एक्वेरियम की दुकान कैसे शुरू करें? How to Start an Aquarium Shop in India.

आदरणीय पाठकगण हो सकता है की आप Aquarium Shop सुनकर थोड़े और उत्सुक हो गए होंगे की आखिर इस तरह का यह बिजनेस है क्या? हालाँकि यदि आपने पहले इसका नाम सुना होगा तो आप जानते ही होंगे की एक्वेरियम की दुकान  से हमारा क्या आशय है । लेकिन यदि आपने पहले इस बारे में नहीं सुना होगा तो आपको इस बारे में जानने की उत्सुकता होगी । और आप अवश्य जानना चाहते होंगे की आखिर इस तरह का यह व्यवसाय है क्या? और इस तरह की दुकान खोलकर उद्यमी अपने ग्राहकों को क्या बेच रहा होता है । यदि आप किसी होटल, ऑफिस या किसी संभ्रांत घर में गए होंगे तो आपने देखा होगा की एक पारदर्शी टैंक में रंग बिरंगी मछलियाँ तैर रही होती हैं। जी हाँ जिस पारदर्शी टैंक के अन्दर मछलियाँ तैर रही होती है उसे ही एक्वेरियम कहा जाता है। और उस व्यक्ति ने इसे किसी Aquarium Shop से ही ख़रीदा हुआ होता है । अब तो आप शायद अच्छी तरह से समझ गए होंगे की आज हम अपने इस लेख के माध्यम से किस बिजनेस के बारे में बात करने वाले हैं। इसलिए हो सकता है की आपको इस व्यवसाय के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ गई हो, चूँकि यह एक आम व्यवसाय नहीं है इसलिए लोगों के मष्तिष्क में इस बिजनेस को लेकर एक नहीं बल्कि अनेकों प्रश्न जैसे लोग एक्वेरियम क्यों खरीदते हैं? उनके जीवन में इसकी उपयोगिता क्या है? किस प्रकार के लोग इसे अधिक खरीदना पसंद करते हैं? इत्यादि आने स्वाभाविक हैं। लेकिन इससे पहले की हम इस बिजनेस की शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में बात करें, आइये सबसे पहले यह जान लेते हैं की इस तरह का यह बिजनेस होता क्या है।

Aquarium shop business plan hindi

एक्वेरियम की दुकान  क्या है? (What is Aquarium Shop in Hindi)

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की एक्वेरियम से अभिप्राय एक ऐसे पारदर्शी टैंक से है जिसमें मछली एवं अन्य जलचर जीवों को रखा जाता है। यही कारण है की आम बोलचाल की भाषा में इसे मछलीघर भी कहा जाता है। इनका इस्तेमाल लोगों द्वारा वास्तु, सजावट एवं तनाव से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है। यही कारण है की इस तरह के ये एक्वेरियम घरों, कार्यालयों, होटलों इत्यादि में इस्तेमाल में लाये जाते हैं। किसी कंपनी के डायरेक्टर, सीईओ के ऑफिस या फिर किसी होटल के रिसेप्शन, घर के ड्राइंग रूम इत्यादि में एक्वेरियम देखे जा सकते हैं। अध्यन तो यहाँ तक दावा करते हैं की किसी एक्वेरियम में मछली को तैरते देखना और क्रियाएं करते देखना तनाव से भी मुक्ति प्रदान करता है। इसलिए जहाँ से लोग एक्वेरियम खरीदते हैं उसे ही Aquarium Shop कहा जाता है।

लोग एक्वेरियम क्यों खरीदते हैं

एक्वेरियम कोई ऐसा सामान तो है नहीं जो मनुष्य को चाहिए ही चाहिए, तो फिर सवाल यह उठता है की आखिर लोग इस तरह का सामान खरीदते क्यों हैं?। वैसे यह तो हम बता ही चुके हैं की एक पारदर्शी टैंक में मछली की चाल को देखने से मनुष्य का तनाव दूर होता है। वह इसलिए क्योंकि एक्वेरियम में मछलियाँ सुन्दर, लयबद्ध चालों से आँखों और आंतरिक तंत्र को शांत करती हैं, यही कारण है की मनुष्य को न सिर्फ तनाव से बल्कि तनाव से होने वाली अन्य समस्याओं जैसे रक्तचाप, सिरदर्द इत्यादि से भी मुक्ति मिलती है।  Aquarium Shop में लोग एक्वेरियम के स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए ही इन्हें खरीदने नहीं जाते बल्कि इसके कुछ वास्तु लाभ भी होते हैं। वास्तु की मानें तो घर, ऑफिस, होटल इत्यादि में एक्वेरियम रखने से धन प्राप्ति, धन में बढ़ोत्तरी, और खुशहाली का आगमन होता है। यही कारण है की आप बड़े बड़े व्यापारिक घरानों के कार्यालयों एवं घरों में फिश एक्वेरियम के विशाल टैंकों को देख सकते हैं। इसके अलावा ये जहाँ पर रखे जाते हैं उस स्थान की शोभा भी बढ़ जाती है अर्थात ये उस स्थान विशेष पर रखे हुए अच्छे लगते हैं यही कारण है की लोग इनका इस्तेमाल सजावट के तौर पर भी करते हैं। एक्वेरियम खरीदने के पीछे लोगों की आदतें, शौक इत्यादि भी हो सकते हैं कुछ लोगों को जलचर जीवों को पालना वह भी खास तौर पर मछली पालना अच्छा लगता है, यही कारण है की वे अपने इस शौक की पूर्ति एक्वेरियम खरीदकर कर लेते हैं।

एक्वेरियम की दुकान कैसे शुरू करें? (How to Start Aquarium Shop in India)

हालांकि Aquarium Shop बिजनेस शुरू करने से पहले उद्यमी को इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए पहले से स्थापित किसी ऐसी ही दुकान में काम करना होगा। ध्यान रहे इस व्यवसाय को शुरू करने से पहले इसकी जानकारी एवं अनुभव होना नितांत आवश्यक है, वह इसलिए क्योंकि इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए इस क्षेत्र से सम्बंधित तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है। क्योंकि इसमें मछलियों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है अन्यथा उनकी एक्वेरियम टैंक में ही मृत्यु भी हो सकती है। इसके लिए समय समय पर उन्हें भोजन देना, टैंक में पानी बदलना इत्यादि प्रक्रियाएं करनी होती हैं जिनमें बहुत ही सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद की Aquarium Shop Business शुरू कर सकता है।

1. मार्किट रिसर्च करें (Research Is Necessary):

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की फिश एक्वेरियम का इस्तेमाल वास्तु, स्वास्थ्य लाभ के लिए करते हैं लेकिन सर्वाधिक तौर पर इनका इस्तेमाल सजावटी मछली के तौर पर किया जाता है। ये घर के ड्राइंग रूम, ऑफिस, होटल इत्यादि के रिसेप्शन इत्यादि की शोभा बढाने का भी काम करते हैं। इसलिए सर्वप्रथम Aquarium Shop Business शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति को जहाँ वह इस प्रकार की दुकान खोलना चाहता है वहां पर मार्किट रिसर्च करनी चाहिए। उस एरिया में स्थित पहले से एक्वेरियम शॉप में जाकर यह पता लगाने की कोशिश करे, की कौन या किस आय वर्ग के लोग उनके उत्पाद को अधिक खरीदते हैं? और वे लोगों को इस प्रकार के उत्पाद खरीदने के लिए कैसे आकर्षित करते हैं। इसके अलावा क्या उस एरिया में एक्वेरियम के स्थानीय सप्लायर मौजूद हैं यदि नहीं तो फिर मौजूदा दुकान कहाँ से माल खरीदते हैं। इसके अलावा तकनिकी जानकारी जैसे वे किस तरह से मछलियों का ख्याल रखते हैं इत्यादि के बारे में भी जानकारी जुटाना शुरू करे। और मार्किट रिसर्च के बाद जब उसे लगता हो की वह यह काम कर पायेगा तभी आगे कदम बढ़ाये।         

2. दुकान किराये पर लें (Rent a Shop for Aquarium Shop)

यदि उद्यमी मार्किट रिसर्च के परिणामों के बाद सुनिश्चित हो चूका है तो उसका अगला कदम दुकान किराये पर लेने का होना चाहिए। इस तरह की यह दुकान किसी शॉपिंग माल, किसी प्रसिद्ध स्थानीय बाजार इत्यादि में लेना लाभकारी हो सकता है। इसलिए यदि उद्यमी Aquarium Shop Business शुरू करने के लिए गंभीर है तो उसे किसी ऐसी लोकेशन पर इस तरह की दुकान शुरू करनी चाहिए जहाँ दिन भर अच्छी खासी भीड़ भाड़ होती हो और लोग खरीदारी के लिए उस बाजार में आते रहते हों। दुकान किराये पर लेते वक्त रेंट एग्रीमेंट, लीज एग्रीमेंट जैसी औपचारिकतायें भी अवश्य पूर्ण कर लेनी चाहिए।    

3. दुकान का इंटीरियर का काम कराएँ

जैसा की हम यह बात स्पष्ट कर चुके हैं की एक्वेरियम को लोग सजावट के लिए भी खरीदना पसंद करते हैं यही कारण है की अक्सर बड़े बड़े बिजनेस घरानों से लेकर छोटे मोटे दुकानदार भी अपनी दुकानों में एक्वेरियम रखना पसंद करते हैं। हाँ यह अलग बात है की इनके खर्च करने की क्षमता के अनुरूप ही एक्वेरियम का साइज़ अलग अलग हो सकता है। कहने का आशय यह है की यह सजावट से जुड़ा हुआ बिजनेस होने के कारण उद्यमी को अपनी Aquarium Shop को भी आकर्षक बनाना होगा। इसके लिए उद्यमी को किसी इंटीरियर डिज़ाइनर की मदद लेनी चाहिए वह भी ऐसे डिज़ाइनर की जिसे इस प्रकार की दुकानों को डिजाईन करने का अनुभव हो। क्योंकि जब दुकान में रखे एक्वेरियम लोगों को आकर्षक एवं सुन्दर लगेंगे, तभी वे इन्हें खरीदने में भी रूचि रखेंगे।      

4. लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की जानकारी (License for Aquarium Shop Business):

यद्यपि उद्यमी के पास इस तरह के बिजनेस को शुरू करने के दो तरीके होते हैं पहला यह की वह खुद की दुकान खोले और दूसरा उसके पास फ्रैंचाइज़ी लेने के भी अवसर होते हैं। खुद की दुकान खोलने के लिए उद्यमी अपनी Aquarium Shop को प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर करा सकता है। क्योंकि इसके तहत बिजनेस रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन भी किया जा सकता है और इसे पूर्ण करने के लिए बहुत सारी औपचारिकताओं को पूर्ण करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। बिजनेस रजिस्ट्रेशन के अलावा उद्यमी को टैक्स रजिस्ट्रेशन, बैंक में चालू खाता, एमएसएमई रजिस्ट्रेशन इत्यादि भी अवश्य करा लेने चाहिए इसके अलावा स्थानीय प्राधिकरण से भी इसकी परमिशन एवं लाइसेंस अवश्य ले लेना चाहिए।   

5. सप्लायर का चयन करें

Aquarium Shop Business करने के लिए उद्यमी का अब अगला कदम सप्लायर का चयन करने का होना चाहिए सर्वप्रथम उद्यमी को स्थानीय स्तर पर ही सप्लायर ढूँढने का प्रयास करना चाहिए। वह इसलिए क्योंकि स्थानीय सप्लायर उद्यमी तक हर आवश्यक सामग्री बड़ी तेजी से पहुंचा पाने में सक्षम हो पायेगा । लेकिन यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो उद्यमी ट्रेडइंडिया, इंडियामार्ट जैसी वेबसाइट का इस्तेमाल भी सप्लायर ढूँढने के लिए कर सकता है। एक्वेरियम शॉप के लिए उद्यमी को जिस जिस सामग्री की आवश्यकता हो सकती है उसकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • हुड के साथ टैंक
  • स्टैंड
  • मछली का खाना
  • फ़िल्टरेशन सिस्टम
  • हीटर
  • जाल
  • वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम
  • टैंक की सजावट
  • ऑक्सीजन प्रदाता
  • शैवाल हटाने के लिए टैंक स्क्रबर्स
  • नाइट्रेट, पीएच और अमोनिया के लिए परीक्षण किट
  • साइफन
  • खराब मछली के भोजन के लिए प्रशीतन या फ्रीजर
  • टैंक की बोतलों के लिए अलंकरण सामग्री (बजरी, या सब्सट्रेट)
  • उष्णकटिबंधीय मछली की देखभाल के लिए किताबें    

उपर्युक्त लिस्ट में दोनों श्रेणियों यानिकी बेचने के लिए आवश्यक उपकरण एवं इनकी मेंटेनेंस के लिए आवश्यक प्रमुख उपकरण शामिल हैं।लेकिन उद्यमी को उसके बिजनेस के आकार योजना के अनुसार और भी आइटम की आवश्यकता हो सकती है। 

6. मार्केटिंग करें, बेचें और कमायें

Aquarium Shop Business के माध्यम से उद्यमी जो उत्पाद अपने ग्राहकों को बेचना चाह रहा है वह कोई आम उत्पाद तो है नहीं, की जिसके बारे में लगभग सभी को पता हो। जिनको इस बारे में पता है हो सकता है की उन्हें इसके फायदे भी पता हों और जरुरत पड़ने पर वे इन्हें खरीदने अपने आप भी आ सकते हैं। लेकिन सोचिये एक बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जिन्हें न तो इस उत्पाद के बारे में पता है और न ही इसकी उपयोगिता के बारे में। इसलिए उद्यमी को अपनी दुकान की मार्केटिंग के साथ साथ दुकान द्वारा बेचे जाने वाले उत्पाद के लाभ एवं उपयोगिता भी लोगों के सामने रखने की कोशिश करनी चाहिए। ताकि वे इसके लाभों को जानकर इसे खरीदने की ओर आकर्षित हो सकें। इसके लिए उद्यमी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्केटिंग तकनीक को अपना सकता है।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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