कार किराये पर देने का व्यापार कैसे करें? How to Start Car Rental Business.

क्या आप Car Rental business से अवगत हैं? यदि नहीं तो हम आगे इस लेख में आपको आज इसी व्यापार के बारे में विस्तृत तौर पर बताने वाले हैं | यदि हाँ तो कोई बात नहीं, फिर भी शायद आप इस बात से विदित नहीं होंगे की Car Rental Business को शुरू कैसे किया जा सकता है | कहने का अभिप्राय यह है की चाहे आप इस व्यापार के बारे में जानते हों या नहीं, आपके लिए हमारे द्वारा रचित यह लेख उपयोगी हो सकता है यदि आप इस तरह का कोई व्यापार शुरू करना चाहते हैं | वर्तमान में कार किराये पर देने का व्यापार बड़े शहरों से शुरू होकर लगभग हर छोटे बड़े शहर तक पहुँच गया है | वर्तमान में लोगों को विलासितापूर्ण जीवन की आदत पड़ती जा रही है यही कारण है की जहाँ लोग पहले बस, ऑटो, रिक्सा का अधिकाधिक उपयोग करते थे | वर्तमान में कार किराये पर लेने वाले लोगों अर्थात ग्राहकों की संख्या में भी बड़ी तीव्र वृद्धि देखी गई है | कार की सवारी अन्य वाहनों की तुलना में आरामदायक तो होती ही है साथ में यह पथिक को उसके सटीक गंतव्य पर भी छोड़ देती है | जबकि अन्य सार्वजनिक वाहन यात्री को घर तक न छोड़कर उनके स्टैंड पर छोड़ते हुए आगे निकलते हैं | इन सबके अलावा Car Rental Business कर रहे उद्यमी के ग्राहक के तौर पर एक शहर से दूसरे शहर, या पर्यटक स्थलों में भ्रमण करने वाले लोग भी होते हैं | तो इस वार्तालाप को आगे बढ़ाते हुए आइये सबसे पहले यह जान लेते हैं की कार किराये पर देने का व्यापार होता क्या है |

Car Rental Business

कार किराये पर देने का व्यापार क्या है (What Is Car Rental Business in Hindi):

Car Rental का शाब्दिक अर्थ कार किराये पर देने से है अब आप अपने आपसे एक सवाल पूछ सकते हैं की आपको कार किराये पर लेने की आवश्यकता कब और कैसे हो सकती है | इसका जवाब यह है की जब आपको फैमिली के साथ किसी टूर पर जाना हो, कार्यालय के कार्य से एक ही शहर के अन्दर या शहर से बाहर जाना हो, या किसी आयोजन में शामिल होने परिवार के साथ जाना हो, या किसी और जगह से अपने घर जाना हो इत्यादि कारणों के कारण आपको कार किराये पर लेने की आवश्यकता हो सकती है | इसके अलावा विभिन्न कंपनियां अपने कर्मचारियों को पिक अप, ड्राप के लिए एवं अपने कार्यालय से क्लाइंट इत्यादि से मिलने के लिए भी किराये पर कार उपलब्ध कराती हैं | इसके अलावा अधिकतर लोग वर्तमान में ओला, उबेर जैसी कंपनियों के माध्यम से भी कार किराये पर देने का व्यापार कर रहे हैं | और पर्यटक स्थलों पर तो लोग बिना ड्राईवर के भी कार किराये पर लेना पसंद करने लगे हैं | इन्हीं सब आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर जब किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के लिए इस तरह का काम किया जाता है तो उसे Car Rental Business कहा जाता है |

बाजार में चलने की संभावना:

हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है की Car Rental Industry में अनेकों देशी एवं विदेशी कंपनी प्रविष्ट होने के कारण उद्यमियों को पैसे कमाई करने के अनेकों अवसर उपलब्ध हुए हैं | लेकिन समय बीतने के साथ साथ इस तरह के इस व्यापारिक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा भी बढती जा रही है | लेकिन इसके बावजूद भी Car Rental Business के अधिक भीड़ भाड़ वाले शहरों में चलने की उम्मीद इसलिए लगाईं जा सकती है की बीतते वक्त के साथ प्रति व्यक्ति आय भी बढती जा रही है जिसके कारण लोग अन्य वाहनों की तुलना में कार में जाना पसंद करते हैं | वर्तमान में ओला, उबेर कंपनी के माध्यम से उद्यमी अपना Car Rental Business बड़ी आसानी से शुरू कर सकता है और शुरुआत में चाहे तो उद्यमी एक दो कार से भी इस बिज़नेस को शुरू कर सकता है | लोगों की बढती आमदनी एवं उनके जीवन स्तर पर हो रहे सुधार के चलते कहा जा सकता है की आने वाले समय में भी Car Rental Business इसी गति से आगे बढ़ता रहेगा |

कार किराये पर देने का बिज़नेस कैसे शुरू करें (How to Start Car Rental Business in India in Hindi):

कार किराये पर देने का व्यापार बेहद कम निवेश एवं आसानी से शुरू किया जा सकता है लेकिन वह तब जब उद्यमी किसी अन्य कंपनी जैसे ओला, उबेर के साथ मिलकर इस तरह का व्यापार शुरू करना चाहता हो | यदि उद्यमी खुद की अपनी Car Rental business शुरू करके यह व्यापार शुरू करना चाहता है तब भी उद्यमी दो तीन कारों के साथ इसकी शुरुआत कर सकता है और बाकी कारों को अपनी कंपनी के साथ अटेच कर कमीशन से कमाई कर सकता है | तो आइये जानते हैं कैसे कोई व्यक्ति खुद का Car rental  Business शुरू कर सकता है |

  1. बिज़नेस मॉडल का चुनाव (Select Business Model):

Car rental Business के अनेकों मॉडल हो सकते हैं इसमें पहला मॉडल ये हो सकता है की व्यक्ति खुद की दो तीन कार ख़रीदे, ड्राईवर नियुक्त करे और फिर इन्हें ओला उबेर जैसी कंपनियों के साथ लगा दे | दूसरा मॉडल यह है की उद्यमी खुद की कंपनी रजिस्टर करके स्वयं की कार एवं स्टाफ नियुक्त करे फिर इस बिज़नेस को शुरू करे लेकिन इसमें निवेश बहुत ज्यादा हो सकता है | तीसरा मॉडल ये हो सकता है की उद्यमी खुद की केवल कंपनी रजिस्टर करे और अपनी कंपनी के साथ कार मालिकों की कार को अटेच करके कमीशन से अपनी कमाई करे | चौथा बिज़नेस मॉडल यदि उद्यमी किसी पर्यटक स्थल पर यह बिज़नेस शुरू करना चाहता है तो वहां पर आने वाले पर्यटकों को वह कार किराये पर दे सकता है | इसलिए Car Rental Business शुरू करने के लिए सर्वप्रथम उद्यमी को बिज़नेस मॉडल का चयन करना होगा की वह किस मॉडल पर इस बिज़नेस को लेकर आगे बढ़ना चाहता है |

  1. बिज़नेस प्लान तैयार करना (Make Business Plan):

यदि उद्यमी ने अपने Car Rental business के लिए मॉडल का चयन कर लिया हो तो अब उसका अगला कदम इस व्यापार को शुरू करने के लिए बिज़नेस प्लान तैयार करने का होना चाहिए | एक बिज़नेस प्लान किसी भी व्यापार का एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है जो न सिर्फ व्यापार पर आने वाली लागत को बताता है बल्कि बिज़नेस से होने वाली अनुमानित कमाई एवं उसके लक्ष्यों के निर्धारण एवं उन तक पहुँचने में भी सहायक होता है | बिज़नेस प्लान क्या होता है और यह कैसे तैयार किया जा सकता है इसकी जानकारी हमने दी हुई है | इसलिए खुद का कार किराये पर देने का व्यापार शुरू करने वाले उद्यमी को यह अवश्य पढना चाहिए |

  1. वित्त का प्रबंध करना (Arrangement of finance):

अब चूँकि उद्यमी अपने Car Rental Business के लिए एक प्रभावी बिज़नेस प्लान तैयार कर चूका होगा इसलिए अब उसे उस प्लान में शामिल प्रोजेक्ट रिपोर्ट से बिज़नेस पर आने वाली अनुमानित लागत का पता लग गया होगा | अब उद्यमी का कदम उस प्रोजेक्ट रिपोर्ट के मुताबिक वित्त का प्रबंध करने का होना चाहिए यदि उद्यमी लोन लेकर अपने वित्त की समस्या को हल करना चाह रहा हो तो उसे किसी भी बैंक लोन के लिए अप्लाई करने से पहले बैंक द्वारा चालित योजनाओं का भी अवश्य अध्यन करना चाहिए क्योंकि वर्तमान में भारत सरकार ने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए अनेकों सब्सिडी योजनाओं की भी शुरुआत की है | इसके अलावा उद्यमी चाहे तो अपने बिज़नेस के लिए कोई एंजेल इन्वेस्टर, वेंचर कैपिटलिस्ट इत्यादि भी ढूंढ सकता है और क्राउड फंडिंग के माध्यम से भी फण्ड एकत्रित कर सकता है |

  1. ऑफिस किराये पर लेना (Rent A Space for Office):

अब उद्यमी को Car Rental Business के लिए ऑफिस किराये पर लेना होगा जहाँ ग्राहक उससे संपर्क कर सकें और अपने बिज़नेस के लिए लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन अप्लाई करने के लिए वह उस पते का इस्तेमाल कर सके | कार्यालय के माध्यम से ही व्यक्ति ग्राहकों को फोन इत्यादि के माध्यम से कार बुक करने की फैसिलिटी दे पाने में सक्षम होगा |  उद्यमी के पास उसका खुद का ऑफिस होने की स्थिति में स्थानीय ग्राहकों की उसके बिज़नेस के प्रति विश्वसनीयता बढ़ेगी |

  1. आवश्यक रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस (Licence and Registration):

Car Rental Business के लिए आवश्यक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन बिज़नेस मॉडल के आधार पर अलग अलग हो सकते हैं | यद्यपि इस बिज़नेस में प्रमुख रूप से गाड़ियों सम्बन्धी सभी दस्तावेज जैसे रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इन्स्योरेंश, पोल्यूशन, टैक्स, इत्यादि की आवश्यकता अनिवार्य रूप से होती है | इसके अलावा सभी गाड़ियाँ कमर्शियल रजिस्ट्रेशन के साथ होनी अनिवार्य हैं | उद्यमी को स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि में अपने बिज़नेस को रजिस्टर करने की आवश्यकता हो सकती है और टैक्स नियमों के मुताबिक टैक्स रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है |  इसके अलावा उद्यमी चाहे तो विभिन्न बिज़नेस Entities में से किसी एक का चयन करके खुद की कंपनी भी रजिस्टर कर सकता है |

  1. कार खरीदना या अटेच करना (Purchase cars or attach others cars with your company):

अब उद्यमी का अगला कदम अपने Car Rental Business के लिए कार खरीदने का होना चाहिए इसके लिए उद्यमी चाहे तो नई कार भी खरीद सकता है और चाहे तो कुछ पुरानी कारें जो सही स्थिति में हों भी खरीद सकता है | कार्य खरीदने से पहले ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रिसर्च बेहद जरुरी है | यदि उद्यमी खुद की Car Rental Business कंपनी शुरू कर रहा हो तो वह अपनी कंपनी के लिए जितनी कारें खरीद एवं अटेच कर सकता है कम हैं | इसलिए यदि उद्यमी चाहता है की वह शुरूआती दौर में इस स्थिति में नहीं है की वह कारें खरीद सकें तो वह ऐसे व्यक्ति जिनके पास कमर्शियल नंबर की कारें हों को अपनी कंपनी के साथ अटेच कर सकता है और बदले में कमीशन से अपनी कमाई कर सकता है |

  1. बिज़नेस की मार्केटिंग करना (Marketing):

ध्यान रहे  आस पास के लोगों को यह पता होना चाहिए की इस जगह किराये पर कार मिलती हैं उद्यमी को कुछ एहतियात बरत कर अर्थात पहचान पत्र इत्यादि जमा करवाकर अपने ग्राहकों को ड्राईवर के साथ एवं ड्राईवर के बिना भी कार किराये पर देने की फैसिलिटी देनी चाहिए | क्योंकि बिना ड्राईवर के कार उद्यमी अपने ग्राहकों को सस्ती दरों पर उपलब्ध करा पायेगा लेकिन इससे पहले उद्यमी को अपने बिज़नेस सम्बन्धी अनेकों छोटे बड़े नियम निर्धारित करने होंगे | जैसे कार किराये पर लेते समय ग्राहक को क्या क्या दस्तावेज एवं कितने पैसे जमा कराने पड़ेंगे? कार को कोई डैमेज होने पर उसकी भरपाई कैसे होगी इत्यादि | अपने बिज़नेस की मार्केटिंग करते समय उद्यमी को Car Rental के फायदों के बारे में लोगों को अवगत कराना चाहिए |

  1. कार किराये पर देकर कमाई करना (Rent Car and Earn Money):

Car Rental Business करने वाले को अपने बिज़नेस के लिए एक बुकिंग सिस्टम विकसित करना होगा उसे एक वेबसाइट भी बनानी पड़ सकती है और अनेक सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे whatsapp, फेसबुक, ट्विटर इत्यादि पर अपनी उपलब्धता बनाकर उनके माध्यम से भी कार बुक करने की फैसिलिटी अपने ग्राहकों को दी जा सकती है | कार बुक करने के बाद कितने समय पश्चात पिक अप स्पॉट पर पहुंचेगी, या एक घंटे कार किराये लेने पर ग्राहकों को कितने पैसे का भुगतान करना होगा? यह सब कुछ पहले से निर्धारित होना चाहिए इसके अलावा उद्यमी को एक बात का बेहद ध्यान रखना होगा की उसके बिज़नेस से जुड़े हर व्यक्ति, असेट का उसके पास दस्तावेज होने अति आवश्यक हैं इसके अलावा आने वाले ग्राहकों एवं कार बुक करने वाले ग्राहकों का बुकिंग एमआईएस मेन्टेन करके रखें ताकि कोई अवैधानिक गतिविधि की स्थिति में उद्यमी अपनी जवाबदेही सुनिश्चित कर सके |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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