पान की दुकान कैसे शुरू करें? How to Start a Paan Shop Business.

पान की दुकान यानिकी Paan Shop को आम तौर पर एक छोटे व्यवसाय के तौर पर देखा जाता है। लेकिन हमारा देश भारतवर्ष पारम्परिक मान्यताओं, संस्कृति एवं संस्कारों को मानने वाला देश है इसमें कोई दो राय नहीं है । लोगों की पान खाने की आदतें प्राचीनकाल से चली आ रही हैं प्राचीनकाल में राजा महाराजा भी अपनी अपनी पसंद के पान खाने के शौक़ीन हुआ करते थे। हमारे देश भारत में पान के पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ खाने वाले पान बनाने के लिए नहीं किया जाता है बल्कि इसका इस्तेमाल अनेकों धार्मिक अनुष्ठानों को पूर्ण करने के दौरान भी किया जाता है। अर्थात कहने का आशय यह है की की पान के पत्ते का इस्तेमाल हमारे देश भारत में पूजा पाठ में भी बड़े पैमाने पर होता है। लेकिन आम तौर पर एक Paan Shop यानिकी पान की दुकान में अधिकतर लोग पान खाने के लिए ही आते हैं। इसलिए इस तरह का व्यवसाय करने वाले उद्यमी के मुख्य ग्राहक के तौर पर वही लोग रहते हैं जो पान खाने के शौक़ीन होते हैं। चूना, कत्था इत्यादि से निर्मित पान खाने की आदत को सही नहीं समझा जाता है लेकिन सच तो यह है की पान खाने के शौक़ीन लोगों को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। और अलग अलग लोगों को अलग अलग तरह के पान खाने का शौक रहता है कोई चूना, कत्था, मिश्री एवं अन्य पदार्थों से निर्मित पान खाना पसंद करते हैं। तो कई लोग ऐसे भी होते हैं जो चूने इत्यादि का इस्तेमाल करने से बचते हैं। कुल मिलाकर देखा जाय तो भारत में पान खाने वाले ग्राहकों की कोई कमी नहीं है और वह भी खास तौर पर उत्तर भारत में Paan Shop Business शुरू करना बेहद लाभकारी हो सकता है।

Paan shop business plan in hindi

पान की दुकान क्या है (What is a Paan Shop in Hindi):

वैसे पान की यदि हम बात करें तो पान की पत्तियां होती हैं, जो हल्के हरे रंग से लेकर गहरे हरे रंग तक विभिन्न रंगों की होती है। पान की पत्ती खाने में कसैली होती है लेकिन इसे लोग चूना, कत्था लगाकर मिश्री, सुपारी इत्यादि पदार्थों को इसमें डालकर खाना पसंद करते हैं। पूरे भारत में बनारसी पान बेहद प्रसिद्ध है। इसलिए आम तौर पर देखा जाय तो एक ऐसी दुकान या स्थान जहाँ से लोग पान खरीदते हैं पान की दुकान या फिर Paan Shop कहलाती है। लेकिन वर्तमान में एक पान की दुकान में सिर्फ पान की ही बिक्री नहीं की जाती है बल्कि इस तरह की दुकान के माध्यम से उद्यमी बीड़ी, सिगरेट, गुटखे इत्यादि भी बेच रहा होता है। यही कारण है की आज के ज़माने में पान की दुकान का व्यवसाय कोई छोटा व्यवसाय नहीं रह गया है। बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण है जब लोगों ने अपनी पान की दुकान की बदौलत अथाह धन संपत्ति कमाई है। इसमें दिल्ली के यश टेकवानी का नाम उल्लेखनीय है जिनकी भारत में ही नहीं अपितु विदेशों में भी पान की दुकानें उपलब्ध हैं।

पान की दुकान के चलने की संभावना

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की पान की पत्तियाँ होती हैं और इन्हीं पत्तियों पर ग्राहक की पसंद के अनुसार चूने कत्थे वाला पान या फिर सादा पान ग्राहकों को पेश किया जाता है। चूँकि भारत में पान के पत्तों को ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टी से तो अच्छा माना ही जाता है सच्चाई यह है की वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पान खाने के अनेकों फायदे सामने आये हैं। इसलिए लोग इसे सेहत की दृष्टी से भी उत्तम मानते हैं कहा जाता है की पान पेट से जुड़ी एवं मुहँ के स्वाद से जुड़ी अनेकों परेशानियों का अंत करने में समर्थ है। लेकिन चूँकि कुछ लोग पान खाकर ईधर उधर थूकते रहते हैं इसलिए पान खाने की आदत को बुरा भी माना गया है। लेकिन इसके बावजूद बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो भोजन के बाद पान के  सेवन को अपनी आदत में शुमार कर चुके हैं। इसके अलावा वर्तमान में लोगों की मांग एवं आवश्यकताओं के चलते पान की दुकान यानिकी Paan Shop का भी स्वरूप बदल सा गया है। आज जब आप सड़क पर चलते हैं और आपको प्यास लगने के कारण पानी की बोतल खरीदनी होती है, चिप्स का पैकेट टंगा देखकर आप एक चिप्स भी ले लेते हैं। सिगरेट, बीड़ी, गुटखे इत्यादि भी खरीद लेते हैं लेकिन तभी आप देखते हैं की यह कोई प्रोविजनल स्टोर नहीं बल्कि सड़क किनारे स्थित Paan Shop है। जी हाँ कहने का आशय यह है की यदि आप खुद की पान की दुकान शुरू करना चाहते हैं तो आपको सिर्फ पान बेचने पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ता है। बल्कि आज पान की दुकानों के माध्यम से पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, नमकीन, बीड़ी, सिगरेट, गुटखे इत्यादि सब कुछ बेचा जा रहा है। जिनकी मांग भारत के हर क्षेत्र हर कोने में वर्ष के बारह महीने निरंतर बनी रहती है। और चूँकि इस तरह के व्यवसाय को शुरू करने के लिए किसी विशेष स्किल, निवेश एवं बहुत बड़ी जगह की भी आवश्यकता नहीं होती इसलिए इस तरह के इस व्यवसाय को कोई भी व्यक्ति बेहद आसानी से शुरू कर सकता है।  

पान की दुकान कैसे शुरू करें (How to Start a Paan Shop Business)

भारत में पान की दुकान को गली मोहल्लों में शुरू किये जा सकने वाले, ऐसे बिजनेस जिन्हें बेहद कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है की लिस्ट में रखा जा सकता है। चूँकि Paan Shop Business को उद्यमी मात्र कुछ हज़ार रुपयों का निवेश करके भी शुरू कर सकता है। और इस तरह के व्यवसाय को शुरू करने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नहीं है। यही कारण है की इस व्यापार को शुरू करना बेहद ही आसान है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद की पान की दुकान का बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. लोकेशन का चुनाव करें (Select Location for Paan Shop Business)

Paan Shop Business शुरू करने के लिए जो सबसे पहला कदम उद्यमी द्वारा उठाया जाना चाहिए वह यह है की उद्यमी अपने व्यवसाय के लिए एक अच्छी लोकेशन का चयन करे। वैसे देखा जाय तो अच्छी लोकेशन होना हर किसी व्यवसाय के लिए नितांत आवश्यक है लेकिन पान की दुकान के लिए तो यह सबसे अधिक आवश्यक है। इसलिए यदि उद्यमी इस व्यवसाय को लेकर गंभीर है और वह चाहता है की लम्बी अवधि के लिए वह अपने इस बिजनेस से कमाई करता रहे तो उसे किसी व्यस्त इलाके जहाँ पर दिन भर में हजारों हज़ार लोग चहलकदमी करते हों में अपनी दुकान स्थापित करने की योजना बनानी चाहिए। इसके अलावा किसी औद्योगिक एरिया में भी इसका चयन किया जा सकता है कुल मिलाकर उद्यमी को इस बात का ध्यान रखना होगा की दुकान ऐसी जगह पर स्थित हो जहाँ से प्रतिदिन हजारों हज़ार लोग गुजरते हों। क्योंकि इलाका जितना व्यस्त होगा उद्यमी के पान की दुकान चलने की संभावना भी उतनी ही अधिक होगी।     

2. दुकान या खोखा तैयार करें

यदि उद्यमी चयनित लोकेशन पर दुकान का किराया देने में असमर्थ है और वह Paan Shop Business में आने वाली लागत को बेहद कम करना चाहता है। तो वह केवल एक छोटी सी जगह किराये पर लेकर और खुद का पान के खोखे का निर्माण करवा के भी यह व्यवसाय शुरू कर सकता है। आम तौर पर खोखे का निर्माण लकड़ी, लोहे इत्यादि से किया जा सकता है जिसे कोई भी वैल्डिंग या लोहे इत्यादि का सामान बनाने वाले वेंडर आसानी से कर देंगे। इसके निर्माण में 10-15 हज़ार रूपये का खर्चा आ सकता है लेकिन उद्यमी दुकान का किराया देने से बच जायेगा हालांकि उसे जिस जगह पर वह खोखा लगाएगा उसका किराया तो देना ही होगा जो की दुकान के किराये से बेहद कम होगा। इस खोखे की ऊंचाई, चौड़ाई एवं दरवाजा इतना रखना होता है की एक आदमी आसानी से झुककर उसमें चला जाय और उसके अन्दर आसानी से बैठ सके। खोखे के तीनों तरफ लकड़ी या लोहे की रैक निर्मित होती हैं जिनमें उद्यमी दुकान का सामान रखता है और आगे के दरवाजों पर चैन लगी होती है जिसकी मदद से वह उस हिस्से को आगे की ओर फैला सकता है। किसी व्यस्त एवं भीड़भाड़ वाली जगह पर उद्यमी अपनी इस Paan Shop से ठीक ठाक कमाई कर पाने में समर्थ हो सकता है।        

3. दुकान में सामान भरें (Fill Up Paan Shop with Materials)

Paan Shop Business कर रहे उद्यमी का अगला कदम अपनी उस छोटी सी दुकान में सामान भरने का होना चाहिए आम तौर पर एक पान की दुकान में बीड़ी, सिगरेट, गुटखे, नमकीन, चिप्स, टॉफी इत्यादि तो प्रमुख रूप से होते ही होते हैं। और इस तरह के उत्पाद बनाने वाली प्रत्येक कम्पनियों के हर शहर नगर में डिस्ट्रीब्यूटर, एजेंट उपलब्ध हैं। कुछ ऐसे सप्लायर भी होते हैं जो डायरेक्ट डिस्ट्रीब्यूटर इत्यादि से माल खरीदकर रिटेल दुकानों तक पहुंचाते हैं इसलिए उद्यमी को इस बारे में पता करना चाहिए की उनके एरिया में इस तरह की डिलीवरी देने वाला कौन सा सप्लायर है। हालांकि शुरूआती दौर में यदि मंगाएं जाने वाला सामान अधिक होगा तो उस एरिया में उपलब्ध डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर, एजेंसी उद्यमी की दुकान तक स्वयं ही सामान भेज देगी।    

4. बेचें और कमायें (Sell and Earn Money)

हालांकि अक्सर देखा गया है की इस तरह की दुकानों को लोगों द्वारा केवल और केवल सर्वाइवल के लिए शुरू किया जाता है। इसलिए न तो इनके पास मार्केटिंग का बजट होता है और न ही इन्हें इसकी आवश्यकता होती है। क्योंकि यदि उद्यमी की Paan Shop किसी भीड़ भाड़ एवं व्यस्त इलाके में मौजूद है तो उसे किसी भी तरह की मार्केटिंग की आवश्यकता नहीं होगी और उसे उसके पूरे ग्राहक वहीँ मिल जायेंगे। क्योंकि लोगों की यदि हम खरीदारी की आदतों का विश्लेषण करें तो लोग जो उनके आस पास पान की दुकान होती है उसी से पान खरीदना पसंद करते हैं। ऐसा ही बीड़ी, सिगरेट, चिप्स, नमकीन, पानी इत्यादि के साथ भी है की जब उन्हें इसकी आवश्यकता होगी वे किसी मार्केटिंग कैंपेन के झांसे में न आकर सीधे उनके सामने नज़र आने वाली दुकान से ही खरीद लेंगे। हालांकि इसमें उद्यमी की कोशिश अपने ग्राहकों से विनम्रता से पेश आने की होनी चाहिए क्योंकि अक्सर ग्राहक अशिष्ट एवं रुखा व्यवहार पसंद नहीं करते हैं। इसलिए Paan Shop Business करने वाला उद्यमी अपनी बिक्री बढ़ाने में जितना अधिक सफल होगा उतना ही उसे लाभ होगा।

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