बैंक क्लर्क कैसे बनें? How to become a Bank Clerk in India.

Bank Clerk से तो शायद आप लोग अच्छे तरह से अवगत होंगे क्योंकि वर्तमान में अधिकतर लोगों का किसी न किसी बैंक में बैंक खाता अवश्य है । इसलिए हर आदमी का किसी न किसी बैंक में आना जाना लगा रहता है। इसलिए अक्सर लोग सोचते हैं की जो बैंककर्मी बैंक में कार्य कर रहे होते हैं बैंक ने उन्हें कैसे और किस आधार पर नियुक्त किया होगा। यद्यपि एक बैंक में बहुत सारे पेशेवर व्यक्ति अलग अलग पद प्रतिष्ठा में विद्यमान रहते हैं। लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जो ग्राहकों से लेन देन का कार्य करता है उसे Bank Clerk कहा जाता है। और चूँकि एक बैंक क्लर्क को कैश का काम भी देखना होता है इसलिए इसे क्लर्क कम कैशियर भी कहा जाता है। यद्यपि यदि हम थोड़े समय पहले की बात करें तो बैंक के क्लर्क की इस नौकरी को कम करके आँका जाता था। बल्कि कभी कभी कुछ कम पढ़े लिखे लोगों का यह कहकर मजाक तक उड़ाया जाता था। की तुम्हारी हैसियत बैंक में क्लर्क बनने तक की नहीं है। लेकिन आज जब बेरोजगारी चरम पर है और सार्वजनिक संस्थानों में एक चपरासी तक अच्छी खासी वेतन पा रहा है, तो ऐसे में इस तरह के कैरियर विकल्प यानिकी Bank Clerk  और वह भी खास तौर पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख में इसी विषय पर विस्तृत तौर पर जानने की कोशिश करेंगे की यदि कोई विद्यार्थी बैंक क्लर्क बनना चाहता है तो उसे इसके लिए क्या क्या करना पड़ सकता है।

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बैंक क्लर्क के बारे में (About Bank Clerk):

वर्तमान में Bank Clerk का पद एक बहुत ही गरिमामय पद होता है यह उन उम्मीदवारों को प्रदान किया जाता है जो बैंक क्लर्क की परीक्षा को क्लियर करते हैं। जहाँ तक एक बैंक क्लर्क का सवाल है यह बैंक द्वारा अपने ग्राहकों को प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं के लिए जिम्मेदार होता है। बैंकिंग क्षेत्र को किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और बैंक क्लर्क इस संगठन को खड़ा करने में अपना अहम् योगदान देते हैं। चूंकि एक Bank Clerk की फ्रंट ऑफिस की जॉब होती है यही कारण है की एक बैंक क्लर्क बैंक के सभी मौजूदा ग्राहकों को उत्कृष्ट एवं सर्वश्रेष्ठ ग्राहक सेवा प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाता है।

बैंक क्लर्क परीक्षा के लिए पात्रता (Bank Clerk Exam Eligibility):

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की Bank Clerk बनने के लिए बैंक क्लर्क परीक्षा पास करने की आवश्यकता होती है। इसलिए यहाँ पर नीचे हम इसकी पात्रता सम्बन्धी नियमों के बारे में बात कर रहे हैं जो किसी उम्मीदवार को उसका कैरियर चुनाव में मदद कर सकते हैं।

  • Bank Clerk बनने के लिए जहाँ तक उम्र सीमा की बात है तो उम्मीदवार की कम से कम उम्र 20 वर्ष एवं अधिक से अधिक उम्र 28 साल होनी चाहिए।
  • अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए उम्र से पांच वर्षों की छूट का प्रावधान है। और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए यह तीन वर्ष है। इसके अलावा भूतपूर्व सैनिकों के लिए तीन वर्षों एवं विकलांग भूतपूर्व सैनिकों के लिए आठ वर्षों तक की छूट का प्रावधान है।
  • जहाँ तक शैक्षणिक योग्यता का सवाल है क्लर्क एग्जाम देने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक पास होना आवश्यक है। इसके लिए वैधानिक मार्क सीट पेश की जा सकती है और उम्मीदवार राज्य में बोली जाने वाली भाषा में पारंगत होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार को कंप्यूटर की आधारभूत जानकारी होना भी आवश्यक है।
  • उम्मीदवार भारत का नागरिक होना चाहिए। या एक जनवरी 1962 से पहले नेपाल, भूटान या तिब्बत से आये रिफ्यूजी जो भारत में स्थायी रूप से बसने के लिए आये हों।    

बैंक क्लर्क की भूमिका (Role of Bank Clerk):

Bank Clerk की भूमिकाओं की यदि हम बात करें तो एक बैंक क्लर्क सीधे ग्राहकों की जिम्मेदारियों को संभालने का कार्य करता है। और बैंक द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली सभी प्रकार की सेवाओं से सीधे तौर पर सम्बंधित होता है। बैंक में एक बैंक क्लर्क की विभिन्न भूमिकाएं होती हैं जिनका संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है।

  • बैंक में ग्राहकों की आवश्यकताओं की पूर्ति जैसे ग्राहकों के चेक पास करना, निकासी पर्ची चेक करना इत्यादि।
  • खाता खोलते समय चाहे वह चालू खाता हो या बचत खाता रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा जारी KYC से सम्बंधित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना।
  • ग्राहकों को बैंक के उत्पादों एवं उनकी विशेषताओं के बारे में बताना भी एक Bank Clerk की जिम्मेदारी हो सकती है।
  • ग्राहकों के खातों को अपडेट करना एवं इनका रखरखाव करना।
  • एडवांस इत्यादि मामलों में ग्राहकों को कॉल करके फॉलो अप लेना।   

 बैंक क्लर्क कैसे बनें ( How to become a Bank Clerk Step By Step):

Bank Clerk बनना यानिकी बैंकिंग में कैरियर बनाना भी वर्तमान में कोई आसान बात बिलकुल नहीं है इसलिए इस तरह की नौकरी पाने के लिए भी उम्मीदवार को काफी अध्यन एवं मेहनत की आवश्यकता होती है। ताकि वह इससे सम्बंधित एग्जाम को क्लियर करने में सफल हो पाय। तो आइये जानते हैं इस स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस में की कैसे कोई व्यक्ति बैंक क्लर्क बनकर बैंकिंग क्षेत्र में अपना कैरियर बना सकता है।   

1. किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक पास करें:

हम उपर्युक्त वाक्य में भी स्पष्ट कर चुके हैं की बैंक क्लर्क एग्जाम में हिस्सा लेने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक पास होना अति आवश्यक है। इसलिए यदि आप Bank Clerk बनने की सोच रहे हैं तो आपको अपनी पढाई को बारहवीं के बाद विराम नहीं देना चाहिये। बल्कि किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक पास करने की योजना बनानी चाहिए। बारहवीं के बाद स्नातक पास करने में आपको तीन सालों का समय लग सकता है। इस दौरान उम्मीदवार को सिर्फ स्नातक पास करने की नहीं बल्कि अच्छे प्रतिशत के साथ पास करने की योजना बनानी चाहिए। क्योंकि कुछ एग्जाम में कम से कम प्राप्तांक प्रतिशत भी निर्धारित हो सकता है।      

2. बैंक क्लर्क एग्जाम पास करें:

बैंक क्लर्क एग्जाम आम तौर पर विभिन्न बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड द्वारा आयोजित कराये जाते हैं इनमें IBPS यानिकी Institute of Banking personnel Selection अग्रणी है। उम्मीदवारों से जब इन बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड द्वारा एग्जाम के लिए आवेदन मांगे जाते हैं तो उस समय पात्र उम्मीदवारों को इस एग्जाम के लिए शुल्क का भुगतान करके आवेदन करना होता है।  Bank Clerk बनने के लिए उम्मीदवार को विभिन्न विषय जैसे गणित, अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। क्योंकि इस परीक्षा में अंग्रेजी, गणित, मानसिक क्षमता को परखने, क्लेरिकल एप्टीटयूड से सम्बंधित सवाल आ सकते हैं। इसलिए उम्मीदवार को यह एग्जाम क्लियर करने के लिए काफी मेहनत की आवश्यकता होती है।    

3. इंटरव्यू पर्सनल टेस्ट पास करें:

जिन उम्मीदवारों द्वारा Bank Clerk बनने के लिए एग्जाम क्लियर कर लिया जाता हैं उन्हें पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जा सकता है। और पर्सनल इंटरव्यू में पास हुए उम्मीदवारों को ऑन जॉब ट्रेनिगं पर भेजा जा सकता है। कुछ दिनों या महीनों की ट्रेनिंग के बाद उम्मीदवार पूर्ण रूप से अपना काम सँभालने में सक्षम हो पाता है। एक Bank Clerk का वेतन निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अलग अलग हो सकता है आम तौर पर देखा गया है की सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में निजी क्षेत्र के बैंकों की तुलना में अधिक वेतन मिलता है।   

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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