Dona Pattal Making business पर बात करने से पहले हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं की हम इससे पहले भी पेपर से निर्मित कप प्लेट बिज़नेस के बारे में हम वार्तालाप कर चुके हैं | और आज जिस Dona Pattal Business के बारे में हम वार्तालाप करने जा रहे हैं यह पत्तियों पर आधारित है |

अर्थात इन्हें बनने में मुख्य रूप से कच्चे माल के तौर पर पेड़ों की पत्तियों एवं उनके ऊपर प्लास्टिक की पन्नी को कच्चे माल के तौर पर उपयोग में लाया जायेगा | Dona Pattal making Business प्राचीनता से जुड़ा हुआ बिज़नेस है क्योंकि प्राचीनकाल में जब लोग एक दुसरे को दावत के लिए बुलाते थे या यूँ कहें जब किसी धातु का उपयोग खाना खाने के लिए नहीं होता था तो उस समय कुछ पेड़ों के पत्तों जैसे शाल के पत्तों इत्यादि का उपयोग खाना खाने के लिए किया जाता था |

बाद में लोग स्वयं तो धातु से निर्मित बर्तनों में खाना खाने लगे लेकिन दावत इत्यादि में ज्यादा बर्तनों की आवश्यकता होने के कारण पत्तों पर ही खाना खाने की क्रिया चलती रही लेकिन वर्तमान में इसी का सुधरा हुआ रूप दोना पत्तल के रूप में सामने आता है जिनका प्रचलन आज भी विभिन्न दावतों में देखने को मिल  जाता है |

Dona-Pattal-making-business

Dona Pattal बनाने का व्यापार क्या है?

दोना पत्तलों एवं पत्तों से निर्मित कपों का उपयोग शादी, प्रीतिभोज, पार्टियों, धार्मिक उत्सवों एवं भंडारों इत्यादि के अवसरों पर बहुत वर्ष पहले से होता आया है | जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की प्राचीनकाल में हाथ से निर्मित उपर्युक्त आइटम अर्थात दोना पत्तल एवं कप का उपयोग बहुतायत तौर पर हुआ करता था |

उस समय होता क्या था की चौड़ी पात्तियों वाले पेड़ जैसे ढाक, महुआ, शाल इत्यादि अपने आप उगकर जंगल का रूप धारण कर लेते थे और ग्रामीण इलाकों में सहयोग की भावना होने के कारण शादी एवं धार्मिक  उत्सवों या अन्य पार्टियों में गाँव के लोग ही इन पेड़ों से इनकी पत्तियां तोड़कर स्वयं ही दोना पत्तल का निर्माण करते थे | बाद में कुछ लोगों द्वारा इनका निर्माण करके इन्हें बाज़ार में बेचकर अपनी कमाई की जाने लगी जो आज तक चल रहा है |

पत्तियों से निर्मित होने के कारण यह एक ऐसा उत्पाद है जिसका उपयोग होने के बाद इसका स्वत: ही निस्तारण हो जाता है अर्थात Dona Pattal से किसी प्रकार का कोई प्रदूषण फैलने का खतरा नहीं रहता है इसलिए जनसँख्या वृद्धि के साथ इन उत्पादों की मांग में भी भारी वृद्धि देखी गई है |

हालांकि इनका निर्माण हाथों से भी किया जाता रहा है लेकिन गुणवत्ता एवं मांग को देखते हुए इनकी आपूर्ति हाथ से बनाकर असंभव सी प्रतीत होने लगी तो इन्हें बनने के लिए भी मशीनों का सहारा लिया गया और चूँकि पत्तियों से निर्मित दोना पत्तल जल्दी खराब न हो इसके लिए इसके ऊपर प्लास्टिक की सीट से लेमिनेशन किया जाने लगा |

जब किसी उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के वशीभूत होकर इस प्रकार का कार्य किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह बिज़नेस Dona Pattal making Business कहलाता है |

Market Potential In Dona Pattal Business:

हालांकि वर्तमान में पत्त्तियों से निर्मित दोना पत्तलों के अलावा कागज़ से निर्मित दोना पत्तल भी चलते हैं इसलिए उद्यमी चाहे तो कच्चे माल के तौर पर पत्तियों एवं कागज़ दोनों को उपयोग में ला सकता है | रेलवे, होटलों, रेस्टोरेंट ढाबों इत्यादि में बड़ी मात्रा में इस प्रकार के उत्पाद उपयोग में लाये जाते रहे हैं | यही कारण है की घरेलु उत्सवों, धार्मिक अवसरों, रेलवे, सड़क के किनारे उपलब्ध ढाबों इत्यादि में खपत के कारण इनकी मांग दिनों दिन बढती जा रही है |

चूँकि प्लास्टिक से निर्मित कप प्लेट इत्यादि से वातावरण दूषित होने का खतरा होता है इसलिए धीरे धीरे इन उत्पादों को कागज़ एवं पत्तियों से निर्मित दोना पत्तल replace करते जा रहे हैं | Dona pattal making Business में कच्चा माल ग्रामीण इलाकों की तरफ आसानी से मिल जाता है इसलिए ग्रामीण इलाकों में इस तरह की इकाई लगाकर स्वरोजगार के अवसरों को प्रोत्साहित किया जा सकता है |

आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण (Required Machinery and Equipment):

Dona Pattal making Business में काम आने वाली मुख्य मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • सिंगल डाई मशीन हैण्ड प्रेस
  • हैण्ड प्रेस डबल डाई मशीन
  • आवश्यक उपकरणों के साथ आटोमेटिक कप मशीन
  • डाई, मोल्ड एवं अन्य उपकरण
  • ऑफिस फर्नीचर एवं अन्य सामग्री

Dona Pattal making Business में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • पेड़ों की चौड़ी पत्तियां
  • मोटा कागज़
  • पॉलिथीन शीट
  • पोली कोटेड पेपर
  • प्रिंटिंग केमिकल
  • डाई एवं पैकिंग मटेरियल

निर्माण प्रक्रिया (Manufacturing Process of Dona Pattal):

Dona Pattal Manufacturing Process में सर्वप्रथम उपयुक्त मोटाई की पत्तियों या पेपर के ऊपर पॉलिथीन की शीट लगा दी जाती है उसके बाद इसे सांचे में रखकर दबाया जाता है |

चूँकि सांचे में हीटर लगे होते हैं इसलिए यह गरम होते हैं यही कारण है अर्थात गर्मी के कारण प्लास्टिक शीट पत्तियों या पेपर पर चिपक जाती है उसके बाद वह उत्पाद मोल्ड का स्वरूप परमानेंट रूप से ग्रहण कर लेता है |

Dona Pattal Manufacturing Process में उत्पादन के दौरान समय समय पर उत्पादों की गुणवत्ता भी जांचते रहते हैं ताकि किसी भी कतोमेर से शिकायत न आये | उत्पादों को सांचों से बाहर निकालकर 100 100 के सेट में पैकिंग की जा सकती है | इसकी गुणवत्ता ग्राहक की संतुष्टी पर निर्भर करती है | इसके लिए BIS द्वारा कोई मानक निर्धारित नहीं किये गए हैं |

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