इसके बावजूद भी Banana Chips किसी विशेष श्रेणी द्वारा बाज़ार में पूछे जाते हैं और लोग इन्हें खाना भी पसंद करते हैं | दूसरी सबसे मार्किट के लिहाज से सबसे बड़ी बात यह है की केले के चिप्स में आलू के चिप्स के मुकाबले कम प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है | क्योंकि केले के चिप्स का मार्किट साइज़ छोटा होने के कारण बड़ी ब्रांडेड कंपनियां जो आलू के चिप्स का निर्माण करती हैं वे Banana Chips की ओर ध्यान नहीं दे पा रही | इस प्रकार के बिज़नेस में बाज़ार में किसी भी ब्रांड ने अपना प्रभुत्व स्थापित नहीं किया है और अच्छी गुणवत्ता के लिए किसी प्रकार का कोई प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारित नहीं है, यही कारण है की Banana Chips Manufacturing business  नए उद्यमियों को पर्याप्त अवसर प्रदान करता है |

Banana-Chips-Making-Business

Banana Chips Manufacturing Business Kya hai:

यद्यपि जब भी Banana Chips या केले के चिप्स बनाने की बात आती है तो लोग उसे घर पर उपयोग हेतु बनाने की सोचने के लिहाज से इन्टरनेट पर सर्च कर रहे होते हैं | लेकिन यहाँ पर हमारा आशय अपने निजी उपयोग हेतु केले के चिप्स बनाने से नहीं अपितु अपनी कमाई करने हेतु Banana Chips बनाने के काम से है | Banana Chips Making business की यदि हम बात करें तो इसे हम केले के चिप्स के उत्पादन करने की एक वाणिज्यिक इकाई कह सकते हैं | सामान्य शब्दों में कहें तो जब किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के लिए व्यवसायिक तौर पर केले के चिप्स बनाने का काम किया जाता है तो हम कह सकते हैं की वह उद्यमी Banana Chips Manufacturing business से जुड़ा हुआ उद्यमी है |

Market Potential in Banana Chips making:

Banana Chips धीरे धीरे कई घरों में स्वादिष्ट स्नैक्स के तौर पर स्वीकार किये जा रहे हैं ये अपने स्वाद के बलबूते व्यापक रूप से स्नैक्स के तौर पर उपयोग किये जाने लगे हैं | Banana Chips का उपयोग अधिकतर तौर पर दक्षिण भारत में किया जाने लगा है यहाँ पर केले के चिप्स की दो किस्में Mondan Nendram लोगों द्वारा उपयोग में लाये जाते हैं नंद्राम किस्म को जहाँ नारियल के तेल में तलकर बनाया जाता है वहीँ मण्डन को मूंगफली या सूरजमुखी के तेल में तल कर बनाया जाता है | यही कारण है की लोगों द्वारा इसे आलू के चिप्स के विकल्प के रूप में भी उपयोग में लाया जाता है | यह उत्पाद नया है इसलिए बाज़ार में इसे साख बनाने में थोडा समय अवश्य लग सकता है | इसलिए Banana Chips Manufacturing Business कर रहे उद्यमी को विभिन्न डिपार्टमेंटल स्टोर, सुपर स्टोर, स्वयं सेवा काउंटर के चालकों से अपने उत्पाद को बेचने सम्बन्धी बात की जा सकती है | इसमें ready to eat गुण विद्यमान होने के कारण गृहिणियों द्वारा भी इसे उपयोग में लाये जाने की पूरी संभावना है |

Required Machinery and raw Materials for Manufacturing Banana Chips:

यद्यपि Banana Chips Manufacturing में विभिन्न प्रकार की मशीनरी प्रयोग में लायी जाती है | और कच्चे माल के तौर पर मुख्य रूप से कच्चे केले, नमक, खाद्य तेल एवं अन्य मसाले उपयोग में लाये जाते हैं कुछ प्रमुख मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है |

  • केलों को धोने का टैंक (Banana washing tank)
  • केलों को छिलने की मशीन (Banana Peeling Machine)
  • केलों को पतले पतले टुकड़ों में काटने की मशीन (Banana slicing machine)
  • टुकड़ों को फ्राई करने की मशीन (Banana frying machine)
  • Rinsing and spinning machine
  • मसाले इत्यादि मिलाने की मशीन (Banana flavoring machine)
  • पाउच प्रिंटिंग मशीन (pouch printing machine)
  • प्रयोगशाला उपकरण (Laboratory equipment)

Banana Chips Manufacturing business में काम आने वाला प्रमुख कच्चे माल की लिस्ट इस प्रकार से है |

  • कच्चे केले |
  • खाद्य तेल |
  • नमक |
  • विभिन्न प्रकार के मसाले |
  • पैकेजिंग सामग्री जैसे पाउच, बॉक्स एवं strap इत्यादि |

Production Process:

Banana Chips Manufacturing के लिए सर्वप्रथम कच्चे केलों को धूल, मिटटी इत्यादि हटाने के लिए धोने के टैंक में धो लिया जाता है | केलों को अच्छी तरह से धो लेने के बाद Banana Peeling Machine की मदद से छिलके हटा लिए जाते हैं |  छिलके हटा लेने के बाद केले को पतला पतला काटना होता है यह काम Slicing Machine के माध्यम से अंजाम दिया जा सकता है | इसमें केले के टुकड़ों की मोटाई 1.8mm से 2.4 mm तक रखी जा सकती है | उसके बाद कटे हुए चिप्स को blanching tank में रखा जाता है ताकि केला तलने में कोई बाधा न डाले | उसके बाद इन कटे हुए स्लाइस को Spinner में डाला जाता है ताकि इनमे उपलब्ध नमी कम हो सके इस क्रिया को करने के बाद इनको तलने के लिए Frying Machine में डाल दिया जाता है और जब सुनहरे भूरे रंग के हो जाते हैं तो इन्हें निकाल दिया जाता है और Flavored Machine की ओर अग्रसित किया जाता है जिसमे इनमे नमक एवं अन्य मसाले स्वादानुसार मिलाये जाते हैं | स्वाद में बदलाव न हो इसके लिए पाउच में इनकी पैकेजिंग नाइट्रोजन गैस के साथ की जाती है, और मार्किट में बेचकर कमाई की जा सकती है |

Comments

  1. By संतोष कुमार

    Reply

  2. By isha

    Reply

  3. By dwani

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*