किन किन के लिए जरुरी है जीएसटी रजिस्ट्रेशन.

किन किन के लिए जरुरी है जीएसटी रजिस्ट्रेशन.

जीएसटी रजिस्ट्रेशन समबन्धि एक महत्वपूर्ण प्रश्न शायद सभी छोटे बड़े व्यापारियों या उद्यमियों के अंतर्मन में आता होगा | वह यह की जीएसटी रजिस्ट्रेशन किन किन के लिए जरुरी अर्थात अनिवार्य है |  हालांकि इस लेख से पहले भी हम उद्यमियों की सरलता एवं सीखने की दृष्टी से ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन एवं जीएसटी की आधारभूत जानकारी के बारे में लिख चुके हैं | लेकिन चूँकि यह प्रश्न बेहद महत्वपूर्ण है इसलिए इस का जवाब इस लेख के माध्यम से हम देने की कोशिश करेंगे | यद्यपि वर्तमान में जो व्यापारी हैं वो GST अधिनियम के इस नियम से भली भाँती वाकिफ हैं की उन्हें जीएसटी पंजीकरण कराना है की नहीं, लेकिन हमारे द्वारा दी जाने वाली यह जानकारी ‘’जीएसटी रजिस्ट्रेशन किन किन के लिए जरुरी है’’ नए उद्यमियों के बहुत काम आ सकती है | तो आइये सर्वप्रथम यह जानने की कोशिश करते हैं की GST कौन कौन से बिज़नेस एवं व्यक्तियों पर लागू होता है |

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जीएसटी सभी व्यक्तियों एवं व्यवसायों पर लागू होगा:

जहाँ तक जीएसटी के अधिकार क्षेत्र की बात है यह देश में किये जाने वाले हर प्रकार के व्यवसाय चाहे वह सेवा क्षेत्र से सम्बंधित हो या निर्माण क्षेत्र से कुछ नियमों के मुताबिक सभी पर लागू होता है | इसके अलावा जीएसटी अधिनियम में व्यक्तियों से अभिप्राय बिज़नेस के सभी अस्तित्व जैसे व्यक्ति, हिन्दू अविभाजित परिवार, कंपनी, फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप, सहकारी सोसाइटी, ट्रस्ट इत्यादि से है | कृषि की कुछ गतिविधियों जैसे फूलों की खेती, बागवानी, रेशम उत्पादन, फसल उत्पादन, घास एवं बगीचे के उत्पादनों पर 0% GST लागू है |

जीएसटी पंजीकरण किन किन के लिए जरुरी है:

अक्सर उद्यमी नया बिज़नेस शुरू करने की सोचता है तो उसके अंतर्मन में यही प्रश्न आता है क्या उसके लिए भी कर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा | तो ऐसे उद्यमियों को हम अपने इस लेख के माध्यम से बताना चाहेंगे की किसी भारतीय के लिए जीएसटी पंजीकरण कराने हेतु पैन कार्ड होना अनिवार्य है | इसके अलावा यदि उद्यमी अनिवासी है तो वह अन्य दस्तावेजों की मदद से भी पंजीकरण करा सकता है | ऐसे उद्यमी जिनका विभिन्न राज्यों में व्यापार फैला हुआ है उन्हें अलग अलग राज्यों के लिए अलग अलग पंजीकरण कराना होगा | जीएसटी पंजीकरण की अनिवार्यता की बात करें तो निम्नलिखित मामलों में जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है |

  • विशेष राज्यों जैसे अरुणांचल प्रदेश, असम, जम्मू एवं कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागलैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड को छोड़कर वह कारोबारी जिसका एक वित्तीय वर्ष में टर्नओवर 20 लाख से अधिक हो उसका जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है |
  • उपर्युक्त दिए गए विशेष राज्यों में वह कारोबारी जिसका एक वित्तीय वर्ष में टर्नओवर 10 लाख से अधिक हो उसका जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है |
  • इसके अलावा ऐसे कारोबारी जो अपने माल या सेवाओं को एक राज्य से दुसरे राज्य में आपूर्ति करते हों को भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य है |
  • ऐसा कराधीन अनिवासी (NRI) व्यक्ति जिसका भारत में व्यापार करने का कोई निश्चित स्थान नहीं है को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है जो की 90 दिनों तक वैध रहता है |
  • ऐसा व्यक्ति जो किसी निश्चित स्थान पर व्यापार नहीं करता है और उसे अचानक कर योग्य व्यक्ति के तौर पर पहचाना या संदर्भित किया जाता है को भी पंजीकरण कराना अनिवार्य है, इस प्रकार का यह पंजीकरण भी लगभग 90 दिनों के लिए वैध माना जाता है |
  • जहाँ माल या सेवाओं की रिसीविंग लेने वाले व्यक्ति को आपूर्तिकर्ता के बजाय कर का भुगतान करना पड़ता है उसे रिवर्स प्रभारी कहा जाता है ऐसे व्यक्ति को भी जीएसटी पंजीकरण कराना अनिवार्य है |
  • ऐसे व्यक्ति जिन्हें वैधानिक रूप से कर की कटौती करना आवश्यक है |
  • ऐसे व्यक्ति जो अन्य रजिस्टर कराधीन व्यक्तियों की ओर से वस्तुओं/ सेवाओं की आपूर्ति करते हैं को भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है |
  • ऐसे व्यक्ति जो इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ऑपरेटर के माध्यम से वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति करते हैं |
  • डिस्ट्रीब्यूटर या इनपुट सेवा वितरक का भी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है |
  • सभी इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ऑपरेटर
  • ऐसे एग्रीगेटर जो अपने ब्रांड ना, एवं ट्रेड नाम से सेवाओं की आपूर्ति करते हों |
  • केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किये जा सकने वाले व्यक्ति |

पंजीकरण न कराने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान:

जीएसटी अधिनियम में विभिन्न क्रियाकलापों को अपराध के अन्दर रखा गया है इसमें यदि उपर्युक्त दर्शायी गई स्थिति होने पर भी यदि व्यक्ति जीएसटी में पंजीकरण नहीं कराता है | तो उस व्यक्ति के इस रवैये को जीएसटी कानून के तहत अपराध के तौर पर आँका जायेगा | और इस अपराध के लिए सम्बंधित व्यक्ति को देय कर राशि का 50% (जो कम से कम 10000 रूपये होगा) का प्रावधान किया गया है, जान बुझकर अंजान बनने वालों पर 100% जुर्माने तक का प्रावधान है |

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  1. By Shakeel ahmad

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