Non Governmental organization या NGO स्वैच्छिक संगठन होते हैं, स्वैच्छिक संगठन से आशय यह है, की ये अपने कामकाज में सरकारी नियंत्रण से मुक्त होते हैं। यही कारण है की इन्हें Non Governmental organization कहा जाता है। NGO सार्वलौकिक होते हैं इसलिए कोई भी व्यक्ति स्वेच्छा से समाज को कुछ मदद करने के इरादे से इनका सदस्य बन सकता है | हालाँकि कुछ NGOS में सदस्य बनाने और उन्हें निष्काषित करने की प्रक्रिया के अपने rules उल्लेखित होते हैं। India  में Non Governmental organization का इतिहास काफी लंबे समय से रहा है, प्राचीनकाल से ही लोग स्वेच्छा से जरूरतमंदों और असहाय की मदद के लिए आगे आते रहे हैं। इनमें से कुछ लोगों की मान्यता यह थी की वे समझते थे असहाय और जरूरतमंद की मदद करने से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता, और वे असहाय और जरूरतमंद लोगों की मदद करके भगवान की सेवा कर रहे हैं, जो सही भी है। इसके अलावा वे लोग भी थे जिनसे जाने अनजाने में यदि कोई गलत काम हो जाता तो वे सोचते थे की यह पुण्य का काम करके उनकी कुछ गलतियां कम हो जाएँगी। वर्तमान में भी NGO का काम असहाय, जरूरतमंद लोगों की मदद करना ही है, इसलिए सरकार इनके कामकाज में नियंत्रण नहीं रखती, बल्कि सरकार Non Governmental organization को लोगों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

Non Governmental organization start-kaise-kare

एनजीओ क्या है (What is NGO):

वैसे तो Non Governmental organization का Hindi में शाब्दिक अर्थ गैर सरकारी संगठन से लगाया जाता है। लेकिन जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं, NGO एक स्वैच्छिक संगठन होता है। चूँकि किसी भी देश में सबल और जरूरतमंद लोग दोनों होते हैं, इसलिए NGO के कार्य करने की प्रक्रिया सबल लोगों से मदद लेके जरूरतमंद और असहाय लोगों तक पहुँचाना होता है। NGOS को किसी भी राष्ट्र की सरकार की तरफ से भी अनेकों प्रकार से सहायता प्रदान की जाती है।

भारत में एनजीओ कैसे शुरू करें । How to Start a NGO in India In Hindi:

India में NGO Start करना बिलकुल भी सरल काम नहीं है, लेकिन फिर भी मानवता और समाज की भलाई की भावना रखकर बहुत सारे युवा एवम अन्य लोग NGO Start करने में रूचि रखते हैं। चूँकि एक NGO Start करने के लिए बहुत सारी प्रक्रियाओं से होकर गुज़रना पड़ता है तो आइये जानते है, Step by Step उन सभी प्रक्रियाओं के बारे में जो एक NGO Start करने के लिए जरुरी हैं।

  1. Identify the issues among people and Societies :

    देखिये क्योंकि NGO Start करना लोगों की भलाई से जुड़ा हुआ business अर्थात काम है। इसलिए इसको Start करने की ख्वाहिश रखने वाले व्यक्ति के लिए यह बेहद जरुरी हो जाता है की पहले वह समाज में उत्पन्न किसी व्याधि अर्थात लोगों की समस्या का विश्लेषण करे । ताकि उद्यमी NGO Start करके उस व्याधि या समस्या को दूर करने की प्रक्रिया को अपना Vision एवं Mission बना सके । जिस प्रकार बिना किसी रोग को जाने डॉक्टर किसी रोग का इलाज नहीं कर सकता, ठीक उसी प्रकार NGO Start करने की ख्वाहिश रखने वाला उद्यमी भी बिना समाज, लोगों की समस्या और व्याधि को जाने NGO Start नहीं कर सकता।

  2. संचालक मंडल का निर्माण :

    Non Governmental organization को पंजीकृत कराने से पहले व्यक्ति को चाहिए की वह कुछ और ऐसे लोगों को ढूंढे जो लोगों के प्रति सेवाभाव का भाव रखते हों, अर्थात व्यक्ति को NGO Start करने के लिए संचालक मंडल का निर्माण करना होगा, क्योकि NGO जैसे Business में अकेला चना कभी भाड़ नहीं फोड़ सकता । इसमें व्यक्ति को अलग अलग क्रियाकलापों को अंजाम देने के लिए अलग अलग व्यक्तियों की जरुरत पड़ेगी ।

  3. Important Documents.

    India में NGO Start करने के लिए Trust deed/Memorandum of association and rules and regulations/Memorandum and articles of association. and regulationsनामक documents बहुत महत्वपूर्ण documents होते हैं, कोई एक संगठन start करने के लिए उपर्युक्त तीन दस्तावेजों में से किसी एक ही दस्तावेज की आवश्यकता होती है। इनमें से कौन से document की आवश्यकता होगी वह इस बात पर निर्भर करेगा की संगठन को पंजीकरण के कौन से स्वरूप में पंजीकृत करने का विचार है। नीचे इसके बारे में हमने details में विवरण दिया हुआ है। इन documents में NGO के लक्ष्य, उसका काम करने का तरीका, उसमे Trustee, Memebers की संख्या, और कैसे वह NGO लोगो को सदस्य बनाएगा, और निष्कासन rules इत्यादि उल्लेखित होते हैं। इनमें Trust deed तैयार करने के लिए गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर का, तो Memorandum of association and rules and regulations/Memorandum and articles of association. And regulations तैयार करने के लिए साधारण पेपर का उपयोग किया जाता है। इन documents को विभिन्न गवाहों और सदस्यों की मौजूदगी में Governing peoples और Settlers द्वारा हस्ताक्षरित किया जाता है।

  4.  Non Governmental organization (NGO) Ka Registration:

    India में Non Governmental organization की Registration प्रक्रिया को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है, या यूँ कहें की NGO को तीन अधिनियमों में से किसी एक अधिनियम के अंतर्गत Register कराया जा सकता है। Trust अधिनियम, Society अधिनियम एवम Companies अधिनियम।

 I.Trust Act (ट्रस्ट अधिनियम के तहत):

India में विभिन्न राज्यों में भिन्न भिन्न Trust acts अधिनियमित हैं, लेकिन यदि किसी राज्य में कोई अधिनियम अधिनियमित नहीं होगा तो तो उस राज्य में ट्रस्ट अधिनियम 1882 लागू होता है। Trust act के अंतर्गत पंजीकरण हेतु  कम से कम दो trustee की आवश्यकता होती है   और NGO को इसके अंतर्गत पंजीकरण करने हेतु सम्बंधित राज्य के Charity Commissioner या Registrar के ऑफिस में आवेदन पत्र देना होता है । Trust act के अंतर्गत NGO को Register कराने के लिए trust deed नामक document की आवश्यकता होती है। Trust deed का निर्माण गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर किया जाता है। नेतृत्व में परिवर्तन इलेक्शन या नियुक्ति के  माध्यम से किये जाते हैं।

II.Society ACT (सोसाइटी अधिनियम के तहत) :

इस अधिनियम के अंतर्गत किसी Non Governmental organization को Society के रूप में पंजीकृत कराया जाता है, हालांकि कुछ राज्यों जैसे महाराष्ट्र में इसी Act के तहत NGO को Trustee के तौर पर भी पंजीकृत किया जा सकता है । Society act के अंतर्गत पंजीकरण कराने के लिए Memorandum of association and rules and regulations नामक document बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस document को बनाने के लिए किसी प्रकार के स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं पड़ती है । इसमें कम से कम 7 सदस्यों की आवश्यकता होती है।

III. Companies Act (कंपनी अधिनियम के तहत):

इस अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत होने वाले Non Governmental organization को Companies Act के अंतर्गत पंजीकृत किया जाता है। यह पंजीकरण प्रक्रिया करने के लिए Memorandum and articles of association and regulations नामक document बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस document को बनाने के लिए भी किसी प्रकार के स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है । इसमें कम से कम तीन सदस्यों के होने का प्रावधान है ।

5.Apply for Pan and open Bank Account:

अब Non Governmental organization start कर रहे व्यक्तियों को उन्हें अपने NGO के नाम से Bank Account की आवश्यकता होगी इसलिए Bank Account open करने हेतु पहले PAN Card बनवाना होगा। उसके बाद Registration, Pan Card  इत्यादि documents की मदद से NGO का Bank Account खुल पायेगा ।

इसके बाद NGO का काम जारी किया जा सकता है, NGO Start होने के 3-4 सालों बाद Section 80G certificate के लिए Income tax में आवेदन किया जा सकता है। ताकि NGO को मिलने वाली Donation tax free हो सके।

13 Comments

  1. Avatar for rajeshkumar rajeshkumar
    October 1, 2020
  2. Avatar for Kalusingh ganawa Kalusingh ganawa
    January 11, 2020
  3. Avatar for mohan singh rathord mohan singh rathord
    September 19, 2019
  4. Avatar for Arya kumar Arya kumar
    May 29, 2019
  5. Avatar for Saloni Saloni
    March 27, 2019
  6. Avatar for jay jay
    May 28, 2018
    • Avatar for Sujeet Kumar Sujeet Kumar
      June 2, 2019
  7. Avatar for Kapil Chauhan Kapil Chauhan
    March 22, 2017
  8. Avatar for kamal rathore kamal rathore
    November 10, 2016
  9. Avatar for Sunil k sharma Sunil k sharma
    September 28, 2016
    • Avatar for Mahendra Rawat Mahendra Rawat
      September 29, 2016
    • Avatar for surenda kumar surenda kumar
      December 24, 2017

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