म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ Disadvantages of mutual funds in Hindi

जैसा की हर निवेश के कुछ लाभ होते हैं तो कुछ कमियां भी होती हैं ठीक इसी प्रकार म्यूच्यूअल फंडों की भी कुछ कमियां होती हैं जिनका उल्लेख आज हम हमारे इस लेख म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ नामक शीर्षक में करेंगे | ताकि कोई भी निवेशक म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने से पहले अर्थात म्यूच्यूअल फंडों को अपनी बचत सौपने से पहले इनका आकलन करके अर्थात इन पर विचार करके निर्णय ले सके | तो आइये जानते हैं म्यूच्यूअल फंडों की कमियों के बारे में जिनका उल्लेख निम्नलिखित है |

म्यूच्यूअल फंडों की कमियां

  1. जैसा की निवेशक जानते ही हैं की वर्तमान में कोई भी निवेश जोखिम रहित नहीं है इसलिए ठीक इसी प्रकार म्यूच्यूअल फण्ड भी जोखिम से अछूते नहीं हैं | क्योंकि अक्सर देखा गया है की म्यूच्यूअल फंडों की अधिकांश योजनायें शेयर बाजार से प्रभावित होती हैं | और यह सत्य है की शेयर बाजार में निश्चित तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है |
  2. म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ में दूसरी कमी यह है की कोई भी निवेशक जो अपनी धनराशी म्यूच्यूअल फण्ड में लगा चूका हो वह यह धनराशी लगा देने के बाद उसके सम्बन्ध में किसी भी प्रकार का कोई स्वतंत्र निर्णय नहीं ले सकता है | क्योंकि म्यूच्यूअल फंडों में निवेश करने के बाद निवेशक को फंड मैनेजरों के निर्णयों पर निर्भर रहना होता है |
  3. म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ में तीसरी कमी यह है की इनमे कुछ खर्चे छिपे हुए रहते हैं | इसके अलावा दलाली, कमीशन, प्रशाशनिक व्यय, निकासी व्यय इत्यादि के तौर पर कई खर्चे निवेशक को वहन करने पड़ते हैं | इसलिए निवेशक को निवेश से मिलने वाला लाभ कम हो जाता है |
  4. जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की म्यूच्यूअल फंडों में फंड मेनेजर ही निवेशक की तरफ से सारे निर्णय लेते हैं लेकिन यदि निवेशित धनराशी पर किसी प्रकार की भी कोई भी हानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी म्यूच्यूअल फण्ड प्रबंधक की नहीं होती है |
  5. म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ में पांचवी कमी यह है की इनके सर्विस सेण्टर हर शहर में उपलब्ध नहीं होते क्योंकि म्यूच्यूअल फण्ड कंपनियों की स्थानीय शाखाएं होती ही नहीं हैं | इसलिए इनके सर्विस सेण्टर बड़े बड़े शहरों में ही उपलब्ध होते हैं |
  6. म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ में सबसे बड़ी कमी एवं जोखिम म्यूच्यूअल फण्ड की अंडर परफॉरमेंस होती है जो म्यूच्यूअल फण्ड प्रबंधकों के कारण होती है | इनमे निवेशकों का किसी प्रकार का कोई कण्ट्रोल नहीं होता है |
    निवेशकों को एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिये की म्यूच्यूअल फंडों की कमियाँ को देखें तो ये केवल कहने योग्य कमियां हैं इन कमियों को निवेशक अपनी चतुराई से आसानी से दूर कर सकता है | और यदि हम म्यूच्यूअल फण्ड की कमियां एवं लाभों का तुलनात्मक आकलन करेंगे तो हम पाएंगे की लाभों की तुलना में उपर्युक्त कमियां नगण्य एवं महत्वहीन हैं |

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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