पशु प्रशिक्षक कैसे बनें? How to Become an Animal Trainer in India in Hindi.

Animal Trainer यानिकी जानवरों को प्रशिक्षित करने का काम उन लोगों के लिए कमाई करने का एक माध्यम बन सकता है जो वास्तव में जानवरों से प्यार करते हैं । अर्थात ऐसे लोग जो जानवरों को उनके द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं के आधार पर समझने की कोशिश करते हैं और उन्हें उनके साथ वक्त बिताना रोमांच से भर देता है। ऐसे लोग पशु प्रशिक्षक बनने के योग्य होते हैं और वे इस तरह का कार्य करके अपनी कमाई कर सकते हैं। Animal Training की हम यदि बात करें तो इससे हमारा तात्पर्य जानवरों को किसी विशिष्ट परिस्थितियों के लिए कुछ प्रतिक्रियाएं सीखाने से है। जानवरों को कोई भी प्रतिक्रिया सिखाना बिलकुल भी आसान काम नहीं है इसलिए इसे एक चुनौतीपूर्ण एवं जटिल क्षेत्र कहा जा सकता है। क्योंकि ऐसा व्यक्ति जो Animal Trainer बनना चाह रहा हो उसे विभिन्न जानवरों जैसे कुत्ता, बिल्ली, घोड़े, बन्दर, तोता इत्यादि पशुओं को सुरक्षा एवं मनोरंजन के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इन्हें सिखाने एवं व्यायाम कराने की सारी प्रतिक्रियाएं सीखनी होती हैं। और जब व्यक्ति यह सब कुछ सीख जाता है तो वह उसके बाद पशुओं को विभिन्न उद्देश्यों हेतु प्रशिक्षण देकर अपनी कमाई शुरू कर सकता है। इसलिए इससे पहले की हम यह जानें की भारत में एक पशु प्रशिक्षक कैसे बनें? पहले यह जान लेते हैं की ये होते कौन हैं।

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पशु प्रशिक्षक कौन होते हैं? (Who are Animal Trainer):  

Animal Trainer प्रशिक्षित प्रशिक्षक होते हैं जो विभिन्न प्रकार के जानवरों को पढ़ाने, सिखाने के लिए भिन्न भिन्न तकनीकें अपनाते हैं। ये ऐसे प्रशिक्षक होते हैं जो जानवरों को मानव संपर्क के आदी होने के लिए तैयार करते हैं और उन्हें विशेष स्थितियों में विशेष जवाब देना सीखाते हैं। Animal Trainer जानवरों को सुरक्षा, आज्ञाकारिता, मनोरंजन, रेसिंग जैसे विशिष्ट कार्यों के लिए प्रशिक्षित करते हैं और विकलांग लोगों की सहायता करने के लिए भी प्रशिक्षित करते हैं। जहाँ तक Animal Training नामक इस कैरियर क्षेत्र की बात है यह व्यापक हो सकता है जिसमें व्यक्ति को विभिन्न जानवरों जैसे कुत्तों, घोड़ों, हाथियों, समुद्री स्तनधारियों, पक्षियों, बिल्लियों, बाघों, भालुओं, शेरों, बंदरों इत्यादि के साथ काम करना पड़ सकता है। किसी जानवर द्वारा प्राप्त की जाने वाली ट्रेनिंग का प्रकार इस्तेमाल में लायी गई प्रशिक्षण पद्यति एवं उसके उद्देश्य के आधार पर अलग अलग हो सकते हैं। इसलिए कोई भी व्यक्ति जो Animal Trainer बनना चाहता हो उसे सर्वप्रथम यही तय करना होगा की वह किस प्रकार के जानवरों के साथ काम करना चाहता है।

पशु प्रशिक्षकों का वर्गीकरण (Classification of Animal Trainers):

प्रशिक्षित किये गए जानवरों के प्रकार एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य के आधार पर Animal Trainers को निम्न स्वरूपों में वर्गीकृत किया जा सकता है।

1. पालतू पशु प्रशिक्षक (Pet Animal Trainer):

पालतू पशु प्रशिक्षक आम तौर पर पालतू पशुओं जैसे कुत्ता, बिल्ली, पक्षियों इत्यादि को प्रशिक्षित करने का कार्य करते हैं।

2. सर्विस पशु प्रशिक्षक (Service Animal Trainer):

एक सर्विस Animal Trainer वह व्यक्ति होता है जो कुत्तों को विशेष ट्रेनिंग प्रदान करता है। इस तरह के प्रशिक्षक का काम कुत्तों को उचित बुनियादी शिष्टाचार एवं विशेष आदेशों का पालन करना सिखाना है। आम तौर पर ऐसे प्रशिक्षकों द्वारा कुत्तों को विशेष रूप से पुलिस विभाग में जासूसी कार्यों को निष्पादित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। या फिर ऐसे लोगों की सहायता या सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जो देख नहीं सकते, सुन नहीं सकते, या व्हील चेयर से उठने में असमर्थ हैं।

3. समुद्री स्तनधारी प्रशिक्षक (Marine Mammals Trainers):

इस श्रेणी के ये प्रशिक्षक समुद्री स्तनधारी जैसे व्हेल, डॉलफिन इत्यादि को शो के लिए प्रशिक्षित करते हैं।

4. एक्सोटिक पशु प्रशिक्षक:

इस श्रेणी में आने वाले पशु प्रशिक्षक बड़े एवं खतरनाक जानवरों जैसे शेर, बाघ, भालू इत्यादि को प्रशिक्षित करने का काम करते हैं।

5. घोड़ा प्रशिक्षक (Horse Trainer):

इस श्रेणी में आने वाले Animal trainer का कार्य विभिन्न प्रकार के प्रतिस्पर्धी खेलों के लिए घोड़ों को प्रशिक्षित करने का होता है। इनमें मुख्य रूप से ड्रेसेज, शो जंपिंग एवं घुड़दौड़ इत्यादि शामिल हैं।  

पशु प्रशिक्षक का काम (Work of an Animal Trainer):    

एक Animal Trainer का प्रमुख कार्य जानवरों को उनके द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप किसी प्रदर्शन या प्रतियोगिता के लिए प्रशिक्षित करने का होता है। एक पशु को प्रशिक्षित करने की प्रक्रियाओं में पशु को मानव संपर्क का आदी बनाना, किसी विशिष्ट प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए वोईस कमांड या हाथ के संकेतों का निर्धारण करना और इनके माध्यम से वांछित प्रतिक्रिया प्राप्त करना शामिल है । पशु को प्रशिक्षित करने के लिए पशु प्रशिक्षक आम तौर पर सकारात्मक बलवृद्धि का इस्तेमाल विभिन्न तरीकों से करते हैं। इन तरीकों में खिलोनों का इस्तेमाल, भोजन का इस्तेमाल, रूडडाउन, प्ले इत्यादि पेशकश शामिल हैं। कुछ प्रशिक्षकों द्वारा पशु के प्राकृतिक व्यवहार पर विचार किया जाता है और उसके बाद पशु के व्यवहार में आवश्यकतानुसार बदलाव लाने के लिए इनाम एवं दंड के सिद्धांत का पालन किया जाता है। एक Animal Trainer की यह भी जिम्मेदारी होती है की वह पशुओं के स्वास्थ्य को बनाये रखे और उनके आहार सम्बन्धी आदतों की निगरानी रखे। कभी कभी एक पशु प्रशिक्षक जानवरों के भोजन पानी, नहाना, कीटाणुओं से बचाने के लिए उचित दवाओं का इस्तेमाल करना, उनके पिंजरों को ठीक करना एवं उन्हें व्यायाम कराना इत्यादि काम भी कर सकता है। वे जानवरों के साथ खेलते हैं और इस दौरान पशुओं का स्वास्थ्य खराब होने या उनको चोट आने पर चिकित्सा उपचार एवं परिवहन इत्यादि की व्यवस्था करते हैं। एक पशु प्रशिक्षक का काम अरुचिकर, शारीरिक एवं भावनात्मक स्पर्श मांगने वाला, और कभी कभी बेहद खतरनाक भी हो सकता है। क्योंकि जानवरों के साथ काम करने में हमेशा काटने, खरोंचों एवं अन्य चोटों का खतरा बना रहता है।

पशु प्रशिक्षक बनने के लिए व्यक्तिगत गुणों की आवश्यकता:

एक Animal Trainer बनने के लिए जिस सबसे महत्वपूर्ण एवं मूलभूत कौशल की आवश्यकता होती है वह है की व्यक्ति को जानवरों के साथ काम करना अच्छा लगना चाहिए और उनकी देखभाल एवं धैर्य के लिए जूनून होना चाहिए। उनके पास जानवरों से निपटने के लिए मजबूत कौशल होना अति आवश्यक है और उन्हें जानवरों को पालना एवं उनका सम्मान करना आना चाहिए। इसके अलावा उन्हें जानवरों को दया भाव के साथ हैंडल करना आना चाहिए। जैसा की हम सब जानते हैं की पशु मनुष्य की तरह बोल नहीं सकते इसलिए एक Animal Trainer के पास उचित निर्देश देने का कौशल होना चाहिए और जानवरों की गतिविधियों एवं मनोदशा को समझने की भी कला होनी चाहिए। चूँकि पशु प्रशिक्षकों को अपने व्यवसाय से कमाई करने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यक्तियों से संपर्क करना पड़ सकता है इसलिए उत्कृष्ट संचार कौशल भी आवश्यक है। इस तरह के पेशे के लिए महत्वपूर्ण सोच, निर्णय लेने का कौशल, समय प्रबंधन इत्यादि भी आवश्यक है। और जो समुद्री जानवरों को प्रशिक्षित करने के पेशे में जाना चाहते हैं उन्हें तैराकी एवं डाइविंग तकनीक से अच्छी तरह परिचित होना अनिवार्य है। इन सभी कौशल के अलावा शारीरिक एवं मानसिक सहनशक्ति भी एक Animal Trainer के लिए बहुत आवश्यक है। क्योंकि पशुओं को प्रशिक्षित करने के दौरान उन्हें विभिन्न शारीरिक कार्य जैसे घुटने टेकना, रेंगना, झुकना, जानवरों को रोकना, भारी सामान उठाना इत्यादि करने पड़ सकते हैं। इसलिए यदि आप भी एक Animal Trainer बनना चाहते हैं तो आपको इस पेशे के बारे में सीखना होगा एवं पशु व्यवहार विज्ञान एवं पशु विज्ञान के बारे में आप जितना सीख पाएंगे उतना कम है।

पशु प्रशिक्षक कैसे बनें (How to Become an Animal Trainer):

हालांकि एक Animal Trainer के तौर पर कार्य करने के लिए किसी प्रकार के औपचारिक शैक्षिक योग्यता  की आवश्यकता नहीं है। लेकिन उम्मीदवारों का कम से कम बारहवीं पास या फिर हाई स्कूल पास होना ठीक रहेगा। हालांकि यहाँ पर यह भी स्पष्ट कर देना बेहद जरुरी है की शिक्षा की आवश्यकता इस क्षेत्र में उपलब्ध कामों के आधार पर अलग अलग हो सकती है क्योंकि Animal Training से सम्बंधित बाजार में अनेकों जॉब विद्यमान हैं। जैसे जो लोग समुद्री स्तनधारी जीवों को ट्रेनिंग देने के लिए प्रशिक्षक बनना चाहते हैं। उन्हें जूलॉजी, जीव विज्ञान, समुद्री जीव विज्ञान, पशु विज्ञान या मनोविज्ञान में स्नातक की डिग्री की आवश्यकता हो सकती है। इन विषयों के साथ स्नातक के बाद पशु प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करके एक उम्मीदवार इस तरह की जॉब करने के लिए आवेदन कर सकता है। कुछ भी शैक्षणिक योग्यता होने के बावजूद एक कुशल Animal Trainer बनने के लिए व्यक्ति को किसी अनुभवी प्रशिक्षक या संस्थान से ट्रेनिंग लेने की आवश्यकता होती है। भारत में कई क्लब एवं संगठन पशु प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं स्वैच्छिक प्रमाणीकरण प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करते हैं । इनमें लेक्चर, पढने के असाइनमेंट एवं विभिन्न प्रकार के जानवरों के साथ काम करने के व्यवहारिक अनुभव शामिल होते हैं। इस तरह के ये कार्यक्रम पशु प्रशिक्षकों को अपनी साख बनाने एवं कौशल को बढाने में भी मदद करते हैं। जानवरों के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं वर्कशॉप अलग अलग हो सकती हैं जैसे Dog Training Course में कैनाइन के बुनियादी अध्ययन, जानवरों के सीखने के सिद्धांत, आज्ञाकारिता के सिद्धांत, समस्या सुलझाने के तरीके और सुरक्षा जैसे विषय शामिल होते हैं। कहने का अभिप्राय यह है की किसी अनुभवी ट्रेनर या संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर कोई भी व्यक्ति आसानी से Animal Trainer बन सकता है।

कमाई के विकल्प:

कमाई के विकल्पों की बात करें तो एक Animal Trainer चाहे तो किसी सरकारी या निजी पशु प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षक के तौर पर नौकरी कर सकता है। और चाहे तो खुद का पशु प्रशिक्षण केंद्र खोलकर बिजनेस शुरू कर सकता है। अधिकांश पशु प्रशिक्षक कुत्तों एवं घोड़ों के साथ काम करना पसंद करते हैं लेकिन कुछ प्रशिक्षक समुद्री स्तनधारियों के साथ भी काम करते हैं। चूँकि वर्तमान में महानगरीय क्षेत्रों में कुत्ते पालना एक फैशन सा बन गया है इसलिए Pet Animal Trainer के लिए इन क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर विद्यमान हैं। एक Dog Trainer द्वारा कुत्तों को नए नए गुर सिखाने, शिकार करने, ट्रैक करने, बोले  गए आदेशों या संकेतों का पालन करने, मालिक के जीवन एवं सम्पति की रक्षा करने, लापता व्यक्तियों की खोज करने, ड्रग्स का पता लगाने के बारे में सिखाया जाता है। कुत्तों को पुलिस बल, टेलिविज़न शो, फिल्मों इत्यादि के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता रहा है। इसलिए इन क्षेत्रों से भी एक Animal trainer को काम मिलने की संभावना होती है। पशु प्रशिक्षक की भर्तियाँ विभिन्न स्थानों जैसे केन्नेल्स, पुलिस बल, पशु आश्रयों, चिड़ियाघरों, अस्तबल, एक्वैरियम, प्राणी उद्यान, समुद्री पार्क,  घुड़सवारी क्लब या निजी घरों इत्यादि में निकलती रहती हैं । इसके अलावा पशु चिकित्सक चाहे तो पशु चिकित्सा अस्पतालों या क्लीनिकों, प्रयोगशालाओं, पालतू जानवरों के स्टोर और अनुसंधान सुविधाओं इत्यादि में भी काम कर सकते हैं। हालांकि अधिकतर Animal Trainer नौकरी न करके खुद का व्यापार करते हैं जो उन्हें बॉस फ्री जीवन जीने का आनंद प्राप्त कराता है।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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