पॉलिटेक्निक क्या है? कैसे करें? एवं इसके फायदे। Polytechnic Course Information.

Polytechnic Course का नाम वर्तमान में लगभग हर एक युवा ने और नवीं, दसवीं या इससे ऊपर की कक्षा में अध्यन कर रहे विद्यार्थियों ने भी अवश्य सुना होगा । वह इसलिए क्योंकि जैसे ही विद्यार्थी नवीं कक्षा पास हो जाता है उसके परिवार में एवं यार दोस्तों के बीच आगे कैरियर को लेकर बातें होनी शुरू हो जाती हैं। हालांकि वर्तमान में अपने बच्चों की शिक्षा पर निवेश करने वाले माता- पिता एवं होनहार बच्चों के लिए और भी बहुत सारे विकल्प हैं लेकिन जब इन कैरियर विकल्पों पर बात हो रही होती है तो आम तौर Polytechnic Course का नाम भी अवश्य आता है। और पहली बार जब कोई बच्चा अपने माता पिता, यार दोस्तों से पॉलिटेक्निक का नाम सुनता है तो उसके मन में यही प्रश्न आता है की यह होता क्या है और संभवत: वह इन्टरनेट पर What is Polytechnic Course in Hindi नामक कीवर्ड के माध्यम से सर्च करके इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करता है। इसके अलावा ऐसे विद्यार्थी जो दसवीं या बारहवीं के बाद किसी कारणवश अपनी पढाई को आगे जारी रखने में असमर्थ होते हैं। वे भी Polytechnic Course के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं । क्योंकि यह भी एक बेहद प्रचलित जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी जैसे यह कोर्स होता क्या है? इस कोर्स को करने के लिए क्या योग्यता चाहिए होती है?, इसकी अवधि क्या होती है?, और इसे कैसे करें? इत्यादि सभी जानकारी देने का प्रयत्न करेंगे।

पॉलिटेक्निक क्या है (What is Polytechnic in Hind):

Polytechnic Course की बात करें तो भारत में यह एक बेहद ही प्रचलित डिप्लोमा कोर्स होता है जिसे कोई भी विद्यार्थी दसवीं या बारहवीं परीक्षा पास करने के बाद ज्वाइन कर सकता है। पॉलिटेक्निक के माध्यम से कोई भी विद्यार्थी इंजीनियरिंग फील्ड में डिप्लोमा प्राप्त कर सकता है। आम तौर पर इस पाठ्यक्रम की अवधि तीन सालों की होती है और जो डिप्लोमाधारक विद्यार्थी इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं वे इस कोर्स के बाद सीधे बी. टेक. द्वितीय वर्ष में एडमिशन ले सकते हैं। यद्यपि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन के लिए विद्यार्थी को कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (CET) अच्छे रैंक के साथ क्लियर करने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन हो सकता है की कुछ प्राइवेट पॉलिटेक्निक  कॉलेजों में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करने की आवश्यकता नहीं हो। लेकिन ध्यान रहे सरकारी कॉलेजों की तुलना में प्राइवेट कॉलेजों में अधिक खर्चा आ सकता है। आम तौर पर एक Polytechnic Course या पॉलिटेक्निक शिक्षा विद्यार्थी को गतिशील एवं प्रगतिशील बनने एवं सीखने का अनुभव प्रदान करती है। पॉलिटेक्निक कॉलेज एक ही छत के नीचे कई व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की पेशकश करने के लिए समर्पित हैं। Polytechnic Course विद्यार्थियों को किसी प्रतिष्ठित कम्पनी में नौकरी पाने और अपना खुद का बिजनेस शुरू करने में मदद करते हैं ।

पॉलिटेक्निक कोर्स के लिए योग्यता (Polytechnic Course Eligibility):

  • जहाँ तक Polytechnic Course के लिए शैक्षणिक योग्यता की बात है इसके लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता के तौर पर विद्यार्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से दसवीं पास होना अनिवार्य है। इसके अलावा बारहवीं पास विद्यार्थी भी पॉलिटेक्निक कोर्स करने के लिए पात्र हैं।
  • कहने का आशय यह है की सिर्फ दसवीं या बारहवीं पास विद्यार्थी पॉलिटेक्निक कोर्स कर सकते हैं।
  • यद्यपि अभी तक न्यूनतम अंकों का निर्धारण इसके लिए नहीं किया गया है, लेकिन विद्यार्थी को अधिक से अधिक अंक लाने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी विषय होना भी कैरियर की दृष्टी से अच्छा होता है।  

पॉलिटेक्निक कोर्स के फायदे (Benefits of Polytechnic Course in Hindi):

वर्तमान में देखा जाय तो इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट डिग्री प्राप्त करने के दो तरीके हैं पहला तरीका यह है की बारहवीं करो, और बारहवीं के बाद चार साल का डिग्री कोर्स करके इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त कर लो। दूसरा तरीका यह है की दसवीं के बाद Polytechnic Course ज्वाइन करो, और उसके बाद तीन साल का डिग्री कार्यक्रम पूरा करो। इन दोनों स्थितियों में विद्यार्थी को छह साल ही लगेंगे लेकिन पॉलिटेक्निक के बाद इंजीनियरिंग करने के बहुत सारे फायदे हैं जिनकी लिस्ट निम्नवत है।

  • Polytechnic Course करने के बाद इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी को एक साल कम देना पड़ता है अर्थात वह तीन साल का अध्यन करके ही डिग्री प्राप्त कर सकता है।
  • पॉलिटेक्निक के बाद इंजीनियरिंग करना सस्ता पड़ता है क्योंकि उसमें से एक साल का खर्चा कम हो जाता है।
  • पॉलिटेक्निक कोर्स 30-35 हजार में आसानी से किया जा सकता है और सरकारी कॉलेजों में तो इससे भी कम में किया जा सकता है इसलिए यह एक सस्ता जॉब ओरिएंटेड पाठ्यक्रम है।
  • यह पाठ्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए भी फायदेमंद है जो अपनी पढाई को आगे जारी रखने में असमर्थ हैं क्योंकि इस तरह का कोर्स करके विद्यार्थी नौकरी भी कर सकता है।
  • आम तौर पर अधिकतर जॉब ओरिएंटेड कोर्स बारहवीं के बाद ज्वाइन किये जा सकते हैं लेकिन इस कोर्स की खासियत यह है की इसे दसवीं पास करके भी ज्वाइन किया जा सकता है।

पॉलिटेक्निक कोर्स (Polytechnic Courses in Hindi):

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • आईटी इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • इंस्ट्रूमेंट एंड कण्ट्रोल (IC) इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • इलेक्ट्रॉनिक एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • माइनिंग इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • जेनेटिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • प्लास्टिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • फूड प्रोसेसिंग एंड टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा
  • एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • पॉवर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • मोटरस्पोर्ट इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा
  • एन्विरोमेंटल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा

पॉलिटेक्निक कोर्स कैसे करें एडमिशन लेने की जानकारी (How to do Polytechnic Course In India)  

Polytechnic Course भारत में बहुत ही ज्यादा प्रचलित एक जॉब ओरिएंटेड कोर्स है जिसे हर वर्ग का विद्यार्थी आसानी से ज्वाइन कर सकता है। यही कारण है की अक्सर विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक इसी उधेड़बुन में लगे रहते हैं की वे कैसे पॉलिटेक्निक कर सकते हैं। यानिकी उन्हें पॉलिटेक्निक करने के लिए क्या क्या करना पड़ सकता है? । तो आइये इस लेख में आगे हम इन्ही सब बातों पर प्रकाश डालने की कोशिश करते हैं।

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1. सर्वप्रथम दसवीं पास करें:

चूँकि Polytechnic Course के लिए कम से कम शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास निर्धारित है इसलिए पॉलिटेक्निक करने के इच्छुक विद्यार्थी को सर्वप्रथम दसवीं की परीक्षा पास करनी होगी। यद्यपि पॉलिटेक्निक में हर क्षेत्र से जुड़े हुए कोर्स उपलब्ध हैं इसलिए वर्तमान में किसी प्रकार के कोई अनिवार्य विषय एवं कम से कम अंकों की बाध्यता नहीं है। लेकिन एक ऐसा विद्यार्थी जिसके गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय हों उसके पास अधिक विकल्प मौजूद हो सकते हैं। पॉलिटेक्निक बारहवीं एवं आईटीआई करने के बाद भी ज्वाइन किया जा सकता है लेकिन दसवीं के बाद ज्वाइन करना समय की दृष्टी से बेहतर होता है।     

2. एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करें (Clear Entrance exam for Polytechnic Course):

यदि विद्यार्थी किसी सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में एडमिशन लेने की सोच रहा है तो उसे कॉमन एंट्रेंस एग्जाम से होकर गुजरना होगा। कहने का आशय यह है की विख्यात सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए विद्यार्थी को एंट्रेंस एग्जाम में अच्छी रैंक लानी होगी । इसके अलावा कुछ प्राइवेट कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम के माध्यम से एडमिशन देते हैं तो कुछ पहले आओ पहले पाओ (First Come, First Serve) की तर्ज पर एडमिशन देते हैं।   

3. पॉलिटेक्निक काउन्सलिंग एवं कॉलेज का चयन :

किसी सरकारी विख्यात पॉलिटेक्निक कॉलेज से Polytechnic Course करने के इच्छुक विद्यार्थी को एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने के बाद काउन्सलिंग के लिए अप्लाई करना होता है। अधिकतर राज्यों में काउन्सलिंग के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है काउंसलिंग के लिए अप्लाई करते वक्त विद्यार्थी को अपना पॉलिटेक्निक कॉलेज चयन करना होता है । लेकिन किसी उम्मीदवार को कौन सा कॉलेज मिलेगा यह सब उसकी एंट्रेंस एग्जाम में आई रैंक पर निर्भर करता है। लेकिन प्राइवेट पॉलिटेक्निक कॉलेज से पॉलिटेक्निक करने के इच्छुक विद्यार्थी को हो सकता है की यह सब कुछ करने की आवश्यकता न हो ।  

4. पॉलिटेक्निक कोर्स पूरा करें (Complete your Polytechnic Course):

कॉलेज का चयन कर लेने के बाद जिस कॉलेज में आपका चयन होता है उसी कॉलेज में आपको लगभग तीन साल कड़ी मेहनत करके पढाई करनी होती है। कहने का अभिप्राय यह है की जिस कॉलेज में विद्यार्थी का चयन होता है अब आगे उसमें एडमिशन लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। एडमिशन लेने के बाद अगले तीन सालों तक विद्यार्थी को वहीँ पढना होता है। और अगले तीन सालों तक कड़ी मेहनत करके यहाँ से न सिर्फ अध्यन  कर बल्कि व्यवहारिक तौर पर कुछ सीखकर बाहर निकलना होता है।    

निर्णय लें जॉब या डिग्री:

जब विद्यार्थी Polytechnic Course पूरा कर लेता है तो उसके बाद उसके पास दो विकल्प बचते हैं पहला यह की वह चाहे तो अपनी पढाई जारी रख सकता है और किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में डिग्री लेने के लिए एडमिशन ले सकता है। और दूसरा यह की यदि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक न हो तो वह नौकरी के लिए अप्लाई कर सकता है और नौकरी के साथ साथ अपनी पढाई भी जारी रख सकता है। इसलिए Polytechnic Course कर लेने के बाद विद्यार्थी को इस बात का निर्णय लेना होता है की उसे अपनी पढाई जारी रखनी है या जितना ज्ञान उसने अर्जित किया है उसी के भरोसे कमाई शुरू करनी है।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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