Doctor बनने की जानकारी अर्थात डॉक्टर कैसे बनें लेख को हमारी इस वेबसाइट पर देखकर यदि आपको हैरानी हो रही है तो आपको बता देना चाहते हैं की आपको हैरान होने की आवश्यकता नहीं है | क्योंकि कैरियर एवं कमाई का आपस में गहरा सम्बन्ध है इसलिए हमने अपने इस वेबसाइट जो कमाई की ओर लोगो को प्रोत्साहित करती रहती है में एक और श्रेणी Career Tips का चयन किया हुआ है | इस श्रेणी में हम नौकरी एवं विभिन्न ओहदों के माध्यम से कमाई करने के लिए वह ओहदा कैसे प्राप्त करें इत्यादि की जानकारी देंगे |

वैसे तो देखा जाय तो दुनियां में जितनी भी गतिविधियाँ होती हैं उनमे अधिकतर ऐसी गतिविधियाँ हैं जिन्हें मनुष्य अपनी कमाई करने के उद्देश से करता है लेकिन मुख्य रूप से दो काम अपना बिज़नेस या नौकरी मनुष्य कमाई करने हेतु करता है बिज़नेस के बारे में अब तक हम सैकड़ों पोस्ट जैसे लघु उद्योग, बिज़नेस आइडियाज इत्यादि श्रेणियों के अंतर्गत लिख चुके हैं | इसलिए अब हमारा अगला कदम कमाई करने के उस दूसरे कदम की ओर अग्रसित हुआ है जिसे नौकरी कहते हैं | इसलिए आज हम Career Tips की इस श्रेणी में Doctor कैसे बनते हैं की जानकारी देने वाले हैं |

Doctor treating his patient
Doctor treating his patient

[Doctor ] बनने की अवधारणा:  

मनुष्य जब इस धरती पर जन्म लेता है तो वह सिर्फ एक बच्चा होता है जिसका मष्तिष्क कोरे कागज की तरह सिर्फ साफ़ होता है | और उसके इस धरती पर आने के साथ ही उसके साथ उसको प्यार करने वाले लोगों जैसे माता –पिता, दादा – दादी इत्यादि के कई सपने जुड़ना शुरू हो जाते हैं | बच्चा जैसे जैसे स्कूल जाने लगता है अब माता पिता उसमे अपने सपनो को साकार करने का सामर्थ्य देखते हैं इसलिए हमेशा उससे पढाई पर खूब मन लगाने को कहते रहते हैं |

ऐसे में कोई अभिभावक अपने बच्चे को बड़ा होकर Doctor बनाना चाहते हैं तो कोई कुछ अन्य, यद्यपि यहाँ पर डॉक्टर कैसे बनें की बात कर रहे हैं तो इसकी अवधारण बच्चे में बचपन से ही रखी जानी बेहद जरुरी है | क्योंकि Doctor बनने की चाह रखने वाले बच्चों को सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक पढाई करनी पड़ सकती है | इसके अलावा मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम देने के लिए भी कुछ मानक तैयार होते हैं जैसे की एक निश्चित प्रतिशत के अंक लाने वाले विद्यार्थी ही इस एंट्रेंस एग्जाम का हिस्सा बन सकते हैं इत्यादि |

डॉक्टर बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता:  

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की Doctor बनना कोई ऐसी क्रिया बिलकुल नहीं है की जब मर्जी आये तब इसके एंट्रेंस एग्जाम में बैठ गए | अपितु इसके लिए इच्छुक माता पिता एवं बच्चे को उसके बचपन से ही तैयारी करनी पड़ती है | वर्तमान में वह अभ्यर्थी जो साइंस स्ट्रीम से Biology विषय के साथ कम से कम 50% अंकों के साथ बारहवीं पास हो एंट्रेंस एग्जाम के योग्य माना जायेगा |

Medical entrance exam में पास होने वाले एवं अव्व्वल नंबर लाने वाले ही आगे MBBS यानिकी बेचलर ऑफ़ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ़ सर्जरी करने के योग्य माने जायेंगे | डॉक्टर बनने के लिए MBBS का यह कोर्स लगभग 5.5 सालों का होता है इस दौरान विद्यार्थी को सभी विषयों में उत्तीर्ण होना आवश्यक होता है | और MBBS की पढाई पूरी कर लेने के बाद भी विद्यार्थी को एक साल की इंटर्नशिप करनी होती है |

Doctor कैसे बनें:

डॉक्टर बनने के इच्छुक विद्यार्थी को निम्न स्टेप अपनाने पड़ सकते हैं |

Step 1 : Doctor बनने की चाह रखने वाले विद्यार्थी को 10+2 साइंस स्ट्रीम से पास  करनी जरुरी होती है उसमे भी Biology विषय अनिवार्य है और Biology एवं अन्य विषयों में 50% अंक अनिवार्य हैं | इसलिए डॉक्टर बनने की ओर पहला कदम यही है की 10+2 साइंस स्ट्रीम में 50% अंकों के साथ पास हों |

Step 2: विद्यार्थी के 10+2 उपर्युक्त कथनानुसार उत्तीर्ण हो जाने के बाद उसे मेडिकल etrance एग्जाम की तैयारी करनी होती है | बहुत सारे संसथान जैसे AIPMT, AIIMS, UPCMT इत्यादि मेडिकल एंट्रेंस के एग्जाम आयोजित कराते हैं |

Step 3: मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में जितने अधिक नंबर आयेंगे उतने अधिक विकल्प मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलने का होगा | इसलिए अच्छे से अच्छे मार्क्स लाने की कोशिश कीजिये और उसके बाद किसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर लगभग 5.5 साल तक पढाई करनी होती है |

Step4:   Doctor बनने के लिए साढ़े पांच साल की पढाई करने के बाद एक साल की इंटर्नशिप की जा सकती है |

Step 5: उसके बाद अपने आपको Medical council of India (MCI) में पंजीकृत कीजिये |

Entrance एग्जाम में किस तरह के प्रश्न आते हैं:

मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के किये प्राधिकृत संस्थानों द्वारा सबसे पहले preliminary एग्जामिनेशन का आयोजन किया जाता है इस एग्जाम का मुख्य उद्देश्य बहुत सारे विद्यार्थियों में से प्रतिभावान विद्यार्थियों को खोज निकालना होता है. इसलिए इस परीक्षा में ऑब्जेक्टिव टाइप के 100 प्रश्न पूछे जाते हैं जिनका जवाब देने के लिए विद्यार्थियों को तीन घंटे का समय मिलता है. और इन प्रश्नों में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी विषयों से जुड़े हुए ही प्रश्न होते हैं |

इस परीक्षा को एक प्रकार की स्क्रीनिंग परीक्षा भी कह सकते हैं | इस परीक्षा में मेरिट में स्थान बनाने वाले अभ्यर्थियों को अंतिम परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाता है और इसमें अभ्यर्थियों को दो दो घंटे के दो प्रश्न पत्रों का जवाब देना होता है | इनमे भी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी इत्यादि विषयों से ही प्रश्न पूछे जाते हैं |

डॉक्टर बनने के लिए तैयारी कैसे करें

Doctor बनने के लिए तैयारी बचपन से ही होती है अर्थात जिस बच्चे का बचपन से पढाई में अच्छा मन लगता है वह दसवीं एवं बारहवीं में भी अच्छे अंकों से पास हो सकता है | मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में पूछे जाने वाले अधिकतर प्रश्न दसवीं एवं बारहवीं के पाठ्यक्रम पर ही आधारित होते हैं इसलिए अक्सर देखा गया है की जिन्होंने दसवीं बारहवीं में ढंग से पढाई की होती है उनके लिए यह पास कर पाना औरों के मुकाबले आसान होता है |

लेकिन फिर भी Doctor बनने की चाह रखने वाले विद्यार्थियों को तैयारी के लिए चाहिए की वे बारहवीं की बोल्ड परीक्षा की समाप्ति होने पर  मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को हल करने की कोशिश करें और यह समझने की भी कोशिश करें की उनका प्रारूप क्या है | इसके अलावा विद्यार्थी को चाहिए की वह एक निर्धारित समय में सैंपल पेपरों को भी हल करता रहे जिससे वह अपने आपका मूल्याङ्कन कर पाने में सक्षम हो सके |

डॉक्टर बनने के बाद कमाई:

शायद इस बात से आप भी अवगत होंगे की अपने देश भारतवर्ष में डॉक्टरों की बेहद कमी है यही कारण  है की आप कहीं भी चाहे क्लिनिक हो या कोई हॉस्पिटल चले जाइये आपको भीड़ ही भीड़ मिलेगी |

इसलिए डॉक्टर बनना कठिन काम है लेकिन डॉक्टर बनने के बाद कमाई करना कोई कठिन काम नहीं है Doctor बनने के बाद व्यक्ति हॉस्पिटल, बायोमेडिकल कम्पनीज, लैबरोटरी, शोध संस्थानों, मेडिकल कॉलेज इत्यादि में नौकरी कर सकता है | और कुछ समय के बाद स्वयं का क्लिनिक खोलकर भी अच्छी खासी कमाई कर सकता है |

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