Mahila E haat के जरिए महिला उद्यमी सामान को ऑनलाइन बेच सकती हैं. जानिए कैसे?

Mahila E Haat Scheme का शुभारम्भ 7th मार्च 2016 को हो गया था इस स्कीम को महिला एवं बाल  विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया है | हालांकि जैसा की नाम से ही स्पष्ट है यह स्कीम केवल और केवल महिला उद्यमियों को ध्यान में रखकर बनायीं गई है | वर्तमान में भारत में एक नहीं बल्कि अनेकों ई कॉमर्स वेबसाइट हैं जो ऑनलाइन सामान बेचने में संग्लग्न हैं | लेकिन इन वेबसाइटों से जुड़ने के लिए उद्यमी को अनेकों औपचारिकताएं जैसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन इत्यादि भी कराना पड़ता है और लिस्टिंग फी एवं प्रत्येक बिक्री पर कमीशन भी देना होता है | ऐसे में भारत सरकार Mahila E Haat Scheme के अंतर्गत देश की महिला उद्यमियों को अपना उत्पाद ऑनलाइन बेचने के लिए मुफ्त में मंच प्रदान कर रही है | इंडिया में अधिकतर महिलाओं को घर बैठे कुछ न कुछ बनाने का शौक रहता है लेकिन उनकी यही बनाने की कला बिज़नेस का रूप धारण कर ले तो वे अपनी घर बैठे कमाई कर पाने में सक्षम हो सकती हैं | Mahila E Haat Scheme की खास बात यह है की यह ऐसी महिलाओं को अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने के लिए मुफ्त में एक मंच प्रदान कर रही है |

Mahila E Haat Scheme in Hindi

Mahila E haat क्या है  

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की भारतीय महिलाएं घरों में खाली बैठने के बजाय कुछ न कुछ बनाती रहती हैं | ऐसी महिलाओं को उद्यमिता की ओर अग्रसित करके एवं पहले से मौजूद महिला उद्यमियों की अपेक्षाओं एवं आवश्यकताओं को पूरा करने की दृष्टी से Mahila E Haat एक पहल है |  हालांकि इस ऑनलाइन पोर्टल को राष्ट्रीय महिला कोष की वेबसाइट के अंतर्गत ही रखा गया है जिसके माध्यम से महिला उद्यमी अपने द्वारा उत्पादित उत्पाद को ऑनलाइन प्रदर्शित करा सकती हैं और इसे ऑनलाइन बेच सकती हैं | अत: कहा जा सकता है इस ख़ास ऑनलाइन मंच की स्थापना महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक शशक्तिकरण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से हुई है |  

महिला ई हाट की विशेषताएं:

हालांकि यह सत्य है की राष्ट्रीय महिला कोष के तहत बनाया गया Mahila E Haat पोर्टल देश में कोई इकलौता पोर्टल नहीं है जहाँ से उद्यमी अपने उत्पाद को ऑनलाइन बेच सकते हैं | लेकिन चूँकि यह भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल है इसलिए इसकी चर्चाएँ होनी आम बात हैं | इन सबके अलावा इस पोर्टल की कुछ अन्य विशेषताएं भी हैं जिनका वर्णन कुछ इस प्रकार से है |

  • अभी तक विक्रेता से सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की लिस्टिंग फी एवं कमीशन नहीं लिया जा रहा है |
  • महिला एवं विकास मंत्रालय द्वारा शुरू होने के कारण यदि कोई महिला Mahila E Haat Scheme के अंतर्गत अच्छी खासी कमाई कर पाने में सफल हुई तो उसे एवं उसके काम को सरकार द्वारा प्रोत्साहित किया जा सकता है |
  • विक्रेता BHIM APP के माध्यम से पेमेंट रिसीव कर सकता है या नेट बैंकिंग, IMPS के माध्यम से भी |
  • उत्पाद डिलीवरी के लिए विक्रेता भारतीय डाक के साथ करार कर सकता है |

महिला ई हाट के उद्देश्य:

  • देश की महिलाओं की सृजनात्‍मकता को लगातार सपोर्ट एवं सहायता प्रदान करना |
  • महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से शशक्त बनाना |
  • भारतीय अर्थव्यवस्था में महिलाओं की हिस्सेदारी को मजबूत करना |
  • महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद ऑनलाइन बेचने के लिए ऑनलाइन मंच प्रदान कराना |
  • चूँकि महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद सीधे तौर पर इस ऑनलाइन मार्केटिंग मंच पर प्रदर्शित होंगे जिससे मेक इन इंडिया को प्रोत्साहन मिलेगा |

पात्रता सम्बन्धी नियम:

Mahila E Haat में रजिस्ट्रेशन या उत्पाद प्रदर्शित कराने के लिए निम्न नियमों का प्रावधान किया गया है |

  • आवेदनकर्ता या उद्यमी एक भारतीय महिला होनी चाहिए या महिला द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूह होना चाहिए या फिर कोई ऐसा उद्यम होना चाहिए जिसका नेतृत्व महिला कर रही हो |
  • ऐसे उद्यम जिनमे महिलाओं की संख्या एवं उनकी मूल्य श्रंखला बहुमत में हो |
  • Mahila E Haat में सिर्फ 18 साल से अधिक की आयु वाली महिला उद्यमी ही रजिस्टर कर सकती हैं |
  • Mahila E Haat नामक पोर्टल के माध्यम से प्रदर्शित और लेन देन किये जाने वाले सामान एवं सेवाएँ क़ानूनी रूप से अवैध एवं निषेध नहीं होनी चाहिए |
  • कोई भी अपराध के कृत्य में विक्रेता एवं क्रेता को राष्ट्रीय महिला कोष को क्षतिपूर्ति करनी होगी |
  • उत्पाद की गुणवत्ता का विक्रेता द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र आवश्यक है |
  • उत्पाद को पोर्टल पर प्रदर्शित करने के लिए विक्रेता को उत्पाद की तस्वीरों के साथ उत्पाद सम्बन्धी अन्य विवरण भी देने होंगे |

Mahila E Haat में किन किन श्रेणियों के उत्पाद बेचे जा सकते हैं?

पात्र एवं इच्छुक महिलाएं इस ऑनलाइन प्लेटफोर्म के माध्यम से निम्न श्रेणियों के उत्पाद बेच सकती हैं |

  • बॉक्सेस (Boxes)
  • टोकरियाँ (Baskets)
  • बैग (Bag)
  • कपड़े (Clothes)
  • साजसज्जा एवं गिफ्ट आइटम (Decorative and gift Items)
  • शैक्षणिक सहायक आइटम (Educational Aids)
  • फैशन का सामान एवं आभूषण (Fashion accessories and Jwellery)
  • फाइल फोल्डर (File Folder)
  • किराने और स्टेपल (Grocery and staples)
  • गृह सजावट (Home Décor)
  • औद्योगिक उत्पाद (Industrial Product)
  • लिनन कुशन कवर (linen/Cushion Cover)
  • प्राकृतिक उत्पाद (Natural Products)
  • मिटटी के बर्तन (Pottery)
  • सेवा (Services)
  • खिलौने (Toys)
  • अन्य मिक्स उत्पाद (Miscellaneous)

महिलाएं रजिस्ट्रेशन कैसे कर सकती हैं?

Mahila E Haat नामक इस पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराना बेहद आसान है | ऑनलाइन के अलावा इच्छुक एवं पात्र महिला ऑफलाइन, ईमेल के माध्यम से एवं whatsapp के माध्यम से भी रजिस्टर कर सकती हैं | लेकिन इन सबसे आसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन है इसलिए Mahila E Haat में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए सबसे पहले इच्छुक एवं पात्र महिला को इस अधिकारिक लिंक पर जाना होगा | उसके बाद इस फॉर्म में मांगी गई डिटेल्स भरनी होगी इस प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य है | सभी डिटेल्स भरकर अंत में आवेदन कर रही महिला को सत्यापन का प्रकार ईमेल एवं मोबाइल में से एक विकल्प चुनना होता है और सबमिट या जमा करें पर क्लिक करना होता है | और अंत में अपने आपको सत्यापित करना होता है | अब महिला अपने Mahila E Haat Account को अपनी Credential का उपयोग करके कभी भी इस्तेमाल कर सकती हैं |

ऐसे होगी महिला की कमाई:

जब महिला द्वारा अपना अकाउंट इस पोर्टल पर बना लिया जाता है तो वह अपने उत्पाद की फोटो, उसकी डिटेल्स एवं कीमत अपलोड करने के लिए पात्र हो जाती है | और जब महिला द्वारा अपलोड किये गए उत्पाद की फोटो, कीमत नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी इत्यादि Mahila E Haat पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगती है | तो ग्राहक द्वारा महिला का उत्पाद पसंद किये जाने पर वह महिला को दिए गए नंबर पर फोन कर सकता है और बाकी की प्रक्रियाएं जान सकता है | महिला उस ग्राहक से NEFT, BHIM App इत्यादि के माध्यम से भुगतान करने को कह सकती है | और जहाँ तक डिलीवरी का सवाल है महिला भारतीय डाक के साथ इस अधिकारिक लिंक के माध्यम से Mahila E Haat में बेचे गए उत्पादों की डिलीवरी के लिए करार कर सकती है |

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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