LED Lights पर बात करना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि इस तकनीक को उर्जा बचाने में अभी तक की सर्वश्रेष्ठ तकनीक माना गया है यही कारण है की देश के प्रधानमंत्री तक इस LED Lights के उपयोग को अपनी रैलियों में प्रोत्साहित करते आये हैं | LED एक अर्धचालक तकनीक है जो जंक्शन पर चार्ज सामग्री के विपरीत प्रकाश का उत्सर्जन करता है वह भी तब जब वोल्टेज इलेक्ट्रान Movement को मजबूर करती है | LED Lights System अनेकों LED Chips पर आधारित प्रणाली होती है |

जो LED Fixture Base पर स्थापित होते हैं और rectifier Circuit के साथ जुड़े होते हैं जो वर्तमान में नियंत्रित आउटपुट कम वोल्टेज पर प्रदान करता है जो उसे AC सर्किट के साथ चालित करने में सहायक होता है क्योंकि LED को चालू होने के लिए DC की आवश्यकता होती है | पूरा PCB Circuit Board एक प्लास्टिक बाड़े के अन्दर मेटलिक कैप और स्मोकी रिफ्लेक्टर के साथ फिट हुआ होता है |

LED Lights Manufacturing-business

Led Lights बनाने का बिजनेस क्या है :

LED का फुल फॉर्म Light emitting diode होता है जिसे एक बल्ब या लैंप में फिट अर्थात असेम्बल किया जाता है | जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की LED Lights अर्धचालक सामग्री द्वारा इलेक्ट्रिकल करंट को पास कराता है जिससे रौशनी का उत्सर्जन होता है | यदि पारम्परिक बल्बों या लैम्पों की तुलना हम इन LED Lights से करेंगे तो हम पाएंगे की ये LED Bulb पारम्परिक बल्बों की तुलना में बहुत कम उर्जा को व्यय करते हैं |

हालांकि LED Lights के लाभों के बारे में हम निम्न लिखित वाक्यों में जानने की कोशिश करेंगे लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की इन Lights द्वारा कम उर्जा खर्च करने वाले गुण के चलते यह आम जनता में काफी प्रचलित हो सकते हैं क्योंकि राज्य और देश की सरकारें भी लोगों को LED Lights use करने के लिए विभिन्न तरीकों से प्रोत्साहित करती आ रही हैं |

क्योंकि एक आंकड़े के मुताबिक LED Bulb, CFL से लगभग दुगुनी और सामान्य बल्ब से लगभग साढ़े आठ गुनी बिजली की बचत करने में सक्षम है | इसलिए इन्ही सब आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जब किसी उद्यमी द्वारा LED Lamps या Lights बनाने का काम किया जाता है तो वह LED Lights manufacturing business कहलाता है |

एलईडी लाइट के बिकने की संभावनाएँ

यद्यपि ऐसा बिलकुल भी नहीं है की इस बिज़नेस अर्थात LED Lights Manufacturing business में उद्यमी की राहें बिलकुल आसान होंगी |  क्योंकि इस क्षेत्र में पहले से भी बड़े बड़े खिलाड़ी विद्यमान हैं लेकिन चूँकि भारत जैसे विशालकाय देश में इसकी डिमांड को देखते हुए कहा जा सकता है की कुछ चन्द खिलाड़ियों की बदौलत इसकी मांग को पूरी कर पाना असम्भव प्रतीत होता है | चूँकि LED Lights के उपयोग को सरकारों द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है इसलिए सभी सरकारी प्रोजेक्ट जैसे स्ट्रीट लाइट, एवं सार्वजनिक स्थानों की लाइट इत्यादि को LED Lamp Lights में परिवर्तित करना |

एक आंकड़े के मुताबिक इंडिया में वर्ष 2014 में LED Lights का उपयोग कुल लाइट के उपयोग का 21% था, जिसके वर्ष 2020 तक 61% होने की संभावना लगाई जा रही है | जैसा की हमने उपर्युक्त वाक्य में भी बताया हुआ है की घरों या व्यवसायिक स्थलों में LED Lights का उपयोग करके 50% से 90% तक उर्जा के उपयोग को बचाया जा सकता है |

ऐसे अनुमान लगाये जा रहे हैं की भारतीय घरों में उपयोग हेतु बिक चुके लगभग 770 मिलियन साधारण बल्बों को यदि LED Lights से Replace कर दिया जाय तो देश लगभग 25 बिलियन KWh ऊर्जा प्रति वर्ष बचाने में सक्षम हो पायेगा | उपर्युक्त वार्तालाप से स्पष्ट होता है की LED Lights making business में प्रतिस्पर्धा तो है लेकिन संभावनाएं भी अपार है इसलिए देश में स्माल स्तर पर नई इकाइयाँ स्थापित करना फायदेमंद हो सकता है |

आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल

हालांकि आवश्यक मशीनरी एवं कच्चा माल प्लांट की क्षमता एवं बनने वाली लाइट के आकार प्रकार के आधार पर अंतरित हो सकता है कहने का आशय यह है की LED Lights विभिन्न रेंज जैसे 4W, 6W, 10W, 13W, 18W, 25 watt और 30 Watt में बनाई जा सकती है | लेकिन यहाँ पर हम सिर्फ 10 Watt तक अर्थात छोटे स्तर पर LED Lights बनाने हेतु मशीनरी, उपकरणों एवं कच्चे माल का जिक्र करेंगे | इस बिज़नेस में प्रयोग में लायी जाने वाली मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट निम्नवत हैं |

  • दो component forming machine
  • लगभग दस सोल्डरिंग मशीन
  • दो डिजिटल मल्टीमीटर
  • लगभग दस continuity tester
  • सीलिंग मशीन
  • पैकेजिंग मशीन
  • दो LCR Meter
  • छोटी ड्रिल मशीन
  • Lux Meter
  • Oscilloscope
  • UPS और प्रिंटर के साथ कंप्यूटर |

उपयोग में लायी जाने वाली कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • LED Chips
  • फ़िल्टर के साथ Rectifier Circuit |
  • हीट सिंक डिवाइस
  • मेटल से निर्मित कैप होल्डर
  • प्लास्टिक बॉडी
  • रिफ्लेक्टर प्लास्टिक ग्लास
  • कनेक्टिंग तार
  • सोल्डरिंग फ्लक्स
  • पैकेजिंग मटेरियल

विनिर्माण प्रक्रिया [Manufacturing Process of LED Lights in Hindi]:

हालांकि जैसा की हम स्पष्ट कर चुके है इस लेख में दी गई मशीनरी, उपकरण एवं कच्चा माल 10 watt तक की LED Lights बनाने पर आधारित है | सबसे पहले उपर्युक्त दिए गए कच्चे माल को मार्किट से खरीद लिया जाता है या बाहर से आयात कर लिया जाता है | उसके बाद LED Chips को PCB Board पर Rectifier Circuit और फ़िल्टर सर्किट इत्यादि के साथ स्थापित किया जाता है |

उसके बाद PCB Board के साथ होल्डर कैप, Plastic Modules इत्यादि की फिटिंग Smokey reflector के साथ कर दी जाती है | उसके बाद इस अस्सेम्ब्ल की हुई LED Lights को विभिन्न मानकों पर खरा उतरने के लिए टेस्ट किया जाता है टेस्ट में खरा उतरने के पश्चात् इन्हें पैकेजिंग करके मार्किट में बेचकर कमाई की जाती है |

LED Lights के फायदे:

वर्तमान में चालित अन्य विद्युत् बल्बों जैसे CFL और साधारण बल्ब से LED बल्ब की तुलना करेंगे तो हम पाएंगे की अन्य दो प्रकार के बल्बों की तुलना में LED के बहुत सारे फायदे होते हैं जिनमे से कुछ फायदों की लिस्ट निम्नवत है |

  • जहाँ सामान्य बल्ब का जीवन काल 1500 घंटे तथा CFL का 10000 घंटे आँका गया है वही LED Light का जीवन काल 50000 घंटे आँका गया है जिसका स्पष्ट मतलब है की LED Light इन दोनों प्रकार की लाइट से कई गुना अधिक समय तक चल सकती है |
  • वांछित lumens से मेल करने के लिए यहाँ 60 watt का साधारण बल्ब, 18 watt की CFL एवं 6 watt की LED Light को माध्यम बनाया गया है |
  • एक विश्वसनीय आंकड़े के मुताबिक साधारण बल्ब प्रति घंटे 06 KWh उर्जा खर्च कर देता है, CFL 0.014KWh खर्च कर देता है वहीँ LED Light केवल 0.006KWh एक घंटे में उर्जा खर्च करती है |
  • एक आंकड़े के मुताबिक यदि प्रति KWh उर्जा की दर 6 रूपये है तो साधारण बल्ब एक घंटे में 36 रूपये की, CFL 0.084 रूपये की एवं LED Light केवल 0.036 रूपये की उर्जा खर्च करती है |
  • उपर्युक्त आंकड़ों के मुताबिक यदि हम एक साधारण बल्ब को 50000 घंटे जला के रखेंगे तो बिजली का बिल लगभग 18000 रूपये आएगा, CFL को 50000 घंटे जलने पर लगभग 4200 रूपये का बिल आएगा, वही LED Lights को 50000 घंटे जलाने पर सिर्फ 1800 रूपये का बिल आएगा |
  • पचास घंटे तक लाइट जलाने के लिए जहाँ साधारण बल्ब लगभग 33 चाहिए होंगे, वही CFL पांच और LED केवल एक ही पचास घंटे चल जाएगी |

LED Lights के उपर्युक्त फायदों से जैसे जैसे आम जनमानस विदित होता जायेगा वैसे वैसे इस प्रकार की लाइट की डिमांड बढती जाएगी और ऐसे में नई ईकाइयों के पैदा होने के लिए भी अच्छे अवसर उपलब्ध हो सकते हैं | जहाँ तक इस बिज़नेस के लिए प्रशिक्षण का सवाल है उद्यमी चाहे तो राष्ट्रीय लघु उद्योग लिमिटेड के किसी टेक्निकल सर्विस सेण्टर में पता कर सकता है | या अपने क्षेत्र में स्थित सूक्ष्म लघु और मध्यम मंत्रालय की किसी शाखा में पता कर सकता है इसके अलावा जिला उद्योग केंद्र से भी संपर्क किया जा सकता है |

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