E Commerce Business Plan in Hindi. ई कॉमर्स बिजनेस कैसे शुरू करें।

E commerce Business ऑनलाइन एवं इन्टरनेट से जुड़ा हुआ बिजनेस है, जैसा की हम सबको विदित है की वर्तमान में भारत में भी स्मार्टफोन और इन्टरनेट की पहुँच आम जनमानस तक हो चुकी है । यही कारण है की स्मार्टफोन की उपलब्धता एवं 3G, 4G पैक बहुत सस्ते होने के कारण इन्टरनेट की पहुँच बड़ी तीव्र गति से बढती जा रही है। इसलिए भारत में भी बहुत सारे मार्केटप्लेस सफलतापूर्वक कमाई कर रहे हैं। और इन्टरनेट की पहुँच विस्तृत होने के कारण यहाँ E commerce Business करने की संभावनायें भी बढती जा रही हैं । चूँकि भारत जनसँख्या की दृष्टि से एक विशालकाय देश है इसलिए यहाँ पर किसी भी प्रकार के बिजनेस के लिए अपार संभावनाएं व्याप्त हैं। हालांकि वर्तमान में भारत में ऑनलाइन शौपिंग की ओर सिर्फ मध्यमवर्गीय लोगों का ही रुझान देखने को मिलता है लेकिन इन्टरनेट पैक सस्ते एवं विभिन्न मार्केटप्लेस द्वारा मुफ्त की डिलीवरी कराये जाने का आश्वासन देने के कारण हर प्रकार की जनसँख्या का ध्यान ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ रहा है। यही कारण है की भारत में प्रचलित ई कॉमर्स कम्पनियाँ बीतते समय के साथ राजस्व अर्थात कमाई के नए रिकॉर्ड स्थापित कर रही हैं। इसलिए आज हम हमारे इस लेख में E commerce Business शुरू करने सम्बन्धी सम्पूर्ण जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं । लेकिन उससे पहले संक्षिप्त रूप से यह जान लेते हैं की इस प्रकार का यह बिजनेस होता क्या है।

E commerce business model

ई कॉमर्स बिजनेस क्या है (What is an E commerce business in Hindi):

E commerce यानिकी इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स इन्टरनेट के माध्यम से होने वाली कोई भी व्यवसायिक या वाणिज्यिक गतिविधि से जुड़ा हुआ शब्द है जिसमें सूचना का हस्तांतरण शामिल हो । अर्थात इन्टरनेट पर होने वाली एक ऐसी व्यवसायिक एवं वाणज्यिक गतिविधि जिसमें सूचना अर्थात जानकारी को इन्टरनेट पर फैलाया या ट्रान्सफर किया जाता है e commerce कहलाता है। ई कॉमर्स में विभिन्न प्रकार के व्यवसाय जैसे उपभोक्ता आधारित रिटेल साईट, नीलामी या संगीत साईट, कारपोरेशन के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं के आदान प्रदान करने की साईट इत्यादि सभी कुछ शामिल है। वर्तमान में यदि हम इन्टरनेट के सभी पहलुओं की बात करें तो यह सबसे उभरता हुआ एक पहलू है। E commerce उपभोक्ताओं को समय एवं दूरी की सीमाओं को लांघकर वस्तुओं एवं सेवाओं को आदान प्रदान करने की अनुमति देता है । साधारण शब्दों में यदि हम E commerce Business को समझने की कोशिश करें तो हम पाएंगे की इन्टरनेट के माध्यम से वस्तुओं एवं सेवाओं को बेचने का व्यापार ही ई कॉमर्स बिजनेस कहलाता है।

भारत में ई कॉमर्स बिजनेस क्यों शुरू करें? (Why you should start an E commerce Business?):

भारत में E commerce business करना कमाई की दृष्टी से लाभकारी इसलिए हो सकता है क्योंकि यहाँ ऑनलाइन वाणिज्य एवं उच्च आर्थिक विकास के प्रति आत्मीयता ने व्यापारिक अवसरों के लिए नए गलियारे खोल दिए हैं। हम उन लाखों करोड़ों लोगों की बात कर रहे हैं जो इस डिजिटल दुनिया में सक्रिय तौर पर उत्पादों की तलाश कर रहे हैं ताकि वे उन्हें घर बैठे खरीद सकें। भारत में ऐसे करोड़ों लोग है जो हर रोज भारत की प्रसिद्ध ऑनलाइन मार्केटप्लेस जैसे अमेज़न, फ्लिप्कार्ट, स्नैपडील इत्यादि पर इसलिए नजरें बनाये रखते हैं ताकि उन्हें खरीदारी करने के लिए कुछ अच्छा ऑफर मिल जाए। और वे एक बेहद कम कीमत में किसी आकर्षक उत्पाद को खरीद सकें। भारत में E commerce ने काफी कुछ प्रभावित किया है और यह भी सिद्ध किया है की कैसे कोई ब्रांड लोगों का चहेता बन सकता है। यही कारण है की इस परिवर्तन ने खुदरा उद्योग को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। इस डिजिटल पैठ ने एक नई दुनिया को ही जन्म दे दिया है जहाँ किसी को भी कहीं से भी जानकारी आसानी से मुहैया करायी जाती है। चूँकि वर्तमान में पूरी दुनिया डिजिटल गतिविधियों से जुड़ी हुई है। इसलिए कहा जा सकता है की यदि ऐसे व्यापारी जिनकी उपस्थिति ऑनलाइन नहीं है वे बहुत सारे ग्राहक को खो देते हैं। इसलिए भारत में E commerce Business शुरू करना एक लाभकारी पहल हो सकती है।

ई कॉमर्स बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start an E commerce Business in India?):

भारत में खुद का e commerce business  शुरू करने के लिए इच्छुक उद्यमी को विभिन्न गतिविधियाँ करनी पड़ सकती हैं। इसका स्टेप बाई स्टेप विवरण हम नीचे दे रहे हैं ताकि किसी भी इच्छुक उद्यमी को इस प्रक्रिया को समझने में कोई असुविधा न हो।

1. तय करें की खुद का मार्केटप्लेस या मौजूदा मार्केटप्लेस:

भारत में खुद का e commerce business शुरू करने के लिए सर्वप्रथम इच्छुक उद्यमी को इस बात का निर्णय लेना होगा की वह खुद का मार्केटप्लेस स्थापित करना चाहता है या फिर पहले से उपलब्ध किसी मार्केटप्लेस के साथ जुड़कर इस तरह का बिजनेस करना चाहता है। कहने का आशय यह है की भारत में इस तरह का बिजनेस करने के दो तरीके हैं पहला यह की उद्यमी खुद की ई कॉमर्स वेबसाइट स्थापित करके इस तरह का या व्यवसाय शुरू कर सकता है। और दूसरा वह पहले से मौजूद किसी प्रसिद्ध मार्केटप्लेस जैसे अमेज़न, फ्लिप्कार्ट, स्नैपडील इत्यादि के माध्यम से उत्पाद बेचकर भी इस तरह का बिजनेस कर सकता है । इसलिए उद्यमी का पहला कदम यही होना चाहिए की वह इस बात का निर्णय ले की वह अपनी ई कॉमर्स वेबसाइट बनाकर यह व्यवसाय करना चाहता है या फिर पहले से मौजूद किसी मार्केटप्लेस के साथ जुड़कर। पहले से मौजूद किसी मार्केटप्लेस के साथ जुड़ने का यह फायदा होगा की उद्यमी को लॉजिस्टिक इत्यादि की सर्विस, पैकिंग सामग्री इत्यादि उसी मार्केटप्लेस से मिल जाएगी जिसके साथ वह काम कर रहा हो। लेकिन ध्यान रहे वर्तमान में किसी भी मार्केटप्लेस के साथ इस तरह का बिजनेस करने के लिए GSTIN अनिवार्य रूप से चाहिए होता है। और यदि उद्यमी स्वयं का ऑनलाइन स्टोर खोलकर e commerce business करना चाहता है, तो अब हम इस वार्तालाप को आगे बढ़ा रहे हैं।

2. स्वयं की E Commerce कंपनी रजिस्टर करें:

ऐसे उद्यमी जो खुद का ऑनलाइन स्टोर स्थापित करके इस तरह का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं उन्हें नियमों के मुताबिक अपने व्यवसाय को रजिस्टर करने की आवश्यकता हो सकती है। उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय को एकल स्वामित्व, पार्टनरशिप या फिर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर रजिस्टर कर सकता है। अपने व्यवसाय को वैधानिक रूप देने के लिए उद्यमी को लागू कर नियमों के अनुरूप जीएसटी पंजीकरण की भी आवश्यकता हो सकती है। हालांकि उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए किसी प्रकार के वैधानिक नियमों का उल्लेख नहीं है लेकिन व्यवसाय को नियमों के मुताबिक उचित ढंग से रजिस्टर करने के बाद उद्यमी के बिजनेस सम्बन्धी अन्य काम जैसे पैन कार्ड के लिए अप्लाई करना, बिजनेस के नाम से चालू खाते के लिए अप्लाई करना, जीएसटी पंजीकरण कराना सभी कुछ आसान हो जाता है। इसलिए खुद का e commerce business स्टार्ट करने के इच्छुक उद्यमी को अपने व्यवसाय को उचित ढंग से नियमों के मुताबिक वैधानिक स्वरूप देना अति आवश्यक है।

खुद की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी कैसे खोलें?       

3. ऑनलाइन स्टोर के लिए डोमेन नाम बुक करें:

अब चूँकि खुद का E commerce business शुरू करने वाले उद्यमी ने अपने बिजनेस को वैधानिक स्वरूप प्रदान कर दिया है । और बिजनेस के नाम से बैंक खाता, जीएसटी पंजीकरण इत्यादि प्रक्रियाएं कर ली हैं, तो अब उसका अगला कदम अपने ऑनलाइन स्टोर के लिए बिजनेस से मिलता जुलता डोमेन नाम बुक करने का होना चाहिए। कहने का अभिप्राय यह है की वह प्रत्येक व्यवसाय जो इस वर्चुअल दुनिया में उद्यम स्थापित करने की योजना बना रहा हो, यानिकी डिजिटल दुनिया में अपना नाम बनाने की ओर अग्रसित हो उसे अनिवार्य रूप से डोमेन नाम की आवश्यकता होती ही होती है। चूँकि उद्यमी द्वारा चयन किया जाने वाला डोमेन नाम उसके बिजनेस की ऑनलाइन पहचान हो सकता है अर्थात उसके ग्राहक उसे उसी नाम से जान सकते हैं इसलिए इसको बुक करते समय बहुत सारी बातों पर गौर करने की आवश्यकता होती है । जिनका संक्षिप्त वर्णन निम्नवत है।

  • अपने बिजनेस की प्रासंगिकता पर अच्छी तरह विचार करने के बाद ही डोमेन नाम का चयन करें।
  • आप चाहें तो अपना बिजनेस रजिस्टर कराने से पहले डोमेन नाम बुक कर सकते हैं। क्योंकि यदि आपने बिजनेस रजिस्ट्रेशन पहले करवा दिया तो हो सकता है की आपके बिजनेस से जुड़ा हुआ डोमेन नाम आपको न मिले। इसलिए पहले डोमेन नाम बुक कर लें उसके बाद बिजनेस रजिस्ट्रेशन।
  • डोमेन नाम ऐसा चुनें जिसे याद रखना आसान हो।
  • ध्यान रखें की आप डोमेन नाम में किसी प्रकार के विशेष वर्णों का प्रयोग न करें क्योंकि इन्हें याद रखने में लोगों को परेशानी होती है ।
  • यदि आप केवल एक देश को लक्ष्य करके बिजनेस कर रहे हैं तो लोकेशन के आधार पर डोमेन का चयन करें। जैसे इंडिया में प्रचलित एक्सटेंशन .in है जो इंगित करता है की यह डोमेन इंडिया से सम्बंधित है।         

4. ई कॉमर्स वेबसाइट बनायें (Make an E Commerce Website):

अपने ऑनलाइन स्टोर के लिए डोमेन नाम का चयन करने के बाद e commerce business करने वाले उद्यमी को ई कॉमर्स वेबसाइट की स्थापना करनी होगी। इसके लिए उद्यमी चाहे तो किसी वेब डेवलपर की मदद ले सकता है या फिर किसी ऐसी कंपनी से संपर्क कर सकता है जो पहले से निर्मित ऑनलाइन स्टोर प्रदान करते हों। यदि उद्यमी खुद का कस्टम स्टोर स्थापित करना चाहता है तो वह किसी वेब डेवलपर या एजेंसी से संपर्क करके यह काम कर सकता है। लेकिन यदि उद्यमी शुरूआती दौर में कम बजट में बिजनेस से सम्बंधित अधिक फैसिलिटी लेने का इच्छुक है तो वह किसी ऐसी कंपनी से संपर्क कर सकता है जो पहले से निर्मित ऑनलाइन स्टोर प्रदान करते हों। इसका फायदा यह होता है की उद्यमी को एक पैकेज के अंतर्गत इस बिजनेस से जुड़ी विभिन्न थीम एवं टेम्पलेट मिल जाते हैं जिसका इस्तेमाल वह अपनी बिक्री बढाने के लिए कर सकता है।     

5. विक्रेताओं को रजिस्टर करें :

अब चूँकि खुद का e commerce business शुरू कर रहे उद्यमी ने ऑनलाइन स्टोर की स्थापना कर ली है लेकिन जब तक आपके साथ कोई विक्रेता ही नहीं जुड़ेगा तो आप लोगों को बेचोगे क्या? इसलिए उद्यमी का अब अगला कदम आस पास के विक्रेताओं से मिलने का होना चाहिए और उन्हें उनसे जुड़ने का लाभ बताकर उनसे जुड़ने का आग्रह करना चाहिए। हालांकि उद्यमी चाहे तो स्वयं भी विभिन्न सामान खरीदकर ऑनलाइन बेच सकता है लेकिन यह करना शुरुआती दौर में लाभ की दृष्टि से उचित नहीं है। क्योंकि इस अवस्था में उद्यमी का पूरा ध्यान अपने ऑनलाइन स्टोर को प्रमोट करने का एवं अधिक से अधिक विक्रेताओं को अपने साथ जोड़ने का होना चाहिए। क्योंकि जितने अधिक विक्रेता उद्यमी के ऑनलाइन स्टोर से जुड़ेंगे उतने अधिक उत्पादों की वैरायटी ग्राहकों को मिलेंगी।    

6. पेमेंट गेटवे (Get Payment Gateway for your E commerce business):

खुद का E commerce business शुरू कर रहे उद्यमी ने यदि विभिन्न विक्रेताओं को अपने साथ जोड़ लिया हो तो अब उसे एक पेमेंट गेटवे की भी आवश्यकता होगी । कहने का आशय यह है की खुद का ऑनलाइन स्टोर स्थापित करने वाले व्यक्ति को ग्राहकों के भुगतान को क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग इत्यादि के माध्यम से संसाधित करने के लिए पेमेंट गेटवे की आवश्यकता होती है। वह इसलिए क्योंकि एक पेमेंट गेटवे ग्राहकों को वेबसाइट के माध्यम से क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग इत्यादि द्वारा भुगतान करने की अनुमति प्रदान करता है। इसलिए ऑनलाइन पेमेंट के कई रूपों को स्वीकार करने के लिए पेमेंट गेटवे की आवश्यकता होती है।   

7. लॉजिस्टिक का प्रबन्ध करें :

जैसा की हम सबको विदित है की जब ग्राहक द्वारा ऑनलाइन सामान खरीद लिया जाता है तो जिस ऑनलाइन स्टोर से उसने वह सामान ख़रीदा है उसकी जिम्मेदारी उसके दिए गए पते तक उस सामान को सुरक्षित पहुँचाना होता है। इसलिए अब e commerce business शुरू करने वाले उद्यमी का अब अगला कदम किसी लॉजिस्टिक कंपनी से संपर्क करने का होता है ध्यान रहे उद्यमी को किसी ऐसी कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करना चाहिए जो सस्ते दामों पर सर्विसेज देने के लिए तैयार हो। क्योंकि बहुत सारे लोग ऐसे भी होते हैं उन्हें उत्पाद पसंद आ जाने के बावजूद अधिक डिलीवरी चार्ज होने की वजह से वे किसी विशेष ऑनलाइन स्टोर से उत्पाद नहीं खरीदते। इसलिए लोगों तक पहुँच बनाने एवं बढ़ाने के लिए कम डिलीवरी चार्जेज का होना बेहद जरुरी है। और यह कहना भी अनुचित नहीं होगा की बिना शिपिंग समाधान के कोई भी ऑनलाइन शौपिंग पोर्टल बिलकुल अधूरा है। वह इसलिए क्योंकि लोग ऑनलाइन शौपिंग इसलिए करते हैं ताकि उन्हें स्थानीय बाजार के धक्के न खाने पड़ें और उन्हें उनका सामान उनके घर पर आसानी से मिल जाय। इसलिए किसी ऐसी कंपनी का चुनाव करें जो उचित मूल्य पर अधिक से अधिक जिम्मेदारी लेने को तत्पर हो।      

7. इन्टरनेट पर उपभोक्ताओं तक पहुँच बनायें:

अब यदि उद्यमी ने खुद का e commerce business शुरू करने हेतु सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली हों तो उसे उपभोक्ताओं तक पहुँच बनाने का अथक प्रयास करना चाहिए। इसके लिए उद्यमी एफिलिएट मार्केटिंग का भी सहारा ले सकता है। क्योंकि इसमें लोग अपनी कमाई करने के वशीभूत होकर आपके स्टोर को प्रमोट करेंगे जिससे वे खुद और आपकी भी कमाई कर पाने में सक्षम होंगे। इसके अलावा उद्यमी गूगल एडवर्ड, फेसबुक एवं अन्य सोशल वेबसाइट पर खुद का एड कैंपेन चलाकर भी अपने स्टोर एवं उत्पाद दोनों को प्रमोट कर सकता है । ध्यान रहे उद्यमी की कमाई तभी होगी जब कोई उपभोक्ता उसके ऑनलाइन स्टोर से कोई भी सामान खरीदेगा इसलिए खुद के e commerce business को सफल बनाने के लिए उपभोक्ताओं तक पहुँचने के नए नए रस्ते भी आप तलाश सकते हैं। इनमें से एक रास्ता यह है की किसी प्रसिद्द ब्लॉगर को प्रायोजित पोस्ट लिखने को कहें इससे डिजिटल दुनिया में आपके स्टोर को एक पहचान मिलेगी।

यह भी पढ़ें:

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *