Bicycle Rim Making Business - साइकिल रिम बनाने के व्यवसाय की जानकारी.

Bicycle Rim Making Business – साइकिल रिम बनाने के व्यवसाय की जानकारी.

Bicycle Rim साइकिल बनाने के काम से जुड़ा हुआ बिज़नेस है अर्थात इसमें उद्यमी के ग्राहक के रूप में भी ऐसे उद्यमी होते हैं जो साइकिल बनाने का या ठीक करने का काम करते हैं | हालांकि पहियों की खोज काफी पहले अर्थात प्राचीनकाल में ही हो गई थी यही कारण है की वर्तमान में ट्रांसपोर्टेशन अर्थात यातायात इतना सरल हो गया है | लेकिन इसके बावजूद ईधन की कीमत में हो रही दिनों दिन वृद्धि एवं सड़क पर चलने वाले वाहनों से हो रहे प्रदूषण के चलते लोगों का रुख Bicycle की ओर गया है, क्योंकि यह छोटी दूरी तय करने का एक ऐसा साधन है जिससे न तो वातावरण दूषित होता है और न ही इसमें किसी प्रकार की ईधन की आवश्यकता होती है | इसलिए लोग जहाँ साइकिल का उपयोग स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए करते हैं वहीँ ऐसे भी लोग होते हैं जिन्हें दूरी तय करने के लिए सबसे सस्ता साधन चाहिए होता है | सभी यातायात के साधनों में से Bicycle एक ऐसा साधन है जिसका उपयोग लगभग सबने कभी न कभी किया होता है और इसी Bicycle का एक महत्वपूर्ण अवयव होता है रिम |

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Bicycle Rim Making Business Kya hai:

हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की Bicycle Rim Making Business  साइकिल बनाने के काम से जुड़ा हुआ बिज़नेस है इसलिए जितना अधिक उपयोग साइकिल का होगा उतने ही रिम के बिकने की संभावना अधिक रहेगी | एक पहिये के Rim को पहिये का बाहरी किनारा कहा जा सकता है जो टायर को पहिये पर जकड़ा रहता है | Bicycle Rim की बात करें तो रिम पहिये के छड़ की बाहरी किनारे से जुड़ा एक बड़ा घेरा सा है जो टायर और tube को जकड़े रहता है | हालांकि इसकी आवश्यकता प्रत्यक्ष रूप से आम जन को नहीं होती है अर्थात Bicycle Rim Making Business में उद्यमी के मुख्य ग्राहक के तौर पर साइकिल बनाने वाली कंपनियां एवं साइकिल रिपेयरिंग बिज़नेस से जुड़े उद्यमी या कारीगर होते हैं | इसलिए इस बिज़नेस को B2B बिज़नेस कहा जा सकता है | साइकिल बनाने वाली कंपनियों एवं साइकिल रिपेयर करने वाले उद्यमियों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर जब किसी उद्यमी द्वारा साइकिल के रिम बनाने का कार्य किया जाता है तो इसी कार्य को Bicycle Rim Making Business कहा जाता है |

Market Potential:

यद्यपि Bicycle Rim अनेकों आकार में बनाई जा सकती हैं लेकिन जहाँ तक Bicycle Rim के उपयोग की बात है यह केवल साइकिल में उपयोग में नहीं होता है अपितु शहरों में चलने वाले रिक्शों में भी इसी रिम का उपयोग होता है इसलिए शहरीकरण के चलते इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है | यातायात के साधन के तौर पर तो साइकिल एवं रिक्शा को उपयोग में लाया ही जाता है साथ में साइकिल को दौड़ प्रतियोगिता, व्यायाम इत्यादि के तौर पर भी उपयोग में लाया जाता है | यही कारण है की जहाँ एक तरफ साइकिल की मांगों में बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है वही इनकी बढ़ोत्तरी के साथ Bicycle Rim की भी मांगों में तेजी आने के आसार लगाये जा सकते हैं | Bicycle Rim Making Business शुरू करके जहाँ उद्यमी अपने उत्पाद को देश में बेचकर कमाई कर सकता है वही इनको कुछ विकासशील देशों एवं मध्य पूर्वी देशों की ओर निर्यात करके भी कमाई कर सकता है |

आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण:

Bicycle rim making business में प्रयुक्त होने वाला मुख्य कच्चा माल 185 SWG की CRCA Strips एवं Elctro Plating Chemical है और काम आने वाले मुख्य मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है |

  • इलेक्ट्रिक मोटर, फोर्मिंग रोल इत्यादि के साथ रिम फोर्मिंग मशीन
  • Butt वेल्डिंग मशीन
  • इलेक्ट्रिक सेम वेल्डिंग प्लांट
  • मोटर के साथ Butt वेल्ड ग्राइंडिंग मशीन
  • रिम rounding मशीन
  • मोटर के साथ इलेक्ट्रिक Rim straightening press
  • Nipple Hole करने के लिए मोटर के साथ इलेक्ट्रिक पॉवर प्रेस
  • मोटर के साथ Value hole paneling machine
  • मोटर के साथ Buffing addas
  • एसिड टैंक इत्यादि के साथ Electroplating plant
  • डाई, टूल्स इत्यादि

Manufacturing Process of Bicycle rim:

जैसा की अब तक हम इस लेख में जान चुके हैं की Bicycle rim making business में मुख्य तौर पर उपयोग में लाया जाने वाला कच्चा माल CRCA Strip है | जिसक full form cold rolled close annealed Strip है | इस प्रक्रिया में सर्वप्रथम CRCA Strip रोल को रिम फोर्मिंग मशीन में लगाया जाता है इसके माध्यम से इच्छित आकार में रिम प्राप्त किया जा सकता है | जब यह पट्टी रोलर्स सेट के माध्यम से गुज़र रही होती है तब इस बनाई गई पट्टी को आवश्यक लम्बाई में काट दिया जाता है और गोल रिम बनाने के लिए इनके सिरे को butt-welding machine के माध्यम से वेल्ड किया जाता है |

उसके बाद बट-वेल्डिंग सीम को ग्राउंडिंग मशीन में ग्राउंड किया जाता है | उसके बाद रिम को पूरी तरह गोल आकृति देने के लिए rim-rounding machine में डाल दिया जाता है |  उसके बाद पॉवर प्रेस मशीन की मदद से निप्पल होल एवं वाल्व होल पंच कर दिए जाते हैं | उसके बाद straightening machine की मदद से इसे ठीक अर्थात सीधा किया जाता है और पास होने पर इसे पोलिशिंग एवं Buffing के लिए आगे अग्रसित किया जाता है | उसके बाद रिम को elctroplated एवं पोलिश करके इनकी गुणवत्ता का निरीक्षण किया जाता है और पास होने पर इनके पैक कर दिया जाता है | उत्पाद की गुणवत्ता के लिए ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैण्डर्ड ने BIS 624-1991 में मानकों का उल्लेखन किया है |

Comments

  1. By Arvind

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