Sukanya Samriddhi Yojana भारत सरकार द्वारा कन्याओ के लिए, संचालित एक Yojana है। इस Yojana में 10 साल तक की कन्याओ का खाता खोला जायेगा । खाताधारक को उच्च ब्याज दर, और आयकर में आयकर अधिनियम 80 (ग) के तहत रियायत दी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य कन्याओ के कल्याण को बढ़ावा देना है। योजना की शुरुआत 2 दिसम्बर 2014 को माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी।

Sukanya Samriddhi  Yojana
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सुकन्या समृधि योजना की विशेषताएं (Features of Sukanya Samriddhi Yojana) :

  • लाभार्थी अर्थात खाताधारक को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 9.2% की दर से ब्याज दिया जायेगा ।
  • Sukanya Samriddhi Yojana के तहत लाभार्थी कम से कम 1000, और अधिक से अधिक 150000 रूपये प्रति वर्ष जमा कर सकता है।
  • लड़की के माता पिता या कानूनी अभिभावक कन्या के नाम से खाता खुलवाने के लिए अधिकृत हैं।
  • एक अभिभावक एक कन्या के नाम से केवल एक ही खाता खुलवा सकता है। और एक अभिभावक अधिक से अधिक अपनी दो लड़कियों के अलग अलग नाम से खाता खुलवा सकता है। अर्थात जिस व्यक्ति की तीन कन्याये हैं, वह अपनी दो ही कन्याओ के नाम से खाता खुलवा सकता है।
  • खाता केवल 10 वर्ष तक उम्र वाली कन्याओ के नाम से खोला जायेगा। यानिकि 0 साल से 10 सालो के बीच आप कभी भी अपनी कन्या के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवा सकते हैं।
  • यदि एक साल में कम से कम 1 हज़ार रूपये सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में जमा नहीं किये गए तो अगली बार 50 रूपये दंड के रूप में भी भरना होगा।
  • यदि कन्या 18 साल उम्र की हो जाती है | तो 50% पैसे की निकासी आंशिक निकासी के तौर पर संभावित है।
  • कन्या को 21 साल हो जाने पर खाता बंद कर दिया जायेगा।
  • Sukanya Samriddhi Yojana में यदि किसी कारणवश कन्या को 21 साल होने के बाद अर्थात योजना की परिपक्वता के बाद खाता बंद नहीं होता, तो जो पैसा खाते में पड़ा होगा उसमे योजना के अंतर्गत दी गई ब्याज दर के आधार पर ब्याज दिया जायेगा।
  • समय से पूर्व अर्थात योजना के परिपूर्ण होने से पहले पैसे निकालने के लिए कन्या की उम्र 18 साल, और शादी एक कारण हो सकती है।

Sukanya Samriddhi Yojana Khata Kholne Ke liye Bank List

  • बैंक ऑफ़ बड़ोदा।
  • स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया।
  • बैंक ऑफ़ इंडिया।
  • पंजाब नेशनल बैंक।
  • सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया ।
  • आई डी बी आई बैंक।
  • इंडिया बैंक।
  • देना बैंक।
  • कारपोरेशन बैंक।
  • यूनाइटेड बैंक ऑफ़ इंडिया।
  • अलाहाबाद बैंक।
  • आंध्रा बैंक।
  • यूको बैंक।
  • केनरा बैंक।
  • पोस्ट ऑफिस।
  • आइसीआइसीआइ बैंक। आप आइसीआइसीआइ बैंक के लिए सुकन्या समृधि योजना फॉर्म का प्रिंट आउट यहाँ से ले सकते हैं |

खाता खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents to open Sukanya Samriddhi Account):

Sukanya Samriddhi Yojana के अंतर्गत खाता खुलवाने के लिए वैसे तो कोई ढेर सारे या तरह तरह के दस्तावेजों की जरुरत नहीं है। लेकिन फिर भी भारत सरकार ने योजना का लाभ सही कन्या तक पहुँचाने हेतु, कुछ आवश्यक कागज़ातों का प्रावधान रखा है । जो निम्न हैं ।

  • कन्या के जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी । 

आपकी कन्या का जन्म प्रमाण पत्र यदि आपकी कन्या का जन्म अस्पताल में हुआ है। तो अस्पताल द्वारा दिया गया होगा। लेकिन ग्रामीण इलाको में यह जन्म प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत अधिकारी या फिर तहसील से भी बनवाया जाता है।

  • कन्या के अभिभावक का पता परिचय का साक्ष्य ।

जहाँ तक अड्रेस प्रूफ की बात है यह कुछ भी हो सकता है जैसे वोटर आई डी कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस,बिजली बिल, टेलीफोन बिल, राशन कार्ड इत्यादि।

  • कन्या के अभिभावक का पहचान प्रमाण पत्र । 

पहचान पत्र से हमारा आशय पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर कार्ड इत्यादि से है ।

सुकन्या समृद्धि खाते के लाभ (Advantages of Sukanya Smariddhi Account):

  1. इस योजना के तहत खुलवाये गए खाते को आप भारतवर्ष में कही भी ट्रांसफर करवा सकते है। अर्थात यदि आज आप और आप के बच्चे किसी और शहर में हैं। और भविष्य में किसी कारणवश आपको कोई और शहर चुनना पड़ता है। तो आप इस खाते को ट्रांसफर करवा सकते है।
  2. इस योजना के तहत दिए जाने वाले ब्याज की दर 9.2% है। जो किसी अन्य योजना के लिए अभी तक नहीं है।
  3. इस योजना के अंतर्गत जमा हुए पैसोमें आयकर अधिनियम 1961 80 (ग) के तहत आयकर में छूट का प्रावधान है। अर्थात भारत सरकार ने इस योजना से जुड़ने वाले खाताधारको/लाभार्थियों को आयकर में रियायत का प्रावधान रखा हुआ है।
  4. योजना के परिपूर्ण होने पर सारा का सारा पैसा कन्या को दिया जायेगा।
  5. Sukanya Samriddhi Yojana के तहत खुलने वाले खातों में पैसा जमा करने की कोई निश्चित मात्रा तय नहीं की गई है। इसमें व्यक्ति 100 रूपये हर महीने भरकर भी शुरुआत कर सकता है।
  6. यदि कोई कन्या चाहती है की वह अपने खाते में खुद ही पैसे भरेगी, तो वह ऐसा कर सकती है, जिससे उसमे आत्मनिर्भरता वाली प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिले।
  7. यदि किसी लाभार्थी का खाता 21 साल में अर्थात योजना के परिपूर्ण होने के बाद भी खाता बंद नहीं होता। तो उसको उसके खाते में जमा पैसो पर वही ब्याज मिलेगा जो पहले मिल रहा था ।
  8. शादी या पढाई हेतु योजना के परिपूर्ण होने से पहले ही खाते में जमा राशि की 50% राशि 18 साल पूरा होने के बाद निकाली जा सकती है।
  9. Sukanya Samriddhi Yojana में यदि किसी लाभार्थी की योजना परिपूर्ण होने से पहले मृत्यु हो जाती है। तो उसके अभिभावक खाते को बंद करके पैसे निकाल सकते हैं। लेकिन इसके लिए प्रमाण पत्र आवश्यक है ।

सुकन्या समृद्धि खाते सम्बन्धी सवाल जवाब (Q&A on Sukanya Samriddhi Account in Hindi).

  • सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता कौन खुलवा सकता है?

उत्तर: माता पिता या कानूनी अभिभावक।

  • मेरी तीन लडकिया हैं, क्या में तीनो का खाता इस योजना के अंतर्गत खुलवा सकता हूँ?

उत्तर : नहीं, आप अपनी दो लड़कियों का अलग अलग खाता इस योजना के अंतर्गत खुलवा सकते हैं।

  • मैं खाते में पैसे कैसे जमा कर सकता हूँ?

उत्तर : आप Cash, चेक या फिर डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा खाते में पैसे जमा कर सकते हैं।

  • यदि कन्या की शादी 18 वर्ष में हो जाती है तो क्या कन्या अपने खाते को चालू स्तिथि में अर्थात अपने ससुराल से अपने खाते में पैसे जमा कर सकती है?
    उत्तर : नहीं, वह शादी के बाद अपने खाते में पैसे जमा नहीं कर पायेगी। क्योकि इस योजना में भारत सरकार इसकी अनुमति नहीं देती। लेकिन वह चाहे तो अपनी उम्र का प्रमाणपत्र जो यह सिद्ध करेगा की कन्या को 18 साल पूरे हो चुके हैं। देकर अपना पैसा निकलवा सकती हैं । इसके अलावा यदि खाते के परिपक्व होने तक पैसा नहीं निकाला जाता है तो उस पर ब्याज की दर वही रहेगी जो पहले था।
  • Sukanya Samriddhi Yojana के अंतर्गत खाता खोलने पर बैंक या पोस्ट ऑफिस द्वारा खाताधारक को क्या क्या दस्तावेज जारी किये जायेंगे?

उत्तर : इस योजना के अंतर्गत खाता खोलने पर खाताधारक को, एक पासबुक जिसमे कन्या की जन्मतिथि, नाम और जमा की गई रकम का ब्यौरा होगा। पासबुक को खाते में रकम जमा करते वक़्त, ब्याज का हिसाब किताब करते वक़्त, या फिर खाते की परिपक्वता के बाद खाता बंद करते वक़्त बैंक या पोस्ट ऑफिस में प्रस्तुत करना जरुरी है।

वर्तमान समय में कन्याओं की स्थिति  :

भारतवर्ष की अधिकतर आबादी ग्रामीण इलाको में निवास करती है। और शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाको में कन्याओ की स्तिथि दयनीय है। भारतवर्ष में अभी भी लड़की और लड़के में भेद किया जाता है। इस भेद का लड़कियां बचपन से नहीं बल्कि जन्म होने से पहले से लेके बुढ़ापे तक शिकार होती हैं। डॉक्टर के मुहं से लड़की शब्द सुनते ही घरवाले उस नवजात को कोख में ही मौत के घाट उतारने की योजना बना रहे होते हैं। इसी के चलते तो अपने देश में प्रति 1000 पुरुषो के मुकाबले महिलाओ की संख्या सिर्फ 944 है। इस अनुपात में भी पहले के मुकाबले थोडा सुधार हुआ है, 2012 से पहले स्तिथि और खतरनाक थी। और जैसा की मैं उपर्युक्त वाक्य में बता चूका हूँ। यह भेद आपको शहरो के मुकाबले ग्रामीण इलाको में ज्यादा देखने को मिलेगा। माँ बाप लड़के की हर जिद को पूरी करने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब कभी वह कन्या जिद पकडती है, तो उसको डांट- डपट के चुप करा दिया जाता है। लड़के को सिर्फ पढाई करने के लिए छोड़ दिया जाता है। लड़की को पढाई के अलावा घर के और दस काम बताये जाते हैं। कुछ लडकियों को स्कूल भेजा ही नहीं जाता, जिनको भेजा जाता है उनको इंटरमीडिएट के बाद अपनी पढाई समाप्त करनी पड़ जाती है। क्योकि सभी का नहीं, लेकिन अधिकतर ग्रामीण समाज का मानना है, की लडकियों को ज्यादा पढ़ा लिखा के क्या फायदा जाना तो उनको पराया घर ही है। बहुत सारे उदहारण हैं दोस्तों मेरे से अधिक आप जानते होंगे, इन सब समस्याओ को कुछ हद तक कम करने और कन्याओ के कल्याण हेतु भारत सरकार ने Sukanya Samriddhi Yojana की शुरुआत की है।

चूंकि यह योजना एक सरकारी योजना है। इसलिए आपके लिए Sukanya Samriddhi Yojana का  विवरण नेशनल सेविंग इंस्टिट्यूट की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।

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6 Comments

  1. Avatar for Ajay Gupta Ajay Gupta
    June 4, 2019
    • Avatar for Mahendra Rawat Mahendra Rawat
      June 5, 2019
  2. Avatar for Nitish Kumar Nitish Kumar
    December 28, 2018
  3. Avatar for sneha sneha
    February 6, 2018
  4. Avatar for swaroopaingh rajpurohit swaroopaingh rajpurohit
    June 23, 2016
    • Avatar for Megha Megha
      October 17, 2016

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