पास्ता निर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? Pasta Manufacturing Business in Hindi.

यद्यपि Pasta Manufacturing भारत में बहुत अधिक पुरानी नहीं है वह इसलिए क्योंकि पास्ता उत्पादों को पहली बार तेरहवीं शताब्दी में इटली में पेश किया गया था । लेकिन पास्ता विनिर्माण के लिए उपयुक्त मशीनरी, उपकरणों एवं उच्च गुणवत्तायुक्त सामग्री की उपलब्धता बीसवीं शताब्दी में ही संभव हो पाई है। लेकिन यह भी सच है की देश में औद्योगिक क्रांति से पहले पास्ता का निर्माण छोटे विनिर्माणकर्ताओं या दुकानदारों द्वारा हाथों से किया जाता था। वर्तमान में अधिकांश पास्ता का निर्माण उच्च क्षमता वाले एक्सट्रूडर के माध्यम से किया जाता है जो औगर एक्सट्रूजन सिद्धांत पर कार्य करते हैं जिसमें कच्चे माल को गूंथना और बाहर निकालने का कार्य एक ही ऑपरेशन में किया जाता है। इसलिए वर्तमान में Pasta Manufacturing Process आटोमेटिक मशीनों के माध्यम से काफी आसान हो गया है। कॉन्टिनेंटल और इटालियन डिश के तौर पर भारत में भी पास्ता धीरे धीरे बेहद लोकप्रिय होता जा रहा है । जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की दुनियाभर में एक बहुत बड़ी आबादी के लिए गेहूं, चावल, मक्का एवं बाजरा जैसे अनाज मुख्य खाद्य अनाज हैं। इनसे उपभोक्ताओं को कार्बोहाइड्रेट, कैलोरी एवं अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में मिल जाते हैं। इनके अलावा इन अनाजों से प्रसंस्करण के माध्यम से कुछ और पारम्परिक उत्पादों का निर्माण करके आसानी से मूल्यवर्धन किया जा सकता है। इन अनाजों को प्रसंस्कृत करके बनाये गए उत्पाद विविधता, सुविधा, गुणवत्ता, लागत दक्षता और स्कोप इत्यादि प्रदान करते हैं। Pasta Manufacturing Business भी इन्हीं अनाजों या इनसे प्रसंस्कृत किये गए उत्पादों पर आधारित व्यवसाय है। विकसित देशों में कई तरह के सुविधाजनक खाद्य पदार्थों का निर्माण एक्सट्रूडर का उपयोग करके एक्सट्रूज़न प्रक्रिया द्वारा ही किया जाता है।

Pasta Manufacturing business in Hindi

पास्ता निर्माण बिजनेस क्या है (What is Pasta Manufacturing Business)

पास्ता एक खाद्य पदार्थ है जिसकी शुरुआत इटली से हुई थी यानिकी इसे हम एक प्रकार का भोजन भी कह सकते हैं। जहाँ तक पास्ता के निर्माण का सवाल है इसे ड्यूरम गेहूं के आटे यानिकी सूजी के खमीरी आटे में पानी या अण्डों के साथ मिलाकर बनाया जाता है । और पास्ता को विभिन्न आकारों में बनाया जाता है और फिर इसे उबालकर या पकाकर खाया जाता है। कभी कभी गेहूं के आटे के स्थान पर इसे बनाने में चावल का आटा, या फलियां जैसे बीन्स या दाल का इस्तेमाल भी किया जाता है ताकि इसे ग्लूटेन फ्री, अलग बनावट एवं स्वाद में बनाया जा सके। पास्ता इटालियन व्यंजनों में प्रमुख भोजन है और इसे दो श्रेणियों में सूखा पास्ता एवं ताजा पास्ता में विभाजित किया जा सकता है। सूखे पास्ते का निर्माण व्यवसायिक तौर पर एक्सट्रूज़न प्रक्रिया द्वारा किया जाता है। जबकि ताजा पास्ते का निर्माण पारम्परिक तरीके से हाथों से किया जाता है लेकिन कभी कभी साधारण मशीनों के माध्यम से भी ताजा पास्ते का निर्माण किया जाता है। किराने की दुकानों, सुपरमार्केट इत्यादि में जो भी पास्ता बिक्री के लिए रखा होता है उसका व्यवसायिक तौर पर निर्माण मशीनों द्वारा ही किया जाता है। इसलिए जब किसी उद्यमी द्वारा पास्ता निर्माण का कार्य व्यवसायिक तौर पर किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यही काम ही Pasta Manufacturing Business कहलाता है।  

पास्ता मार्किट का विश्लेषण (Analysis of Pasta’s Market)   

कोई भी इच्छुक उद्यमी जो खुद की Pasta Manufacturing unit स्थापित करना चाहता हो उसके जेहन में पास्ता की मार्किट से जुड़े हुए सवाल बार बार आते हैं। इसलिए पास्ता की मार्किट के बारे में यहाँ पर बात करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। दुनियाभर में पास्ता की लोकप्रियता के पीछे अनेकों कारण जिम्मेदार हैं कुछ प्रमुख कारणों में संवेदी अपील, बहुमुखी उपयोग, कम लागत, आसानी से तैयार करना, उच्च पोषण से भरपूर और लम्बे समय तक इसे भंडारित रखने का गुण इत्यादि शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिमी देशों में उपभोक्ताओं की पारम्परिक भोजन में बढती रूचि भी इसका एक कारण हो सकती है। भारत में फ़ूड सर्विस रेस्टोरेंट की बढती संख्या एवं विस्तारीकरण के चलते भारतीय युवा आबादी के बीच भी पास्ता अपार लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है। यही कारण है की भारत में 2017 में पास्ता की बिक्री 286.6Million अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गई थी। और एक आंकड़े के मुताबिक 2010 से 2017 के बीच यह 17.1% CAGR की दर से आगे बढ़ा। चूँकि नूडल्स को अधिकांश तौर पर मैदे के आटे से बनाया जाता है जो मनुष्य पाचन तंत्र के लिए ठीक नहीं होता है। और जबकि Pasta Manufacturing  सूजी (Semolina) से की जाती है जो पाचन तंत्र को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाता है, और इसे पचाना बेहद आसान होता है। इसलिए लोगों में बढती स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के साथ भी पास्ता की बिक्री बढती जा रही है और शहरीकरण इसकी मांग को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारकों में से एक है। और जहाँ तक भारत में पास्ता बाजार के विस्तृत होने के कारकों में बढ़ता शहरीकरण तो शामिल है ही, साथ में बदलती जीवन शैली एवं तैयार उत्पादों की बढती मांग भी प्रमुख कारकों में शामिल हैं।

पास्ता निर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Pasta Manufacturing Business)

Pasta Manufacturing Business में प्रयुक्त होने वाला कच्चा माल भारत के किसी भी कोने में आसानी से मिल सकता है। क्योंकि इस व्यवसाय में कच्चे माल के तौर पर (Semolina) सूजी, जिसे दुरुम गेहूं के आटे से बनाया जाता है और दूध के ठोस को इस्तेमाल में लाया जाता है। और इनकी उपलब्धता हर जगह आसानी से व्याप्त है। इसके अलावा पास्ता बनाने में आसान, बसा में कम, और एक समान पकने की प्रकृति होने के कारण भारत में बड़ी तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। ऐसे में यदि कोई उद्यमी इस तरह का व्यवसाय शुरू करने का विचार कर रहा है तो उसे हमारा यह लेख अवश्य पढना चाहिए। तो आइये जानते हैं की पास्ता निर्माण व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या क्या करना पड़ सकता है।

1. लोकल मार्किट सर्वे (Local Survey for Pasta Manufacturing Business)

यद्यपि इसमें कोई दो राय नहीं की राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर पर उच्च गुणवत्तायुक्त पास्ता की मांग काफी अधिक है। लेकिन शुरूआती दौर में उद्यमी का बजट एवं निवेश करने की क्षमता बहुत अधिक न होने के कारण वह अपने उत्पाद को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय बाज़ारों में उतारने में अक्षम हो सकता है। इसलिए Pasta Manufacturing Business करने वाला उद्यमी इस स्थिति से बचने के लिए अपने द्वारा उत्पादित उत्पाद को स्थानीय बाज़ारों में बेचने की कोशिश कर सकता है। लेकिन इससे पहले उसे स्थानीय स्तर पर मार्किट सर्वे करना होगा जिसमें उसे उस एरिया में रहने वाले लोगों की खान पान की आदतों का विश्लेषण करना होगा। क्योंकि एक ऐसा एरिया जहाँ पर निवासित लोग पास्ता खाते ही नहीं हों, वहां पर इस तरह के उत्पाद बिकने की संभावना न के बराबर है। इसके अलावा उद्यमी को उस एरिया विशेष में उपलब्ध रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों, भोजनालयों इत्यादि की संख्या का भी विश्लेषण करना होगा और यह भी पता लगाना होगा की उन होटलों में महीने में कम से कम पास्ता की कितनी मात्रा उपभोग में लायी जाती है। उस एरिया विशेष में इस व्यवसाय की प्रतिस्पर्धा का आकलन भी करना होगा और उस प्रतिस्पर्धा में अव्वल रहने की योजना भी बनानी होगी।       

2. इकाई के लिए जगह का प्रबंध

Pasta Manufacturing Business के लिए उद्यमी जहाँ रहता हो, उस एरिया में दस बीस किलोमीटर के तहत कहीं भी जगह का प्रबंध करने की योजना बना सकता है। क्योंकि इस व्यवसाय में उद्यमी को सीधे तौर पर अपने अंतिम उपभोक्ताओं से डील न करके दुकानदारों, डिस्ट्रीब्यूटर इत्यादि से डील करनी होती है। इसलिए यह जरुरी नहीं है की वह किसी मुख्य बाजार में ही अपनी इकाई स्थापित करे, बल्कि उसे उस मुख्य बाजार के 10-20 किलोमीटर के रेडियस में जहाँ भी सस्ते किराये या दामों पर जमीन, बिल्डिंग मिल रही हो वह वहीँ अपनी इकाई स्थापित करने की योजना बना सकता है। लेकिन वहां पर सड़क, पानी, बिजली इत्यादि जैसी आधारभूत सुविधाओं का होना अति आवश्यक है। जमीन या बिल्डिंग किराये पर लेते वक्त रेंट या लीज एग्रीमेंट अवश्य तैयार कर लें।     

3. आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण (License for Pasta Manufacturing)

उद्यमी चाहे तो अपनी कंपनी को वन पर्सन कंपनी या प्रोप्राइटरशिप के तौर पर रजिस्टर कराकर इसे एक वैधानिक स्वरूप प्रदान कर सकता है। चूँकि उद्यमी दुकानदारों, डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर इत्यादि से डील करेगा इसलिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी आवश्यक हो जाता है। फैक्ट्री एक्ट के तहत फैक्ट्री लाइसेंस, लोकल प्राधिकरण से ट्रेड लाइसेंस इत्यादि भी आवश्यक हो जाता है। यदि Pasta Manufacturing Business करने वाला उद्यमी चाहता है की उसे विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं एमएसएमई उद्योग के तौर पर पहचान एवं फायदा मिले तो वह उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन भी करा सकता है। और अपने व्यवसाय की जानकारी एमएसएमई डाटा बैंक में भी प्रदान कर सकता है। चूँकि यह खाद्य पदार्थ से जुड़ा हुआ व्यवसाय है इसलिए इसके विनिर्माण के लिए फ़ूड लाइसेंस की भी आवश्यकता हो सकती है।       

4. मशीनरी उपकरणों की खरीदारी

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की बीसवीं शताब्दी से पहले अधिकांश तौर पर पास्ता का निर्माण हाथों द्वारा किया जाता था। मशीनों के द्वारा इसका निर्माण बीसवीं शताब्दी से ही शुरू हुआ है आज बाजार में पास्ता निर्माण के लिए अनेकों प्रकार एवं कीमत की मशीन उपलब्ध हैं। Pasta Manufacturing करने वाली आटोमेटिक मशीन की बात करें तो इसमें कच्चा माल डालकर यह मशीन सारे काम स्वयं ही कर लेती है हालांकि इस मशीन की कीमत इसकी उत्पादन क्षमता के आधार पर अलग अलग हो सकती है। लेकिन इस व्यवसाय में उपयोग में लायी जाने वाली सेमी आटोमेटिक मशीन के कुछ प्रमुख उपकरणों की लिस्ट निम्नवत है।

  • बैच मिक्सर
  • मक्रोनी और पास्ता मिक्सर
  • स्टेटिक ड्रायर

इनके अलावा उद्यमी को फर्नीचर जैसे टेबल, कुर्सी, वर्कस्टेशन एवं कंप्यूटर, प्रिंटर इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है। मशीनरी एवं उपकरण खरीदने के लिए उद्यमी चाहे तो किसी लोकल सप्लायर से संपर्क कर सकता है या फिर ऑनलाइन सप्लायर से संपर्क करके विभिन्न सप्लायर से कोटेशन मंगाकर उनका तुलनात्मक विश्लेषण करने के पश्चात बेस्ट सप्लायर चुन सकता है। 

5. कच्चा माल एवं कर्मचारी

साधारण परिस्थितयों में Pasta Manufacturing Business करने में (Semolina) सूजी, जिसे दुरुम गेहूं का आटा भी कह सकते हैं, और दूध के ठोस को इस्तेमाल में लाया जाता है। जिसे उद्यमी जहाँ व्यवसाय कर रहा हो, उस एरिया के स्थानीय बाजार से आसानी से उचित दामों में खरीद सकता है। इसके अलावा उद्यमी को पैकेजिंग सामग्री की भी आवश्यकता होती है। जहाँ तक कर्मचारियों की बात है उद्यमी को कम से कम दो कर्मचारी तो नियुक्त करने ही होंगे इनमें एक कुशल एवं एक अकुशल श्रमिक शामिल है। यदि उद्यमी को लगता है की उसके व्यवसाय के लिए केवल दो कर्मचारी पर्याप्त नहीं है तो वह अपनी व्यवसायिक आवश्यकता के अनुसार और भी कर्मचारी नियुक्त कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे शुरुआती दौर में वह यह कदम तब उठाये जब यह बहुत जरुरी हो।     

6. पास्ता बनाने का निर्माण कार्य (Start Pasta Manufacturing Process)

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की आटोमेटिक पास्ता मेकिंग मशीन के माध्यम से पास्ता का निर्माण करना बेहद सरल है। ये आटोमेटिक मशीन अलग अलग क्षमता में आती हैं और इनकी क्षमता के मुताबिक ही इनकी कीमतों में भी अंतर साफ़ दिखाई दे सकता है। Pasta Manufacturing Process में सबसे पहले मशीन की क्षमता के मुताबिक दुरुम गेहूं का आटा, रवा या सूजी मशीन के हॉपर में कच्चे माल के तौर पर डाली जाती है। उसके बाद स्क्रू कन्वेयर की मदद से रवा को ऑनलाइन मिक्सर में हिलाया जाता है और उसके बाद इसमें पानी मिलाया जाता है। तापमान को उसी के अनुकूल मेन्टेन करके इसे 15-20 मिनट तक मिक्स किया जाता है । जब यह मिक्स हो जाता है तो इसे माइल्ड स्टील से निर्मित पास्ता एक्सट्रूडर में डाल दिया जाता है। इसके बाद विभिन्न आकार के लिए विभिन्न मोल्ड का इस्तेमाल किया जाता है और फिर इसे विर्बो फीडर में डाल दिया जाता है। Pasta Manufacturing Process में इसके बाद पास्ता को सुखाने के लिए स्टेटिक ड्रायर का इस्तेमाल किया जाता है और जब पास्ता सूख जाता है तो इसे पैकिंग करके बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता है। 

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |