Cloth Bag Making Business

Cloth Bag Making Business

Cloth Bag Making business के बारे में आज हमने इसलिए वार्तालाप करने की सोची क्योंकि यह एक बहुत ही कम निवेश अर्थात 1 लाख से डेढ़ लाख के बीच का निवेश करके आसानी से शुरू किया जा सकता है | इसके अलावा हमारे आदरणीय पाठक गणों द्वारा भी कमेंट बॉक्स के माध्यम से इस Cloth Bag Making business के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई गई थी इन्ही सब बातों के मद्देनज़र आज हम कपड़े के बैग बनाने के बिज़नेस के बारे में लिखने का प्रयत्न कर रहे हैं | भारतवर्ष में नौजवान से लेकर घरेलू महिलाएं तक अपनी कमाई करने के उद्देश्य से कुछ न कुछ काम धंधा करना चाहती हैं इसलिए आज का हमारा यह लेख सिर्फ उनके काम नहीं आने वाला है जो भारी भरकम निवेश करके बिज़नेस करना चाहते हैं आज का हमारा यह लेख उस नौजवान के काम भी आने वाला है जिसके पास अपना व्यापार शुरू करने के लिए सीमित स्रोत एवं पूँजी है यहाँ तक की यह लेख उस गृहिणी के काम भी आ सकता है जिसने अब तक सिर्फ घर में चूल्हा चौका किया हो | कहने का आशय यह है की आज का हमारा यह विषय एक ऐसे बिज़नेस के बारे में है जिसमे न तो बहुत ज्यादा निवेश करने की आवश्यकता है और न ही इसमें कुछ विशेष प्रकार के स्किल की आवश्यकता, और यहाँ तक की Cloth Bag Making business को कुटीर उद्योग के रूप में घर से भी शुरू किया जा सकता है |

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Cloth Bag Making Business से कितनी कमाई हो सकती है?

हम यह बिलकुल नहीं कहेंगे की शुरुआत में ही इस प्रकार का बिज़नेस करने वाला व्यक्ति या महिला अपनी अच्छी खासी कमाई करने में कामयाब हो पाएंगे, क्योंकि यह बिज़नेस भी अन्य बिज़नेस की ही तरह है लेकिन इसमें सिर्फ फर्क इतना है की इसे शुरू करने के लिए किसी खास स्किल एवं अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता नहीं है | हालांकि यदि किसी बड़े शहर में कोई उद्यमी अपनी कंपनी शुरू करके विभिन्न घरेलू महिलाओं को अपने इस बिज़नेस का हिस्सा बनाता है तो उसे थोड़ा अधिक निवेश करना पड़ सकता है और उसी आधार पर उसकी कमाई भी अधिक हो सकती है | लेकिन जब किसी व्यक्ति या महिला द्वारा यह बिज़नेस कुटीर उद्योग के रूप में किया जाता है तो यह उनकी आजीविका चलाने का बहुत बढ़िया स्रोत बन सकता है कहने का आशय यह है की इस बिज़नेस में कितनी कमाई होगी यह उद्यमी के बिज़नेस के आकार, बिज़नेस लोकेशन इत्यादि पर निर्भर करेगा |

बाज़ार में संभावनाएं (Scope in Market):

यद्यपि Cloth Bag Making Business के लिए मार्किट में पहले से अपार संभावनाएं थी इनका उपयोग कपड़ा दुकानों, मिठाई की दुकानों, किरयाना स्टोर इत्यादि द्वारा किया जा रहा था लेकिन तब कपड़े के बैगों को उपयोग में लाना इन विभिन्न दुकानों की मजबूरी नहीं थी बल्कि ये कपड़े के बैग एक प्रकार की मार्केटिंग स्ट्रेटेजी का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन जब से प्लास्टिक की थैलियों पर विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा रोक लगा दी गई है तब से इनका उपयोग करना हर छोटे मोटे व्यवसायी की मजबूरी हो गई है इसलिए निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है की हर स्थानीय बाज़ार में इनकी अच्छी खासी मांग हमेशा विद्यमान रहेगी | और चूँकि कहीं दूर से ट्रांसपोर्टेशन करने पर इस प्रकार के कपड़े के बैग महंगे पड़ सकते हैं इसलिए हर स्थानीय मार्किट की आपूर्ति के लिए अलग अलग उद्यमियों की उत्पति संभावित हैं |

मशीनरी उपकरण एवं कच्चा माल :

मशीनरी एवं उपकरणों की बात करें तो Cloth Bag Making Business के लिए आटोमेटिक Non Woven Bag Making Machine भी आती है लेकिन वह उद्यमी को बेहद महंगी पड़ सकती है इसलिए शुरुआत में  सिलाई मशीन, कैंची इत्यादि से भी काम चलाया जा सकता है | यदि उद्यमी कम निवेश में यह बिज़नेस स्टार्ट करने की सोच रहा है तो उसे सेकंड हैण्ड सिलाई मशीन मार्किट में 2000-5000 में मिल जाएगी हालांकि कपड़े के बैग में सिलाई हाथों से भी की जा सकती है लेकिन इसमें उत्पादकता कम होगी | इसलिए उद्यमी अपने बिज़नेस के आकारके आधार पर नई या सेकंड हैण्ड सिलाई मशीन खरीद सकता है | जहाँ तक कच्चे माल का सवाल है इस बिज़नेस में लगने वाल मुख्य Raw material सिंथेटिक कपड़ा, या पुराने कपड़े हो सकते हैं | जहाँ सिंथेटिक कपड़े से निर्मित बैगों को Customize किया जा सकता है वही पुराने कपड़ों से निर्मित थैलों को Customize नहीं किया जा सकता लेकिन जहाँ सिंथेटिक कपड़े से निर्मित थैलों का उपयोग बेकरी, बड़ी दुकानों, मिठाई की दुकानों द्वारा किया जाता है वहीँ पुराने कपड़ों से निर्मित थैलों का उपयोग छोटी दुकानों, किरयाना दुकानों, रेहड़ी पटरियों द्वारा किया जाता है |

कच्चे माल का स्रोत एवं निर्माण प्रक्रिया:

कच्चे माल की स्रोत की बात करे तो उद्यमी ऐसे स्थानों से कच्चा माल ले सकता है जो रद्दी कपड़े को विभिन्न कपड़ों की फैक्ट्रियों एवं घरों से खरीदकर रखते हैं, अर्थात ऐसा कपड़ा जो रेडीमेड गारमेंट उद्योगों द्वारा रिजेक्ट कर लिया जाता है उसे उद्योगों द्वारा रद्दी के भाव बेच दिया जाता है और यह रद्दी कपड़ा रद्दी मार्किट में उपलब्ध रद्दी की दुकानों में पहुँच जाता है | कहने का आशय यह है की उद्यमी कच्चा माल रद्दी कपड़े की दुकानों से खरीद सकता है | हालाँकि मार्किट में कुछ ऐसे निर्माणकर्ता भी होते हैं जो कपड़ा बाज़ार से सीधे तौर पर सस्ता सिंथेटिक कपड़ा खरीदते हैं | यदि उद्यमी पुराने कपड़ो से थाले बनाने की भी सोच रहा है तो वह आवसीय घरों को भी लक्ष्य कर सकता है | क्योंकि घरों में भी ऐसे बहुत सारे पुराने कपड़े होते हैं जिन्हें लोग फेंकना चाहते हैं | जहाँ तक Cloth Bag Making Business में कपड़े के बैग बनाने की निर्माण प्रक्रिया का सवाल है यह बेहद सरल एवं सहज है | स्क्रैप या सिंथेटिक कपड़ा खरीदना उसके बाद उसको श्रेणीबद्ध करना, श्रेणीबद्ध करने के बाद इच्छित आकार के आधार पर कटिंग करना और अंत में सिलाई कर देना | यद्यपि Cloth Bag Making Business में बाज़ार में प्रतिस्पर्धा विद्यमान है लेकिन स्थानीय बाज़ार के आधार पर अन्य खिलाडियों को चुनौती दी जा सकती है क्योंकि इस बिज़नेस की खासियत यह है की यह B2B बिज़नेस है और दुकानदार या अन्य व्यवसायी किसी ब्रांड का नाम देखकर इसे नहीं खरीदते हैं बल्कि उन्हें दो पैसे सस्ती और अच्छी चीज जहाँ से मिलेगी वे वहीँ से इसे खरीदेंगे | लेकिन इस Cloth Bag Making Business का एक पहलू यह भी है की जिस अंतिम ग्राहक द्वारा इन्हें उपयोग में लाया जाता है उन्हें यह Cloth Bag अन्य सामान खरीदने के साथ मुफ्त में मिलती हैं, इसलिए इसमें कोई भी गुणवत्ता युक्त कमी पकड़ में आ जाने पर अंतिम उपभोक्ता द्वारा शिकायत नहीं की जाती हालांकि इस पहलू को हम लाभ एवं हानि दोनों दृष्टियों से देख सकते हैं उद्यमी को लाभ यह होता है की अंतिम उपभोक्ता द्वारा शिकायत न किये जाने पर उसका उचित क्वालिटी वाला उत्पाद न होने पर भी बिकते रहता है दूसरा नुकसान यह है की शिकायत न मिलने की वजह से उद्यमी अपने उत्पाद में उपलब्ध कमी से अनभिज्ञ रहता है जिसका उसको कभी अकस्मात कमाई एवं प्रतिष्ठा का भारी नुकसान हो सकता है |

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